Novel Cover Image

कम उम्र का प्यार

User Avatar

Riya Sahu

Comments

0

Views

270

Ratings

0

Read Now

Description

नाम सूरज हल्का सावला रंग देखने में बेहद स्मार्ट और हैंडसम Hight 6 फीट नाम रिद्धिमा उम्र 17 शाल Hight 5 '2 feet दिखने मे बेहद ख़ूबसूरत और सुन्दर तो बहुत थी गोल चेहरा बड़ी बड़ी आखें और पतले हॉट होठों की रंगत हल्के रेड थे. रिद्धिमा जब 15 शाल की थी...

Total Chapters (1)

Page 1 of 1

  • 1. कम उम्र का प्यार - Chapter 1

    Words: 1965

    Estimated Reading Time: 12 min

    नाम सूरज हल्का सावला रंग देखने में बेहद स्मार्ट और हैंडसम Hight 6 फीट नाम रिद्धिमा उम्र 17 शाल Hight 5 '2 feet दिखने मे बेहद ख़ूबसूरत और सुन्दर तो बहुत थी गोल चेहरा बड़ी बड़ी आखें और पतले हॉट होठों की रंगत हल्के रेड थे. रिद्धिमा जब 15 शाल की थी उसके पापा रेंट के घर पर रहते थे एक दिन रिद्धिमा के मोम डेड को घर खाली करने का आदेश आया वो बेहद दुखी से हो गए क्युकी एक दम से दूसरा घर ढूढ़ना मुमकिन ना था... लेकिन उन्होंने सोचा जब करना ही है तो क्या सोचना उन्होंने एक दो बार coll फोन घुमाएं और कुछ लोगों से मालूम किया तो किसी ने बतया आपके घर के पास एक घर खाली पड़ा है लेकिन उसमे आपके दो ही room मिल पाये गे... रिद्धिमा के पिता हाँ. हाँ तो कोई दिक्कत नहीं है हमे तो बस रहने से मतलब है आप. एड्रेस बता दो हम बहा पोंछ जाए गे... फिर उन्होंने एड्रेस लिया और उस पाते पर जाकर मकान मालिक से बात की तो उन्होंने हाँ बोल दिया कि आप लोग रह सकते है... रिद्धिमा के पिता खुस थे उन्होंने भी हामी भरी. और बोला हम लोग कल sipt हो जय गे आप लोगों को कोई दिक्कत तो नहीं.. सामने से वो लोग बोले हमे क्या दिक्कत होगी... आप रख लेना कल समान... रिद्धिमा के पिता ने एडवांस मे उन्हें पैसे देकर रूम बुक कर लिया. अब क्या था घर जाकर उन लोगों ने खाना खाया और सो गए लेकिन रिद्धिमा हैरान थी फिर से नया घर पता नहीं उनका खुद का घर कब बनेगा कुछ देर बाद ridhi भी sogai और सुबह होगई... रिद्धिमा उठी सुबह 6 बजे और उसकी माँ सुबह घूमने जाते थे क्युकी रिद्धिमा की माँ का वजन थोड़ा बड़ा हुआ था लेकिन रिद्धि दुबली पतली थी तो वो यही कहती माँ मे देखो कितनी दुबली पतली हू और आप मुझे ले जाते हो ऐसे कैसे चलेगा माँ मे और दुबली हो जाऊँगी यार लेकिन उसकी मा कहती अरे कुछ नहीं होता है तुम चलो. तुम्हें उल्टा भूक लगेगी तुम ज्यादा खाओगे तो मोटे हो जाओगे. लेकिन रिद्धिमा अपना मुह सिकुड़ ते हुई हाद है इनका तो वजन घट नहीं रहा लेकिन मेरा जरूर घट जायगा हूं 😏 चल बैठा चल तेरी माँ नहीं सुनने बाली. कुछ देर बाद दोनों माँ बेटी घर आ जाती है और दोनों थक कर बैठ जाती है कुछ देर बाद तो रिद्धि सीधा बैड पर. ओ माँ मे तो बहुत थक गई. चलो मै चाय बना देती हू. थोड़ी देर मे चय बनकर रेडी थी अब रिद्धि भी उठी और चाय ले पीने लगी. लेकिन ridhi की आदत thi की बिना biskut के वो चय नहीं पीती थी उसको खाने के लिए चाइये ही कुछ ना कुछ क्युकी उसकी मा जबरजस्ती joining के लिए ले जाती थी. इसलिए उसे हल्की भूक लग जया करती थी. कुछ देर बाद ridhi की माँ नहाने के लिए गई और आकार रेडी हो पूजा घर जा पूजा करने लगी कुछ देर बाद बारी बारी सबने नहा लिया. अब रिद्धि भी नहा धोकर रेडी थी उसने पिंक टॉप और ब्लू जींस पहनी थी. उसे ज्यादा खुले कलर ही पसन्द थे. अब खाना भी बन चुका था सबने खाना खाया और समान उठा एक तरफ रखने लगे क्युकी समान को ट्रांसफार्मर करना था. रिद्धिमा हल्की पुलकि ही मदद कर रहीं थीं क्युकी उससे ज्यादा काम की उम्मीद की भी नहीं जा सकती थी वो अभी 15 शाल की ही थी to. ज्यादा काम तो वो करती नहीं थी. अब waqt हो चुका था कि वो यहा से निकल अपने नए घर मे जाए मतलब रेंट लेकिन उन लोगों के लिए तो वो घर ही था. कुछ देर बाद वो लोग बहा पोंछ जाते है यहा भी दो दिन लग गए थे जहा ridhi की मुलाकात मकान मालकिन से होती है वो भी दिखने बेहद मोती थी लेकिन दिखने मे सुन्दर थी गोल मटोल ridhi उनको बोली नमस्ते anty जब भी उनसे मिलती हर बार नमस्ते करती. उनकी कोई सन्तान नहीं थी इसलिए उन्होंने अपने भांजे को राख रखा था. लेकिन जब ridhima की एंट्री हुई तो वो. लड़का रिया से एक बार भी नहीं टकराया क्युकी वो अपने bussnnis काम से मुंबई गया हुआ था... रिद्धिमा ने जानना चाहा कि वो अगर रहता यहा है तो गया कहा होगा. रिद्धिमा को अलग से उसका नाम सुनकर एक हलचल होती थी लेकिन वो समझ नहीं पाती की क्या हो रहा है. उसे अजीब लग रहा था वो ऐसे घर मे जिसमें एक लड़का भी वो भी उसी के आमने सामने होगा अभी तक जब भी रहीं तो सिर्फ घर था makal मलिक नहीं रहते थे तो कभी आइसा मोका नहीं आया और. उसकी इतनी उम्र भी नहीं थी लेकिन अब वो 15 शाल की हो चुकी थी उसको थोड़ा बहुत नॉलेज था लड़के लड़की के बारे मे.... लेकिन full नहीं. कुछ दिन रिद्धिमा के रहते रहते निकल गए अखिर मे वो लड़का है कहा उसे समझ नि आ रहा था. '5-6 दिन निकल चुके थे लेकिन वो लड़का अभी तक नि आया था ridhima को तो लगता था कोई 19'20 शाल का लड़का होगा लेकिन उसे नहीं पता था वो लड़का 24 shall का था. रिद्धिमा से 8'9 shall बड़ा एक दिन वो लड़का आ गया तब उसकी मामी ने गेट खोले वो अंदर आया. लेकिन ridhima उसे देख नहीं पाई क्युकी. उसकी मामी सामने खड़ी थी. Ridhi को पता नहीं एक हलचल मचती थी उस लड़के को देखने का मन कर्ता था वो जानना चाहती थी वो है कोण अखिर मे. लेकिन अफसोस की वो नहीं देख पाई. फिर Ridhi मन मरकर चुप चाप आकार बैठ जाती. वो लड़का भी अंदर चला गया उसका नाम सूरज था सूरज अंदर गया और अपनी मामी से बात करने लगा कुछ देर बात चीत के बाद उसकी मामी ने उसके लिय अछा अछा खाना बनाया क्युकी सूरज उनके लिए ढेर सारा समान लेकर आया था जब भी वो कुछ लता था तभी उसकी मामी को उसका ख्याल आता था नहीं तो ऐसा हो नहीं सकता कि उसकी मामी उसका ख्याल रखे. सूरज के पास कोई कमी नि थी पैसों की लेकिन वो यहा रहा सिर्फ उसके मोम dad के कहने पर कि उनकी मामा मामी की अपनी कोई सन्तान नहीं है. मजबूरन उसे रहना पड़ा यहा लेकिन उसे क्या पता था उसकी मुलाकात Ridhi से होगी bgavn भी जिधर की जोड़ी लिख दिए उसे अपने आप मिला देते हैं एक दिन सूरज की मामी रिद्धिमा की माँ से सूरज के बारे मे कुछ बात कर रही थी रिद्धिमा अंदर ही बैठी हुई थी उसके कानो मे बार बार सूरज का नाम आ रहा था सूरज ऐसा सूरज वैसा वो बाहर निकली और अपनी माँ के बगल मे खाड़ी हुई तो उसने जो सुना वो हैरान होगई.,,, 😲 सूरज की मामी सूरज को भाला बुरा बोलने मे लगी थी. अखिर क्यु. जब रिद्धिमा ने सूरज की बुराई सुनी तो वो भी बोली हाँ सही बात है anty उनको ऐसा नहीं करना चाइये उन्होंने बोला कि सूरज मामा मामी का ध्यान नहीं रखता जबकि हमने बड़े प्यार से पाल पोस कर बड़ा किया है... वो अपना फर्ज नहीं निभा रहा है बहुत बिगड़ा हुआ लड़का है दिखने मे सीधा लगता है लेकिन है नहीं बहुत बुरा है जब सूरज की मामी से रिद्धिमा ने इतने बुरे शब्द सुने वो भी सूरज के बारे मे तो उसे भी लगा कि हाँ हो सकता है Aanty सही बोल रही है लेकिन क्या जो भी उन्होंने बतया था वो सच था खैर वो तो बाद मे पता चलेगा अचानक एक दिन रिद्धिमा मंदिर के लिए जा रही थी कि सामने के दरवाजे से सूरज आ गया. सूरज की नजर ridhi पर पडी अब उसे क्या पता था ये वाला की खूबसूरत लड़की सिर्फ 15 शाल की है क्युकी रिद्धि दुबली पतली भले थी लेकिन ridhi का figure देखकर कोई नहीं कह सकता था उसकी उम्र कम है जब सूरज की नजरे रिद्धि से जा मिली सामने से रिद्धिमा की नजरे भी सूरज से जा मिली. एक पल को तो दोनों एक दूसरे को देखकर ऐेसे चौके बिल्कुल ना रिद्धि हिलि ना सूरज लेकिन दोनों की नजरे एक दूसरे से मिल रही थी. पता नहीं दोनों को क्या हुआ जैसे खो गए हों रिद्धिमा की नजर भी बिल्कुल सूरज से एक पल के लिए ओझल नहीं हुई. कुछ देर बाद रिद्धिमा की बहन आई रिद्धिमा की एक वहन और भाई था उसका नाम रिचा था. रिचा ने जब रिद्धिमा को देखा कि इसे क्या हुआ तो पास मे आई और बोली क्या हुआ चलो यहा क्यु रुक गई रिद्धिमा बोली हाँ. हाँ चलो चलो. रिचा की उम्र 13 शाल होगी वो ज्यादा समझदार नहीं थी क्युकी वो सिर्फ 13 शाल की थी लेकिन रिद्धिमा को एडवांस्ड बना दिया मूवी फ़िल्मों की दुनिया ने जब वो 10 शाल की थी तभी से वो romantic मूवी देखने लगी थी इसीलिए उसे ज्यादा कुछ समझाने की जरुरत नहीं थी... उसमे बदलाव आ चुके थे जो फिलिंग एक उम्र के बाद आते है वो उसमे अभि से आने लगे थे कुछ देर बाद रिद्धिमा मन्दिर निकल गई लेकिन जिस दुकान से वो प्रसाद लेती थी उस जगह रूपेश नाम का लड़का बैठता था जब रिद्धि पहले रेंट पर रहती थी तो उसी के बगल मे ये लड़का रहता था. रूपेश की उम्र 18 शाल होगी और उस wqt वो रिद्धिमा को पसंद कर्ता था सायद लव फर्स्ट side लेकिन रिद्धि को उसमे कोई इंट्रेस्ट नहीं था वो तो उसको दोस्त की नजर से देखती थी.. लेकिन रूपेश के नजरिए मे सिर्फ रिद्धिमान थी. रिद्धिमा उसके पास गई और उससे बोली मुझे प्रसाद देदो और एक माचिस देदो. तभी रूपेश बोला तुम्हें माचिस की क्या jrurt है तुम तो खुद इतनी हॉट हो कि आग की जरुरत नहीं रिद्धिमा उसकी बातों को समझ रहीं थीं कि रूपेश उसके जिस्म की तारीफ कर रहा हा इस wqat वो इतना ही समझ पाई थी ज्यादा कुछ नहीं रिद्धिमा ने बोला बकवास मत करो माचिस दो. रूपेश ने माचिस दी और बोला हाथ इधर दो फिर दूँगा लेकिन रिद्धि बोली देना हो दो नि तो मे जाऊँ रिद्धि उसकी हर एक बात पर छिड़ जाया करती थी क्युकी उसे वो पसंद नि था..... Uske बाद रूपेश मन हार कर रिद्धि को माचिस दे देता है Ridhi के जाने के बाद रूपेश उसे तबतक देखता है जबतक वो मन्दिर के अंदर नहीं चली जाती...... रिचा तो अपने आप मे मस्त थी उसे क्या पता क्या चल रहा है क्या नहीं.. कुछ देर बाद रिद्धिमा पूजा करने शिवलिंग की पूजा करती है और माथा टेक् बाहर आ जाती है... और जितनी भी देवी देवता की मूर्ति थी सब का आशी वार्ड लेकर निकल आती है जब रिद्धिमा बाहर निकल रही होती है तो रूपेश रिद्धिमा की कुछ फोटो क्लिक कर लेता है.. जिनको ridhi नहीं देख पाती है क्युकी रिद्धिमा की आदत थी नीचे नजरे कर के चलने की. बाहर निकल रिद्धिमा फिर मुड़कर आखिरी बार दरसन करती है और घर को निकाल जाती है. लेकिन रूपेश आवाज देता है अपनी chappal तो पहन lo.... बिना chappal के कैसे जाओगी. रिद्धिमा ने अपनी चप्पल रूपेश की दुकान के सामने ही उतारी थी... ताकि उसकी चप्पल को कोई चोरी ना कर सके क्युकी अक्सर मंदिरों मे ये जरूर होता है. और जाने से पहले रूपेश को वोरनिंग देकर गई थी अगर chappal yaha से कहीं भी गई तो तुझसे पैसे ले lugi... रूपेश भी बोल दिया हाँ हाँ जा जा बेफिक्र होकर मे हू ना .. रिद्धिमान बोली वो मे बातों बातों मे भूल गई थी sory अरे अरे इसमे sory की क्या बात है. जा अब ध्यान रखना. और ridhi रूपेश को एक स्माइल देकर चली जाती है घर पर जाकर वो पहले bathroom जाती है और अपना मुह धोती है बाहर धूप होने की बजह से उसे काफी गर्मी लग रही थी उसकी आदत थी जब भी उसे गर्मी लगती थी तो बार बार अपना मुह धोती थी.