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His forced bride

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Jahnavi Sharma

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रुद्राक्ष खुराना, एक कोल्ड हार्टेड बिजनेसमैन, जिसके लिए उसकी फैमिली से बढ़कर कोई ओर नहीं। क्या होगा जब ईशानी की वजह से बात रुद्राक्ष की फैमिली पर आएगी। उन्हें प्रोटेक्ट करने और ईशानी को सज़ा देने के लिए रुद्राक्ष ईशानी से जबरदस्ती शादी कर लेता है। क्...

Total Chapters (110)

Page 1 of 6

  • 1. His forced bride - Chapter 1

    Words: 1295

    Estimated Reading Time: 8 min

    आज की रात लंदन की हवाएं कुछ ज्यादा सर्द थी। वही किसी महल जैसे दिखने वाले घर के एक कमरे में बिलकुल खामोशी छाई हुई थी। कमरे में रेड और येलो डीम लाइट्स जल रही थी। रूम में हीटिंग सिस्टम होने के बावजूद अच्छी खासी ठंड महसूस हो रही थी। वहां उस खामोशी में किसी के सिसकने की हल्की आवाजे आ रही थी। कमरे के बीच एक बड़ा सा बेड था। बेड पर सफेद बेडशीट थी। बेड के बीचों बीच डार्क मैरून जोड़े में एक लड़की बैठी थी। उसकी गहरी काली आंखो में डर और दर्द दोनो थे। ये उसी के सिसकने की आवाज थी, जो डर से खुद में सिमटी जा रही थी।डर से सफेद चेहरा पीला पड़ गया था। वो दिखने में बहुत खूबसूरत और मासूम लग थी। सांचे में ढला दूध सा गोरा शरीर, परफेक्ट हाइट और खूबसूरत ओवल चेहरा, बिल्कुल किसी मॉडल की तरह लग रही थी। ये ईशानी थी, जो लगभग 21 साल की थी। एक ही दिन में अचानक ईशानी की दुनिया बदल गई, जब अचानक एक शख्स उसे जबरदस्ती अपने साथ ले गया और बंदूक की नोक पर शादी कर ली। ये कोई एक तरफा प्यार का मामला नही था, थी तो बस बेइंतहा नफरत। जहां शादी की पहली रात सबके लिए खास होती है, वही ईशानी डर से कांप रही थी, तभी कमरे में किसी के आने की आहट हुई। उसी के साथ ईशानी के दिल की धड़कने तेज हो गई। उसने डर से बेडशीट को पकड़ लिया। कुछ ही पलों में उसके सामने एक लड़का खड़ा था। उसने मैरून गोल्डन शेरवानी पहनी थी। उम्र लगभग 27 साल, छह फीट हाइट, गोरा रंग, मस्कुलर फिट बॉडी और हेजल ग्रीन आईज। वो नफरत से ईशानी को देख रहा था। ये रुद्राक्ष खुराना था। ईशानी ने अब तक जिसे सिर्फ न्यूज चैनल्स या बिजनेस मैगजिंस में ही देखा था। रुद्राक्ष ईशानी के बिल्कुल पास आकर बैठ गया। वो डर के पीछे खिसकने लगी। “अच्छा अब तुम्हें डर लग रहा है.... पहले क्यों नहीं सोचा कि आग से खेलने जा रही हो।” रुद्राक्ष ने अपनी कॉल्ड वॉइस में कहा। ईशानी के आंखों में कैद आंसू बाहर निकल गए। “प्लीज मुझे जाने दो।” ईशानी ने उसके आगे हाथ जोड़ लिए और रोने लगी। रुद्राक्ष ने उसके हाथ पकड़े और उसे अपने बिल्कुल करीब खींच लिया। वो उसके इतने पास थी कि उन दोनों के नाक एक दूसरे से टच हो रहे थे। “बिल्कुल नहीं.... रुद्राक्ष खुराना माफ करने में नही तड़पाने में यकीन रखता है फिर तुमने तो रुद्राक्ष खुराना के दिल पर वार किया है वाइफी। अब गेम मेरी तरफ से शुरू होगा।” रुद्राक्ष के चेहरे पर सस्पिसियस स्माइल दी। ईशानी तो जानती तक नही थी कि आखिर उसकी गलती क्या है। ईशानी कुछ पूछ पाती उससे पहले रुद्राक्ष कोल्ड वॉइस में बोला, “कौन कहता है लड़कों को गुड़िया खेलने का शौक नहीं होता। आज से तुम मेरी गुड़िया हो और मैं तुमसे जी भर कर खेलूंगा वाइफी।” रुद्राक्ष ने उसी पल ईशानी को पकड़ लिया और काफी वाइल्ड तरीके से उसके होठों पर किस करने लगा। ईशानी उससे दूर होने के लिए हाथ पैर चला रही थी पर सब वेस्ट था। रुद्राक्ष ने उसे बेड पर गिरा दिया। वो उसके ऊपर था। उसने एक हाथ से ईशानी को काबू कर रहा था और उसका दूसरा हाथ उसकी पीठ पर चल रहा था। ईशानी की सांस फूलने लगी फिर भी रुद्राक्ष ने उसे नही छोड़ा। उसे किस करते टाइम रुद्राक्ष के माथे पर उसकी ज्वेलरी लगी तो वो तुरंत उससे दूर हो गया। “तुम ये सब निकाल नहीं सकती थी क्या?” रुद्राक्ष चिढ़कर बोला और ईशानी का हाथ पकड़कर उसे ड्रेसिंग टेबल के सामने ले गया। वो खुद अपने हाथों से उसकी हर एक ज्वेलरी निकाल कर फेंक रहा था। ईशानी को इन सब में बहुत तकलीफ हो रही थी और वो रोए जा रही थी। सारी ज्वेलरी निकालने के बाद रुद्राक्ष ने ईशानी के सिर पर लगा दुपट्टा निकाल कर फेंक दिया। उसके कंधे पर एक और दुपट्टा था, वो भी उसने हटा दिया। ईशानी ने तुरंत अपनी नजरें घुमा ली। “अच्छा तो अब तुम्हें शर्म आ रही है? मुझे लगा तुम जैसी लड़कियों के लिए ये सब चीजें नार्मल होगी।” रुद्राक्ष ने सर्द लहजे में कहा। ईशानी के लिए सब कुछ बर्दाश्त करना मुश्किल हो रहा था। वो रुद्राक्ष की तरफ पलटी और गुस्से में बोली, “आप होते कौन हो मेरे कैरेक्टर पर अंगुली उठाने वाले? मैं तो आपको जानती तक नही। आपने मुझसे जबरदस्ती शादी करके पहले ही अपनी लिमिट क्रॉस कर दी है।” रुद्राक्ष ने उसे कमर से पकड़ कर अपने पास खींचा और उसके कान के पास बिल्कुल धीमी आवाज में कहा, “लिमिट तो तुमने क्रॉस की है वाइफी मुझे चोट पहुंचा कर..मेरी तो वैसे भी कोई हद नहीं है। तुम मुझे जानती नही, फिर भी सीधे मेरे वीक पॉइंट पर वार किया है।” ईशानी उसकी आंखों में देखते हुए बोली, “मैं आपको कितनी बार समझाऊं मैं आपको पहली बार देख रही हूं। आपको कोई गलतफहमी हुई है मिस्टर खुराना, मैने आपका कुछ नही किया है। हां, आपकी बहन...” ईशानी की बात पूरी भी नही हुई थी कि रुद्राक्ष ने उसकी बात बीच में काटते हुए कहा, “अगली बार अपनी गंदी जुबान पर मेरी बहन का नाम लेने से पहले अपनी औकात देख लेना।” कहते हुए रुद्राक्ष ने ईशानी को बेड पर धकेला। वो उसके ऊपर था और उसके हाथ ईशानी के पूरे जिस्म पर चल रहे थे। वो गुस्से में उसके होठों पर किस कर रहा था। फिर वो उसकी गर्दन पर हार्डली किस करने लगा। ईशानी को किस करते हुए रुद्राक्ष ने उसे अपने ऊपर लिया। उसके हाथ ईशानी की पीठ पर थे। उसने उसके ब्लाउज के हुक्स खोल दिए। उसे महसूस हुआ ईशानी डर से कांपने लगी। उसकी आंखों में आंसू थे। रुद्राक्ष ने एक एक करके उसके सारे कपड़े निकाल दिए। वो उसके सामने बिना कपड़ों के थी। ईशानी को इस तरह देखकर वो तुरंत खड़ा हो गया और उसने अपने नजरें घुमा ली। ईशानी भी दूसरी तरफ मुंह करके जोर जोर से रोए जा रही थी। उसने अपने लंबे बालों से खुद को ढकने की कोशिश की। “रुक क्यों गए? करो ना आखिर... तुम्हारी फैमिली के लिए किसी की जिंदगी बर्बाद करना इतना आसान जो है।” ईशानी रोते हुए बोली। उसकी बातें रुद्राक्ष को गुस्सा दिला रही थी। वो उसके पास आया और अपने दोनों हाथों से उसे कसकर पकड़ लिया। ईशानी को रुद्राक्ष के आंखों में आग दिखाई दे रही थी। “लोगों को बेड तक लाना तुम्हारा मकसद है ईशानी शर्मा, मेरा नहीं। वैसे भी अब मेरा मूड नहीं है।” रुद्राक्ष ने बेपरवाही से कहा और उसे बेड पर धक्का देकर वहां से चला गया। ईशानी बेड पर पड़ी रो रही थी। उसने जल्दी से खुद को बेडशीट से कवर किया। रुद्राक्ष से डरकर वो बाथरूम में भाग गई और रोने लगी। “तुम खुद को कितना भी अच्छा साबित करने की कोशिश करो लेकिन मैं तुम्हारी सच्चाई अच्छे से जानती हूं रुद्राक्ष खुराना। बात तुम्हारी फैमिली पर आई तो तुम बदला लेने पर आ गए.. पर उसका क्या जिसकी जान तुम्हारी फैमिली की वजह से गई। तुम पैसों के बल पर अपने किए गुनाहों से पीछा नहीं छुड़ा सकते रुद्राक्ष खुराना... चाहे जबरदस्ती शादी करो या कुछ और, तुम्हारी बहन को उसके किए की सजा मैं दिला कर रहूंगी।।“ ईशानी टूटी हुई थी पर फिर भी उसकी आवाज में सख्ती थी। वो अच्छे से जानती थी कि उसने आग से खेलने की कोशिश की है, तो उसका जलना तय है। भले ही आज रुद्राक्ष ने उसकी आंखों में आंसू देख कर उसे छोड़ दिया होगा पर दूसरा सच ये भी था कि वो उससे बदला लेने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था। °°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°°° ये बस शुरुआत थी ईशानी और रुद्राक्ष के नफरत भरे रिश्ते की। क्या वजह है जो दोनो एक दूसरे से इतनी नफरत करते है? कहानी का पहला भाग है, तो समीक्षा जरूर करना।

  • 2. His forced bride - Chapter 2

    Words: 1407

    Estimated Reading Time: 9 min

    ईशानी काफी देर तक बाथरूम में थी। जब उसे लगने लगा कि अब रुद्राक्ष वापिस कमरे में नही आएगा, तब वो बाथरूम से क्लोसेट एरिया में आई। ईशानी ने बेडशीट निकाल कर रुद्राक्ष का शर्ट पहन लिया। वो वापिस कमरे में आ गई। ईशानी सोने की कोशिश करने लगी पर नींद उसकी आंखों से कोसों दूर थी। ईशानी ने मन में कहा, “तो क्या रुद्राक्ष खुराना मुझसे इसीलिए बदला ले रहा है। वो भी बाकी लोगों की तरह निकला। अपनी क्रिमिनल बहन को बचाने के लिए वो इस हद तक गिर गया। कितना भी तोड़ दो रुद्राक्ष खुराना, तुम्हारी बहन को तुम कानून के शिकंजे से नही बचा पाओगे। बात यहां फैमिली की है, तुम्हारी बहन ने मेरी बहन को बरबाद कर दिया, तो अब बारी उसकी है।” रुद्राक्ष के बारे में सोचते हुए ईशानी अतीत की यादों में खो गई। ___________ लगभग ढाई साल पहले.. मुंबई के फिल्म सिटी स्टूडियो में फिल्म इंडस्ट्री का सबसे बड़ा अवॉर्ड शो चल रहा था। ये अवॉर्ड कई स्टार्स की जिंदगी बदलने वाला था। फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लगभग सभी सितारे इस उम्मीद में वहां बैठे थे कि अगला नाम उनका अनाउंस होगा और उन्हें अवॉर्ड दिया जाएगा। उन सबके बीच फिल्म इंडस्ट्री की टॉप रेटेड एक्ट्रेस आलिया खुराना अंदर जाने के बजाय बाहर रेड कार्पेट पर खड़ी होकर किसी का इंतजार कर रही थी। आलिया इंडस्ट्री की सबसे हाईएस्ट पैड एक्ट्रेस थी। उसका करियर शुरू हुए चार साल से भी ऊपर का टाइम हो चुका था। “पता नहीं वो कब आएंगे। पहली बार उन्हें मैंने अपने किसी फंक्शन में बुलाया है। आज का दिन मेरे लिए बहुत खास है, वो मेरे साथ होंगे तो और भी खास हो जाएगा।” आलिया की नजरें बाहर की तरफ थी। वहां मौजूद पेपरराजी आलिया को कवर कर रहे थे। सब की नजर उससे हट ही नहीं रही थी। उसने ऑफ शोल्डर लॉ नेक का गोल्डन गाउन पहना था, जिसके लेफ्ट साइड लंबी स्लिट थी। आलिया ने अपने बालों को कर्ल करके साइड में मेसी बन बना रखा था। उसके साथ उसने महंगी रियल डायमंड की एसेसरीज पहनी थी। आलिया की हील्स भी लाखों में थी। आलिया को देखते ही उन्होंने कवर करना शुरू कर दिया। एक फीमेल रिपोर्टर ने कहा, “जहां सब स्टार अवॉर्ड शो में अपना नाम आने का इंतजार कर रहे हैं वहीं लाखों दिलों की धड़कन आलिया खुराना यहां बहुत किसका इंतजार कर रही है।” उसके बाद दूसरा रिपोर्टर बोला, “क्या उनका कोई बॉयफ्रेंड है, जो यहां आने वाला है। वैसे भी ये श्योर है आज का अवॉर्ड आलिया खुराना को ही मिलने वाला है।” “मेरी तो फेवरेट है आलिया मैम... उनके गालों के डिंपल देखकर उसमे डूबने का मन करता है।” एक और रिपोर्टर हंस कर बोला। आलिया ने उन सबको देख लिया था। फिर भी उसने कोई रिएक्शन नहीं दिया। उसके चेहरे पर स्माइल थी। “ये पेप्स भी ना, एक पल के लिए भी मुझे अकेला नहीं छोड़ती। मेरा चार्म ही ऐसा है। अंदर इतने स्टार्स है, फिर भी ये लोग मुझे कवर कर रहे हैं। दी आलिया खुराना को।” आलिया ने आंखें रोल करके कहा। तभी अवॉर्ड के वेन्यू पर एक बड़ी सी ब्लैक लक्जीरियस गाड़ी रुकी। उसे देखते ही आलिया के चेहरे पर स्माइल आ गई। वो तेज कदमों से चलते हुए उस गाड़ी के पास गई। गाड़ी में रुद्राक्ष खुराना था। रुद्राक्ष आलिया का बड़ा भाई था। उसे देखते ही वो उसके गले लग गए तो वहीं मीडिया को भी इस स्पेशल मोमेंट को कैप्चर करने का टाइम मिल गया। “थैंक यू सो मच ब्रो, यहां आने के लिए।” आलिया गले लग कर बोल दी। रुद्राक्ष ने मुस्कुराकर जवाब दिया, “आता क्यों नहीं, मेरी लिटिल सिस्टर के लिए इतना स्पेशल मोमेंट होने वाला है। पिछले 3 सालों से ये अवॉर्ड तुम ही जीत रही हो।” “और इस बार भी ये मेरा ही है।” आलिया ने उससे अलग होकर कहा। उसने रुद्राक्ष का हाथ पकड़ा और उसे अंदर ले जाने लगी। उन दोनों को साथ देख कर रिपोर्टर्स उसे कवर करने के लिए उसके पीछे पीछे जाने लगे। आलिया ने उन्हें कोई भाव नहीं दिया। “आलिया खुराना वो भी एक लड़के के साथ... जरूर ये उसका बॉयफ्रेंड होगा। उसकी पर्सनैलिटी देखकर ही लग रहा है। आलिया खुराना की लाइफ में कोई मिस्ट्री मैन है, वो आम तो किसी सूरत में नहीं सकता।” रिपोर्टर ने लाइव कवरेज में कहा। आलिया की अच्छी खासी फैन फॉलोइंग थी। इस वजह से जल्द ही इस पोस्ट पर ढेरों लाइक और कमेंट आने शुरू हो गए। वहीं आलिया रुद्राक्ष के साथ अंदर अवॉर्ड शो में बैठी थी। उसके दिल की धड़कन बढ़ी हुई थी। उसे जिस पल का बेसब्री से इंतजार था, वो बस आने ही वाला था। सामने स्टेज पर मौजूद एंकर ने अनाउंस करते हुए कहा, “अब बारी है इस साल के बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड की... वैसे क्या लगता है आपको इस बार ये अवॉर्ड कौन जीतने वाला है? एनी गैसेस?” उसने माइक ऑडियंस की तरफ किया। उसके कहते की भीड़ में सब आलिया का नाम चिल्लाने लग गए। एंकर ने मुस्कुराते हुए कहा, “जी हां, इस बार आलिया खुराना अपनी दो ब्लॉकबस्टर मूवी के साथ नॉमिनेट है। पिछले तीन साल से ये ट्रॉफी उनके घर पर ही सज रही हैं, फिर देखते हैं इस साल ये अवॉर्ड कौन अपने नाम करता है। इस अवॉर्ड को प्रेजेंट करने के लिए आ रहे हैं फेमस सिंगर मौलिक गुप्ता और उनके साथ मोनाली सिन्हा।” मौलिक गुप्ता और मोनाली सिन्हा अवॉर्ड देने के लिए आगे आए। एक्साइटमेंट के मारे आलिया ने रुद्राक्ष का हाथ पकड़ रखा था। रुद्राक्ष के चेहरे पर हल्की मुस्कुराहट थी। उसने आलिया के हाथ को सहला कर कहा, “इतना एक्साइटेड होने की कोई जरूरत नहीं है। अभी तुम्हारा नाम ही अनाउंस होने वाला है। मैंने तो पार्टी की भी तैयारी कर ली है।” तभी मौलिक गुप्ता ने माइक में अनाउंस करके कहा, “इस साल का बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड का नाम सुनने के बाद आप सबके दिलों की धड़कन बढ़ने वाली है। कहना पड़ेगा मोनाली, इस बार जूरी ने कुछ हटकर फैसला लिया है।” “हां मौलिक, भले ही कुछ मूवीज बॉक्स ऑफिस पर कमाल ना कर पाती पर हमारे दिल पर एक अलग ही छाप छोड़ जाती है। तो गायज इस साल का बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड जाता है...।” मोनाली ने थोड़ा गैप लिया और फिर चिल्लाकर बोली, “रिशानी शर्मा को..” रिशानी की ये पहली फिल्म थी। किसी ने सोचा नहीं था कि लगातार तीन साल विनर रहने के बाद इस बार का अवॉर्ड पहली फिल्म के साथ ही रिशानी अपने नाम कर लेगी। रिशानी मुस्कुराते हुए आगे स्टेज पर जाने लगी। उसने ब्लैक कलर का स्ट्रिप्ड लॉन्ग गाउन पहना था। उसके लंबे बाल स्लीक स्टाइल में बने हुए थे। रिशानी देखने में आलिया जितनी ग्लैमरस नहीं थी पर उसके चेहरे की मासूमियत सबका दिल मोह लेती थी। रिशानी स्टेज पर अपनी स्पीच दे रही थी तो वहीं उसे अवॉर्ड मिलने के बाद गुस्से में आलिया वहां से चली गई। उसे मनाने के लिए रुद्राक्ष उसके पीछे पीछे गया। “सुनो तो सही आलिया... डोंट बिहेव लाइक ए किड।” रुद्राक्ष उसके पास आकर बोला, “तुम अच्छे से जानती हो कि तुम्हारा नाम ही काफी है, तुम्हें इन सब अवॉर्ड की जरूरत नहीं है। वैसे भी ये सब स्क्रिप्टेड होता है। इतने सालो तक काम करके भी तुम्हें नहीं पता चला।” रुद्राक्ष आलिया को समझाने की कोशिश कर रहा था। “नहीं ब्रो... ये अवॉर्ड स्क्रिप्टेड नहीं है। पहली बार आप मेरा फंक्शन अटेंड करने आए और मुझे अवॉर्ड ही नहीं मिला। सब लोगों को मुझसे कितनी उम्मीदें थी। आपको नहीं पता ये मीडिया वाले... ये मुझे एक दिन में गिरा देंगे।” आलिया की आंखों में आंसू थे। वो रो रही थी। रुद्राक्ष ने उसे गले से लगाया और उससे शांत करने की कोशिश करने लगा। रिशानी को अवॉर्ड मिलना आलिया को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं हो पा रहा था। आलिया ने मन में कहा, “तुम जैसी दो कोड़ी की लड़की आलिया खुराना की जगह कभी नहीं ले पाएगी। रिशानी शर्मा, तुम जैसी लड़कियां साइड रोल के लिए बनी होती हैं। तुम्हारी औकात तो ऐसे अवॉर्ड शो में आने तक नहीं है, फिर अवॉर्ड मिलना तो दूर की बात है। डोंट वरी... आलिया खुराना को लोगों की औकात दिखाना अच्छे से आता है।” आलिया के दिमाग में काफी कुछ चल रहा था। रिशानी उसके ट्रिगर पर थी। फिलहाल उसके दिमाग में एक ही बात चल रही थी और वो थी, रिशानी को इंडस्ट्री से ही आउट करना। °°°°°°°°°°°°°°°° आपको क्या लगता है आलिया बदला लेने के लिए क्या करेगी? क्या वो अपनी नफरत में सारी हदें भूल जाएगी? ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। अगला भाग अपडेट है, उसे पढ़िए और पता लगाइए।

  • 3. His forced bride - Chapter 3

    Words: 1712

    Estimated Reading Time: 11 min

    आलिया को अवॉर्ड नहीं मिलने की वजह से वो परेशान थी। इस वक्त उसके दिमाग में रिशानी से बदला लेने की बात चल रही थी। उसने तुरंत ही खुद को संभाला और रुद्राक्ष को नकली मुस्कुराहट के साथ कहा, “मैं बिल्कुल ठीक हूं भाई... सच कहा आपने, ऐसे छोटे-मोटे अवॉर्ड से फर्क नहीं पड़ता।” “देस्ट माय गर्ल...” कहकर रुद्राक्ष ने उसके माथे पर हल्का सा किस किया। उसके बाद उसने आगे पूछा, “अच्छा बताओ आगे का क्या प्लान है?” “कुछ खास नहीं, अवॉर्ड के बाद पार्टी होती है। उसे अटेंड करना है फिर साथ में घर चलेंगे।” आलिया ने उसे अपने आगे के प्लानिंग के बारे में बताया। “क्या जाना जरूरी है? तुम परेशान लग रही हो?” रुद्राक्ष बोला। आलिया का चेहरा देखकर रुद्राक्ष को समझते देर नहीं लगी। आलिया ने हां में सिर हिलाया और कहा, “हां भाई जाना ही होगा और कांग्रेचुलेशन करना होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो उन्हें लगेगा कि मैं जेलस फील कर रही हूं। आलिया खुराना किसी से जेलिस फील नहीं करती, वो खुद में ही बेस्ट है।” “ठीक है मैं तुम्हें जाने से नहीं रुकूंगा लेकिन मेरा मूड नहीं है। क्या मुझे कोई रूम मिल सकता है जहां मैं थोड़ी देर रेस्ट कर सकूं।” रुद्राक्ष डायरेक्ट एयरपोर्ट से अवॉर्ड फंक्शन के लिए आया था इसलिए वो थका हुआ था। आलिया ने उसकी बात पर हामी भरी। “रूम तो नहीं पर मेरी वैनिटी किसी लग्जरियस होटल रूम से कम नहीं है। आप वहां जाकर रेस्ट कर सकते हैं।” रुद्राक्ष ने हां में सिर हिलाया। उसने अपनी असिस्टेंट सिद्धि को कॉल किया। सिद्धि रुद्राक्ष को आलिया की वैनिटी तक लेकर गई। वैन वाकई काफी लग्जीरियस थी। रुद्राक्ष ने वहां अपना ब्लेजर निकाला और शर्ट के बटन खोल कर बेड पर लेटकर रिलैक्स करने लगा। वहीं दूसरी तरफ उसके जाने के बाद आलिया भी काफी रिलैक्स थी। उसने अपना मेकअप टचअप किया और फिर से पार्टी में जाने के लिए तैयार हुई। “थैंक गॉड भाई मेरे साथ नहीं है। उनके सामने सब कुछ करना मुश्किल हो जाता।” आलिया ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और फिर किसी को कॉल किया। “मेरे पास एक ब्रेकिंग न्यूज़ है। चाहो तो तुम सबसे पहले कवर कर सकते हो। मैं अंदर बाथरूम के पीछे वाली बालकनी में हूं। जल्दी आओ।” उसने किसी रिपोर्टर को कॉल किया था। उसके कहते ही रिपोर्टर अंदर उसके पास आ गया। वो एक मेल रिपोर्टर था। “आलिया खुराना ने खुद कॉल किया है मतलब न्यूज़ स्पेशल होने वाली है। वैसे इसके बदले मुझे क्या पे करना पड़ेगा?” रिपोर्टर ने पूछा। “कुछ भी नहीं, बस यहां वेन्यू के बाहर खड़े हो जाओ और रिशानी शर्मा पर नजर रखो। लगभग 1 घंटे में न्यूज़ खुद चलकर तुम्हारे पास आएगी। बस कुछ मिस मत करना।” आलिया ने आई विंक करके कहा और अपने मोबाइल से उसके अकाउंट पर कुछ पैसे ट्रांसफर किए। रिपोर्टर फील्ड में काफी समय से काम कर रहा था। उसे आलिया के इरादे समझते देर नहीं लगी। उसने एविल स्माइल दी और वहां से आलिया की बताई जगह पर खड़ा हो गया। अवॉर्ड फंक्शन खत्म हो चुका था और वहां पार्टी हो रही थी। हर कोई अवॉर्ड मिलने वाले को कांग्रेचुलेशन बोल रहा था। आलिया ने देखा रिशानी भीड़ के बीच घिरी हुई थी। वो बिना सोचे समझे उस भीड़ में चली गई। “हे... कांग्रेचुलेशंस... मैंने तुम्हारी मूवी देखी थी और वो सच में कमाल की थी। आई न्यू दैट ये अवॉर्ड तुम्हारे नाम होने वाला है।” आलिया ने मुस्कुराहट के साथ कहा और उसके गले लग गई। “आप मुझे यहां मुबारकबाद देने के लिए आई, मुझे बहुत खुशी हो रही है मैम। यू नेवर नो बट मैं आपकी बहुत बड़ी फैन हूं। आप मेरी रोल मॉडल है। आपकी मूवी देखने के बाद ही मैंने फिल्म इंडस्ट्री में आने का सोचा।” रिशानी उसे देखकर काफी एक्साइटेड हो रही थी। वो एक सांस में काफी कुछ बोल गई। जवाब में आलिया ने एक छोटी सी मुस्कुराहट दी और कहा, “तुम्हें कांग्रेचुलेशन काफी लोगों ने कर दिया होगा। अब पार्टी की बारी है।” “आपके साथ पार्टी... मैंने ये कभी नहीं सोचा था।” रिशानी को अभी भी यकीन नहीं हो रहा था। “अब इन सब बातों को छोड़ो। तुम भी स्टार बन गई हो। चलो मिलकर सेलिब्रेट करते हैं।” कहकर आलिया ने अपना हाथ रिशानी की तरफ बढ़ाया। रिशानी ने उसका हाथ पकड़ लिया। वो उसे बार की तरफ लेकर गई। उसने इशारे से बार टेंडर को हार्ड ड्रिंक बनाने के लिए कहा। “कहीं ऐसा तो नहीं है कि तुम ड्रिंक नहीं करती हो?” आलिया ने फॉर्मेलिटी के लिए पहले पूछ लिया। वो जानती थी कि रिशानी उसे मना नहीं कर पाएगी। “बिल्कुल नहीं मैम... अब इस इंडस्ट्री में ये सब चीजें तो चलती रहती हैं।” रिशानी मीडिल क्लास फैमिली से बिलॉन्ग करती थी और वहां इस तरह की चीजें बिल्कुल भी नही चलती थी। उसने आज से पहले हार्ड ड्रिंक कभी नहीं ली थी पर आलिया के सामने झूठ बोला ताकि वो खुद को उसके बराबर का दिखा सके। रिशानी आलिया के साथ लगातार ड्रिंक करे जा रही थी। उसे पीते हुए आधे घंटे से भी ज्यादा का टाइम हो गया था। “आई वांट मोर...” रिशानी जोर से चिल्ला कर बोला। उसकी बात उससे आलिया समझ गई थी कि अब वो पूरी तरह हाई हो चुकी थी। “तुमने ऑलरेडी काफी पी ली है। अब तुम्हें और नहीं पीना चाहिए। यहां काफी सारे लोग हैं और तुम्हारी इमेज को इससे खतरा हो सकता है। हमें अपनी इमेज मेंटेन करके रखनी पड़ती है।” आलिया ने उसके कान के पास आकर दबी आवाज में कहा। “शश्श्श्...” रिशानी ने अपने होठों पर अंगुली लगाई और बिल्कुल धीमी आवाज में कहा, “हां सही कहा, इमेज मेंटेन करके रखनी पड़ती है, बहुत ड्रामा करना पड़ता है जैसे तुम कर रही हो। मुझे पता है तुम अंदर ही अंदर मुझसे जल रही हो। सच बताना तुम्हें बुरा लग रहा है ना क्योंकि ये अवॉर्ड तुम्हारे बजाय मुझे मिला है? पर सच में तुम मेरी रोल मॉडल हो। आज मैं अपनी रोल मॉडल से जीत गई हूं।‌ रिशानी शर्मा जीत गई है येयेयेएए...” रिशानी बहुत ज्यादा नशे में थी। वो बच्चों की तरह तालियां बजाने लगी। उसकी बातें सुनकर आलिया को काफी गुस्सा आ रहा था। “अब तो मेरे मन में एक परसेंट भी गिल्ट नहीं रहेगा कि मैंने तुम्हारे साथ ये क्यों किया। यू डिसर्व दिस बिच...” आलिया ने अपने मन में कहा। आलिया ने वेटर से एक और ड्रिंक बनाने को कहा और फिर वो उसे नीचे करके अपने पर्स से अपनी लिपस्टिक निकाली। देखने में भले ही वो कोई आम सी लिपस्टिक हो लेकिन उसके अंदर ड्रग्स थे। आलिया ने लिपस्टिक के बॉक्स को खोला और उसको पूरा रिशानी की ड्रिंक में उड़ेल दिया। “क्या हुआ? तुम चुप क्यों हो? कुछ बोल क्यों नहीं रही?” रिशानी ने मदहोश होकर पूछा। आलिया ने कुछ नहीं कहा बल्कि ड्रिंक का गिलास रिशानी की तरफ कर दिया। रिशानी उसे एक घूंट में पूरा निगल गई। “मैं चुप नहीं हूं... बस कुछ सोच रही थी एक डायरेक्टर का मेरे पास ऑफर आया था। वो रोल तुम्हारे टाइप का था। तुम चाहो तो उससे जाकर बात कर सकती हो। वो कहीं बाहर कहीं होगा।” आलिया ने सामान्य तरीके से कहा। “लेकिन तुम अपना काम मुझे क्यों दोगी?” रिशानी ने उसे घूरते हुए पूछा। “ये लड़की नशे में है फिर भी इसका दिमाग कितना चल रहा है।” आलिया ने बड़बड़ा कर कहा। फिर उसने रिशानी से तेज आवाज में कहा, “वो इसलिए क्योंकि तुम एक बहुत टैलेंटेड अच्छी एक्ट्रेस हो। चलो जाओ और जाकर बात कर लो।” “ठीक है जाती हूं।” रिशानी ने जवाब दिया और वहां से बाहर जाने के लिए निकल गई। रास्ते में वो नशे में एक दो लोगों से भी टकराई पर उसने इस तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया। वो खुद में ही बड़बड़ा रही थी। “रिशानी शर्मा इंडस्ट्री का नया चेहरा होने वाली है। आई एम द ब्यूटीफुल वन, जिसे अब सारी फिल्में मिलेगी। एक तो अब थोड़ी देर में मिलने वाली है। चलो सब साइड हो जाओ और रिशानी शर्मा को जाने दो।” उसे बाहर जाता देख कर आलिया के चेहरे पर ईविल स्माइल थी। “वेरी गुड रिशानी शर्मा, बाहर पेप्स और पूरी मीडिया है। वो नहीं है, तो मेरा भेजा हुआ रिपोर्टर तो जरूर होगा, जो तुम्हारा ड्रामा को कैप्चर करेगा। इसके बाद तुम्हारा कैरियर बर्बाद होते 1 सेकंड नहीं लगेगी। नेगेटिव पब्लीसिटी बहुत अच्छे से हो जाएगी। सोशल मूवी करके लोगों के सामने इमेज बनाने की कोशिश कर रही थी, वो इमेज 2 मिनट में मिट्टी में मिल जाएगी... एंड द ड्रामा बिगिंस नाउ...” आलिया मजे से अंदर पार्टी इंजॉय कर रही थी तो वही रिशानी बाहर आई। उसे बाहर देखते ही रिपोर्टर तुरंत उसके पीछे हो गया रिशानी को बाहर कोई दिखाई नहीं दिया। सामने थोड़ी दूर पर उसे आलिया की वैनिटी वैन दिखाई दी। “अच्छा तो डायरेक्टर उसके अंदर है।” रिशानी ने नशीली आवाज में कहा और वैनिटी की तरफ से आने लगी। उसे उस तरफ जाता देख वो रिपोर्टर भी हैरान था, “ये रिशानी आलिया मैम की वैनिटी की तरफ क्यों जा रही है? जरूरी ये उनके ही प्लान का हिस्सा होगा, तभी उन्होंने वैनिटी वैन्यू के इतने पास खड़ी की होगी। मुझे क्या, मुझे तो बस कवर करना है।” रिपोर्टर तुरंत रिशानी के पीछे गया और उसे कवर करने लगा। वही रिशानी अंदर वैरिटी में गई तो उसे वहां कोई दिखाई नहीं दिया। “यहां तो कोई नहीं है। अच्छा है कोई नहीं है। मुझे बहुत गर्मी लग रही है और मैं इस ड्रेस में ठीक से सांस भी नहीं ले पा रही।” रिशानी ने खुद से कहा। उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिए। उसे खुद को होश नही था वो क्या और क्यों कर रही है। रिशानी आराम करने के लिए आगे बढ़ी तो सामने बेड पर रुद्राक्ष सोया हुआ था। रिशानी ने कुछ नही पहना था और रुद्राक्ष भी शर्टलेस था। वो रुद्राक्ष के ऊपर जाकर गिर गई। रिशानी उस वक्त नशे में थी और वो समझ भी नही पा रही थी कि वो क्या करने जा रही है। रिशानी ने खुद से बड़बड़ा कर कहा, “तो मूवी के लिए इसके साथ सोना पड़ेगा? क्या फर्क पड़ता है। यहां वैसे भी यही होता है।” बोलते हुए रिशानी रुद्राक्ष की चेस्ट पर अपने हाथ घुमाने लगी। वो ऐसी लड़की नही थी, लेकिन शराब और ऊपर से ड्रग्स की वजह से रिशानी अपने सोचने समझने की क्षमता खो चुकी थी। “कहना पड़ेगा प्लान वाकई सॉलिड बनाया है।” रिपोर्टर ने मुस्कुरा कर कहा और छुपकर सब कुछ कवर करने लगा। °°°°°°°°°°°°°°°°

  • 4. His forced bride - Chapter 4

    Words: 1550

    Estimated Reading Time: 10 min

    आलिया ने रिशानी को काफी सारी शराब पिला दी थी। उसने लास्ट शॉट में ड्रग तक मिला दिया था। फिर आलिया ने रिशानी को डायरेक्टर से बात करने भेजा। वो पूरी तरह हाई थी। रिशानी नशे में लड़खड़ाती हुई आलिया की वैनिटी वैन में पहुंचीं। रिशानी को वहां कोई दिखाई दिया नही दिया तो उसने अपने सारे कपड़े निकाल दिए। रिशानी आगे गई तो उसे वहां के बेड पर रुद्राक्ष दिखाई दिया। उसे लगा वो कोई डायरेक्टर है। अक्सर मूवी पाने के लिए शॉर्टकट के तौर पर कास्टिंग काउच जैसी चीज बी टाउन में आम थी। रिशानी ने भी कुछ ऐसा ही समझा। नशे की हालत में बिना कपड़ों के रुद्राक्ष के ऊपर गिर गई। आलिया का भेजा रिपोर्टर सब कैप्चर कर रहा था। “क....कौन है।” रुद्राक्ष हड़बड़ाकर उठा। उसने अपना हाथ बढाकर लाइट ऑन करने की कोशिश की, लेकिन रिशानी ने उसे अपनी करीब लिया।। रिशानी रुद्राक्ष की आंखों में देख रही थी। वो हंसते हुए बोली, “बट यू आर हॉट।” रुद्राक्ष रिशानी को इस हालत में इस हालत में देखकर घबरा गया। वो कुछ रिएक्ट करता उस से पहले रिशानी के होंठ उसके होठों पर थे। वो दोनो एक दूसरे को किस करने लगे। कुछ पल के लिए रुद्राक्ष सब कुछ भूल गया। उसने भी ड्रिंक कर रखी थी। उसने रिशानी को कमर से पकड़ा और उसके ऊपर आ गया। रुद्राक्ष उसे बहुत पैशनेटली किस कर रहा था। रुद्राक्ष रिशानी को हर तरीके से अडोर कर रहा था। “अरे वाह यहां तो पूरी मूवी चल रही है।” रिपोर्टर ने खुश होकर कहा। हर एक एंगल से फोटो क्लिक करने के बाद उसने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। “बस एक बार इस हीरो का चेहरा दिख जाता तो मजा ही आ जाता।” रिपोर्टर एंगल चेंज करने के लिए दूसरी तरफ जाने लगा तभी एक सिक्योरिटी गार्ड ने उसे देख लिया। “एह क्या कर रहे हो वहां?” सिक्योरिटी गार्ड चिल्लाता हुआ उसकी तरफ आने लगा। “चल बेटा... जान बचाकर भागने में ही भलाई है। वैसे भी इतना काफी होगा...” रिपोर्टर उसे देखकर जल्दी से वहां से भागा। वहां से जाने के बाद रिपोर्टर सीधा स्टूडियो गया। वो रिशानी की क्लिप्स और पिक्चर्स को एडिट कर न्यूज बना रहा था। इस बीच आलिया ने अपडेट लेने के लिए उसे कई बार कॉल किया पर उसने जानबूझकर उसे कोई रिस्पॉन्स नही दिया। ___________ अगली सुबह रिशानी की आंख खुली तो वो आलिया की वैनिटी में थी। उसने ब्लैंकेट ओढ़ रखा था। रिशानी सिर पकड़ कर बिस्तर पर बैठी, “ओह गॉड... कल रात कुछ ज्यादा ही पी ली।” उसने इधर उधर देखा। “ये कौनसी जगह है? मैं यहां कैसे आई?” रिशानी कंफ्यूज होकर इधर उधर देख रही थी तभी उसे अहसास हुआ उसने कुछ नही पहन रखा। “मैं... मैं यहां कैसे आई। यहां तो कोई नही है... फिर मेरे कपड़े... मेरे कपड़े कहां है।” रिशानी इधर उधर देखते हुए बेड से उठी। थोड़ा आगे चलकर उसके कपड़े पड़े थे। रिशानी ने जल्दी से अपने कपड़े पहने और और अपना मोबाइल ढूंढने लगी। वही आगे एक कोने में उसका फोन पड़ा था। नीचे गिरने की वजह से वो बंद हो गया था। रिशानी ने उसे जल्दी से ऑन किया। “ये इतने सारे कॉल्स और मैसेजेस क्यों आ रहे हैं?” जैसे ही उसने अपना मोबाइल ऑन किया उसके फोन पर नोटिफिकेशंस की बाढ़ आने लगी। रिशानी को बहुत से लोगों ने एक ही लिंक भेज रखा था। उसे देखकर वो कंफ्यूज हो गई। उसने जल्दी से उस लिंक पर क्लिक किया। वो टीवी पर चल रही लाइव न्यूज़ का लिंक था। रात को जिस रिपोर्टर ने उसे शूट किया था, वो न्यूज़ रीड कर रहा था। वो सब तरफ खबरों में छाई हुई थी। “स्टार या पोर्न स्टार?” न्यूज़ में आ रही हैडिंग को देखकर रिशानी की आंखें बड़ी हो गई। टीवी पर एक क्लिप चल रही थी जिसमें रेशानी का चेहरा ब्लर किया हुआ था। रुद्राक्ष का चेहरा तो वैसे भी नजर नही आ रहा था। वो वीडियो जिस वैनिटी की थी, ये भी नहीं दिखाया गया था। बस वीडियो के अंदर रिशानी अपने कपड़े निकाल रही थी। सामने एक आदमी था, उसे वो किस कर रही थी और थोड़ी ही देर में दोनों बेड पर थे। क्लिप के साथ-साथ न्यूज़ रिपोर्टर बोल रहा था। “आपको क्या लगता है कि ये एक्ट्रेस सच में कल रात वाला अवॉर्ड डिजर्व करती हैं? इन्होंने अपनी मूवी में एक ऐसी लड़की का किरदार निभाया था, जो हालातों की मारी होती है। उसकी सौतेली मां उसे बेच देती है पर सच्चाई कुछ और ही है। इन्होंने तो खुद को ही पैसों के आगे बेच दिया। अब इस क्लिप के अंदर मौजूद आदमी कोई डायरेक्टर है या कोई और, ये तो मैडम ही बता सकती है।” उसे देखने के बाद रिशानी की आंखों में आंसू थे। उसने अपना फोन बंद कर दिया और वहीं जोर जोर से रोने लगी। “ये सब क्या हो गया? मुझे तो कुछ याद भी नहीं, मैंने ये नहीं किया है।” रिशानी ने इस दर्द से उबरी भी नहीं थी कि तभी उसके पास एक कॉल आया। ये एक अननोन नंबर था। रिशानी के कॉल रिसीव करते ही सामने से एक आदमी की आवाज आई, “क्या बात है मैडम, तुम तो दिखने में बहुत हॉट लगती हो। एडल्ट साइट पर तुम ही छाई हुई हो। मुझे नहीं पता था तुम इस तरह की फिल्में भी सूट करती हो वरना इतनी स्ट्रगल करनी ही नहीं पड़ती तुम्हे.. मेरा नंबर सेव कर लो। आगे से इस तरह की फिल्में करनी हो तो कॉल बैक करना। कसम से कह रहा हूं फिल्म इंडस्ट्री में जितने पैसे नहीं बने उसने एक दिन में कमा लोगी।” उस आदमी की आवाज सुनकर रिशानी गुस्से में चिल्लाई, “ये क्या बकवास कर रहे हो तुम? मैं ऐसी लड़की बिल्कुल नहीं हूं।” “वो तो हम सबको दिख रहा है आप कैसी लड़की हैं।” वो आदमी हंसकर बोला। “यू बास्टर्ड...” रिशानी जोर से चिल्लाई और कॉल कट कर दिया। वो वहां बैठकर जोर जोर से रोए जा रही थी। “मेरे साथ जिसने भी ये किया है मैं उसे छोडूंगी नहीं। इसके पीछे जो भी है, उसके बारे में पता लगाकर रहूंगी।” रिशानी ने खुद को संभाला और वहां से बाहर आ गई। लोग उसे अजीब नजरों से देख रहे थे। रिशानी ने जैसे तैसे करके एक कैब बुक की और कही जाने के लिए निकल पड़ी। ___________ आलिया अपने घर पर मौजूद थी। वो परेशानी में इधर-उधर चक्कर लगा रही थी। उसने अपने हाथ में लेमनएड का ग्लास पकड़ा था। रिशानी का वीडियो और वो न्यूज़ आलिया भी देख चुकी थी। इतना सब कुछ होने के बावजूद उसके चेहरे पर अफसोस का कोई भाव नहीं था। आलिया ने इविल स्माइल करते हुए कहा, “सोचा नहीं था वो रिपोर्टर इस हद तक चल जाएगा लेकिन जो भी हुआ वो अच्छा हुआ। थैंक गॉड उसने भाई का चेहरा कवर नहीं किया। अगर गलती से उन्होंने देख लिया होता तो रिपोर्टर की डेड बॉडी मिलती।” आलिया रुद्राक्ष को अच्छे से जानती थी। आलिया कोई रिस्क नहीं लेना चाहती थी इसलिए उसने तुरंत रुद्राक्ष को कॉल किया लेकिन उसका फोन बंद जा रहा था। इससे आलिया की परेशानी बढ़ रही थी। उसने फिर रुद्राक्ष के असिस्टेंट को कॉल किया। असिस्टेंट के कॉल कट करते ही आलिया ने तुरंत कहा, “गीतिका, मुझे भाई से बात करनी है।” गीतिका ने जल्दी से जवाब में कहा, “मैम वो सर को अर्जेंट मीटिंग के लिए जाना पड़ा। आपका कॉल नहीं लग रहा था तो वो बता नहीं पाए।” रुद्राक्ष के वहां ना होने की बात सुनकर आलिया ने राहत की सांस ली पर उसकी ये खुशी चंद पलों की थी। अचानक गीतिका ने गंभीर आवाज में कहा, “टीवी पर जो क्लिप वायरल हो रही है, उसमें रुद्राक्ष सर है। इन सब में उनका नाम घसीटा जा सकता है। उन्हें कुछ पता चले उससे पहले मुझे ही सब क्लियर करना होगा। मैं आपको कॉल करने की वाली थी। इस मामले में आप कुछ करेंगी या मैं हैंडल करूं?” आलिया झट से बोली, “कैसे भी करके ये बात भाई तक नहीं पहुंचनी चाहिए। मैं खुद हैंडल कर लूंगी। उन्हें पता भी नहीं चलना चाहिए, इंडिया में क्या हुआ था।” आलिया ने उसे वार्निंग दी। गीतिका ने उसकी बात पर हामी भरी और कहा, “ठीक है, वैसे भी वो लंदन में रहते हैं तो यहां क्या हो रहा है उसमें उनका कोई इंटरेस्ट नहीं। आपको किसी भी चीज की हेल्प की जरूरत पड़े तो मुझे बताइएगा।” गीतिका ने आलिया से बात करके कॉल कट कर दिया था। कॉल कट होते ही आलिया ने सिद्धि से कहा, “भाई यहां नहीं है इससे कुछ हद तक हमारा फायदा हुआ है पर हम ज्यादा देर तक इससे बच नहीं पाएंगे। पता लगाओ रिशानी कहां है। अब तक वो समझ गई होगी कि उसके साथ जो भी हुआ है वो सब हम ने ही किया है।” “ओके मैम, मीडिया कुछ ज्यादा ही एक्सट्रीम हो गई। बेचारी की इतनी बदनामी हो रही है। मुझे उसके लिए बहुत बुरा लग रहा है।” सिद्धि ने बेचारो सा मुंह बनाकर कहा। उसके ऐसा करने पर आलिया ने उसकी तरफ घूर कर देखा। वो दोनों बात कर ही रही थी कि तभी सिक्योरिटी गार्ड अंदर आया और उन्होंने रिशानी के बाहर होने की बात कही। अचानक आलिया के चेहरे पर घबराहट के भाव साफ दिखाई दे रहे थे। उसने ये सोचा नहीं था कि इतनी जल्दी रिशानी को इसके बारे में पता चल जाएगा और वो उसके घर तक आ जाएगी। °°°°°°°°°°°°°°°° पार्ट पढ़कर समीक्षा जरूर करिएगा। आई होप स्टोरी आपको अच्छी लग रही होगी।

  • 5. His forced bride - Chapter 5

    Words: 1736

    Estimated Reading Time: 11 min

    अवॉर्ड के अगले दिन न्यूज़ चैनल से सोशल मीडिया तक रिशानी ही छाई हुई थी। हर कोई उसके बारे में बात कर रहा था। उसके फोटोज और वैनिटी की वीडियो क्लिप्स हर जगह वायरल हो चुकी थी। रिशानी ने कोई भी लीगल एक्शन लेने से पहले आलिया से बात करने का सोचा इसीलिए वो उसके घर आई थी। वो अच्छे से जानती थी कि ये सब आलिया का ही किया धरा है। आलिया के कहने पर उसका सिक्योरिटी गार्ड रिशानी को अंदर लेकर आया। आलिया ने देखा उसने सूट पहन रखा था और दुपट्टे से अपना चेहरा ढक रखा था। अंदर आते ही रिशानी ने अपना दुपट्टा हटाया। उसे देखते ही आलिया के चेहरे पर स्माइल थी। “यही चाहती थी ना तुम? नेम और बहुत सारी फेम... लो आलिया खुराना ने तुम्हें दे दी।” आलिया ने उसके पास आते हुए कहा। उसकी बात सुनकर रिशानी को बहुत गुस्सा आया हुआ। वो आलिया की तरफ बढ़ी। रिशानी उसे लगभग चाटा मारने ही वाली थी कि आलिया ने उसका हाथ पकड़ लिया। आलिया ने उसका हाथ बुरी तरह दबाते हुए कहा, “ऐसा वैसा कुछ करने के बारे में सोचना भी मत, वरना ये तो सिर्फ ट्रेलर है। तुम सोच भी नहीं सकती मैं वो कर सकती हूं।” “हां सही कहा... तुम जैसे घटिया लोग मेरी तो सोच और समझ से परे है आलिया खुराना। मैंने तुम्हें अपना आइडल माना था। मुझे नहीं पता था तुम इतनी गिरी हुई हरकत करोगी।” रिशानी ने रूधे गले से कहा। “माइंड योर लैंग्वेज यू बिच...” आलिया गुस्से में उस पर चिल्लाई। “या अब्सोल्युटली राइट... मैं तुमसे सोच समझकर बात करूं और तुम बिना सोचे समझे मेरी लाइफ तक के साथ खेल गई। ऐसा कितनी लड़कियों के साथ किया है?” रिशानी ने गुस्से में पूछा। आलिया ने मुस्कुराते हुए बेपरवाही से जवाब देते हुए कहा,“कुछ खास याद नहीं, मॉडलिंग टाइम से लेकर इंडस्ट्री तक रास्ते में कई लड़कियां आई, पर आलिया खुराना को अपने बीच की रुकावट को हटाना चुटकियों में आता है।” आलिया ने मुस्कुराते हुए उसके सामने दो से तीन बार चुटकी बजाई। रिशानी के चेहरे के भाव सख्त हो गए। वो सिर हिला कर बोली, “आलिया खुराना, बहुत घमंड है ना तुम्हें इस नाम पर। अब तक तुम्हारे सामने जो भी लड़कियां आई वो अलग थी और मैं अलग। मैं इतनी आसानी से तुम्हें जाने नहीं दूंगी, जितनी बदनामी मेरी हुई है, उतनी ही एक दिन तुम्हारी भी होगी। तुम्हें अपने किए की सजा भुगतनी होगी। मैं यहां से पुलिस स्टेशन जा रही हूं, तुम्हारे खिलाफ रिपोर्ट लिखवाने।” रिशानी ने उसे अपने अगले कदम के बारे में बताया। रिशानी को बातें सुनकर आलिया के चेहरे पर हल्की घबराहट के भाव थे। आलिया ने रिशानी को बाहर का रास्ता दिखाया। रिशानी ने भी आगे कुछ नहीं कहा और वहां से पुलिस स्टेशन जाने के लिए निकल पड़ी। रिशानी के वहां से जाते ही आलिया ने किसी को कॉल किया और कहा,“रिशानी मेरे घर से बाहर निकली है। उसका पीछा करो। जो करना है करो पर वो पुलिस स्टेशन नही पहुंचनी चाहिए।” वही रिशानी वहां से निकली। काफी देर तक कैब नही मिलने पर रिशानी पैदल ही चल रही थी। वो इस वक्त इतनी परेशान थी कि उसे आसपास का कोई ख्याल नही था। चलते हुए रिशानी एक सुनसान रास्ते की तरफ मुड़ी तभी अचानक से किसी ने उसका हाथ पकड़कर खींचा। वो आलिया के भेजे हुए आदमी थे। उनमें से एक रिशानी के सामने आया और हंसते हुए बोला, “अरे ये तो वही है ना अपनी हीरोइन, ख्वाबों की शहजादी। स्टार या पोर्न स्टार?” बोलते हुए उसने रिशानी की तरफ आंख मारी और उसका दुपट्टा निकालकर फेंक दिया। रिशानी ने गुस्से में उसके चांटा लगाया। उसके दोनो हाथ अपने सामने की तरफ थे। उसकी इस हरकत पर वो आदमी गुस्सा हो गया। उसने रिशानी का हाथ कसकर पकड़ते हुए कहा, “तेरी इतनी हिम्मत। कल तो सब अपनी मर्जी से कर रही थी और आज नखरे दिखा रही है। बता कितने पैसे लिए एक रात के।” वो रिशानी को जबरदस्ती अपनी बांहों में भरने लगा। रिशानी खुद को उससे दूर करते हुए बोली, “प्लीज मुझे जाने दो।” रिशानी की आंखों में आंसू थे। “अब तो बिल्कुल भी नहीं...” रिशानी ने जिस आदमी को चांटा लगाया था, उसने कहा। वो आगे बढ़ा और रिशानी के कुर्ते को सामने से पकड़कर फाड़ने लगा। रिशानी ने उसे धक्का दिया और पूरी जान लगा कर वहां से भागने लगी। वो तीनों आदमी उसके पीछे भाग रहे थे। रिशानी की आंखों में आंसू थे। वो जैसे ही पब्लिक एरिया में पहुंची। उसकी हालत बहुत खराब थी और लोग उसका वीडियो बना रहे थे। कल वाली न्यूज़ कम थी, जो आज एक और नई न्यूज़ वायरल हो गई। रिशानी शर्मा आधे फटे हुए कपड़ों के साथ रोड पर पागलों की तरह दौड़ रही थी। रिशानी के लिए ये सब कुछ बहुत मुश्किल हो रहा था। वो जैसे-तैसे अपने घर पहुंची। रिशानी मुंबई में अलग अपार्टमेंट में रह रही थी। उसके साथ कोई नहीं रहता था। वहां आते ही वो बाथरूम में गई और शावर ऑन करके उसके नीचे खड़ी जोर जोर से रो रही थी। “लोग इतने बुरे होते हैं। मैंने क्या बिगाड़ा है इन सब का? मैंने अपनी मेहनत के दम पर आगे आने का सोचा। अगर शॉर्टकट ही अपनाना होता तो कब की स्टार बन चुकी होती। छोटे बजट की फिल्म साइन की, कितना कुछ किया और उसने जलन के मारे मेरा सब कुछ बर्बाद कर दिया। मम्मी सही कहती थी। ये शो बिज़ की लाइफ ऐसे ही होती है।” रिशानी बुरी तरह रोए जा रही थी। इस वक्त उसके साथ ऐसा कोई नहीं था जो उसका दर्द हल्का कर सके। रिशानी को जब ठंड लगने लगी तो वो बाथरूम से बाहर आई और उसने कपड़े बदले। उसने अपने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर रखा था। साथ ही अपना मोबाइल बंद करके बेडरूम में लेटी थी। वो बिल्कुल गुमसुम थी और उसे बार-बार अपने परिवार का ख्याल आ रहा था। “ये सब देखने के बाद मम्मी को लोगों ने कितना कुछ सुनाया होगा। उन्होंने मेरा सपोर्ट किया था इसलिए आज उन्हें इस बात के लिए ताने दिए जा रहे होंगे। पापा के जाने के बाद मम्मी ने बहुत मुश्किल से हमें बड़ा किया था। मैं तो बस उनका बोझ कम करना चाहती थी। ईशु पढ़ लिखकर कुछ बन जाए, बस यही सोचकर यहां आई थी। कभी अपनी प्रॉब्लम किसी शेयर नहीं की। हर छोटा-बड़ा काम किया पर मुझे नहीं पता था मेरे साथ ये होगा। मेरी वजह से मेरे घर वालों की लाइफ भी बर्बाद हो गई। कैसे समझाऊं सबको कि मैंने कुछ नहीं किया है। मेरी कोई गलती नहीं है।” रिशानी रोए जा रही थी। उसने अपना गम हल्का करने के लिए अपनी डायरी निकाली। अक्सर दुखी होने पर रिशानी अपना गम डायरी के साथ हल्का किया करती थी। अवॉर्ड मिलने से अब तक उसके साथ जो भी हुआ था, वो उसने उस डायरी में लिख दिया। सब कुछ बाहर लिखने के बाद रिशानी को थोड़ा हल्का महसूस हो रहा था। कल की रात ने उसकी जिंदगी बदल दी थी। जिस अवॉर्ड को मिलने के बाद उसने नई ऊंचाइयों पर जाने का सोचा था आज उसी अवॉर्ड ने उसे अर्श से फर्श पर ला दिया था। रात के 9 बज रहे थे। रिशानी ने पूरे दिन से कुछ नहीं खाया था। भूख लगने पर वो किचन की तरफ गई और ब्रेड पर जैम लगा कर खाने लगी। “मैं आलिया खुराना को ऐसे ही नहीं जाने दूंगी। उसकी वजह से मैंने बहुत कुछ सहा है। पैसों के दम पर ना जाने उस ने कितनी लड़कियों के साथ क्या किया होगा। वो उसी की वैनिटी थी, जिसमे उसने उस आदमी को पहले से वहां छोड़ा हुआ था।आलिया को उसकी सजा मिल कर रहेगी। मैं उसके खिलाफ कंप्लेंट लिखा कर रहूंगी।” रिशानी बुरी थोड़ा टूटी हुई थी फिर भी वो हिम्मत नहीं हारना चाहती थी। रिशानी ने मन ही मन आलिया के खिलाफ एक्शन लेने के बारे में सोचा। वो आगे बढ़ने का सोच ही रही थी तभी उसके घर की डोर बेल बजी। कल रात के बाद से लोग उसके साथ अच्छा बर्ताव नहीं कर रहे थे। ऐसे में डोर बेल बजने रिशानी घबरा गई। वो दरवाजे की तरफ बढ़ी तभी कोई बाहर से जोर-जोर से दरवाजा पीटने लगा। “अरे बाहर निकालो इसे... ये पढ़े लिखे और सज्जन लोगों का अपार्टमेंट है। यहां इस जैसी लड़की क्या कर रही है, हमारे बच्चे से देखेंगे तो बिगड़ जाएंगे।” रिशानी को बाहर से एक औरत के चिल्लाने की आवाज आई। उसे सुनकर वो और भी डर गई। बाहर अलग-अलग लोग चिल्ला रहे थे। सब की एक ही मांग थी कि रिशानी को अपार्टमेंट से बाहर निकाल दिया जाए। उनके साथ अपार्टमेंट का मैनेजर भी था, जो उन्हें समझाने की कोशिश कर रहा था। रिशानी दरवाजे से थोड़ा दूर कान लगाकर सब सुन रही थी। “मेरा यकीन मानिए मैडम, मैं कल तक इनसे घर खाली करवा दूंगा। रात काफी हो गई है। अभी पॉसिबल नहीं होगा।” मैनेजर उन्हें समझाने की कोशिश कर रहा था। “तो क्या हो गया, जो रात हो गई? इन जैसे लोगों का काम रात को ही शुरु होता है। मैं तो कहता हूं अभी निकाल फेंको इसे। क्या पता अब भी वो घर में है या अपने धंधे पर गई होगी? दरवाजा नहीं खोल रही। हो सकता है इसके साथ अभी कोई और भी अंदर हो।” मैनेजर के कहने के बाद एक आदमी की आवाज आई। रिशानी को बाहर अलग अलग लोगो के कॉमेंट करने की आवाजे आ रही थी। रिशानी की कोई गलती नहीं थी फिर भी उसे खुद पर घिन्न महसूस हो रही थी। उसकी आंखों में आंसू थे। वो अंदर आई और अपना फोन ऑन करके अपने घरवालों से बात करने की सोची। जैसे ही रिशानी ने फोन ऑन किया, उसकी मां का मैसेज उसे दिखाई दिया। “ये क्या कर दिया तुमने... तुम्हारी वजह से हम किसी को मुंह दिखाने के लायक नहीं रहे। अपने बारे में ना सही अपनी छोटी बहन की शादी के बारे में तो सोच लेती। अब भगवान के लिए यहां वापस मत आना। आज से हम लोगों का तुमसे कोई रिश्ता नहीं है।” उस मैसेज को देखने के बाद रिशानी में पूरी तरह टूट गई थी उसकी रही सही हिम्मत भी अब जवाब दे रही थी। परिवार का सहारा भी उससे छीन चुका था, ऊपर से बाहर अभी भी लोगो के गंदे कमेंट सुनकर रिशानी ने कसकर अपने कान बंद कर लिए। °°°°°°°°°°°°°°°° ये वैसे तो कहानी है, लेकिन कही ना कही रियलिटी भी। रिशानी के साथ बहुत बुरा हुआ। पार्ट पढ़कर समीक्षा जरूर करिएगा और ईशानी रिशानी की जुड़वा बहन नही है, छोटी बहन है।

  • 6. His forced bride - Chapter 6

    Words: 1774

    Estimated Reading Time: 11 min

    रिशानी का वीडियो वायरल होने के बाद उसके अपार्टमेंट के लोग डिमांड कर रहे थे कि उसे वहां से बाहर निकाला जाए। रात को मैनेजर ने जैसे तैसे करके उन सब को भगा दिया था लेकिन अगली सुबह अपार्टमेंट के सारे लोग फिर से रिशानी के फ्लैट के आगे मौजूद थे। उनके साथ मैनेजर भी था। वहां के लोगों ने अपने साथ कुछ एनजीओ वालों और रिपोर्टर्स को भी बुला रखा था। एक रिपोर्टर वहां के सीन को कवर करते हुए बोला, “जैसा कि आप सब देख पा रहे हैं हम इस वक्त रिशानी शर्मा के फ्लैट के बाहर खड़े हैं। वही रिशानी शर्मा, जो दुनिया के सामने एक सीधी-सादी लड़की होने का दिखावा करती थी। उसकी सच्चाई कल सबके सामने आ चुकी है। आइए, यहां के लोगों से बात करते हैं और जानना चाहते हैं कि वो यहां क्यों इकट्ठा हुए हैं।” अपनी बात खत्म करके रिपोर्टर एक बूढ़ी औरत के पास गया और माइक उसकी तरफ करके बोला, “जी हां माजी, बताइए आप यहां क्या करने के लिए आई है।” “तुझे दिख नहीं रहा यहां इतनी भीड़ क्यों इक्कठा हुई है? अरे बाहर निकालो उस लड़की को। उसकी वजह से हमारे बच्चे बिगड़ गए तो कल को लोग हमें ही भला बुरा सुनाएंगे।” वो औरत गुस्से में रिपोर्टर पर चिल्लाई। वहां अलग-अलग न्यूज़ चैनल से रिपोर्टर मौजूद थे, जो न्यूज़ कवर कर रहे थे। वहां पर रहने वाले लोगों की यही मांग थी कि रिशानी को फ्लैट से बाहर निकाला जाए। भीड़ काफी होने की वजह से वहां धक्का-मुक्की की हालत हो गई थी तो वहां के मैनेजर ने पुलिस को बुलाया। “ये सुबह-सुबह क्या ड्रामा लगा रखा है? अब पुलिस लोगो की रक्षा करने के बजाय यहां पर दूसरों के झगड़े सुलझाने के लिए आएगी क्या।” एक पुलिस वाला आदमी चिल्लाता हुआ उस तरफ आ रहा था। “मामला बहुत खराब है सर। इन्होंने कल रात से यहां भीड़ इकट्ठा कर रखी है। बहुत मुश्किल से पहले इन्हें निकाला था। अब वापस यहां इकट्ठा हो गए।” मैनेजर ने उन्हें बताया। पुलिस को वहां देख कर एक औरत जल्दी से उसके पास गई और कहा, “देखिए इंस्पेक्टर साहब, कब से इन्हें बोल रहे हैं उस लड़की को यहां से बाहर निकालने के लिए पर ये हमारी सुन ही नहीं रहे। अच्छा हुआ आप आ गए।” “बेशर्मी की भी हद होती है। कल रात से हम लोग इतना शोर मचा रहे हैं पर वो लड़की एक बार भी निकल कर बाहर नहीं आई।” एक दूसरी औरत मुंह बनाते हुए बोली। इंस्पेक्टर के साथ एक लेडी कॉन्स्टेबल भी मौजूद थी। उसने उस औरत की बात को ध्यान से सुना। उसने इंस्पेक्टर के पास आकर दबी आवाज में कहा, “मामला काफी बिगड़ गया है सर। इनके हिसाब से रिशानी शर्मा एक बार भी बाहर नहीं आई। हमें उसे चेक कर लेना चाहिए। मुझे गड़बड़ लग रही है।” “ठीक है शिंदे, जल्दी से यहां भीड़ हटाओ। देखते हैं मैडम अंदर कर क्या रही है.. और कोई भी उसके सामने कुछ नहीं कहेगा। अभी बोल रहा हूं किसी ने बेवजह का हंगामा किया तो पकड़कर लॉकअप में डाल दूंगा।” इंस्पेक्टर ने कांस्टेबल को वहां से भीड़ हटाने को कहा और फिर वहां मौजूद लोगों को वॉर्निंग दी। वो अपने कॉन्स्टेबल के साथ रिशानी शर्मा के दरवाजे के पास आया और दो से तीन बार दरवाजा खटखटाया। “मैडम मैं इंस्पेक्टर मात्रे... आपको कुछ नहीं होगा.. बिल्कुल सुरक्षित रहेंगी आप, प्लीज दरवाजा खोलिए।” उसने बाहर से आवाज लगाई ताकि रिशानी लोगों की भीड़ को देखकर घबराए ना। काफी देर तक अंदर से कोई जवाब नही आया तो लेडी कॉन्स्टेबल ने आगे कहा, “प्लीज हमें आने दीजिए मैम। पुलिस के रहते कोई कुछ नही कर पायेगा।” उन लोगों को वहां लगभग आधे घंटे हो गए थे। बाहर इंस्पेक्टर और उनके साथ आई लेडी कॉन्स्टेबल ने हर तरीके से रिशानी को बाहर लाने की कोशिश की। फिर भी अंदर से कोई जवाब नहीं आया। “सर मुझे टेंशन हो रही है। आप कैसे भी करके दरवाजा खुलवाईए। ये केस काफी हाइप कर रहा है वैसे भी।” लेडी कॉन्स्टेबल बोली। इंस्पेक्टर ने उसकी बात पर हामी भरी और मैनेजर को अपने पास बुला कर पूछा, “फ्लैट की एक्स्ट्रा चाबी है तुम्हारे पास?” मैनेजर ने हां में सिर हिलाया और चाबी लाने चला गया। उसे वहां से जाता देख एक आदमी चिल्लाकर बोला, “जब इसके पास पहले से चाबी थी तो इसने दरवाजा क्यों नहीं खोला? हम बेवजह परेशान हो रहे थे और वो लड़की वहां चैन से...” वो आदमी चिल्ला कर बोल ही रहा था कि इंस्पेक्टर को गुस्सा आया। उसने उसकी बात बीच में काटते हुए कहा, “मैंने कहा कोई भी यहां बकवास नहीं करेगा। आप लोगों ने ही समाज और संस्कृति का ठेका ले रखा है क्या? जाकर अपना काम कीजिए वरना अच्छा नहीं होगा। रिशानी का तो पता नहीं लेकिन मैं आप सबको उसका मेंटल असॉल्ट के लिए अंदर कर दूंगा।” इंस्पेक्टर मात्रे के चिल्लाने का असर हुआ और भीड़ धीरे-धीरे पीछे हट गई। अब वहां बिल्कुल शांति छाई थी। कुछ ही मिनटों में मैनेजर चाबी के साथ पहुंचा। जैसे ही इंस्पेक्टर ने दरवाजा खोला उन सबकी आंखें फटी रह गई। अंदर लिविंग रूम के पंखे से रिशानी की लाश लटकी हुई थी। उसने सुसाइड कर ली थी। उसे वहां लटका हुआ देखकर लेडी इंस्पेक्टर की आंखें नम हो गई। वो गुस्से में उन लोगों की तरफ मुड़ी और चिल्ला कर बोली, “तो शांति मिल गई ना आप लोगों को? कोई आपके बच्चों को नहीं बिगाड़ेगा और ना ही आपकी संस्कृति पर कोई असर पड़ेगा। एक बार भी जानने की कोशिश नहीं की कि इन सब में इसकी गलती है भी या नहीं।” “शिंदे भीड़ को जल्दी से यहां से हटाओ और बैकअप टीम को आने के लिए कहो। एंबुलेंस को कॉल करो। जल्द से जल्द बॉडी को यहां से हटाना है। कोई भी क्राइम सीन के आसपास नहीं होना चाहिए। देशमुख, तुम इसके मोबाइल से घर वालों के नंबर निकालकर उन्हें इन्फॉर्म करो।” इंस्पेक्टर जल्दी जल्दी सबको इंस्ट्रक्शन दे रहा था। मीडिया वाले भी वहीं मौजूद थे इसलिए वो उस रिपोर्ट को कवर करने लगे। इंस्पेक्टर का ध्यान उसकी तरफ गया तो वो चिल्लाकर बोला, “सबसे पहले इन रिपोर्टर को यहां से हटाओ। मैं कह रहा हूं कोई भी क्राइम सीन के आसपास भी नहीं होना चाहिए।” भीड़ अब वहां से दूर हट गई थी। किसी के चेहरे पर अफसोस के भाव थे तो किसी को कोई फर्क नहीं पड़ रहा था। रिशानी के वीडियो के बाद अब उसकी सुसाइड उस वक्त की ट्रेडिंग न्यूज बन गई थी। रिशानी की लाश को उतारा गया और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने घर को सील कर दिया गया था। कुछ ही देर में रिशानी का परिवार भी वहां पहुंच चुका था। परिवार के नाम पर उसकी मां और बहन सिर्फ वहां पर आई थी। रिशानी की मां दीपिका जी ने उसे अकेले ही पाला था। उसके साथ उसकी 18 साल की बहन ईशानी थी। वो दिखने में लंबी, दुबली पतली सी लग रही थी, जिसने कैप्री और ढीला ढाला सा टी शर्ट पहना था। उसके चेहरे पर कोई भाव नहीं था और आंखों में सूनापन था। उसकी मां दीपिका भी खुद को मजबूत दिखाने की पूरी कोशिश कर रही थी। “देखिए, जो भी हुआ उसका हमें बहुत अफसोस है। आप यकीन मानिए हम इस केस की तह तक पहुंच कर रहेंगे।” लेडी कॉन्स्टेबल चित्रा ने उन्हें दिलासा देने की कोशिश की। वो इस वक्त रिशानी के घर पर ही थी। वहां फोरेंसिक टीम अपने काम पर लगी थी। दीपिका ने इधर उधर देखते हुए नम आंखों से कहा, “इस की कोई जरूरत नहीं है मैडम। हम नहीं चाहते हमारी और बदनामी हो। आपको अपनी तरफ से जो कार्यवाही करनी है, कर सकते हैं पर हमें परेशान मत करिएगा। रिशानी दुनिया से चली गई पर अभी कोई और भी है, जिसने अपनी जिंदगी ठीक से शुरू तक नहीं थी।” दीपिका ने रोते हुए ईशानी की तरफ देखा, जो रिशानी की मौत की खबर सुनने के बाद जड़ हो चुकी थी। चित्रा को उनके फैसले पर बहुत हैरानी हुई पर वो बीच में भी नहीं बोल सकती थी। अब ये केस पुलिस के हिसाब से हैंडल होने वाला था, जिसमें घरवाले सिर्फ गवाह के तौर पर उपस्थित होंगे। दीपिका जी चित्रा से बात कर रही थी तभी ईशानी खोई हुए हालत में अंदर जाने लगी। दीपिका ने उसे रोकने की कोशिश की तब चित्रा ने कहा, “जानती हूं क्राइम सीन है, पर जाने दीजिए। बच्ची हैं अपनी बहन की मौत की खबर सुनकर टूट गई होगी।” उनकी बात सुनकर दीपिका भी फफक फफक कर रो पड़ी। उनकी हालत उस वक्त काफी खराब थी। वो चाहकर भी अपना दुख नहीं बता सकती थी। ईशानी वहां रिशानी के सामान को गौर से देख रही थी। सबसे पहले उसकी नजर ईशानी के अवॉर्ड पर पड़ी तो उसने उसे लेकर जोर से पटक दिया। ये वही अवॉर्ड था, जिसकी वजह से ये सब शुरू हुआ था, ऐसा करने के बाद वो उसे रोते हुए चिल्लाई। वहां काम कर रही टीम ने जब ईशानी की इस हरकत को देखा, तो उनकी आंखें भी नम होने लगी। एक ही दिन में जिंदगी ने रिशानी को कुछ ऐसे रंग दिखाए थे कि अब मौत ही उसे सुकून दे पाई। उसके बाद ईशानी की नजर बुक सेल्फ पर गई। वो अच्छे से जानती थी कि रिशानी अपने दिल की बात किसी से नहीं कहती थी। रिशानी के डायरी लिखने की आदत से वो अच्छी तरह वाकिफ थी। ईशानी ने सबकी नजरों से छुपकर बुक सेल्फ डायरी को चुरा लिया और अपनी टी शर्ट के अंदर डाल लिया। ईशानी भले ही उस समय टूटी हुई थी पर एक बात उसे अच्छे से पता थी। उसकी बहन रिशानी इतनी आसानी से हार मानने वालों में से नहीं थी, फिर अपनी जिंदगी को खत्म करना तो एक बहुत बड़ा फैसला था। ______________ रिशानी की मौत को लगभग 3 साल बीत चुके थे और ईशानी के पास उसकी डायरी उसका इकलौता सहारा थी। आज भी वो उसको खुद से अलग नहीं करती थी। रुद्राक्ष खुराना के बेडरूम में लेटी ईशानी के दिल में इस वक्त एक ही बात चल रही थी। उसने धीरे से बड़बड़ा कर कहा, “मेरे मकसद के बीच में कोई भी आ जाए लेकिन मैं पीछे नहीं हटूंगी। बस एक बार मुझे पता चल जाए उस रात मेरी बहन के साथ उस वैनिटी में कौन था। वही शख्स है जो सच बता सकता है कि उस रात उन दोनों के बीच कुछ नहीं हुआ था।” ईशानी अब तक इस सच से अनजान थी कि उस रात वैनिटी में रिशानी के साथ कोई और नहीं, वही शख्स था, जिसने कुछ घंटों पहले उसके साथ जबरदस्ती शादी की थी। °°°°°°°°°°°°°°°° Hello readers, Hope you enjoying my story.. कहानी की अपडेट्स के लिए आप मुझे फॉलो कर ले ताकि आपको न्यू चैप्टर अपडेट का पता चल जाए। पार्ट पढ़कर समीक्षा कर दीजिएगा।

  • 7. His forced bride - Chapter 7

    Words: 1191

    Estimated Reading Time: 8 min

    रुद्राक्ष ने ईशानी के साथ जबरदस्ती शादी की थी और उनकी शादी की पहली रात ईशानी के लिए किसी झटके से कम नहीं थी। ईशानी समझ गई थी कि अचानक रुद्राक्ष ने उससे जबरदस्ती शादी क्यों की थी। रुद्राक्ष के कमरे से जाने के बाद वो अतीत की यादों में खो गई, जहां उसकी बहन रिशानी और रुद्राक्ष की बहन आलिया के पास्ट में हुए एक कनफ्लिक्ट के चलते रिशानी ने सुसाइड कर ली थी। रात को देर से सोने की वजह से सुबह ईशानी की नींद नहीं खुली। वो इस बात तक को भूल चुकी थी कि कल रात उसके साथ क्या हुआ था। वही रुद्राक्ष सुबह अपने कमरे में आया तो उसने ईशानी को आराम से सोते हुए देखा। ईशानी दिखने में जितनी खूबसूरत थी, उतनी ही मासूम भी लगती थी। एक पल के लिए रुद्राक्ष उसके चेहरे में खो गया। अचानक रुद्राक्ष को कुछ याद आया और उसने धीरे से बड़बड़ा कर कहा, “तुम किसी भी चीज के लायक नही हो ईशानी शर्मा।” अगले ही पल रुद्राक्ष के चेहरे के भाव बदल गए। इसी के साथ उसकी हेजल ग्रीन आईज में वही नफरत वापस उभर आई थी। लंदन में बाहर के मौसम में और घर के अंदर के मौसम में जमीन आसमान का फर्क था। रूम में हीटिंग सिस्टम एडवांस होने की वजह से ईशानी ने कुछ नहीं ओढ़ रखा था। गुस्से में रुद्राक्ष ने रूम का हीटिंग सिस्टम बंद कर दिया था तो ठंड के मारे ईशानी खुद में ही सिमटने लगी। ईशानी को जगाने के लिए रुद्राक्ष रूम में लगे रेफ्रिजरेटर के पास गया और वहां से पानी की बोतल निकाली। उसने ठंडा पानी ईशानी के मुंह पर मारा तो ईशानी एक झटके में खड़ी हो गई। इस वक्त ईशानी ने रुद्राक्ष की व्हाइट शर्ट पहनी थी, जिस पर पानी गिरने की वजह से वो ट्रांसपेरेंट हो गई थी। ईशानी ने जल्दी से अपने सीने पर हाथ लगा लिया और फिर नजर नीचे करके कहा, “मिस्टर खुराना, आप इस तरह मेरे साथ बदसलूकी नहीं कर सकते। इट्स इलीगल।” “ये मेरी दुनिया है और यहां मेरे कायदे कानून चलते हैं। लॉ स्टूडेंट हो, इसका मतलब ये नहीं कि दिन-रात मुझे कानून का ज्ञान दोगी। मेरे कमरे से बाहर निकलो। अब से तुम सर्वेंट क्वार्टर में रहोगी।” रुद्राक्ष ने सर्द आवाज में कहा और ईशानी की बाजू पकड़ कर उसे बिस्तर से नीचे खींच लिया। ईशानी ने रुद्राक्ष के चेहरे की तरफ देखा, जिस पर इस वक्त सिर्फ और सिर्फ नफरत नजर आ रही थी। उसने धीरे से कहा, “मुझे लगा आप उम्र में बड़े हैं तो आपको सही गलत का एहसास होगा। पर अब पता चल रहा है कि आलिया खुराना किसके दम पर ये सब करती रहती थी।” जैसे ही ईशानी के मुंह से आलिया का नाम निकला, रुद्राक्ष ने उसी पल उसका गला पकड़ कर उसे दीवार के लगा दिया। उसके इस सडन मूव से ईशानी काफी घबरा गई थी। उसका चेहरा लाल हो रहा था क्योंकि रुद्राक्ष उसका गला दबा रहा था। रुद्राक्ष ने ईशानी की आंखों में देखकर कोल्ड वॉइस में कहा, “मैंने तुमसे कहा था कि आगे से अपने गंदे मुंह से मेरी बहन का नाम मत लेना। आज से मेरे सारे पर्सनल तुम करोगी।” “लेकिन मुझे कोर्ट पहुंचना है। हियरिंग...” ईशानी अटकते हुए अपने शब्दों को पूरा करने की कोशिश कर रही थी कि रुद्राक्ष ने उसका गला और भी जोर से दबाना शुरू कर दिया था। ईशानी को इससे तकलीफ हो रही थी तो वो खांसने लगी। रुद्राक्ष को जब लगा कि अब ईशानी की जान निकलने वाली है, तब उसने ईशानी को एक झटके में छोड़ दिया। “तुम इंडिया से बहुत दूर आ चुकी हो और भूल जाओ कि अब तुम्हें मेरी कैद से कभी आजादी मिलेगी। तुम्हारी किस्मत की लकीरों पर रुद्राक्ष खुराना का नाम लिखा जा चुका है, जिसे तुम चाह कर भी नहीं मिटा सकती।” रुद्राक्ष ने गर्दन टेढ़ी करके कहा। रुद्राक्ष की बातें एक के बाद एक ईशानी को झटका दे रही थी। पहले उसका अचानक ईशानी को किडनैप करके शादी करना तो फिर अब उसे इंडिया से दूर लेकर आना। वो यहां पहुंची तब वो बेहोश थी। ईशानी खुद को मजबूत करने की पूरी कोशिश कर रही थी लेकिन रुद्राक्ष के ये बताने के बाद कि वो इंडिया से दूर आ चुकी है, ईशानी की आंखों में आंसू थे। ईशानी ने रोते हुए रुद्राक्ष के सामने हाथ जोड़कर कहा, “प्लीज ऐसा मत करो। तुम मेरे साथ जो करना चाहो कर सकते हो लेकिन मैंने बहुत मुश्किल से इस केस को रिओपन करवाया था। मेरी बहन के साथ जो भी हुआ, तुम्हें तो पता भी नहीं है। तुम अपनी बहन के प्यार में अंधे हो गए हो.. तुम्हे उसकी गलतियां दिखाई नहीं देती। अगर मैंने कल कोर्ट में सबूत पेश नहीं किया तो ये केस हमेशा के लिए बंद हो जाएगा।” ईशानी रोते हुए रुद्राक्ष के सामने गिड़गिड़ा रही थी। उसने देखा अचानक रुद्राक्ष के चेहरे पर इविल स्माइल आ गई थी। ईशानी कन्फ्यूजन से रुद्राक्ष की तरफ देख रही थी तभी रुद्राक्ष ने एक ड्रॉर से एक बैग निकाला था। वो बैग ईशानी का था, जिसमें हर वक्त वो रिशानी की डायरी रखती थी। रुद्राक्ष ने वो डायरी निकालकर ईशानी की तरफ करके कहा, “कही तुम इस सबूत की बात तो नही कर रही हो वाइफी?” रुद्राक्ष के हाथ में डायरी देखकर ईशानी की आंखें हैरानी से बड़ी हो गई। वो जल्दी से उसकी तरह बढ़कर डायरी लेने लगी तभी रुद्राक्ष ने अपनी पॉकेट से लाइटर निकाला और ईशानी की आंखों के सामने उसे डायरी को जलाने लगा। ईशानी रोते हुए जोर से चिल्ला कर बोली, “नहीं... नहीं प्लीज, ये मत करो। मैं तुम्हारे आगे और जोड़ती हूं। मेरी बहन... मेरी बहन को इंसाफ दिलाने दो। प्लीज रुद्राक्ष... मत करो।” रुद्राक्ष ने अपने दोनों हाथों से ईशानी के हाथों को पकड़ कर उसे कंट्रोल कर रखा था जबकि दूसरे हाथ में वो डायरी थी, जिसके पन्ने ईशानी की आंखों के सामने खाक हो रहे थे। जब डायरी लगभग आधी जल चुकी थी तब रुद्राक्ष ने उसे नीचे गिरा दिया। ईशानी रोते हुए देख रही थी। वो डायरी एकमात्र सबूत था, जो रिशानी की मौत को इंसाफ दिला सकता था लेकिन आलिया के भाई रुद्राक्ष खुराना ने उसे ईशानी की आंखों के सामने जला दिया था। थोड़ी देर पहले जो नफरत रुद्राक्ष की आंखों में ईशानी के लिए थी, अब उससे कहीं ज्यादा नफरत ईशानी की आंखों में रुद्राक्ष के लिए थी। ईशानी सर्द निगाहों से रुद्राक्ष की तरफ देख रही थी कि रुद्राक्ष ने उसके गाल पर बह रहे आंसू को अपनी उंगली में उठाया और फिर उस की तरफ देखते हुए सनक भरे लहजे में कहा, “ये आंखों का पानी मुझे इस वक्त बहुत सुकून दे रहा है वाइफी और ट्रस्ट मी मैं कभी अपने सुकून के साथ कंप्रोमाइज नहीं करता।” रुद्राक्ष के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कुराहट थी, जिसे देखकर ईशानी को डर भी लग रहा था तो साथ में उसके किए पर गुस्सा भी आ रहा था। रुद्राक्ष ने आगे कुछ नहीं कहा और सीटी बजाते हुए बाथरूम में चला गया। ईशानी नीचे बैठकर डायरी की राख को हाथ में लिए बैठी थी और इस वक्त उसके पास कुछ नहीं बचा था सिवाय उसे राख के। °°°°°°°°°°°°°°°° पार्ट पढ़कर समीक्षा करना अनिवार्य है.. जोक्स अपार्ट, फिर भी कॉमेंट कर देना।

  • 8. His forced bride - Chapter 8

    Words: 1467

    Estimated Reading Time: 9 min

    शादी की अगली सुबह रुद्राक्ष अपने कमरे में आया। उसने पहले ईशानी को बहुत ही बुरे तरीके से जगाया और उसके बाद में उसने ईशानी की डायरी जला दी थी। वो डायरी रिशानी की थी और एकमात्र सबूत थी, जिसके चलते वो आलिया को गुनेहगार साबित कर सकती थी। डायरी जलाने के बाद रुद्राक्ष बाथरूम में चला गया तो वही ईशानी रूम के अंदर जली हुई डायरी की राख हाथ में लेकर जोर-जोर से रोए जा रही थी। रुद्राक्ष नहाने के बाद बाथरूम से बाहर आया। इस वक्त उसने अपनी कमर पर सिर्फ एक टॉवल लपेट रखा था। रुद्राक्ष के गीले बाल उसके माथे पर बिखरे थे। इस वक्त कोई और लड़की उसे इस हाल में देखती तो उसकी हॉटनेस देखकर जरूर इंप्रेस हो जाती लेकिन ईशानी को बहुत गुस्सा आ रहा था। वो रुद्राक्ष के पास गई और उसके गाल पर एक कस के थप्पड़ लगाया। ईशानी के हाथ राख से थोड़े काले हो गए थे और वही कालिख अब रुद्राक्ष के गालों पर लगी थी। रुद्राक्ष ने ईशानी को सर्द निगाहों से देखा और उसकी दोनों बाजू से पकड़ते हुए जोर से चिल्लाकर कहा, “इस गुस्ताखी की तुम्हें क्या सजा मिल सकती है वाइफी, तुम्हें अंदाजा भी नहीं। जिंदगी भर पछताओगी कि तुमने रुद्राक्ष खुराना को थप्पड़ क्यों मारा?” रुद्राक्ष जलती निगाहों से ईशानी की तरफ देख रहा था। एक पल के लिए उसकी आंखों में देखते हुए ईशानी के माथे पर डर से पसीने की बूंदे आ गई थी। उसने अपनी नज़रें नीचे करके कहा, “अब तो सुकून मिल गया ना तुम्हें? तुम्हारी बहन जेल से छूट जाएगी, इनोसेंट भी प्रूफ हो जाएगी, तुम जो चाहते थे वो तुम्हें मिल गया। अब तो मुझे जाने दो?” “इतनी आसानी से आरके की कैद से छुटकारा नहीं मिलता ईशानी रुद्राक्ष खुराना। तुम्हारी वजह से मेरी बहन की रेपुटेशन पर जो दाग लगा है, उसकी कीमत तो तुम्हें चुकानी ही होगी।” रुद्राक्ष ने इविल स्माइल करते हुए कहा। उसने ईशानी को छोड़ दिया था। रुद्राक्ष कमरे से बाहर जाने लगा। जाने से पहले उसने एक नजर ईशानी की तरफ देखकर कहा, “कल आलिया और मेरी बाकी फैमिली यहां पहुंच जाएगी। उम्मीद है कि तुम पूरी तैयारी करके रखोगी।” “कैसी तैयारी?” ईशानी ने रुद्राक्ष की तरफ देखकर हैरानी से पूछा। “अपनी बर्बादी की तैयारी।” रुद्राक्ष ने जवाब दिया और कमरे से बाहर चला गया। ईशानी अभी तक इस कमरे में थी। वो बाथरूम में गई और उसने अपने चेहरे की तरफ देखा। उसकी मांग में रुद्राक्ष के नाम का सिंदूर था और गले में उसका पहनाया मंगलसूत्र। उन्हें देखने के बाद ईशानी की आंखों में आंसू आ गए। पिछले 24 घंटे में उसकी जिंदगी इस हद तक बदल गई थी कि उसका वजूद तक बदल गया था। ______________ लगभग 24 घंटे पहले..! ईशानी एलएलबी थर्ड ईयर की स्टूडेंट थी और साथ में वो मुंबई के ही एक लॉयर के पास रहकर इंटर्नशिप कर रही थी। वो लॉयर एनजीओ के लिए भी काम करता था और साथ ही उन इलीगल एक्टिविटीज के खिलाफ भी आवाज उठाता था, जो चोरी छुपे देश में हो रही थी। ईशानी ने जब से रिशानी की डायरी पढ़ी थी तब से उसने यही सोचा था कि वो कैसे भी करके एक दिन उसे इंसाफ दिला कर रहेगी। ईशानी डॉक्टर बनना चाहती थी लेकिन रिशानी को इंसाफ दिलाने के लिए उसने लॉ को अपना करियर चुना। बातों ही बातों में ईशानी ने रिशानी के बारे में अपने बॉस विकास खन्ना को बताया तो उन्होंने तुरंत रिशानी का केस रीओपन करवा लिया था। पार्टी में आखिरी बार रिशानी को आलिया के साथ देखा गया था और जो हुआ था वो आलिया की वैनिटी में हुआ था, इसका प्रूफ मिलने के बाद आलिया को गिरफ्तार कर लिया गया था। केस की पहली हियरिंग से पहले ईशानी मिस्टर खन्ना के ऑफिस में थी। वो उनसे कॉल पर बात कर रही थी। मिस्टर खन्ना ने सामने से कहा, “डोंट वरी ईशानी, पहली हियरिंग में ही हम वो डायरी दिखा देंगे। हालांकि एक हियरिंग में कभी फैसला नहीं होता लेकिन ये सबूत काफी होगा उस लड़की को गुनहगार साबित करने में। ज्यादा कुछ ना सही, हमारा केस स्ट्रॉन्ग होगा और उस लड़की को बेल नही मिलेगी। जब से वो गिरफ्तार हुई है सोशल मीडिया पर उसकी काफी बदनामी हो रही है। ऊपर से कुछ और लड़कियां भी सामने आई है। इससे हमें काफी हेल्प मिलेगी।” “जी सर, मैंने भी सोचा है, कल हियरिंग के बाद उन सभी मॉडल्स से एक बार जाकर मिल लूं, जिसकी लाइफ आलिया खुराना ने खराब की है। उसे अरेस्ट हुए 24 घंटे भी नहीं हुए और उसके खिलाफ इतने लोग उठकर आएंगे ये वाकई मैने नहीं सोचा था।” ईशानी ने पॉजिटिवली जवाब दिया। वो काफी खुश थी कि अब वो इससे जंग में अकेली नहीं है। कल रिशानी के केस की पहली हियरिंग होने वाली थी। ईशानी इसके लिए पूरी तरह तैयार थी। फिलहाल उसे किसी दूसरी हियरिंग के चलते कोर्ट जाना था इसलिए उसने व्हाइट कलर की साड़ी पहनी थी और ऊपर ब्लैक कोट पहन रखा था। उसने अपना बैग टांगा और फिर डॉक्यूमेंट समेटने लगी कि तभी ऑफिस का दरवाजा अचानक से खुला। सामने रुद्राक्ष खुराना खड़ा था। ईशानी ने उसे पहली बार देखा था। वो उसके पास आई और हैरानी से सिर हिला कर पूछा, “एक्सक्यूज मी?” रुद्राक्ष ने एक नजर ईशानी की तरफ देखा और फिर उससे पूछा, “क्या तुम ईशानी शर्मा हो?” ईशानी ने जवाब में हां में सिर हिला कर कहा, “हां लेकिन आप...” ईशानी की बात पूरी भी नहीं हुई थी कि रुद्राक्ष ने उसे अपने कंधे पर उठा लिया और तेज कदमों से चलकर अपनी गाड़ी में लेकर पास आया। उसने ईशानी को गाड़ी में धकेला और खुद अंदर आने के बाद ड्राइवर को गाड़ी चलाने के लिए कहा। अचानक हुए इस हमले से ईशानी घबरा गई थी। उसने रुद्राक्ष की तरफ देखकर पूछा, “आप आप कौन है? मैं आपको नहीं जानती। देखिए हम आराम से बात करते हैं।” “अब आराम से बात करने का टाइम नहीं है। चुपचाप बैठी रहो वरना कहीं ऐसा ना हो की बहन के बाद मां की भी मौत की खबर सुननी पड़े।” रुद्राक्ष ने कोल्ड वॉइस में कहा, जिस पर ईशानी और घबरा गई थी। वो कुछ पूछ पाती उससे पहले रुद्राक्ष ने उसके मुंह पर टेप लगा दिया था। उसने टेप से ईशानी के हाथ भी बांध दिए थे। कुछ ही देर में रुद्राक्ष उसे एक सुनसान जगह में लेकर पहुंचा। ईशानी कुछ नहीं समझ पा रही थी। रुद्राक्ष ने उसकी बाजू पड़ी और उसे अंदर लेकर आया। वहां एक बड़ा सा हॉल था जिसके बीचो-बीच एक मंडप सजा हुआ था और पंडित जी अग्नि कुंड के सामने बैठे हुए थे। ईशानी को ये सब देखकर डर लग रहा था। ईशानी कुछ पूछ पाती उससे पहले रुद्राक्ष ने उसके मुंह से टेप हटाते हुए कहा, “उस कमरे में शादी का जोड़ा रखा हुआ है। जाकर पहन कर तैयार हो जाओ। तुम्हारे पास 20 मिनट का टाइम है।” “लेकिन तुम कौन हो, मैं तुम्हें जानती तक नहीं और तुम मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हो? मुझे नहीं करनी है तुम्हारे साथ शादी। फोर्स्ड मैरिज एक क्राइम है।” ईशानी रुद्राक्ष पर चिल्लाकर बोली। रुद्राक्ष ने ईशानी को कसकर पकड़ा और उसकी आंखों में देखकर सर्द आवाज में कहा, “मैं उसी आलिया खुराना का भाई हूं, जिसकी जिंदगी बर्बाद करने पर तुम तुली हुई हो। अपनी कैरेक्टरलेस बहन को सही साबित करने के लिए तुमने मेरी बहन को टारगेट किया। तुम्हारी वजह से आलिया का कैरियर बर्बाद हो गया, मैं तुम्हें छोडूंगा नहीं। चुपचाप तैयार होकर बाहर निकलो वरना ऐसा ना हो कि जो ट्रेलर उसने पब्लिसिटी के चलते कुछ सालों पहले वायरल किया था, उसकी पूरी मूवी तुम्हारी निकले।” रुद्राक्ष की बात सुनकर ईशानी रूह तक कांप गई थी। उसकी आंखों में आंसू आ गए थे। उसने ना में सिर हिला कर कहा, “प्लीज... प्लीज, ऐसा मत करो। तुम... तुम मेरी पूरी बात तो सुनो। कुछ सालों पहले जो भी हुआ था उसमें तुम्हारी बहन...” ईशानी की बात पूरी भी नहीं हुई थी कि रुद्राक्ष उसे खींचते हुए कमरे में लेकर गया। ईशानी समझ नहीं पा रही थी कि वो क्या करना चाह रहा है। अंदर आते ही रुद्राक्ष ने उसका कोर्ट फाड़ कर फेंक दिया था। वो उसकी साड़ी निकालने जा रहा था, तभी ईशानी जल्दी से बोली, “मैं... मैं खुद चेंज कर लूंगी प्लीज।” ईशानी इस वक्त डर से कांप रही थी क्योंकि रुद्राक्ष ने अपना पिस्तौल निकाल लिया था। रुद्राक्ष ने उसे वहीं पर छोड़ा और फिर बाहर आ गया। लगभग 15 मिनट बाद ईशानी शादी के जोड़े में बाहर निकली तो वही रुद्राक्ष ने भी उस मैच करती हुई शेरवानी पहनी थी। रुद्राक्ष ने उसका हाथ कसकर पकड़ा और मंडप में लेकर गया। कुछ ही देर में वो ईशानी शर्मा से ईशानी रुद्राक्ष खुराना बन चुकी थी। ये रिश्ता प्यार की नींव पर नहीं रखा गया था, था तो बस नफरत और बदले की नींद पर रखा हुआ रिश्ता, जिसकी शुरुआत ही जबरदस्ती से हुई थी। °°°°°°°°°

  • 9. His forced bride - Chapter 9

    Words: 1797

    Estimated Reading Time: 11 min

    ईशानी इस वक्त बाथरूम में थी और ये याद कर रही थी कि कैसे 24 घंटे पहले अपनी बहन आलिया को बचाने के लिए रुद्राक्ष ने ईशानी को किडनैप करके शादी कर ली थी। शादी के बाद ईशानी को रुद्राक्ष ने पानी पीने के लिए दिया था, जिसके बाद वो बेहोश हो चुकी थी और उसकी आंख खुली तो वो एक अनजान घर में थी। ईशानी को एक हाउस हेल्पर ने रुद्राक्ष के कमरे में पहुंचाया। वहां उसे रुद्राक्ष से पता चला कि वो उसे लेकर लंदन आ गया है। ईशानी बाथरूम से बाहर आई तो इस वक्त सुबह के दस बज रहे थे। ईशानी ने अपना सिर पकड़ कर कहा, “इंडिया में अब तक तो काफी टाइम हो चुका होगा और हियरिंग भी हो चुकी होगी। पता नहीं बिना सबूत के मिस्टर खन्ना ने केस को कैसे कैरी ऑन किया होगा।” सोचते हुए ईशानी की आंखें नम होने लगी और उसे वो लम्हा याद आ गया जब उसके सामने रुद्राक्ष ने डायरी को जलाया था। ईशानी ने इधर-उधर देखा तो उसे कुछ नजर नहीं आ रहा था। ना कोई मोबाइल और ना ही कुछ ऐसा, जिससे वो इंडिया की न्यूज़ के बारे में पता कर सके। ईशानी कमरे से बाहर आई। उसने इस वक्त रुद्राक्ष का ही शर्ट पहन रखा था जो कि उसके मिड थाई तक आ रहा था। बाहर आकर उसने देखा कि हाउस हेल्पर काम करने में लगे थे। घर काफी बड़ा था। लंदन होने के बावजूद भी वहां पर काम करने वाले सारे स्टाफ इंडियन ही थे और उन्होंने ईशानी को इस हाल में देखा तो सब उसे अजीब नजरों से देखने लगे। ईशानी पर इसका कोई असर नहीं हुआ। वो एक मेड के पास जाकर बोली, “क्या मुझे तुम्हारा मोबाइल मिल सकता है? मुझे कुछ देखना है।” मेड ईशानी को कुछ जवाब देती उससे पहले उसे रुद्राक्ष की सर्द आवाज से सुनाई दी, जो कि सामने अपने दोनों हाथ पॉकेट में डाले खड़ा हुआ था। रुद्राक्ष ने कोल्ड वॉइस में कहा, “अच्छा तो तुम्हें अभी भी उम्मीद है कि तुम्हारे उस सो कॉल्ड टू रूपी लॉयर ने कुछ किया होगा।” बोलते हुए वो ईशानी के पास आया और उसकी आर्म को पकड़ लिया। ईशानी खुद को रुद्राक्ष से अलग करने के लिए कसमसा रही थी। उसके ऐसा करने पर रुद्राक्ष ने उसे और भी कस कर पकड़ लिया और खींचते हुए वापस अपने कमरे में ले गया। “तुम हैवान हो रुद्राक्ष खुराना।” ईशानी रुद्राक्ष पर चिल्ला कर बोली। रुद्राक्ष ने तिरछी निगाहों से ईशानी की तरफ देखकर कहा, “बहुत जल्दी पहचान लिया तुमने मुझे। वैसे तुम जैसे लोग मुझे इसी नाम से जानते हैं। बाकी मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। रुद्राक्ष खुराना अपनी सच्चाई अच्छे से जानता है। तुम्हें केस के बारे में पता करना था ना, रुको मैं दिखाता हूं।” रुद्राक्ष ने अपना मोबाइल ऑन किया और उस वक्त की इंडिया की लेटेस्ट न्यूज़ को प्ले किया। ईशानी ने देखा कि आलिया को बाइज्ज़त बरी किया जा रहा था क्योंकि उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला था। मीडिया वाले आलिया का इंटरव्यू ले रहे थे। आलिया पूरे एटीट्यूट के साथ कह रही थी, “मैंने पहले ही कहा था मेरा इसमें कोई इंवॉल्वमेंट नहीं है। रिशानी शर्मा कैसी थी ये सब जानते हैं। मुझे तो अफसोस होता है कि उसका केस रिओपन किसने किया और मुझे जिसने भी इस मामले में घसीटा है मैं उसे छोडूंगी नहीं। जिस भी न्यूज़ चैनल ने मेरे खिलाफ निगेटिव पब्लिक सिटी की है। आई स्वेयर उन सबको मैं कोर्ट में घसीटने वाली हूं।” न्यूज़ देखने के बाद ईशानी समझ चुकी थी कि उसकी सारी मेहनत बेकार हो चुकी है। ईशानी की आंखों में आंसू थे। रुद्राक्ष ने मोबाइल की स्क्रीन को बंद किया और ईशानी का चेहरा अपने हाथ से दबाते हुए कहा, “मैंने कहा था ना तुमसे, मैं अपने सुकून के साथ कॉम्प्रोमाइज नहीं करूंगा और तुम्हारे आंसू मुझे सच में सुकून देते हैं। वादा करता हूं कि तुम दिन में ऐसे ही हर बात पर हर पल रोती रहोगी।” ईशानी ने जल्दी से अपने आंसू पोंछे और रुद्राक्ष का हाथ अपने चेहरे से अलग किया। ईशानी ने जल्द ही खुद को स्ट्रांग कर लिया था। वो रुद्राक्ष की तरफ देखकर बोली, “तुम जो चाहते थे वो हो गया है, तो प्लीज अब मुझे जाने दो।” “इतनी आसानी से कैसे जाने दूं ईशानी शर्मा जबकि मैं जानता हूं कि तुम यहां से जाने के बाद हाई कोर्ट में अपील करोगी। सीबीआई जांच की मांग करोगी और तुम जैसी लड़कियां अच्छे से जानती है कि पब्लिक सिंपैथी कैसे ली जाती है। अब मुझे तुम्हें लेकर कोई रिस्क नहीं लेना है तो तुम इसी घर में रहोगी।” रुद्राक्ष ने सिर हिला कर कहा। ईशानी जानती थी कि रुद्राक्ष की मर्जी के बिना वो इस घर से एक कदम भी बाहर नहीं रख सकती। ऊपर से वो एक अंजान देश में थी। भले ही ईशानी थोड़ी इमोशनल थी लेकिन वो लॉ की डिग्री ले रही थी और किसी वक्त क्या बोलना था, ये बेहतर तरीके से जानती थी। ईशानी ने अगले ही पल खुद को मजबूत करके कहा, “तुम्हारे लिए तुम्हारी फैमिली बहुत मैटर करती है ना, उसी तरह मेरे लिए मेरी फैमिली भी मैटर करती है। मेरी मां के अलावा मेरा कोई नहीं है और वो इस वक्त अकेली होगी। प्लीज मुझे जाने दो।” थोड़े ही टाइम में ईशानी को कुछ और समझ आया हो या ना आया हो, वो इतना जरूर समझ गई थी कि रुद्राक्ष खुराना की कमजोरी उसकी फैमिली है। ईशानी को लगा रुद्राक्ष मान जाएगा लेकिन उसकी इस हरकत पर रुद्राक्ष गुस्सा हो गया। वो उस पर चिल्ला कर बोला, “बहुत जल्दी तुमने अपने रंग दिखा दिए ईशानी शर्मा। मैंने तुम्हें कहा कि फैमिली मेरी कमजोरी है तो उसी का फायदा उठा रही हो, तो तुम्हें एक बात क्लियर कर देता हूं। मेरे लिए सिर्फ मेरी फैमिली मेरी कमजोरी है। बाकी किसी और की फैमिली का होना या ना होना मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता। तो तुम्हारी मां किस हालत में, कहां है आई डोंट गिव ए डैम। कुछ देर में मेरी फैमिली यहां पहुंचती होगी। कपड़े भिजवा रहा हूं चेंज कर लेना और ड्रामा करने में तुम अपनी बहन की तरह एक्सपर्ट हो तो गलती से भी मेरी फैमिली के सामने ये जाहिर मत होने देना कि मैंने तुमसे जबरदस्ती शादी की है। गलती से भी अपनी आइडेंटिटी रिवील मत करना वरना उम्र भर पछताओगी।” ईशानी हैरानी से रुद्राक्ष की तरफ देख रही थी। उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया था। उसके परिवार को इस बारे में पता तक नहीं था। ऊपर से वो अपने घर वालों के सामने उसे एक अच्छी बहु होने का दिखावा करने को कह रहा था। ईशानी हैरानी से वहां खड़ी थी। वो रुद्राक्ष की पर्सनेलिटी को समझ नहीं पा रही थी। घर वालों के सामने उसे अच्छा होने का दिखावा करने की क्या जरूरत थी? रुद्राक्ष ने जो किया, वो आलिया के लिए ही किया था। इस हिसाब से उसकी फैमिली को रुद्राक्ष का साथ देना चाहिए था लेकिन यहां तो कुछ और ही चल रहा था। ईशानी रुद्राक्ष के चेहरे की तरफ देखते हुए उसके बारे में सोच रही थी तभी रुद्राक्ष ने उसके सामने चुटकी बजाकर कहा, “इतना सोचने की जरूरत नहीं है। यहां रहते हुए सब समझ आ जाएगा। मेरी फैमिली ट्रेडिशनल है, ये तुम्हें बाहर जाकर पता चल गया होगा कि यहां काम करने वाला हर शख्स इंडियन है। उस हिसाब से ही बिहेव करना।” ईशानी को सब बताने के बाद रुद्राक्ष कमरे से बाहर चला गया। अब ईशानी को कुछ-कुछ समझ आ रहा था। उसने हैरानी से आंखें बड़ी करके कहा, “तो क्या इसलिए ये मेरे लिए शादी का जोड़ा लेकर आया था और खुद मैचिंग शेरवानी पहन कर बैठा था ताकि अपने घरवालों के सामने ये साबित कर सके कि शादी हम दोनों की मर्जी से हुई है। ओह गॉड, कहां फंस गई हूं मैं।” ईशानी वहां खड़े होकर सोच रही थी तभी एक मेड उसके पास आई और कहा, “सर ऊपर के फ्लोर पर तो आपको भी वही जाना होगा। फिफ्थ फ्लोर है उनका। वैसे तो वहां उनके अलावा किसी को जाने की परमिशन नही है लेकिन उन्होंने कहा है कि अब से वो आपके साथ वहीं पर रहेंगे। वहां आपके लिए कपड़े और बाकी सामान रखा है तो आप उस हिसाब से पहन लीजिएगा।” उस मेड ने ईशानी को अपने साथ चलने का इशारा किया। ईशानी लिफ्ट से फिफ्थ फ्लोर पर पहुंची। वो जगह किसी ऑफिस की तरह लग रही थी, जहां रिसेप्शन एरिया तक बनाया हुआ था। ईशानी आगे गई तो उसे हर एक कमरे के आगे नेम टैग दिखाई दिया, जहां मीटिंग रूम, रुद्राक्ष का केबिन, लाइब्रेरी और डाइनिंग एरिया था। इन सबको पार करने के बाद ईशानी एक पासेज से गुजरी। आगे जाकर उसे एक बड़ा सा कमरा दिखाई दिया, जो रुद्राक्ष का था। उसे वहां छोड़कर मेड चली गई थी। जैसा कि मेड ने कहा था, वहां बेड पर कपड़े रखे हुए थे। ईशानी ने आगे जाकर देखा तो वहां डार्क मैरून कलर की हैवी साड़ी रखी हुई थी, जिसे देखकर ईशानी ने अपना सिर पकड़ लिया और साथ में कुछ ज्वेलरी भी। अब उसे समझ आ गया था कि उसके इस तरह रुद्राक्ष की शर्ट में बाहर निकलने पर सब उसे अजीब नजरों से क्यों देख रहे थे। ईशानी वहां खड़ी उस साड़ी को देख रही थी तभी पीछे से रुद्राक्ष आया। वो तेज आवाज में बोला, “आज से तुम इस फ्लोर की सफाई से लेकर मेरा हर छोटा काम करोगी।” ईशानी गुस्से में रुद्राक्ष की तरफ पलट कर बोली, “अच्छा फिर तुम्हारी फैमिली ये नहीं कहेगी कि तुम अपनी वाइफ पर अत्याचार कर रहे हो। तुमने तो बताया था वो काफी ट्रेडिशनल टाइप के हैं। उन्हें इससे ऑब्जेक्शन नहीं होगा और मुझे एक बात समझ नहीं आई, तुम्हारी फैमिली को जब पता चलेगा कि मैं रिशानी शर्मा की बहन हूं, जिसके चक्कर में तुम्हारी बहन जेल गई थी तो वो तो मुझसे वैसे भी नफरत करने लगेंगे। फिर तुम्हारा काम और आसान हो जाएगा और तुम्हारे साथ-साथ तुम्हारी फैमिली भी मुझे टॉर्चर करेगी।” अब तक ईशानी काफी चुप और डरी हुए लग रही थी लेकिन अचानक ही वो काफी कुछ बोल गई। रुद्राक्ष उसे कुछ बताना नहीं चाहता था क्योंकि ऐसा करने पर उसका ही नुकसान था। उसने तुरंत ही अपने चेहरे के भावों को सर्द किया और ईशानी को साड़ी पहनने का इशारा किया। उसका बर्ताव देखकर ईशानी समझ गई थी कि रुद्राक्ष उसे कुछ नहीं बताने वाला। धीरे-धीरे उसे ही सब समझना होगा। ईशानी ने साड़ी उठाई और मुंह बनाते हुए बाथरूम में चली गई। “ये लड़की जितनी सीधी लगती है, उतनी है नहीं। मुझे इसे अपनी फैमिली से दूर ही रखना होगा और आलिया को भी समझाना होगा कि वो खुलेआम सबके सामने इसके साथ अच्छा बर्ताव करें।” रुद्राक्ष ने मन ही मन कहा तभी उसके मोबाइल पर एक नोटिफिकेशन आया। उसमे ये मैसेज था कि उसकी फैमिली लंदन पहुंच चुकी है। °°°°°°°°°°°°°°°° ये स्टोरी थोड़ी डिफरेंट है और कैसे डिफरेंट है ये आपको समझ आ जाएगा।

  • 10. His forced bride - Chapter 10

    Words: 1573

    Estimated Reading Time: 10 min

    रुद्राक्ष ने ईशानी को अपने घर वालों के सामने अच्छी बहु होने का दिखावा करने के लिए कहा था। उनके रिश्ते का सच सबके सामने ना आ जाए ये सोचकर रुद्राक्ष ने घर में बने उनके ऑफिस में ही ईशानी को शिफ्ट कर दिया था। रुद्राक्ष को पता चला कि उसके घर वाले आ रहे हैं तो उसने ईशानी को चेंज करने के लिए कहा ताकि वो उनके सामने एक आइडियल बहु साबित हो सके। बाकी शादी के बारे में उसे घर वालों को क्या कहना है, ये उसने पहले ही अच्छे से सोच रखा था। ईशानी को बाथरूम में गए हुए लगभग आधे घंटे हो चुके थे। रुद्राक्ष की फैमिली वहां पहुंच चुकी थी और वो उसके आने का इंतजार कर रही थी। ईशानी का इंतजार करते हुए रुद्राक्ष इरिटेट हो गया। वो उठकर बाथरूम के पास गया और जोर से दरवाजा खटखटाकर बोला, “लिसन वाईफी, 1 मिनट है तुम्हारे पास। बाहर निकलो वरना मैं अंदर आ जाऊंगा। शादी करते वक्त जो काम अधूरा रह गया था, लगता है वो अब पूरा करना होगा।” रुद्राक्ष की बातें सुनकर ईशानी के दिल की धड़कनें तेज हो गई। वो जल्दी से बाहर निकल कर आई। रुद्राक्ष ने उसकी तरफ देखा उसने डाक मैरून कलर की हैवी साड़ी पहन रखी थी, जिसके साथ लॉन्ग स्लीव्स का ब्लाउज था। ईशानी उस साड़ी में बहुत खूबसूरत लग रही थी। रुद्राक्ष ने उसे ज्वेलरी भी दी थी लेकिन ईशानी ने कुछ नहीं पहन रखा था। रुद्राक्ष ने सर्द निगाहों से ईशानी की तरफ देखकर कहा, “मैं तुम्हें बार-बार याद नहीं दिलाऊंगा कि अब तुम उस पोर्न स्टार की बहन नहीं हो, मेरी वाइफ हो तो अपना क्लास मेंटेन करके रखो।” रिशानी के लिए रुद्राक्ष के मुंह से पोर्न स्टार शब्द सुनकर ईशानी गुस्से में उसकी तरफ देख रही थी। वो बेड पर बैठते हुए बोली, “अभी-अभी तुमने मेरी बहन के लिए जो कहा है उसके लिए सॉरी बोलो। वरना मैं कहीं नहीं जाऊंगी। संस्कारी बहु तो दूर की बात है तुम्हारे घर वालों के सामने ऐसी बहू बनकर दिखाऊंगी कि उन्हें टीवी सीरियल की वैंप बहू भी अच्छी लगने लगेगी।” ईशानी सीधे-सीधे रुद्राक्ष को चैलेंज कर रही थी। उसने अभी रुद्राक्ष का अग्रेशन ठीक से देखा भी कहां था। रुद्राक्ष अपने कदम ईशानी की तरफ बढ़ने लगा हालांकि इससे ईशानी को काफी डर लग रहा था लेकिन उसने अपने चेहरे पर जाहिर नहीं होने दिया। “करके दिखाओ वाइफी, फिर पता चलेगा कि टीवी सीरियल की बहु ही वैंप नहीं होती, कई बार उसका हस्बैंड भी विलन निकलता है।” रुद्राक्ष ने कोल्ड वॉइस में कहा। वो ईशानी के पास आया और उसकी आर्म से पकड़कर उसे खड़ा किया। रुद्राक्ष ईशानी को घसीट कर आईने के सामने ले आया था और उसे कस कर पकड़ रखा था। रुद्राक्ष उसके पीछे खड़ा था। उसने जबर्दस्ती ईशानी के कान में इयररिंग पहनाया और फिर नेकलेस पहनने के बाद उसके गले में मंगलसूत्र डाल दिया। उसके बाद उसने वहां रखे सिंदूर की डिब्बी उठाई और ईशानी के मांग में सिंदूर लगा दिया था। ईशानी को तैयार करने के बाद रुद्राक्ष ने उसे अपनी तरफ घुमाया और उसकी आंखों में देखकर कहा, “अभी मैंने सब कुछ काफी प्यार से किया है लेकिन अगली बार अगर तुमने मेरी बात टालने की कोशिश की तो तुम्हें पता चल जाएगा कि असल में जबरदस्ती किसे कहते हैं।” बोलकर रुद्राक्ष ने ईशानी का हाथ कसकर पकड़ा और उसे खींचते हुए लिफ्ट की तरफ ले जा रहा था। “मेरा हाथ छोड़ो, मुझे दर्द हो रहा है।” ईशानी रुद्राक्ष पर चिल्लाकर बोली। “अभी मैंने तुम्हें ठीक से दर्द दिया ही कहा है वाइफी, जो तुम्हें दर्द हो रहा है। दर्द की रियल डेफिनेशन मैं तुम्हें बताऊंगा।” रुद्राक्ष ने धीमी लेकिन सख्त आवाज में कहा। लगभग 5 मिनट में वो दोनों नीचे पहुंच चुके थे। नीचे आकर ईशानी ने देखा कि पूरा हाउस हेल्पिंग स्टाफ लाइन में लगा हुआ था। उनके सामने एक लगभग 75 साल की औरत खड़ी थी, जिसने ब्रांडेड साड़ी पहनी हुई थी और साथ में पर्ल्स की ज्वेलरी। उनके चेहरे पर काफी रुबाब था। वो सख्त आवाज में बोली, “हमारे पीछे से यहां इतना कुछ हो गया और किसी ने बताना जरूरी भी नहीं समझा। वो इस घर का बड़ा बेटा है और ऐसे ही किसी राह चलती लड़की को इस घर की बहू बनाकर ले आया और तुमने हमें इन्फॉर्म भी नहीं किया।” वो रुद्राक्ष की दादी माया खुराना थी। माया खुराना का लहजा देखकर ईशानी समझ गई थी कि वो काफी सख्त मिजाज हैं। उनकी तरफ देखने के बाद ईशानी ने रुद्राक्ष की तरफ देखा तो उसके चेहरे के भाव काफी सॉफ्ट थे, जिसे देखकर ईशानी को बहुत हैरानी हुई। ईशानी ने रुद्राक्ष की तरफ देखते हुए मन ही मन बड़बड़ा कर कहा, “अभी 2 मिनट पहले तो गुस्से में था और नीचे आते ही नॉर्मल हो गया। इतनी जल्दी तो गिरगिट भी रंग नहीं बदलता।” ईशानी अपने उधेड़बुन में खोई हुई थी तभी रुद्राक्ष ने उसका हाथ पकड़ा और माया के पास लेकर गया। उसने माया के पैर छूए और इशारे से ईशानी को भी पैर छूने को कहा। ईशानी ने उनके पैर छुए तो वो कुछ कदम पीछे हो गई। रुद्राक्ष ने फिर ईशानी का इंट्रोडक्शन करवाते हुए कहा, “दादी ये ईशानी शर्मा है और कोई ऐसी वैसी लड़की नहीं है। ये एजुकेटेड है और लॉ की डिग्री ले रही है।” माया ने रुद्राक्ष की बात बीच में काटते हुए सख्त आवाज में कहा, “बस कीजिए रुद्र, हमें आपकी पत्नी की डिग्रीस और एजुकेशन के बारे में जानने में कोई इंटरेस्ट नहीं है। इतने दिनों तक तो आपको रिलेशनशिप और प्यार में यकीन नहीं था। अचानक आपको किसी से इतना प्यार हो गया कि आप उससे शादी करके घर तक ले आए और किसी को बताना भी जरूरी नहीं समझा। यहां घर पर इतनी क्रूशियल सिचुएशन चल रही थी। आपकी बहन जेल में थी और आपको शादी करनी थी। शायद आप भूल रहे है, तो हम याद दिला देते है, आपने किसी को कमिटमेंट दी है।” माया ने अपना गुस्सा एक साथ रुद्राक्ष पर उतार दिया था। उन्होंने एक बार ईशानी की तरफ देखा तक नहीं था। रुद्राक्ष ने फिर वहां खड़ी दूसरी औरत की तरफ देखा, जो उम्र में लगभग 45 साल के करीब थी। उन्होंने डिजाइनर इंडो वेस्टर्न ड्रेस पहनी हुई थी और अपनी उम्र से काफी कम लग रही थी। उनकी फेशियल फीचर काफी हद तक आलिया से मिलती थी तो ईशानी ने आईडिया लगाया कि वो उसकी मां होगी। रुद्राक्ष ने उनकी तरफ देखा तो उन्होंने आंखों ही आंखों में सब संभालने के लिए कहा और फिर माया की तरफ बढ़ते हुए बोली, “अब जाने भी दीजिए ना मॉम... आजकल का टाइम अलग है और आप जानते हैं कि बच्चे अपनी मर्जी से ही शादी करते हैं।” वो माया को समझाने की कोशिश कर रही थी तभी माया ने उन्हें भी डांटते हुए कहा, “हां तो हम कौन सा उनकी लव स्टोरी में विलेन बन रहे थे, जो इन्होंने हमें पहले नहीं बताया। अब आप तो इनका फेवर मत कीजिए दिव्या।” दिव्या का साथ देते हुए रुद्राक्ष के डैड मिस्टर विक्रांत खुराना बोले, “दिव्या बिल्कुल ठीक कह रही है मॉम। ठीक है एक पार्टी रखकर रिसेप्शन कर देंगे और शादी भी ऑफिशियल कर देंगे। उसने शादी कर ली है तो हम क्या कर सकते हैं। बाकी हम सबकी तो यही इच्छा थी कि ये पापा जी के दोस्त की पोती संजना से शादी करें।” माया के सामने विक्रांत और दिव्या रुद्राक्ष का ही फेवर कर रहे थे लेकिन उनके पास में एक और लड़का खड़ा था, जो आलिया का छोटा भाई था। उसका नाम नव्यम खुराना था, जो उम्र में लगभग 21 साल का था और आलिया से छोटा था। नव्यम ने आईज रोल करके कहा, “आप कितना भी ब्रो को सपोर्ट कर ले बट मैं दादी से एग्री करता हूं। इट्स टोटली अनबीलिबेबल देट आपने संजना जैसी लड़की को छोड़कर इस बहन जी से शादी की। थैंक गॉड आलिया अभी तक यहां नहीं आई। उसने इस लड़की को आपके साथ देखा तो वो तो गुस्से में और पागल हो जाएगी। वो आपसे पहले से ही नाराज है ब्रो, आप कोर्ट रूम क्यों नहीं पहुंचे?” “कोर्टरूम कैसे आएंगे? इनके लिए अपनी बहन से ज्यादा जरूरी ये लड़की जो थी।” माया ने जवाब में कहा। ईशानी उन सब की बातों से बहुत इरिटेट हो रही थी। उसका मन किया कि वो चिल्लाकर सबको बता दे कि उसका भी रुद्राक्ष खुराना से शादी करने का कोई इरादा नहीं था। रुद्राक्ष उनके सामने बिल्कुल चुप खड़ा था। ये देखकर ईशानी को और भी गुस्सा आ रहा था। ईशानी ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और खुद को सख्त करके तेज आवाज में कहा, “अगर आप सबका मुझे जज करना हो गया हो तो मैं अपने रूम में जाकर आराम करना चाहती हूं। आप आपस में बहस करके कोई कंक्लुजन निकाल लेना और जो भी डिसीजन लो, उसे मुझे बता देना कि मुझे यहां रहना है या नहीं।” अपनी बात कह कर ईशानी ने अपना हाथ रुद्राक्ष से अलग किया और लिफ्ट की तरफ जाने लगी। ईशानी नहीं जानती थी कि उसकी इस बदतमीजी की उसे क्या सजा मिलने वाली थी। रुद्राक्ष ने उसे बहुत समझाया था। उसके बाद भी उसने उसकी फैमिली के सामने बदतमीजी से बात की ये सोचकर कि रुद्राक्ष उनके सामने उसे कुछ नहीं कहेगा। “लो बस इसी की कमी रह गई। जिस तरह से वो बात करके गई है साफ पता चलता है उसका क्लास क्या है।” माया ने कड़वाहट से मुस्कुराते हुए कहा। रुद्राक्ष ने उनकी बात का कोई जवाब नहीं दिया और वो गुस्से में ईशानी के पीछे जा रहा था, उसकी बदतमीजी की सजा देने। °°°°°°°°°°°°°°°°

  • 11. His forced bride - Chapter 11

    Words: 1225

    Estimated Reading Time: 8 min

    ईशानी नीचे रुद्राक्ष की फैमिली से मिलने के लिए गई थी। उसकी दादी माया खुराना ईशानी के साथ कुछ ज्यादा ही सख्त हो रही थी। रुद्राक्ष के मॉम डैड को उसकी और रुद्राक्ष की शादी से कोई प्रॉब्लम नहीं थी लेकिन दादी के साथ-साथ उसका छोटा भाई नव्यम भी इस शादी से खुश नहीं था और उसने ईशानी को काफी कुछ सुना दिया था। गुस्से में ईशानी ने उनसे थोड़ा रुडली बात की और लिफ्ट से ऊपर अपने कमरे में चली गई। रुद्राक्ष ने उन सबके सामने तो कुछ नहीं कहा लेकिन वो ईशानी के पीछे वहां पर रूम में पहुंचा। इस वक्त रुद्राक्ष बहुत ज्यादा गुस्से में था, इतना कि ईशानी ने कभी अंदाजा भी नहीं लगाया होगा। रूम में वापस आने के बाद ईशानी इधर-उधर चहल कदमी कर रही थी। उसने धीरे से कहा, “चलो उस शैतान खुराना की कमजोरी तो पता चली। उसकी फैमिली के सामने उससे कैसे भी बात कर सकती हूं और उनका नाम लेकर भी उसे मैनिपुलेट भी किया जा सकता है। मुझे कैसे भी करके इस फैमिली के सहारे बाहर निकलना होगा। ये मेरा पॉजिटिव प्वाइंट है कि दादी और उसका भाई मुझे पसंद नहीं करता और वो चुड़ैलआलिया तो वैसे भी नफरत करती हो है।” ईशानी खुद से बातें कर ही रही थी कि तभी रुद्राक्ष वहां आया। ईशानी की नज़रें रुद्राक्ष से टकराई तो उसकी आंखों में गुस्सा साफ नजर आ रहा था। रुद्राक्ष गुस्से में ईशानी की तरफ बढ़ रहा था। ईशानी अपने कदम पीछे ले रही थी। उसने नीचे वो सब कह तो दिया था लेकिन अब रुद्राक्ष को देखकर ईशानी को डर लग रहा था। रुद्राक्ष ईशानी के पास आया और उसके दोनों कंधों को पकड़ कर दीवार के लगा दिया। वो जोर से चिल्ला कर बोला, “तो तुम्हें मेरी फैमिली के कन्वर्सेशन से इरिटेशन हो रही थी। रेस्ट करना है तुम्हें वाइफी? चलो मैं तुम्हें अच्छे से आराम करवाता हूं।” ईशानी ने डरते हुए ना में सिर हिला दिया और जल्दी से कहा, “वो... वो रुद्राक्ष... वो मैं उनसे बदतमीजी से बात नहीं करना चाहती थी पर अचानक गुस्सा... गुस्सा आ गया।” “और अब मुझे तुम पर गुस्सा आ रहा है। मेरे पास तुम पर गुस्सा उतारने के बहुत से तरीके हैं लेकिन तुमने कहा कि तुम्हें आराम करना है तो चलो तुम्हें आराम करवाया जाए।” रुद्राक्ष के जवाब दिया और फिर एक झटके में ईशानी को बेड पर धकेल दिया। रुद्राक्ष की इस हरकत पर ईशानी का चेहरा डर से सफेद होने लगा। रुद्राक्ष ने अपना जैकेट निकालकर फेंका और अब वो अपनी शर्ट के बटन खोलने लगा। ईशानी डर से सुबक रही थी। उसने अपने दोनों हाथ जोड़कर कहा, “नहीं... नहीं प्लीज ये मत करो। मैं... मैं अभी उन्हें जाकर सॉरी बोल दूंगी। उनकी सारी बातें मानूंगी, तुम्हारी भी मानूंगी पर प्लीज ये मत करो।” इस वक्त ईशानी का चेहरा देखने लायक था। उसके दिल का डर चेहरे पर साफ नजर आ रहा था और रुद्राक्ष यही चाहता था, उसे बेइंतहा डराना। रुद्राक्ष ईशानी के ऊपर आ गया। ईशानी की आंखों में आंसू आ गए थे। रुद्राक्ष ने उसके आंसू को अपनी उंगली पर लिया और उसे देखते हुए इविल स्माइल करके कहा, “कहा था ना अपने सुकून के साथ कंप्रोमाइज नहीं करूंगा। मुझे तुम्हारे चेहरे पर यही डर देखना है ताकि आगे से तुम मेरे सामने जुबान खोलने से पहले 100 बार सोचो वाईफी।” ईशानी ने अपनी नज़रें झुका ली थी। रुद्राक्ष उसके ऊपर से खड़ा हुआ और अपना शर्ट पहनते हुए बोला, “तुम्हारी हर एक गलती के बाद मैं एक स्टेप आगे बढूंगा। देखना बनता है कि तुम कब तक खुद को मुझसे बचा पाओगी।” ईशानी जल्दी से बेड पर बैठ गई थी। वो अपना सिर घुटनों में रखकर जोर-जोर से रोए जा रही थी। उसका रोना सुनकर भी रुद्राक्ष पर कोई फर्क नहीं पड़ा। उल्टा उसके चेहरे पर अजीब मुस्कुराहट थी। “तुम बहुत बुरे हो रुद्राक्ष खुराना... जिस दिन तुम्हें तुम्हारी बहन की सच्चाई पता उस दिन तुम खुद आकर मुझसे माफी मांगोगे लेकिन मैं तुम्हें माफ नहीं करूंगी।” ईशानी ने रुद्राक्ष की तरफ देखकर रोते हुए कहा। “माफी माय फुट।” रुद्राक्ष ने सिर हिला कर कहा और वहां से बाहर चला गया। दूसरी तरफ आलिया की फ्लाइट थोड़ी लेट की थी और अब वो भी लंदन पहुंच चुकी थीं। मुंबई में जो भी हुआ था उसके बाद आलिया थोड़ा ब्रेक लेना चाहती थी इसलिए अपनी फैमिली के पास लंदन में आ गई। वहां जाकर उसे रुद्राक्ष और ईशानी की शादी के बारे में पता चला तो वो बहुत ज्यादा गुस्से में थी। हालांकि आलिया इस बात से अभी तक अनजान थी कि रुद्राक्ष ने जिससे शादी की है वो कोई और नहीं उसकी सबसे बड़ी दुश्मन रिशानी शर्मा की छोटी बहन थी। रुद्राक्ष को आलिया के आने की बात पता चली तो वो उसके कमरे में गया। आलिया रेस्ट कर रही थी जैसे ही उसने रुद्राक्ष को देखा उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ फेर कर गुस्से में कहा, “यहां किसी के लिए अपनी इकलौती बहन की बेगुनाही साबित करने से ज्यादा जरूरी शादी करना था। आप किसी लड़की के साथ रिलेशनशिप में थे और आपने मुझसे छुपाया।” “मुझे लगा तुम तो मुझे समझोगी प्रिंसेस।” रुद्राक्ष वहां बैठते हुए बोला। उसने आलिया का चेहरा अपनी तरफ किया और उसकी आंखों में देखकर कहा, “तुम्हारी खुशी के लिए मैंने अपनी जिंदगी दांव पर लगा दी है। तुम्हारी बेगुनाही के लिए ही मुझे अपने हाथ गंदे करने पड़े हैं वरना आज तुम जेल में होती। पता नहीं उस बेवकूफ लड़की ने अपनी डायरी में क्या लिखा था, जिसके दम पर उसकी छोटी बहन इतना उछल रही थी।” रुद्राक्ष की बातें सुनकर आलिया ने आंखें छोटी की और कहा, “छोटी बहन से याद आया उसकी छोटी बहन कोर्ट में नहीं थी। विकास खन्ना भी उसे ढूंढ रहा था लेकिन ना तो वो पहुंची और ना ही किसी तरह का सबूत। मैं तो पहले ही कह रही थी कि वो लड़की झूठ बोल रही है।” रुद्राक्ष ने ईशानी के बैग से डायरी निकाली जरूर थी लेकिन उसने उसे पढ़ा नहीं था। उसकी नजरों में अभी भी आलिया बेगुनाह ही थी। रुद्राक्ष चुपचाप बैठा था तो आलिया ने आगे कहा, “जो भी हुआ उसमें मेरी कोई गलती नहीं रही थी भाई लेकिन फिर भी मुझे डर लग रहा है। उसकी बहन कल कोर्ट में नहीं पहुंची थी इसका मतलब ये नहीं कि वो आगे भी नहीं पहुंचेगी।” रुद्राक्ष जानता था उसके और ईशानी की शादी की खबर सुनकर आलिया को गुस्सा आने वाला था। फिर भी उसे इस वक्त ये बताना जरूरी था। रुद्राक्ष ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और कहा, “अपने भाई पर यकीन रखो। वो आगे भी कभी कोर्ट नहीं पहुंचेगी। कोर्ट तो छोड़ो वो तुम्हारा नाम तक अपनी जुबान पर नहीं लेगी।” “वो कैसे?” आलिया ने हैरानी से पूछा। “क्योंकि मैंने जिस लड़की से शादी की है वो रिशानी शर्मा की छोटी बहन ईशानी है। मैं जानता हूं तुम उससे नफरत करती हो और तुमसे कहीं ज्यादा नफरत मैं उससे करता हूं पर उसे रोकने के लिए मुझे यही रास्ता नजर आया।” रुद्राक्ष ने इंटेंस वॉइस में कहा। आलिया ने जब रुद्राक्ष और ईशानी की शादी की बात सुनी तो उसे एक झटका सा लगा। हैरानी से उसकी आंखें बड़ी हो गई और वो जल्दी से अपनी जगह से खड़ी होकर दौड़कर रुद्राक्ष के फ्लोर पर जाने लगी, मानो उसे यकीन ना हुआ हो कि रुद्राक्ष सच बोल रहा था। °°°°°°°°°°°°°°°° अब तो बड़ा वाला कांड होने वाला है। ईशानी और आलिया की लड़ाई होगी, बीच में फंसेगा रुद्राक्ष..!

  • 12. His forced bride - Chapter 12

    Words: 1118

    Estimated Reading Time: 7 min

    रुद्राक्ष की बहन आलिया लंदन पहुंच चुकी थी। जब आलिया को ये पता चला कि रुद्राक्ष ने ईशानी से शादी कर ली है तो उसे झटका सा लगा। उसने ये तक ध्यान नहीं दिया कि रुद्राक्ष ने ईशानी से शादी क्यों की है। आलिया जल्दी से उठी और दौड़ते हुए लिफ्ट की तरफ बढ़ी। आलिया की इस हरकत पर रुद्राक्ष को हैरानी हुई। वो तेज कदमों से चलकर उसके पीछे जाने लगा लेकिन तब तक लिफ्ट चल पड़ी थी। रुद्राक्ष ने देखा वो उसी के फ्लोर पर गई है। रुद्राक्ष तेजी से सीढ़ियां चढ़ते हुए ऊपर जा रहा था। आलिया लिफ्ट से थर्ड फ्लोर पर पहुंची थी इसलिए उसे ज्यादा टाइम नहीं लगा। ऊपर आते ही वो सीधे रुद्राक्ष के कमरे की तरफ बढ़ी। वहां अंदर जाते ही उसने ईशानी को देखा, जो आईने के सामने खड़ी होकर अपना सिंदूर साफ करने की कोशिश कर रही थी। आलिया ईशानी से पहले भी मिल चुकी थी इसलिए उसने उसे देखते ही पहचान लिया वहीं आईने में ईशानी ने आलिया को देखा तो वो उसकी तरफ पलटी। आलिया ईशानी के पास गई और उसकी बाजू कस के पकड़ कर कहा, “तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे भाई से शादी करने की? औकात ही क्या है तुम्हारी? तुम दोनों बहने बिल्कुल एक जैसी हो और हम भाई बहन की जिंदगी बर्बाद करने के लिए इस दुनिया में आई हो। भाई नासमझ हो सकते हैं लेकिन मैं नहीं। चुपचाप निकलो यहां से।” बोलते हुए आलिया ईशानी को खींचकर बाहर ले जाने लगी तब तक रूद्राक्ष भी ऊपर पहुंच चुका था। रुद्राक्ष ने देखा आलिया ईशानी को खींचकर ले जा रही थी। वो कुछ कहता उससे पहले ईशानी ने अपना हाथ आलिया के हाथ से अलग किया और उसे धकेलते हुए कहा, “आगे से अपने गंदे हाथ से मुझे छूने की कोशिश मत करना। हम दोनों बहने तुमसे लाख गुना बेहतर है। एटलीस्ट हमारे हाथ किसी के खून से तो नहीं रंगे हुए।” “हाउ डेयर यू टू टॉक टू मी लाइक दिस।” आलिया ने गुस्से से सिर हिला कर कहा। रुद्राक्ष और आलिया ईशानी को रिशानी की छोटी बहन के तौर पर ही जानते थे। उसकी क्या शख्सियत थी इससे वो अब तक अनजान थे। ईशानी ने जलती निगाहों से आलिया की तरफ देखकर कहा, “मैं बिल्कुल सही तरीके से तुमसे बात कर रही हूं और आज से पहले तुम्हें इस तरह किसी ने सही तरीके से समझाया होता तो तुम्हारी इतनी हिम्मत नहीं होती।” बोलते हुए ईशानी ने रुद्राक्ष की तरफ देखकर कहा, “दुनिया के किसी भी कोने में ले जाकर छोड़ दो, एक जेल तो क्या सात जेल के भीतर भी डाल दोगे तो भी अपनी बहन को इंसाफ दिला कर रहूंगी। तुम्हारी असली जगह जेल में है आलिया खुराना और देखना एक दिन तुमसे मिलने वहां पर आऊंगी।” बोलते हुए ईशानी की आवाज में कॉन्फिडेंस था, जिसे देखकर एक पल के लिए रुद्राक्ष और आलिया दोनों हैरान हो गए थे। ईशानी उम्र में उन दोनों से छोटी थी, यहां तक कि उसकी स्टडी भी अभी पूरी नहीं हुई थी फिर भी उसका कॉन्फिडेंस काफी हाई था। रुद्राक्ष ने ईशानी की तरफ देखकर इविल स्माइल दी और क्लैप करते हुए कहा, “तुम्हारे इस झूठे कॉन्फिडेंस पर थोड़ी तालियां तो बनती है। तुम्हें कैद करने के लिए मुझे सात जेल बनाने की जरूरत नहीं होगी वाइफी, रुद्राक्ष खुराना का कमरा ही काफी है।” “मुझे तुमसे डर नहीं लगता है रुद्राक्ष खुराना।” ईशानी ने सिर हिला कर कहा। “अच्छा, तो तुम्हें मुझसे डर नहीं लगता? थोड़ी देर पहले उस कमरे में बेड पर मेरे नीचे तुम ही थी ना? कोई बात नहीं, अब तक नहीं लगता है तो अब लगेगा।” रुद्राक्ष ने भौंहें उठाकर कहा। फिर उसने आलिया की तरफ देखा और उससे बोला, “अपने रूम में जाओ। आगे से तुम मेरे फ्लोर पर नहीं आओगी और मुझसे कोई क्वेश्चन नहीं करोगी।” आलिया ने अपने गुस्से को शांत किया और रुद्राक्ष से सलीके से बात करते हुए बोली, “लेकिन भाई आप उस प्रॉस्टिट्यूट की बहन से शादी कैसे कर सकते हैं? इनका कोई क्लास नहीं है लेकिन हमारा तो है ना। मेरे लिए आपको अपनी लाइफ सैक्रिफाइस करने की जरूरत नहीं है। इस गार्बेज को जहां से लेकर आए हैं वही फेंक आइए।” आलिया जानबूझकर ईशानी और रिशानी के लिए ऐसे शब्दों का यूज कर रही थी, जिससे ईशानी को गुस्सा आए और वो रुद्राक्ष के सामने कोई ऐसी वैसी हरकत कर दे। वो जानती थी कि अगर ईशानी ने आलिया के साथ किसी भी तरह की बदतमीजी की तो फिर रुद्राक्ष उसे छोड़ेगा नहीं। आलिया को लगा उसकी बातें सुनकर ईशानी को गुस्सा आ जाएगा लेकिन उसके चेहरे पर सारकास्टिक स्माइल थी। उसने उन दोनों की तरफ तिरछी निगाहों से देखा और फिर कमरे के अंदर चली गई। ईशानी के जाते ही आलिया ने रुद्राक्ष से कहा, “देखा आपने इस लड़की का एटीट्यूड... इसकी बहन भी बिल्कुल ऐसी ही थी। उस रात उसे अवॉर्ड मिला तो वो सबके सामने मुझे नीचे दिखा रही थी। आई स्वेयर भाई, मैने कुछ नहीं किया था। मुझे नहीं पता था कि वो ड्रिंक नहीं करती है। बस मेरे क्लास से मैच करने के लिए उसने मेरे साथ ड्रिंक की और पता नहीं कैसे मेरी वैनिटी में किसके साथ पहुंच गई। मुझे तो ये तक नहीं पता उस रात उसके साथ कौन था। जरूर उसका कोई बॉयफ्रेंड होगा।” आलिया ये बात अच्छे से जानती थी उस रात में वैनिटी में रिशानी के साथ कोई और नहीं रुद्राक्ष ही था, फिर भी उसने जानबूझकर झूठ बोला। एक पल के लिए रुद्राक्ष चुप हो गया। वो सच्चाई अच्छे से जानता था। उसने आलिया की तरफ देखकर कहा, “हमें इस बात से फर्क नहीं पड़ता चाहिए उस रात वो किसके साथ थी, किसके साथ नहीं। डिपेंड ये करता है कि उसने जानबूझकर अपना वीडियो शूट करवाया और उसे वायरल करवा दिया। उसने सुसाइड की थी क्योंकि उसका प्लान उल्टा पड़ गया था। उसकी मौत में कोई जिम्मेदार नहीं था। इस लड़की से मैं निपट लूंगा। तुम नीचे जाओ।” रुद्राक्ष आलिया को काफी प्यार से समझा रहा था। आलिया ने उसकी बात पर हामी भरी और फिर वहां से चली गई। वहीं उसके जाते ही रुद्राक्ष अपने कमरे की तरफ बढ़ रहा था। उसके चेहरे के भाव सर्द थे। रुद्राक्ष ने ईशानी को पहले ही सावधान किया था कि अगर उसने रुद्राक्ष की फैमिली के साथ किसी भी तरह के बदतमीजी की तो इसकी सजा उसे भुगतनी होगी। रुद्राक्ष कमरे के अंदर आया तो ईशानी ने उसके चेहरे के भाव देखे। वो जानती थी रुद्राक्ष उस पर गुस्सा है। ईशानी अपनी सफाई पेश करते हुए बोली, “पहले उसने शुरू किया था।” “रिमूव योर क्लॉथ्स।” रुद्राक्ष ने तेज आवाज में कहा, जिस पर ईशानी हैरानी से आंखें बड़ी करके उसकी तरफ देख रही थी। उसे नहीं पता था कि रुद्राक्ष उसकी इतनी सी गलती की उसे इतनी बड़ी सजा देने वाला है। °°°°°°°°°°°°°°°°

  • 13. His forced bride - Chapter 13

    Words: 1228

    Estimated Reading Time: 8 min

    रुद्राक्ष और ईशानी इस वक्त आमने-सामने अपने कमरे में खड़े थे। थोड़ी देर पहले आलिया वहां आई थी, जिसके साथ ईशानी की बहस हो गई। गुस्से में ईशानी ने आलिया को काफी कुछ कह दिया, जिसकी वजह से रुद्राक्ष भी गुस्सा हो गया था और वो अपना गुस्सा ईशानी पर उतार रहा था। रुद्राक्ष ने सीधे-सीधे ईशानी को उसके कपड़े उतारने को कहा, जिस पर ईशानी ने सारकास्टिक वे में कहा, “तुम दोनों भाई-बहन यहीं कर सकते हो। किसी की इज्जत के साथ खेलना तुम लोगों को मामूली बात लगती है ना? सालों पहले तुम्हारी बहन ने मेरी बहन की इज्जत के साथ खेला। उसकी ड्रिंक में ना जाने क्या मिला दिया‌। उसने जानबूझकर मेरी बहन को अपनी वैनिटी में भेजा, जहां उसका प्लांट किया हुआ कोई आदमी था और फिर रिपोर्टर से शूट करवा कर उसे वायरल करवा दिया और अब तुम वहीं मेरे साथ कर रहे हो। मैं अपने कपड़े निकाल दूंगी रुद्राक्ष खुराना, फिर क्या मिल जाएगा तुम्हें मेरी आत्मा को तार-तार करके? चैन से रह पाओगे तुम?” बोलते हुए ईशानी की आवाज भारी होने लगी। उसके आंखें नम हो रही थी। रुद्राक्ष ने आगे कुछ नहीं कहा। ईशानी ने उसे काफी अच्छे से जवाब दिया था। रुद्राक्ष ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और फिर ईशानी की आंखों में देखते हुए कहा, “सालों पहले जो हुआ था, उसमें आलिया की कोई गलती नहीं थी। तुम्हारी बहन ड्रंक थी।” ईशानी पर रुद्राक्ष के गुस्से का भी कोई असर नहीं हो रहा था। वो चिल्ला कर बोली, “हां उसने शराब पी रखी थी क्योंकि तुम्हारी बहन ने उसे पिलाई थी। उस रात मेरी दी के साथ जो भी हुआ उसके पीछे सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी बहन जिम्मेदार है और इस बात को मैं भूल नहीं पाऊंगी। मैं उसे सजा दिला रहूंगी चाहे उसके लिए तुम मेरे साथ कुछ भी कर लो रुद्राक्ष खुराना।” बोलते हुए ईशानी ने अपनी साड़ी का पल्लू हटाया तो रुद्राक्ष ने अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लिया। रुद्राक्ष ने ईशानी से जबरदस्ती शादी की थी पर वो एक बात से इन्कार नहीं कर सकता था कि ईशानी उम्र में उससे लगभग 6 साल छोटी थी और वो उसके साथ किसी तरह की जबरदस्ती बिल्कुल नही करना चाहता था। “अपने कपड़े सही करो।” रूद्राक्ष तेज आवाज में बोला, जिस पर ईशानी ने जल्दी से अपनी साड़ी सही कर ली। उसकी नज़रें नीचे झुकी हुई थी। ईशानी के चेहरे पर सारकास्टिक स्माइल थी। वो रुद्राक्ष को देखते हुए बोली, “तुम दिल से बूरे नहीं हो रुद्राक्ष खुराना तो अपनी बहन की बातों में आकर अपने ईमान को दांव पर मत लगाओ। वैसे भी तुमने मुझसे जबरदस्ती शादी करके अपना जमीर तक बेच दिया है।” ईशानी की बातें रुद्राक्ष को उकसा रही थी। वो ईशानी की तरफ देखकर सर्द आवाज में बोला, “कुछ भी ऐसा मत कहो, जिसके बाद तुम्हें अपने एक-एक लफ्ज़ पर अफसोस हो वाईफी।” इतना कहने के बाद रुद्राक्ष वहां से चला गया। वो कहां जा रहा था ईशानी को नहीं पता था लेकिन उसके जाते ही ईशानी ने राहत की सांस ली। ईशानी बेड पर बैठी हुई थी और उसने खुद से कहा, “मैं बार-बार उसे रोक नहीं पाऊंगी लेकिन आलिया, वो जानबूझकर मुझे गुस्सा दिला रही थी जैसे वो यहीं चाहती हो कि रुद्राक्ष मेरे साथ कुछ गलत करें। यहां रहते हुए तो मैं कुछ नहीं कर पाऊंगी। मुझे कैसे भी करके रुद्राक्ष को इमोशनली ब्लैकमेल करना होगा और यहां से निकलना होगा।” ईशानी वहां से निकलने के रास्ते के बारे में सोच रही थी तो वही इस वक्त रुद्राक्ष अपनी गाड़ी में था और काफी फास्ट ड्राइव कर रहा था। ईशानी की बातें उसके कानों में गूंज रही थी। “व्हाट द हेल आई एम डूइंग? मैंने अपने से इतनी कम उम्र की लड़की से शादी की और अब उसके साथ जबरदस्ती करने जा रहा था। दिस इज नॉट मीर पर आलिया के चलते मैं मजबूर हो गया। मैं उसे छोड़ भी नहीं सकता। अगर मैंने उसे छोड़ दिया तो वो फिर से वही हरकतें करेगी और बात मेरी फैमिली पर आएगी, जो मैं कभी नहीं सह सकता।” रुद्राक्ष ने खुद से कहा। ईशानी की बातों ने उसे कंफ्यूजन में डाल दिया था। रुद्राक्ष गाड़ी ड्राइव करके एक अपार्टमेंट में पहुंचा। रुद्राक्ष ने दरवाजे पर सिक्योरिटी लॉक का पासवर्ड लगाया मानो वो पहले भी वहां आ चुका हो। दरवाजा खोलने के बाद रुद्राक्ष ने देखा कि घर बिखरा हुआ था। रुद्राक्ष में गहरी सांस लेकर छोड़ी और धीमे कदमों से रूम के अंदर गया तो वहां एक लगभग 25 साल की लड़की जमीन पर बैठी हुई थी। उसके बाल बिखरे हुए थे और पूरा कमरा बिखरा हुआ पड़ा था। रुद्राक्ष के कदमों की आहट सुनकर उसने नीचे देखते हुए कहा, “अब क्यों आए हो यहां पर? वापस उसी के पास चले जाओ, जिसके लिए मुझे धोखा दिया।” रुद्राक्ष उसके पास आया और घुटनों के बल उस लड़की के सामने बैठ गया। उसने जबर्दस्ती उसे अपने करीब खींचा और सहलाकर कहा, “मुझे अपना कमिटमेंट याद है संजना और मैं तुम से शादी करने वाला था।” “लेकिन की तो नहीं ना रुद्राक्ष?” संजना रुद्राक्ष से अलग होकर बोली। उसकी आंखें रोने की वजह से लाल हो गई थी। “तुम अच्छे से जानती हो मैंने ये सब आलिया के लिए किया था। अगर मैं उस लड़की से शादी नहीं करता तो वो आलिया को बेवजह फंसा देती।” रुद्राक्ष ने अपनी सफाई पेश करते हुए कहा। संजना पर रुद्राक्ष की बातों का कोई असर नहीं हुआ। उसकी आंखों से आंसू का कतरा बह गया और वो सुबकते हुए बोली, “नहीं, तुम झूठ बोल रहे हो। तुम चाहते तो और भी तरीके से उसे रोक सकते थे। तुमने अपना वादा तोड़ा है रुद्राक्ष खुराना। तुमने प्रॉमिस किया था कि तुम मुझसे शादी करोगे पर तुमने नहीं की। मैं तुमसे प्यार करती थी। आई नो तुम्हारे दिल में मेरे लिए कोई इमोशंस नहीं होंगे पर हमारी सगाई हुई थी और फिर तुम अचानक उस से शादी कैसे कर सकते हो।” संजना पागलों की तरह बिहेव कर रही थी तो रुद्राक्ष ने उसके दोनों हाथों को पकड़ा और संजना की आंखों में देखते हुए कहा, “मुझे बस थोड़ा टाइम दो। मैं सब ठीक कर दूंगा।” “तुम सब ठीक नहीं करोगे बल्कि अपने गुस्से में सब बिगाड़ दोगे। मैं तुम्हें अच्छे से जानती हूं रुद्राक्ष। तुम बदला लेने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हो, फिर कैसे यकीन कर लूं कि तुमने उस लड़की को छुआ तक नहीं।” संजना ने रुद्राक्ष की आंखों में देखते हुए कहा। रुद्राक्ष की नज़रें झुकी हुई थी जिससे वो समझ गई थी कि ईशानी और रुद्राक्ष के बीच में काफी कुछ हो चुका होगा। संजना को इस वक्त बहुत गुस्सा आ रहा था और उसने रुद्राक्ष के गाल पर कस के थप्पड़ लगाया। रुद्राक्ष का चेहरा दूसरी तरफ झुका हुआ था। संजना चिल्ला कर बोली, “मैं जान ले लूंगी उस लड़की की। जहां-जहां तुमने उसे छुआ है उसे वहां वहां...” संजना की बात पूरी भी नहीं हुई थी कि रुद्राक्ष ने उसकी बात बीच में काटते हुए कहा, “अभी हमारे बीच कुछ नहीं हुआ है और ना ही कभी होगा, मेरा यकीन करो। बस थोड़ा सा टाइम मांग रहा हूं, वो दे दो आई प्रॉमिस मैं सब ठीक कर दूंगा।” संजना ने रुद्राक्ष की बात पर हामी भरी और उसके गले लग गई। वो रुद्राक्ष को टाइम देने के लिए तैयार थी। साथ ही वो इस बात को लेकर डर भी रही थी कि कहीं रुद्राक्ष अपने गुस्से में सारी हदें पार न कर दे। °°°°°°°°°°°°°°°° पार्ट पढ़कर समीक्षा कर दीजिएगा।

  • 14. His forced bride - Chapter 14

    Words: 1339

    Estimated Reading Time: 9 min

    ईशानी से बहस हो जाने के बाद रुद्राक्ष अपनी गर्लफ्रेंड संजना के पास गया। संजना उसके डैड के फ्रेंड की पोती थी, जिसके साथ उसकी शादी होनी तय हुई थी। संजना को रुद्राक्ष और ईशानी की शादी के बारे में पता चल गया था इसलिए वो काफी अपसेट थीं। रुद्राक्ष ने उसे मना लिया था। रुद्राक्ष काफी वक्त तक संजना के साथ रहा ताकि उसका मूड सही हो सके। उसने उसे अपने हाथों से खाना बनाकर खिलाया। डिनर के बाद रुद्राक्ष और संजना एक दूसरे का हाथ पकड़ कर लॉन में वॉक कर रहे थे। संजना का मूड अब काफी हद तक सही हो चुका था इसलिए वो नॉर्मली बात कर रही थी। वही रुद्राक्ष संजना के साथ होकर भी उसके साथ नहीं था। उसका ध्यान ईशानी में अटका हुआ था। चलते हुए संजना ने कहा, “मैं इसी तरह की एक परफेक्ट डेट को मिस कर रही थी। थैंक यू सो मच मुझे ये एहसास दिलाने के लिए कि आज भी तुम मेरे हो।” संजना बोले जा रही थी जबकि रूद्राक्ष सिर्फ हां या ना में जवाब दे रहा था। उसके ठीक से जवाब न देने पर संजना अपनी जगह पर रुक गई। उसने रुद्राक्ष की तरफ देखकर मुंह बनाकर कहा, “इतनी देर तक तो बिल्कुल नॉर्मली बिहेव कर रहे थे। अब अचानक से क्या हो गया जो लॉस्ट हो गए? लिसन जब मेरे साथ रहो तो सिर्फ मेरे बारे में ही सोचा करो।” “तुम्हारे बारे में ही सोच रहा था इन फैक्ट आई वॉज प्लैनिंग कि आगे कैसे क्या करना है।” रुद्राक्ष ने बहाना बनाया। संजना उसके चेहरे के एक्सप्रेशंस नोटिस ना कर ले इसलिए रुद्राक्ष ने संजना को खींचकर अपने सीने से लगा लिया। संजना का चेहरा रुद्राक्ष के सीने से लगा हुआ था। इस वजह से संजना उसके चेहरे के एक्सप्रेशंस नहीं देख पा रही थी। रुद्राक्ष ने आंखें बंद की और अपने मन में कहा, “न जाने क्यों मेरे दिमाग में उस लड़की का ख्याल आ रहा है जबकि मुझे इस वक्त संजना के बारे में सोचना चाहिए। दादू ने वादा किया था कि मेरी और संजना की शादी होगी लेकिन चाहकर भी मैं इसके साथ अपनी फिलिंग्स कनेक्ट नहीं कर पा रहा हूं।” रुद्राक्ष चुप था इसलिए संजना को लगा कि वो उसे फील कर रहा है। संजना के चेहरे पर हल्की सी मुस्कुराहट थी और उसने रुद्राक्ष के सीने पर हाथ घूमाते हुए कहा, “पता है आज तक मुझे यही लगता था कि तुम मेरे साथ होकर भी साथ नहीं हो। आई मीन इस रिलेशनशिप में खुश होने का दिखावा कर रहे हो, पर आज कुछ अलग ही फील हो रहा है। ऐसे लग रहा है जैसे सच में तुम्हारे दिल में मेरे लिए इमोशंस है।” संजना की बात सुनकर रुद्राक्ष का ध्यान टूटा। वो संजना से अलग होकर बोला, “तुम जानती हो ना मेरे लिए मेरी फैमिली और उनके किये प्रोमिसेज बहुत मायने रखते हैं। मैंने तुम्हें पहले ही कहा था कि मैं तुम्हें हर एक खुशी दूंगा।” संजना ने उसकी बात पर हामी भरी। रुद्राक्ष संजना के साथ एक अलग ही इंसान लग रहा था। एक समझदार इंसान, दूसरो की इज्जत करने वाला और अपनी फैमिली से प्यार करने वाला शख्स था लेकिन ईशानी के सामने वो पूरी तरह अलग था। या यूं कह सकते हैं ईशानी के सामने ही उसका असली चेहरा निकल कर आता था। “मुझे जाना होगा।” रुद्राक्ष ने संजना के बाल सही करते हुए कहा। “लेकिन तुमने तो कहा था तुम मेरे साथ ही रहोगे। देखो रात हो गई है मैं रात में तुम्हें उस लड़की के पास बिल्कुल नहीं जाने दूंगी। रुद्राक्ष प्लीज ऐसा मत करो। मेरे साथ ही रहो।” संजना ने गिड़गिड़ाते हुए कहा। वो काफी इमोशनल लड़की थी। संजना ने रुद्राक्ष का हाथ पकड़ लिया और उसे अंदर ले जाने लगी। गुस्से से रुद्राक्ष ने अपनी आंखें बंद की और हाथों की मुट्ठी कस ली थी। रुद्राक्ष ने अपने मन में कहा, “इससे अच्छी तो वो ईशानी है कम से कम उसके साथ रहते हुए मुझे अच्छे होने का दिखावा तो नहीं करना पड़ता।” अंदर आते ही संजना ने रुद्राक्ष के चेहरे पर देखा तो उस पर हल्की मुस्कुराहट थी। संजना ने रुद्राक्ष को बेड पर लेटने का इशारा किया और फिर खुद उसके सीने पर सर रखकर सो गई। रुद्राक्ष को इससे काफी इरिटेशन हो रही थी पर वो चाह कर भी कुछ कह नहीं पा रहा था। वहीं दूसरी तरफ रुद्राक्ष के घर ना आने पर ईशानी काफी सुकून से रह रही थी। घर के बाकी लोगों ने उससे खाने के बारे में भी नहीं पूछा तो ईशानी को भूख लगने पर वो घूमते हुए किचन एरिया में पहुंची। जब से रुद्राक्ष ने उसे किडनैप किया था उसने कुछ नहीं खाया था। इस वजह से उसे चक्कर आ रहे थे। ईशानी को वहां काफी सारा पैकेज्ड फूड दिखा, जिसे निकाल कर वो खाने लगी। “क्या पता था कि दुश्मन के यहां खाना ढूंढने की नौबत आ जाएगी। कितना केयरलैस इंसान है। ऐसे तो वाईफी वाईफी करता रहता है और अब पूरे दिन से खाना तक का नहीं पूछा। उसकी तरह उसकी फैमिली भी सेल्फिश है। फॉर्मेलिटी के लिए ही सही पर एक बार खाना भिजवा सकते थे मेरे लिए।” ईशानी खाते हुए बोली। वही नीचे सब डायनिंग एरिया पर इकट्ठा थे। माया खुराना, रुद्राक्ष के मॉम-डैड आलिया और नव्यम। रुद्राक्ष और ईशानी को वहां न देखकर रुद्राक्ष के डैड विक्रांत खुराना बोले, “मैंने रूद्र को बाहर जाते देखा था। कम से कम हमें उसे लड़की को खाने के लिए बुला लेना चाहिए। अब किसी के साथ इतना गैरों जैसा बर्ताव भी क्या रखना कि उसे खाने तक का ना पूछो। यहां के सर्वेंट तक रात को भूखे पेट नहीं सोते हैं।” विक्रांत के ईशानी की परवाह करने पर आलिया ने उन्हें तिरछी निगाहों से देखते हुए कहा, “कोई जरूरत नहीं है उस लड़की को यहां बुलाने की। जब भी मैं उसका चेहरा देखती हूं मुझे वो सब याद आता है। उसकी वजह से आज मेरा करियर डाउनफॉल में आ गया है। मेरी इमेज पर दाग लग गया है और आप अपनी बेटी के बजाय उसके बारे में सोच रहे हैं।” आलिया ने अपने गुस्से में काफी कुछ बोल दिया था जबकि रुद्राक्ष की फैमिली अब तक ईशानी के सच से अनजान थी। माया ने आंखें छोटी करके आलिया की तरफ देखा और कहा, “क्या कहा तुमने अभी? उस लड़की की वजह से तुम जेल गई थी। सच-सच बताना आलिया वो लड़की कौन है, जिसे रुद्राक्ष ने हमारे सिर पर लाकर पटक दिया है।” माया के पूछने पर आलिया को एहसास हुआ कि उसने जल्दबाजी में वो सब बोल दिया था जबकि रुद्राक्ष ने उसे ऐसा करने से मना किया था। आलिया ने ना में सिर हिला कर जबरदस्ती मुस्कुरा कर कहा, “ऐसा ऐसा कुछ नहीं है दादी। मैं ये कहना चाह रही थी कि...” आलिया की बात अभी पूरी नहीं हुई थी कि विक्रांत उसकी बात बीच में काट कर बोले, “सच सुनना है आलिया, बहाने नहीं। तुम हमारी फैमिली को अच्छे से जानती हो। तुम गलत थी तो हम तुम्हारे खिलाफ तक खड़े होने को तैयार थे लेकिन रुद्राक्ष ने हमें समझाया कि तुम्हें फंसाया गया है। बातें मत घुमाओ और सीधे-सीधे बताओ कि वो लड़की कौन है, जिसे रुद्राक्ष शादी करके घर लेकर आया है।” आलिया के पास कोई रास्ता नहीं बचा था। उसने नज़रे नीचे करके कहा, “वो उस रिशानी शर्मा की छोटी बहन है जिसने मुझे फसाने की कोशिश की थी। ट्रस्ट भी डैड वो दोनों बहने मेरे पीछे क्यों पड़ी है, मुझे पता तक नहीं। भाई ने उससे इसलिए शादी की ताकि उसके इरादों के बारे में पता लगा सके। बाकी वो उससे कोई प्यार व्यार नहीं करते।” जैसे ही आलिया ने ईशानी की सच्चाई बताई, उन सबके चेहरों के भाव सख्त हो गए। माया खुराना खाने के बीच से उठ गई जबकि वो ऐसा किसी को भी नहीं करने देती थी और लिफ्ट की तरफ जा रही थी। रुद्राक्ष घर पर नहीं था। ऐसे में उसकी अब्सेंस में माया ईशानी के साथ कुछ भी कर सकती थी और उसे प्रोटेक्ट करने वाला भी कोई नहीं था। ईशानी की सच्चाई जानने के बाद तो अब खुराना फैमिली का हर एक शख्स उससे नफरत करने लगा था। °°°°°°°°°°°°°°°°

  • 15. His forced bride - Chapter 15

    Words: 1048

    Estimated Reading Time: 7 min

    रात को डिनर के वक्त पूरी खुराना फैमिली डायनिंग टेबल पर थी। वैसे तो पूरी खुराना फैमिली को ही ईशानी के साथ कोई हमदर्दी नहीं थी लेकिन रुद्राक्ष के डैड विक्रांत ने खाने के लिए ईशानी को वहां बुलाने के लिए कहा। विक्रांत को ईशानी के केयर करते देख मन ही मन आलिया को उससे जलन महसूस हुई। गुस्से और जलन में आलिया ने ईशानी का सच उन सबके सामने रख दिया था जबकि रुद्राक्ष ने उसे ऐसा करने से मना किया था। पूरी खुराना फैमिली के सामने ये सच आ चुका था कि ईशानी रिशानी शर्मा की बहन थी, जिसके चलते वो जेल गई थी। रुद्राक्ष ने अपनी पूरी फैमिली का माइंड सेट ऐसे कर दिया था कि उस मामले में पूरी गलती रिशानी की थी और आलिया पूरी तरह बेकसूर थी। जैसे ही खुराना फैमिली को ईशानी का सच पता चला वो काफी गुस्सा हो गए, खासकर माया खुराना। उनके लिए खुराना फैमिली और उससे जुड़े हर शख्स की इज्जत बहुत मायने रखती थी। वो खाना बीच में छोड़कर रुद्राक्ष के फ्लोर की तरफ बढ़ रही थी। सब उन्हें रोकने के लिए उनके पीछे आए तो माया ने उन्हें हाथ का इशारा करके वहीं रुकने को कहा और सख्त आवाज में कहा, “कोई हमारे पीछे नहीं आएगा। हमें उस लड़की से बात करनी है। बात क्या करनी है, वो आखिर यहां कर क्या रही है? रुद्राक्ष को बुलाओ। हमें उससे जवाब चाहिए। आखिर उसने उस घटिया लडकी से शादी की ही क्यों?” माया के रवैए से साफ था कि वो काफी गुस्सा है। उन सबको वहीं पर छोड़कर माया लिफ्ट से रुद्राक्ष के फ्लोर पर पहुंची। उनके जाते ही दिव्या ने जल्दी से विक्रांत से कहा, “आप प्लीज मॉम के पीछे जाइए। आप उनके गुस्से को जानते है ना।” “हां अच्छे से जानता हूं और सही बताऊं तो अब मुझे कोई फर्क नहीं पड़ रहा कि मॉम उस लड़की के साथ क्या करेगी। वो अच्छे से जानती है किसे क्या सजा दी जाए।” विक्रांत ने काफी रुखे तरीके से जवाब दिया। उनके किसी भी तरह की मदद करने से मना करने के बाद दिव्या ने उम्मीद भरी नजरों से आलिया की तरफ देखा। आलिया के चेहरे पर किसी तरह के अफसोस के भाव नहीं थे तो दिव्या ने गुस्से में कहा, “तुम्हें कितनी बार कहा हुआ है सोच समझ कर बात किया करो। तुम्हारी वजह से आज एक मासूम लड़की बेवजह मुसीबत में आ जाएगी... और तुमने इतना बड़ा सच मुझसे भी छुपाया कि तुम्हारे भाई ने उस लड़की से जबरदस्ती शादी की है। कल को इस मामले में पुलिस और मीडिया इंवॉल्व हो गई तो हमारी कितनी बदनामी होगी।” “अगर मुझे पहले पता होता तो मैं उसकी शादी भाई से कभी नहीं होने देती और वन मोर थिंग वो कोई मासूम नहीं है। उसके साथ दादी जो भी कर रही है, वो वही होना डिजर्व करती है।” आलिया ने बेफिक्रे अंदाज में कहा और फिर आराम से बैठकर वहां खाना खाने लगी। जब दिव्या को लगा कि उसका साथ देने के लिए कोई उसके पीछे नहीं आएगा तो वो अकेली ही लिफ्ट से रुद्राक्ष के फ्लोर पर जाने लगी। वही माया खुराना ईशानी के पास पहुंची तो ईशानी उस वक्त खाना खाने में लगी थी। उसे बहुत भूख लगी थी इसलिए उसने काफी कुछ आसपास बिखेर रखा था। अचानक माया को अपने सामने देखकर ईशानी ने खाना छोड़ा और खड़ी होकर नज़रें झुका कर कहा, “आई एम सॉरी। वो मैं इतनी मैसी नहीं हूं पर मुझे बहुत भूख लगी थी।” “हमें घुमा फिरा कर बात करने की आदत नहीं है। क्या तुम उस एक्ट्रेस की बहन हो, जिसके मर्डर का इल्जाम मेरी आलिया पर लगा है?” माया ने सीधे-सीधे पूछा, जिस पर जवाब में ईशानी ने हां में सिर हिला दिया। उसके आगे माया ने कुछ नहीं कहा और ईशानी के पास आकर उसका हाथ पकड़ा। माया की पकड़ काफी सख़्त थी। इससे साफ था कि उसने नॉर्मली ईशानी का हाथ नहीं पकड़ा है। माया ईशानी को खींचते हुए लिफ्ट की तरफ ले जाते हुए बोली, “तुम्हें इस घर में रहने का कोई हक नहीं है। आगे से हमारे किसी भी बच्चे के आसपास भी मत दिखाना वरना तुम्हारी वो हालत करेंगे कि तुम सोच भी नहीं पाओगी। जिस इंसान ने तुमसे शादी की है उसी के पास जाओ और बोलो कि तुम्हारे रहने का ठिकाना ढूंढ दे या तुम्हें जहां से लेकर आया है, वहीं छोड़ आए क्योंकि इस घर में तुम्हारी कोई जगह नहीं है।” माया का बर्ताव देखकर ईशानी घबरा गई। माया लिफ्ट के पास पहुंची थी कि तभी दिव्या वहां पर आ गई। उसने जल्दी से कहा, “एक बार रुद्राक्ष आ जाए, उसके बाद बात करते हैं।” “रुद्राक्ष आ जाए या कोई और, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता और ना ही हमारा डिसीजन बदलने वाला है। इस लड़की की हमारे घर में कोई जगह नहीं है। इसकी वजह से हमारे खानदान और इस खानदान की इकलौती बच्ची की इतनी बेइज्जती हुई है तो बेहतर होगा तो हमारे फैसले के बीच में बोलो वरना इसके साथ-साथ तुम्हें भी घर से निकाल देंगे।” माया ने सख्त आवाज में जवाब दिया। दिव्या को लगा कि माया गुस्से में ऐसे ही बोल रही होगी तो वही ईशानी को भी ऐसा कोई अंदाजा नहीं था। माया ने वाकई उसे घर से बाहर निकाल दिया था और इस वक्त वो लंदन में खुराना मेंशन के घर के आगे लावारिस की तरह खड़ी हुई थी। ईशानी को इतनी ठंड में बाहर छोड़कर माया अंदर चली गई और उन्होंने गार्ड को साफ हिदायत दी थी कि वो ईशानी को घर के अंदर ना आने दे। कुछ ही देर में ईशानी की ठंड से हालत खराब हो गई। वो अपने हाथों से अपनी बाजुओं को सहला रही थी। ठंड से उसका चेहरा लाल हो गया था और वो धीरे से बोली, “मैं यहां से निकलना चाहती थी और वापस मुझे मुंबई भी जाना है पर इस तरह तो बिल्कुल नहीं। ना तो मेरे पास पैसे हैं और ना ही कोई तरीका, जिससे मैं किसी से भी कांटेक्ट कर सकूं। मुझे तो ये भी नहीं पता इस वक्त मैं लंदन में कौन सी जगह पर हूं।” ईशानी के चेहरे पर गहरे परेशानी के भाव थे और उसके पास रुद्राक्ष का इंतजार करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था। वही इन सब से बेखबर रुद्राक्ष संजना के पास था जो उसे अपने पास से हिलने तक नहीं दे रही थी। °°°°°°°°°°°°°°°°

  • 16. His forced bride - Chapter 16

    Words: 1141

    Estimated Reading Time: 7 min

    माया खुराना को जब ईशानी के रिशानी की बहन होने की सच्चाई पता चली तो उन्होंने ईशानी को घर से निकाल दिया था। रुद्राक्ष उस वक्त घर पर नहीं था इसलिए ईशानी का कोई बस नहीं चला और वो रात के वक्त रुद्राक्ष के घर के आगे थी। ठंड काफी होने की वजह से थोड़ी ही देर में ईशानी की हालत खराब हो चुकी थी। 1 घंटे तक बाहर रहने के बाद ईशानी ने ठिठुरुते हुए कहा, “ऐसे तो नहीं चलने वाला। पूरी रात यहां रही तो मेरी ठंड से आइसक्रीम जम जानी है। मुझे किसी न किसी की हेल्प लेनी ही होगी।” ईशानी ने इधर-उधर देखा तो उसे गार्ड्स के अलावा और कोई नजर नहीं आया। उसे तो रुद्राक्ष के नंबर तक नहीं पता थे। ईशानी गार्ड के पास गई और रिक्वेस्टिंग वे में बोली, “मुझे रुद्राक्ष से बात करनी है। प्लीज आप अपना मोबाइल दे दीजिए। मेरे पास उनके नंबर नहीं है तो आप डायल करके दे दीजिए।” “बड़ी मालकिन ने हमें किसी की भी मदद करने से मना किया है और उनके फैसले के खिलाफ जाना अपनी नौकरी से हाथ धोना होगा। सॉरी पर हम आपकी कोई मदद नहीं कर पाएंगे।” गार्ड ने कॉल लगाने से सीधे-सीधे मना कर दिया था। ईशानी ने लाचारी से कहा, “मैं किसी से कुछ नहीं कहूंगी और रुद्राक्ष को भी बोल दूंगी। प्लीज कॉल करने दीजिए। मुझे बहुत ठंड लग रही है और मेरा यहां कोई नहीं है जिसके पास में जा सकूं।” “सॉरी मैम बट आई कांट हेल्प यू इन दिस मैटर।” गार्ड ने नज़रे झुका कर कहा, जिससे ईशानी समझ गई कि वो उसके सामने कितना भी गिड़गिड़ा ले लेकिन वो उसकी मदद नहीं करेगा। ईशानी की आंखें नम होने लगी थी और इस वक्त उसे अपनी मां की याद आ रही थी। अचानक ही ईशानी के दिमाग में रिशानी की यादें ताजा हो गई। उसने उसकी डायरी में पढ़ा था जब सब ने उससे रिश्ता तोड़ दिया था तब वो बिल्कुल अकेली पड़ गई थी और सुसाइड करने के अलावा और उसे कुछ समझ नहीं आया। “मैं आपकी हालत समझ सकती हूं दी। बदकिस्मती से आज मैं भी इस मुकाम पर खड़ी हूं, जहां मेरा साथ देने के लिए कोई नहीं है। मां को तो ये लग रहा होगा कि मैं मुंबई में अपना काम कर रही हूं पर अफसोस की बात है कि हम दोनों एक ही फैमिली के जाल में फंस गए हैं। मुझे किसी न किसी से हेल्प मांगनी ही होगी।” ईशानी ने भारी आवाज में कहा। उसने खुद को मजबूत किया और वहां से जाने के लिए मुड़ी। ईशानी काफी देर तक दरवाजे के आगे किसी न किसी के इंतजार में खड़ी थी और गार्ड को उसे इस हालत में देखकर काफी दया आ रही थी पर वो चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहा था। ईशानी जब वहां से चली गई तो उसने राहत की सांस ली। ईशानी कुछ कदम आगे पहुंची ही होगी कि उसके सामने एक गाड़ी तेज गति से चलकर आई। वो एरिया रुद्राक्ष के विला के आगे का था तो उसी की टेरिटरी में आता था। ईशानी को एक पल के लिए लगा रुद्राक्ष वहां आया है तो वो रुक गई लेकिन जैसे की गाड़ी का दरवाजा खुला ईशानी की आंखें हैरानी से बड़ी हो गई। “मोक्ष।” ईशानी ने धीरे से कहा। गाड़ी में से एक लड़का निकला जो लगभग 26 साल के करीब था। लंबी हाइट, गोरा रंग और गहरे भूरे बाल दिखने में काफी हैंडसम था। उसके आईज का कलर ओलिव ग्रीन कलर का था। वही मोक्ष ने भी जब ईशानी को वहां देखा तो उसके चेहरे पर हैरानी के भाव थे। वो उसके पास आया और सिर हिला कर कहा, “कहीं मैं कोई सपना तो नहीं देख रहा हूं? तुम ईशानी शर्मा हो, जो विकास खन्ना के साथ काम करती हैं। विकास हमारी ही लो फर्म हमसे जुड़ा हुआ है लेकिन तुम यहां खुराना मेंशन में क्या कर रही हो?” मोक्ष चेहरे पर गहरे परेशानी के भाव थे। जैसा कि मोक्ष ने बताया विकास उसी की लो फर्म के लिए काम करता था और ईशानी और मोक्ष पहले भी कई बार मिल चुके थे। वो एक दूसरे को अच्छे से जानते थे। ईशानी विकास से ज्यादा मोक्ष के लिए काम करती थी। इस सच से अब तक सभी अनजान थे। मोक्ष जब भी ईशानी से मिलता था तब ऐसे ही जाहिर करता था जैसे उन दोनों का रिश्ता बस सिर्फ काम से जुड़ा हुआ हो। ऐसे वक्त में भी मोक्ष के फॉर्मली बात करने पर ईशानी ने चिढ़कर कर कहा, “इस सिचुएशन में तो आप मुझसे ऐसी बातें मत कीजिए। मुझे गुस्सा आ रहा है।” मोक्ष ने सिर हिला कर कहा, “और मुझे हैरानी हो रही है।” बोलते हुए मोक्ष ने इधर-उधर देखा कि कहीं उनकी बात कोई सुन ना ले। मोक्ष ने फिर दबी आवाज में कहा, “साड़ी, सिंदूर मंगलसूत्र, और मेरा घर? कोई सफाई देनी है तुम्हें?” “ये आपका घर है? पर कैसे हो सकता है आपका नाम तो मोक्ष सिंघानिया है और ये खुराना हाउस है।” अब हैरान होने की बारी ईशानी की थी और उसने उसी लहजे में पूछा। “ये सब बताने में बहुत टाइम लगेगा कभी डिटेल में सब समझाऊंगा। मुझे ये बताओ तुम यहां क्या कर रही हो?” मोक्ष ने बात को टालते हुए कहा। ईशानी को मोक्ष के रूप में अपनी उम्मीद नजर आ रही थी। अब तक वो ये सोच रही थी कि उसे इंडिया जाने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा था और ना ही कोई जान पहचान वाला। भगवान ने एक साथ ही उसे इंडिया जाने का रास्ता भी भेज दिया था और एक ऐसा शख्स भी, जिस पर वो खुद से ज्यादा यकीन करती थी। “ओके फाइन, एक पागल आदमी मुझे किडनैप करके यहां लेकर आ गया। उसने मुझसे जबरदस्ती शादी कर ली। उसके घर वाले इस शादी से खिलाफ थे तो उन्होंने मुझे घर से निकाल दिया और वो पता नहीं कहां गायब है। देखो मुझे उसकी शादी और घरवालों में कोई इंटरेस्ट नहीं है तो प्लीज मुझे यहां से इंडिया भिजवा दो। मुझे इस घर में घुटन हो रही है मुझे यहां आए हुए लगभग 35 घंटे बीत चुके और इस 35 घंटे में वो इंसान 35 से भी ज्यादा बार गिरगिट की तरह रंग बदल चुका है।” ईशानी ने एक सांस में रुद्राक्ष को सब कुछ बता दिया। उसने यहां रुद्राक्ष का नाम नहीं लिया था और मोक्ष ने भी इस तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया। उसने ईशानी को गाड़ी में बैठने का इशारा किया और वहां से ले जाने लगा। ईशानी नहीं जानती थी कि मोक्ष खुराना हाउस से किस तरह जुड़ा हुआ है तो वही मोक्ष भी रुद्राक्ष और ईशानी की शादी से अनजान था। ईशानी उसके लिए काम करती थी इसलिए मोक्ष उसे बिना सोचे समझे वहां से दूर लेकर जा रहा था। इस बात से अनजान कि अगर रुद्राक्ष को इस मामले में मोक्ष के इंवॉल्व होने का पता चला तो वो उसका जीना हराम कर देगा। °°°°°°°°°°°°°°°°

  • 17. His forced bride - Chapter 17

    Words: 1203

    Estimated Reading Time: 8 min

    माया खुराना ने ईशानी को घर से निकाल दिया था। ईशानी ने काफी देर तक रुद्राक्ष या किसी और से मदद का इंतजार किया पर लगभग दो घंटे तक कोई नहीं आया। फिर ईशानी ने अकेले ही वहां से जाने का सोचा तो अचानक एक गाड़ी आकर रूकी। उसमें से मोक्ष सिंघानिया निकला, जिसे ईशानी पहले से ही जानती थी। वो भी एक लॉयर था जिसकी लो फॉर्म में ईशानी काम करती थी। मोक्ष ईशानी को वहां से लेकर चला गया था। ईशानी के पासपोर्ट वगैरह नहीं थे इसलिए मोक्ष ने प्राइवेट जेट बुक करवाया और ईशानी के साथ मुंबई जाने के लिए निकल गया। वहीं दूसरी तरफ रुद्राक्ष अभी भी संजना के साथ था। अगली सुबह जैसे ही रुद्राक्ष की नींद टूटी तो उसने देखा संजना बड़े आराम से उसके सीने पर सिर रखकर सोई हुई थी। रुद्राक्ष ने आराम से संजना का सिर तकिए पर रखा और फिर अपने मन में कहा, “आई होप घर में सब कुछ ठीक हो। कहीं आलिया ने कोई गड़बड़ ना कर दी हो। गुस्से में अगर उसने गलती से भी किसी को कुछ बता दिया तो मेरे लिए संभालना मुश्किल हो जाएगा।” रुद्राक्ष ने संजना को वहां वैसे ही छोड़ा और गाड़ी लेकर खुराना मेंशन जाने के लिए निकल गया। जैसे ही रुद्राक्ष वहां पर पहुंचा तब उसे सब नॉर्मल ही लगा क्योंकि कोई भी ईशानी के बारे में बात नहीं कर रहा था। रुद्राक्ष अपनी फैमिली को देखने के बाद लिफ्ट की तरफ बढ़ रहा था तभी माया ने सख्त आवाज में कहा, “शादी किए हुए ठीक से 2 दिन भी नहीं हुए और तुम अपने परिवार से मिले बिना अपनी पत्नी के पास जा रहे हो। अजीब बात है ना, जिस मीडिया की कभी हिम्मत नहीं पड़ती थी खुराना फैमिली के बारे में ऐसा वैसा कुछ भी छापने की, आज उसके बारे में हर जगह बस नेगेटिव न्यूज़ फैल रही है।” बोलते हुए माया की आवाज तेज होने लगी। रुद्राक्ष ने गहरी सांस लेकर छोड़ी और माया की तरफ देखकर कहा, “लिसन दादी, जो भी हुआ उसे मैं ठीक करवा दूंगा। प्लीज अब आप उस बारे में बार-बार बात मत कीजिए। आलिया घर आ चुकी है। उसके ऊपर जो भी एलिगेशंस थे वो मिट चुके हैं तो फिर इस बारे में बात करने का क्या मतलब हुआ?” “मतलब तो बनता है रुद्र, तुम कब से हम सबसे सच छुपाने लगे। तुमने उस लड़की की बहन से शादी की जिसकी वजह से हमारी आलिया की इतनी बदनामी हुई। तुम्हें क्या लगा था हमें पता नहीं चलेगा।” माया ने सीधे-सीधे रुद्राक्ष को सब कुछ बता दिया, जिसे सुनकर उसके चेहरे का रंग उड़ गया। अगले ही पल रुद्राक्ष ने खुद को नॉर्मल करके कहा, “तो आपको सब पता चल गया। जरूर आलिया ने बताया होगा। चलिए अच्छा है अब सच पता चल गया है तो मुझे ड्रामा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मैं उस लड़की को इस घर में एक खास मकसद के लिए लेकर आया हूं। उम्मीद है आप सब मेरे और उसके मामले से दूर रहेंगे।” रुद्राक्ष ने इस बार बिना अच्छे होने का दिखावा किए सब कुछ सच-सच बता दिया। अपनी बात कह कर रुद्राक्ष दूसरी तरफ पलटा और लिफ्ट का बटन दबाया तभी माया ने कहा, “ऊपर जाने का कोई फायदा नहीं है। वापस अपने कमरे में शिफ्ट हो जाओ क्योंकि हमने लड़की को निकाल दिया है।” माया की बात सुनकर रुद्राक्ष के चेहरे पर गुस्से के भाव थे। वो उनकी तरफ मुड़कर चिल्ला कर बोला, “और आपको किसने हक दिया मेरी जिंदगी से जुड़े हुए फैसले लेने का। दादी मैं आपकी रिस्पेक्ट करता हूं इसका मतलब ये नहीं कि आप मेरी वाइफ को घर से निकालेंगी।” “तुम्हारी होने वाली वाइफ संजना है जो कि कुछ दिनों में यहां पर आ जाएगी। तुम दोनों की शादी रजिस्टर्ड नहीं है ये सबसे अच्छी बात है। अब अपने दिमाग से ये बदला लेने का फितूर निकालो और फ्रेश होकर नीचे पहुँचो। हम सब आज संजना के घर जा रहे हैं। तुम दोनों की शादी की डेट फिक्स करने।” माया ने अपना फैसला सुना दिया था और फिर वहां से चली गई। वहीं रुद्राक्ष को अब बहुत गुस्सा आ रहा था। वो ऊपर जाने के बजाय बाहर की तरफ गया। रुद्राक्ष गार्ड के पास पहुंचा, जिसकी नाइट ड्यूटी थी और उससे पूछा, “ईशानी कहां है। आई मीन वो लड़की जिसको दादी ने घर से निकला था। क्या वो किसी टैक्सी में यहां से गई थी या किसी ने उसकी हेल्प की थी।” “बड़ी मालकिन ने मना किया था इसलिए उनकी मदद किसी ने नहीं की लेकिन रात को मोक्ष सर यहां पर आए थे। मैंने देखा कि वो उनकी गाड़ी में उनके साथ गई थी।” गार्ड ने सिर झुका कर कहा। रुद्राक्ष ने उसे जाने को कहा। गार्ड के जाते ही रुद्राक्ष ने धीरे से कहा, “मोक्ष को लंदन आने की क्या जरूरत पड़ गई? कहीं वो उस लड़की को जानता तो नहीं।” रुद्राक्ष ने तुरंत मोक्ष को कॉल किया। फ्लाइट में होने की वजह से रुद्राक्ष का नंबर बंद जा रहा था। “जरूर उसे लेकर इंडिया गया होगा।” रुद्राक्ष ने खुद से कहा। उसे ये समझते देर नहीं लगी कि ईशानी मोक्ष के साथ कहां गई होगी। रुद्राक्ष ने कोल्ड वॉइस में कहा, “मुझसे पीछा छुड़ाना इतना आसान नहीं है वाईफी। एक गलती तुमने मेरी बहन के खिलाफ कंप्लेंट करने की की थी तो दूसरी गलती मुझसे दूर जाने की की है।” रुद्राक्ष ने कुछ नहीं सोचा और वहां से सीधे मुंबई जाने के लिए निकल गया। वो अच्छे से जानता था कि ईशानी कहीं और नहीं जा सकती। दूसरी तरफ ईशानी मोक्ष के साथ प्राइवेट जेट में थी। वो दोनों आधा सफर तय कर चुके थे तब तक ईशानी ने कुछ नहीं कहा। अब मोक्ष के सब्र का बांध टूट गया तो वो ईशानी के पास आकर तेज आवाज में बोला, “यहां हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। हम लोगों के सामने नहीं है जो एक दूसरे से फॉर्मल होने का दिखावा करें। तुम अच्छे से जानते हो हमारी सच्चाई क्या है ईशानी। मुझे बताओ कि तुम यहां लंदन में क्या कर रही थी, वो भी खुराना हाउस में। किसने तुमसे फोर्स करके शादी कर ली।” “तुम्हें सब सच बता दूंगी बस एक बार मुझे सिक्योर फील करने दो तुम... जिसने भी ये किया है उसकी सजा भी मैं उसे दिलवा कर रहूंगी।” ईशानी ने मोक्ष की तरफ देखकर कहा। मोक्ष के बार-बार पूछने पर भी ईशानी कुछ नहीं बता रही थी तो उसे गुस्सा आने लगा। वो सिर हिला कर बोला, “आजकल तुम मुझे बिना बताए बहुत कुछ कर रही हो। तुमने आलिया खुराना के खिलाफ केस तक फाइल कर दिया और मुझे बाद में पता चल रहा है। कहीं ये सब इस वजह से तो नहीं हो रहा कि तुमने आलिया के खिलाफ वो सब किया? 1 मिनट कहीं तुमसे जबरदस्ती शादी रुद्राक्ष खुराना ने तो नहीं की है ना?” ईशानी से पूछते पूछते मोक्ष को खुद ही सब समझ आने लगा। ईशानी ने हां में सिर हिला दिया। थोड़ी देर पहले जहां मोक्ष उस पर गुस्सा कर रहा था। वहीं अब उस के चेहरे पर परेशानी के भाव थे। उसे अपने फैसले पर पछतावा हो रहा था कि वो बिना सच जाने ईशानी को क्यों ले आया। °°°°°°°°°°°°°°°° क्या रुद्राक्ष ईशानी को ढूंढ पाएगा? सच जानने के बाद मोक्ष का अगला कदम क्या होगा? पार्ट पढ़कर समीक्षा कर दीजिएगा।

  • 18. His forced bride - Chapter 18

    Words: 1169

    Estimated Reading Time: 8 min

    मोक्ष ईशानी की मदद करते हुए उसे लंदन से मुंबई लेकर जा रहा था। मोक्ष ने पहले बहुत बार ईशानी से पूछा कि वो अचानक लंदन कैसे पहुंची या उस से जबरदस्ती शादी किसने की? ईशानी ने उसे कुछ नहीं बताया लेकिन उसकी बातों से मोक्ष ने खुद ही समझ लिया। जैसे ही मोक्ष को समझ आया कि ईशानी से जबरदस्ती शादी रुद्राक्ष खुराना ने की है, उसके चेहरे का रंग उड़ गया। मोक्ष ने आंखें बड़ी करके कहा, “तुम्हें मुझे पहले बता देना चाहिए था। अगर मुझे पता होता तो मैं तुम्हें अपने साथ लेकर कभी नहीं आता।” मोक्ष के चेहरे पर अचानक ऐसे एक्सप्रेशन देखकर ईशानी भी दंग रह गई। वो सिर हिलाकर बोली, “अब तुम्हें क्या हो गया? तुम्हें तो किसी से डर नहीं लगता। तुम तो माफिया तक से डील करते हो और अब अचानक तुम्हारे चेहरे पर रुद्राक्ष खुराना का डर अच्छा नहीं लग रहा।” “वो मैं तुम्हें नहीं बता सकता। मैं इस फ्लाइट को बीच में नहीं रोक सकता लेकिन वहां पहुंचते ही तुम नेक्स्ट फ्लाइट से वापस लंदन खुराना मेंशन पहुंचोगी।” मोक्ष ने सख्त आवाज में कहा। ईशानी ने झट से ना में सिर हिला दिया। वो बोली, “मैं वहां वापस नहीं जाऊंगी और वैसे भी उसकी दादी ने ही मुझे घर से निकाला था। सच पता चलने पर उसे भी कोई प्रॉब्लम नहीं होगी।” “ईशानी उसकी दादी ने निकाला था लेकिन रुद्राक्ष ने तो नहीं ना? तुमने अनजाने में मुझे बहुत बड़ी मुसीबत में डाल दिया है। तुम्हें आइडिया भी नहीं है।” परेशानी में मोक्ष उस पर चिल्लाकर बोला और फिर वहां से प्राइवेट रूम में चला गया। वहीं उसकी बातें सुनकर ईशानी की हैरानी बढ़ती जा रही थी। उसने खुद से कहा, “मुझसे सब कुछ पता कर लिया लेकिन खुद ने कुछ नहीं बताया कि आखिर ये खुराना मेंशन में क्या कर रहा था और अब रुद्राक्ष इतना डर क्यों रहा है? हद हो गई यार, सब ने मेरी जिंदगी मुश्किल बनाने की कसम खा रखी है। मैं मुंबई जाते ही सीधे लंदन नहीं अपनी मां के पास से जाऊंगी ताकि कुछ पल सुकून से बिता सकूं।” उसके बाद ईशानी आंखें बंद करके लेट गई। वो सोने की कोशिश कर रही थी। हालांकि नींद उसकी आंखों से कोसों दूर थी। एक लंबा सफर तय करने के बाद ईशानी और मोक्ष मुंबई पहुंच चुके थे। एयरपोर्ट से ही ईशानी मोक्ष से दूर जाना चाहती थी लेकिन मोक्ष ने उसका हाथ कस के पकड़ लिया और सख्त आवाज में कहा, “देखो मैं अपने और रुद्राक्ष के बीच के रिलेशन खराब नहीं कर सकता। तुम इसे जो भी समझो लेकिन मैं तुम्हें अपनी नजरों से दूर नहीं जाने दूंगा। मैं रुद्राक्ष को कॉल कर रहा हूं। वो आएगा और तुम्हें लेकर जाएगा।” “तुम्हें हो क्या गया है? अचानक अजीब बातें कर रहे हो, अजीब बिहेव कर रहे हो। पता है ना हम पार्टनर इन क्राइम है।” ईशानी ने उसे याद दिलाते हुए कहा। “जो भी हो लेकिन धीरे बोलो... दुनिया को चिल्ला चिल्ला कर बता दो कि हम दोनों क्या करते हैं। हम जो भी रहे हो लेकिन फिलहाल हमारा रिश्ता पूरी तरह बदल चुका है और उसे तुम नहीं समझोगी। मुझे बहस नहीं चाहिए। चुपचाप मेरे साथ चलो और रुद्राक्ष को इस बारे में कुछ नहीं बताओगी कि हम दोनों क्या काम करते हैं...” मोक्ष ने उसे पहले ही सब कुछ समझा दिया था। मोक्ष ने ईशानी का हाथ पकड़ा और उसे जबरदस्ती अपनी गाड़ी में बैठा कर अपने प्राइवेट अपार्टमेंट में ले आया था। ईशानी मोक्ष से अलग होने के लिए हाथ पैर चला रही थी पर सब बेकार था। वहां आते ही मोक्ष ने उसे एक कमरे में बंद कर दिया। मोक्ष ने जल्दी से रुद्राक्ष को कॉल किया तो उसका नंबर बंद जा रहा था। रुद्राक्ष उस वक्त फ्लाइट में था। इस बात से मोक्ष अनजान था। वो बार-बार रुद्राक्ष कांटेक्ट करने की कोशिश कर रहा था। कांटेक्ट नहीं होने पर मोक्ष ने उसे मैसेज छोड़ दिया कि ईशानी उसके पास है और वो उसे लेने उसके अपार्टमेंट में आ जाए। रुद्राक्ष को मैसेज करने के बाद मोक्ष की ईशानी के कमरे में आया। ईशानी वहां एक बेड पर बैठी थी और मोक्ष को तिरछी निगाहों से देख रही थी। ईशानी कुछ पल रुकने के बाद बोली, “तुम्हें पता भी है उसने मेरे साथ कितना बुरा सुलूक किया था? एक भी ऐसा पल नहीं गया जब उसने मेरे साथ जबरदस्ती करने की कोशिश ना की हो मोक्ष। फिर भी तुम उसका साथ दे रहे हो। मैंने तुम्हारे लिए क्या कुछ नहीं किया, तुम अच्छे से जानते हो। मैंने अपनी जान तक दाव पर लगा दी थी।” “हां तो तुम भी कुछ फ्री में नहीं कर रही हो ईशानी। तुम्हें तुम्हारे हर काम की कीमत मिलती है... तुम अपनी जान जोखिम में डालकर हमारे लिए काम करती हो तो तुम्हारी सिक्योरिटी की जिम्मेदारी हमारी होती है। इस तरह एहसान मत जताओ। मैंने तुम्हें बता दिया मैं रुद्राक्ष से दुश्मनी मोल नहीं ले सकता।” मोक्ष ने सीधे-सीधे कहा। मोक्ष जानता था कि अगर वो ईशानी के पास रुका तो वो सवाल पूछ कर उसका दिमाग खराब कर देगी इसलिए उसने फिर से ईशानी को कमरे में बंद किया और किचन में उन दोनों के लिए खाना बनाने लगा। लगभग 1 घंटे बाद मोक्ष ने कमरे का दरवाजा खोला और वो ईशानी को बाहर लेकर आया। वो दोनों साथ में खाना खा रहे थे। ईशानी मोक्ष को मनाने के लिए अलग-अलग तरीके अपना रही थी। उसने खुद के चेहरे के भाव को थोड़ा इमोशनल किया और धीरे से कहा, “सुनो मोक्ष, अगर मैं चली गई तो तुम्हारा काम कौन करेगा? मेरे जितना ब्रेव कोई नहीं है।” “तुम उस काम के बारे में अब भूल जाओ और मैंने कह दिया रुद्राक्ष से इस बारे में भूलकर भी जिक्र मत कर देना। मैं किसी और को ढूंढ लूंगा। बहुत मिल जाएगी हालात की मारी।” मोक्ष ने रुखे तरीके से जवाब दिया। मोक्ष की बात सुनकर इस बार ईशानी को बहुत गुस्सा आया। वो अपनी जगह से उठी और जल्दी से मोक्ष के पास आकर उसकी कॉलर पकड़ कर कहा, “क्या लगता है मोक्ष सिंघानिया, मुझे जुर्म की दुनिया में डालकर तुम इतनी आसानी से मुझसे पीछा छुड़ा लोगे? तुम्हारी वजह से आज सब वो लोग मेरा चेहरा जानते हैं। लोगों के लिए भले ही मैं लो की स्टडी करने वाली मासूम सी दिखने वाली ईशानी शर्मा हूं लेकिन माफिया का सच कुछ और ही है। वहां मेरी पहचान ईशानी शर्मा या किसी लॉयर के तौर पर नहीं बल्कि सनशाइन के तौर पर है। किसी ने भी मुझे देखा तो मार देंगे।” बातों की बातों में ईशानी के मुंह से आधा ही सही लेकिन सच निकल गया था। वो मोक्ष के साथ माफिया के लिए काम करती थी, लेकिन क्या काम, ये बात उसने नहीं बताई क्योंकि अचानक से झटके से दरवाजा खुला और सामने रुद्राक्ष खड़ा था। रुद्राक्ष ने ईशानी और मोक्ष को एक दूसरे के बिल्कुल करीब देखा, जिसे देखकर उसके हाथों की मुठ्ठियाँ कस गई। °°°°°°°°°°°°°°°° क्या लगा, लड़के ही माफिया से होते है? इस बार हमारी हीरोइन बहुत डेरिंग है। कहानी पढ़कर देखिए, बहुत इंटरेस्टिंग है और अलग भी। कीप रीडिंग

  • 19. His forced bride - Chapter 19

    Words: 1183

    Estimated Reading Time: 8 min

    ईशानी मोक्ष के साथ वापस मुंबई आ तो गई थी लेकिन मोक्ष उसे छोड़ने के लिए तैयार नहीं था। जब से उसे पता चला था ईशानी से जबरदस्ती शादी रुद्राक्ष ने की है, वो उल्टा ईशानी कोई गलत ठहरा रहा था। ईशानी मोक्ष के लिए अंडरवर्ल्ड में काम करती थी। मोक्ष और ईशानी एक दूसरे से बातें कर रहे थे। गुस्से में ईशानी ने मोक्ष का कॉलर पकड़ रखा था तभी रुद्राक्ष वहां आया। उसने ईशानी और मोक्ष को इतने करीब देखा तो गुस्से में उसके हाथ की मुट्ठियां कस गई और वो सर्द निगाहों से उनकी तरफ देख रहा था। रुद्राक्ष को देखकर ईशानी जल्दी से मोक्ष से दूर हो गई। उसकी इस हरकत पर रुद्राक्ष ने कोल्ड वॉइस में कहा, “लगता है मैं गलत टाइम पर आ गया। यहां पर मेरे आने से तुम दोनों का पर्सनल स्पेस डिस्टर्ब हो गया।” “ऐसा... ऐसा कुछ नहीं है। वो जस्ट हम बात कर रहे थे। ईशानी को गुस्सा आ गया और उसने मेरा कॉलर पकड़ लिया।” मोक्ष ने हड़बड़ा कर जवाब दिया और जल्दी से उठकर अपने कपड़े ठीक करने लगा। रुद्राक्ष ने एक नजर ईशानी की तरफ देखा तो उसकी नज़रें झुकी हुई थी। उसने अभी भी वही साड़ी पहनी थी, जो लंदन में रुद्राक्ष ने उसके लिए भिजवाई थी। रुद्राक्ष को ईशानी की तरफ देखता पाकर मोक्ष ने धीमी आवाज में कहा, “आप लोग बात कर सकते हैं।‌ मैं आता हूं।” “मुझे अपनी वाइफी से बात करने के लिए किसी की परमिशन लेने की जरूरत नहीं है।” रुद्राक्ष ने रुखे तरीके से जवाब दिया और अपने कदम ईशानी की तरफ बढ़ाने लगा। रुद्राक्ष के करीब आने पर ईशानी डरकर अपने कदम पीछे ले रही थी। उसने देखा मोक्ष वहां से बाहर जा रहा है तो वो रुद्राक्ष को साइड करके जल्दी से मोक्ष के पीछे जाने लगी। ईशानी मोक्ष के पीछे जाते हुए बोली, “प्लीज ऐसा मत करो। मुझे इसके साथ अकेला मत छोड़ो। ये मेरे साथ कुछ भी कर सकता है।” ईशानी मोक्ष तक पहुंचती उससे पहले रुद्राक्ष ने उसका हाथ पकड़ कर उसे अपने बेहद करीब खींच लिया। रुद्राक्ष के हाथ ईशानी के कमर पर थे। मोक्ष वहां से जा चुका था। उसके जाते ही रुद्राक्ष ने ईशानी की आंखों में देखते हुए कहा, “क्या लगा था, मुझसे बचकर भाग जाओगी? मुझे छोड़कर दूसरी दुनिया में भी जाओगी ना, तब भी मैं वहां तुम्हारे पीछे पहुंच ही जाऊंगा।” “ठीक है... मैं वादा करती हूं कि मैं तुम्हारी बहन के खिलाफ कुछ नहीं करूंगी। अब तो मुझे जाने दो। मुझे तुम्हारे साथ उस जेल जैसे घर में नहीं रहना। सब मेरी तरफ ऐसे दिखते हैं जैसे मैंने उनका क्या बिगाड़ दिया।” ईशानी ने जवाब में कहा। बोलते हुए उसकी आंखें नम हो रही थी। ईशानी अपनी सेल्फ रिस्पेक्ट के लिए हथियार डालने के लिए तैयार हो गई। रुद्राक्ष ने ना में सिर हिला कर कहा, “यही तो मैं चाहता था कि तुम वहां पर घुटन महसूस करो और क्या कहा तुमने कि तुमने मेरी फैमिली का क्या बिगाड़ा है? तुमने हमारी इज्जत के साथ खेला है। तुम्हारी वजह से लोग खुराना फैमिली पर उंगली उठा रहे हैं। आलिया का कैरियर दांव पर लगा दिया तुमने और अभी भी ये पूछ रही हो कि तुमने क्या किया है?” बोलते हुए उसने ईशानी को छोड़ दिया था। रुद्राक्ष की बात सुनकर ईशानी को गुस्सा आ गया। वो रुद्राक्ष से पीछा छुड़ाने के लिए सब कुछ भूलने को तैयार थी लेकिन रुद्राक्ष अभी भी अपनी जिद पर अड़ा था तो ईशानी गुस्से में चिल्ला कर बोली, “सबसे पहले उसने मेरी बहन का कैरियर खराब किया था। तुम्हें समझ क्यों नहीं आ रहा है मेरी बहन ड्रिंक नहीं करती थी। उसने उसकी ड्रिंक में कुछ मिलाया था और उसे अपनी ही वैनिटी में भेज दिया, जहां पहले से उसका प्लांट किया हुआ एक आदमी था। मैं यकीन के साथ कह सकती हूं उसने जरूर मेरी बहन का रेप किया होगा... वो गिरा हुआ शख्स...” ईशानी की बात पूरी भी नहीं हुई थी कि रुद्राक्ष ने उसके गाल पर एक कसकर तमाचा लगाया। ईशानी का गाल दूसरी तरफ झुका हुआ था। रुद्राक्ष का लगाया थप्पड़ इतना तेज था कि ईशानी के गाल पर उसकी उंगलियों के निशान छप गए थे। ईशानी ने सुबकते हुए रुद्राक्ष की तरफ देखा तो वो जलती हुई निगाहों से उसकी तरफ देख रहा था। ईशानी सवालिया नजरों से रुद्राक्ष की तरफ देख रही थी, तभी रुद्राक्ष ने उसकी उंगली दिखाते हुए कहा, “आई टोल्ड यू ईशानी शर्मा, मैं तुम्हारी तरह नहीं हूं जो हर किसी के करीब आ जाता है। जानना चाहती हो उस रात वैनिटी में कौन था और मैं इतनी एश्योरिटी के साथ अपनी बहन का पक्ष क्यों ले रहा हूं? सच का पता लगाने का इतना ही शौक है तो सुनो। उस रात वैनिटी में मैं था और आराम करने के लिए लेटा हुआ था। तुम्हारी बहन आई। मैं सोने ही जा रहा था कि वो मेरे ऊपर आकर गिर गई और उसने कुछ नहीं पहना हुआ था। पता है वो क्या बड़बड़ा रही थी? काम के लिए ये सब चीज चलती है... कास्टिंग काउच या रोल मिलने के लिए किसी के साथ...” बोलते हुए रुद्राक्ष कुछ पल के लिए रुक गया और फिर आगे कहा, “मुझे तो कहते हुए भी शर्म आ रही है। पता नहीं आज से पहले उसने आगे बढ़ने के लिए किस हद तक क्या कुछ नहीं किया होगा। सही बात रेप की तो हमारे बीच एक किस के अलावा और कुछ नहीं हुआ था। वो भी तुम्हारी बहन ने जबरदस्ती की थी। मैंने ड्रिंक कर रखी थी तो एक पल के लिए मैं अपना होश खो बैठा था लेकिन जैसे ही मुझे एहसास हुआ मैंने उसे वहां पर लेटाया और बाहर आ गया था। तुम कह रही हो ना उस रात आलिया ने वहां किसी को प्लांट किया होगा तो आलिया को तो पता तक नहीं कि मैं उसकी वैनिटी में रेस्ट कर रहा था या अचानक रिशानी वहां आ जाएगी।” गुस्से में रुद्राक्ष ने ईशानी को उस रात का सारा सच बता दिया। ईशानी को अभी भी रुद्राक्ष की बातों पर यकीन नहीं हो रहा था। उसकी आंखों में आंसू थे और वो ना में सिर हिला कर बोली, “तुम... तुम झूठ बोल रहे हो... अपनी बहन को सही प्रूफ करने के लिए। तुम वहां नहीं थे। मैं कैसे यकीन कर लूं तुम्हारी बात का? तुम डबल फेस्ड इंसान हो। अपने परिवार के साथ कुछ बनते हो और मेरे साथ कुछ और। ठीक है एक पल के लिए मान लिया, उस रात तुम मेरी बहन के साथ है तो कैसी यकीन कर लूं तुमने उसके साथ कुछ नहीं किया होगा? मैं तुम्हारी सच्चाई अच्छे से जानती हूं। पता है मुझे तुम्हारे पास आने पर डर लगता है कि कब तुम मेरे साथ क्या कुछ नहीं कर दो। मुझे तुम्हारे साथ नहीं जाना है। आगे से मेरी बहन के बारे में कुछ मत कहना तुम...” ईशानी रोते हुए कमरे में चली गई। रुद्राक्ष ने उसके सामने सारा सच रख दिया था फिर भी ईशानी उस पर यकीन करने के लिए तैयार नहीं थी इससे रुद्राक्ष का गुस्सा और बढ़ गया था। वो ईशानी के पीछे गया लेकिन ईशानी ने उसके मुंह पर दरवाजा बंद कर दिया। °°°°°°°°°°°°°°°° पार्ट पढ़कर समीक्षा कर दीजिएगा।

  • 20. His forced bride - Chapter 20

    Words: 1254

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    मोक्ष ईशानी को मुंबई लेकर आ तो गया था लेकिन जब उसे पता चला कि रुद्राक्ष ईशानी की शादी हो गई है, तो उसने तुरंत रुद्राक्ष को ईशानी की लोकेशन बता दी। रुद्राक्ष वहां पर पहुंचा। मोक्ष के जाने के बाद ईशानी और रुद्राक्ष के बीच बातचीत हुई, जहां रुद्राक्ष ने ईशानी के सामने इस सच को रखा कि उस रात रिशानी के साथ वैनिटी में कोई और नहीं बल्कि रुद्राक्ष ही था। उनके बीच ऐसा वैसा कुछ नहीं हुआ था। सब कुछ रुद्राक्ष की आंखों के सामने हुआ था। यही वजह थी कि वो आलिया पर यकीन कर रहा था। रुद्राक्ष के सब कुछ सच बताने के बाद भी ईशानी को उस पर यकीन नहीं हुआ और वो रोते हुए कमरे के अंदर चली गई। उसने रुद्राक्ष के मुंह पर दरवाजा बंद किया। कमरे के बाहर तक उसके जोर-जोर से रोने की आवाज़ आ रही थी। उसके रोने की आवाज सुनकर रुद्राक्ष ने अपने हाथ का पंच बनाया और जोर से दरवाजे पर मारा। रुद्राक्ष मन ही मन बड़बड़ा कर बोला, “अजीब पागल लड़की है। जब मैंने कह दिया उस रात कुछ नहीं हुआ तो फिर टिपिकल पजेसिव वाइफ की तरह बिहेव कर रही है? वैसे भी शादी हुए सिर्फ दो दिन हुए हैं और हम दोनों के दिल में एक दूसरे को लेकर सिर्फ एक ही फीलिंग है... और वो है नफरत। पता नहीं ये सब करके ये अपनी मुश्किलें और क्यों बढ़ा रही है।” रुद्राक्ष ने जोर से दरवाजा खटखटाकर कहा, “दरवाजा खोलो वाईफी, वरना तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा। अभी कह रहा हूं अगर अगले 1 मिनट में बाहर नहीं निकली तो मैं दरवाजा तोड़कर अंदर आ जाऊंगा और फिर तुम्हारे साथ जो भी होगा, उसकी जिम्मेदार तुम होगी।” “मुझे तुमसे डर नहीं लगता है रुद्राक्ष खुराना। तुम्हें जो करना है कर लेना। ज्यादा से ज्यादा मेरे साथ जबरदस्ती करोगे, जैसे मेरी बहन के साथ की थी या मुझे मारोगे पीटोगे, जैसे थोड़ी देर पहले मारा था। जो करना है करो, मुझे तुमसे डर नहीं लगता है।” ईशानी ने रोते हुए कहा। वो रो जरूर रही थी लेकिन उसकी आवाज काफी सख्त थे। ईशानी की बातें रुद्राक्ष को गुस्सा दिला रही थी। जैसा कि संजना ने कहा कि वो अपने जिद और गुस्से में किसी भी हद तक जा सकता था। रुद्राक्ष तुरंत ईशानी के कमरे के आगे से हटा। उसने ब्लूटूथ पर किसी से कनेक्ट करके सर्द आवाज में कहा, “एक लोकेशन भेज रहा हूं। उसे लेकर वहां पर पहुंचों। मैं ठीक से बात कर रहा हूं तो कुछ लोगों के पर निकल आए हैं, बस उन्हें ही काटने हैं।” कहकर रुद्राक्ष ने कॉल कट कर दिया। रुद्राक्ष कॉल कट करके हटा ही था कि तभी का दरवाजा खुला सामने मोक्ष खड़ा था, जो कि लगभग 40 -45 मिनट बाद वापस आया था। उसने रुद्राक्ष की तरफ बढ़ते हुए कहा, “आई होप आप दोनों के बीच सब ठीक हो गया हो।” रुद्राक्ष ने उसकी तरफ सर्द निगाहों से देखते हुए कहा, “इट्स नन ऑफ़ योर बिजनेस। अगले कुछ घंटे के लिए मुझसे और इस घर से दूर रहो।” “ठीक है जैसी आपकी मर्जी पर यहां से जाने से पहले एक बार घर आ जाइएगा। कोई और भी है जो आपकी कुछ लगती है। उनके खातिर आ जाइयेगा।” मोक्ष ने सख्त आवाज में कहा और फिर वहां से जाने लगा। अचानक वो दरवाजे के पास जाकर रुद्राक्ष की तरफ पलट कर बोला, “ईशानी थोड़ी जिद्दी है और इतनी आसानी से उसके आंसू नहीं रुकने वाले। एक बार जब वो रोना शुरू कर देती है तो उसकी गंगा जमुना बंद नहीं होती है तो आपको उसे प्यार से मना कर चुप कराना होगा।” “काफी अच्छे से जानते हो उस लड़की को? उसे अच्छे से जानते हो तो एक बात मेरे बारे में भी जानते होंगे कि मुझे किसी से प्यार से चुप करवाना नहीं आता है, खासकर ऐसे लोगों से तो बिल्कुल नहीं, जिन्होंने मुझे चोट पहुंचाई हो।” रुद्राक्ष ने मोक्ष की आंखों में देखते हुए कहा। उसकी बात सुनकर मोक्ष ने कुछ पल सोचा और फिर कहा, “ठीक है जैसे आपकी मर्जी। मैं तो सिर्फ इतना कह सकता हूं कि आप जिन पर आंखें बंद करके भरोसा कर रहे हैं वो उसे भरोसे के लायक नहीं है। उस फैमिली के लिए आप पूरी दुनिया से लड़ जाते हैं, जबकि वो आपको अपना तक नहीं समझते हैं। आई होप देर से ही सही अगर आपको ये बात समझ आ जाए। बाकी मैंने रिशानी की डायरी देखी थी। ईशानी ने एक बार मुझे दिखाया था। जो भी हुआ उसमें आलिया...” मोक्ष की बात पूरी भी नहीं हुई थी कि रुद्राक्ष बीच में ही जोर से चिल्ला कर बोला, “मैं यहां अपनी फैमिली के खिलाफ लोगों के उल्टी सीधी बातें सुनते नहीं आया हूं। मुझे कुछ घंटे के लिए ये घर खाली चाहिए तो बेहतर होगा कि बिना तमाशा किए हुए चले जाओ।” मोक्ष ने आगे कुछ नहीं कहा। उसने उसकी बात पर हामी भरी और वहां से जाने लगा। उसके जाते ही रुद्राक्ष वहां एक चेयर पर बैठ गया और किसी के आने का इंतजार करने लगा। ईशानी को कमरे में बंद हुए आधे घंटे से भी ज्यादा का टाइम बीत चुका था, फिर भी वो बाहर नहीं आई थी बल्कि उसके रोने की आवाज ही बाहर तक आ रही थी। रुद्राक्ष को इससे काफी इरिटेशन हो रहा जा। उसके सिर में दर्द होने लगा था तो वो अपना सिर पकड़ कर बोला, “ये लड़कियां इतनी इरिटेटिंग क्यों होती है? ये लड़की अपने मरी हुई बहन के चक्कर में अपना प्रेजेंट तक खराब करने के लिए तैयार हो गई। खुद के साथ जो भी करें आई डोंट गिव ए डैम लेकिन मेरी बहन को साथ में लेकर नहीं डूबने दूंगा।” वो खुद से बातें कर रहा था तभी डोर बेल बजी। रुद्राक्ष ने दरवाजा खोला तो सामने दो आदमी एक औरत के साथ थे। उन्होंने धीरे से औरत की कमर पर बंदूक रख रखी थी, जिसकी वजह से डर के मारे वो उनकी बात मान रही थी। वो औरत कोई और नहीं ईशानी की मां दीपिका थी। रुद्राक्ष ने दीपिका के चेहरे की तरफ देखा तो उस पर डर के भाव थे। रुद्राक्ष ने उनकी तरफ देखकर सर्द आवाज में कहा, “मुझे आप पर तरस आ रहा है। आपकी दोनों बेटियों ने अपनी जिंदगी खुद बर्बाद कर ली और बुढ़ापे में आपका कोई सहारा नहीं रहने वाला है मिसेज शर्मा।” दीपिका हैरानी से रुद्राक्ष की तरफ देख रही थी। वो उनकी बात समझ नहीं पा रही थी कि तभी रुद्राक्ष ने उन्हें रुकने का इशारा किया वो कमरे के दरवाजे के पास आया और गेट खटखटाकर इविल स्माइल करते हुए बोला, “डिअर वाइफी, बाहर आओ, तुम्हारे लिए एक सरप्राइज है।” ईशानी ने दरवाजा खोला तो सामने उसकी मां खड़ी हुई थी। दीपिका ईशानी की तरफ गौर से देख रही थी। उसने साड़ी पहनी थी। उसके गले में रुद्राक्ष के नाम का मंगलसूत्र था और मांग में उसी का भरा हुआ सिंदूर। “मैं... मैं आपको एक्सप्लेन...” ईशानी अचानक उन्हें वहां देखकर घबराकर उनकी तरफ बढ़ने लगी, तभी रुद्राक्ष ने ईशानी की बाजू को कसकर पकड़ लिया। “मैंने कहा था ना वाइफी डर लगेगा और लगना जायज भी है।” रुद्राक्ष इविल स्माइल करते हुए कहा। उसका इशारा सीधे-सीधे दीपिका की तरफ था। वो उनके साथ क्या करने की सोच रहा था ये ईशानी की समझ से परे था। ईशानी गुस्से में रुद्राक्ष की तरफ देख रही थी। उसने जानबूझकर उसकी मां को उसे खेल में इंवॉल्व कर लिया था ताकि वो उसे कमजोर कर सके और ईशानी के चेहरे के एक्सप्रेशन साफ बता रहे थे रुद्राक्ष चाहता था वो उसमें कामयाब हो गया। °°°°°°°°°°°°°°°°! क्या लगता है ईशानी रुद्राक्ष की बात मानकर आ जायेगी?