मुंबई! लीलावती अस्पताल बन्द्रा जहां कभी खुशियां तो कभी गम का साथ होता है जहां किसी के जीवन की एक नई शरूआत होती है वही किसी के अंतिम सफर का आरंभ होता है .........क़भी खुशियों से आंखे जाती है तो कभी ...
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दिल्ली AAIMS Hospital जहां कभी खुशियां तो कभी गम का साथ होता है जहां किसी के जीवन की एक नई शरूआत होती है वही किसी के अंतिम सफर का आरंभ होता है क़भी खुशियों से आंखे जाती है तो कभी दर्द में भीग जाती है इन सब की भागदौड़ में एक लड़की दर्द से कराहते हुए धीरे धीरे दरवाज़े तक आ जाती है वो पूरे पसीने से भीगी हुई उसकी आंखें खुल तक नही पा रही थी वो बहुत मुश्किल आगे बढ़ी उसके कदम तक नही बढ़ रहे थे वो बोलना चाह रही थी पर उसके मुंह से शब्द नही निकल रहे थे सब अपने अपने कामो में व्यस्त थे किसी की नजर तक उस पर नही पड़ी की उसकी आंखे बंद होने लगी और वो वही टेबल के पास गिर गयी जिससे उसका हाथ टेबल पर रखे छोटे से एक पेड़ से लग गया और वो टूट गया जिसकी आवाज से सबका ध्यान उस लड़की की तरफ जाता है उसे देख सब हैरान होते है और एक डॉक्टर उसकी तरफ भागते है पर वो लड़की तब बिहोश हो चुकी थी ! वही दूसरी तरफ मुंबई शहर में एक गाड़ी के पास बहुत भीड़ लगी है ऐसा लग रहा पूरा मुंबई ही वहां आ चुका है लड़कियों का शोर सुनाई पड़ रहा है कि उस गाड़ी का दरवाजा खुलता है और एक लड़का बाहर आता है लड़कियां उस लड़के के आते ही ओर शोर करने लगती है उसे घेर लेती है लड़का लड़कियों को देखता है और मुस्कुराते हुए बोलता है " प्यारी प्यारी लड़कियों एमी सब से मिलेगा आराम से" और एक किस हवा में करते हुए आगे बढ़ जाता है लड़कियां एमी एमी करके शोर करने लगती है !! कमरे में उस लड़की को होश आने लगा एक बार फिर उसके चेहरे पर गहरे भाव आने लगे वो बड़बड़ाने लगी - बचाओ !! बचाओ !! नही !! उंसने अपनी आंखें खोली तो अपने को एक कमरे में पाया वो इद्दर उधर देखने लगी कि तभी दरवाज़ा खुला और एक नर्स एक बच्चें को गोदी में लेकर आई नर्स उस लड़की के पास आई और कह - मुबारक हो बेटी हुए है लक्ष्मी आयी है ! उस लड़की ने सुना तो उसकी आंखों से अश्रु की धारा बह गई उंसने धीरे से अपने हाथ अपनी बच्ची को लेने को बढ़ाए तो नर्स ने बच्ची उस लड़की को दे दी ! अपनी बच्ची को गोदी में लेकर वो लड़की उसे देखने लगी बच्ची को अपने सीने से लगाकर वो रो पडी एक ऐसा दर्द था शायद उसकी जिंदगी का जिससे उंसने अपनी बच्ची को बचा लिया था वो उसे प्यार करने लगी नर्स उन दोनों को देख रही थी कि उसने कहा - नर्स -तुम यहाँ अकेले कैसे आयी ? और इस हालत में कह है ? तुम्हरे घर वाले ? तुम्हरा पति कह है ? लड़की ने सुना तो उसके हाथ रुक गए ! वो उस नर्स को देखने लगी नर्स ने उसकी और देखा तो एक पल को घबरा गई क्योंकि उस लड़की की आंखों में एक गुस्सा साफ दिख रहा था उंसने अपनी बच्ची को देखा और कह - न मेरा घर है ! न मेरा पति ! ये मेरी बेटी है और में इसकी मा बस ! नर्स ने जब लड़की से ऐसी बात सुनी तो वो उसे देखने लगी इतने में डॉक्टर वहां आ गए ये वो ही डॉक्टर थे जिन्होने उस लड़की को देखा था डॉक्टर ने अंदर आते हुए कहा - कैसी हो अब ? मुबारक हो बेटी हुए है बड़ी प्यारी है डॉक्टर ने उस लड़की के पास आते हुए कहा तो लड़की ने उन से कह - आप का बहुत बहुत शुक्रिया जो आप ने मेरी और मेरी बेटी की जान बचाई ! डॉक्टर - ये मेरा फ़र्ज़ था डॉक्टर होने के नाते हर एक पेशेंट को हम बचा सके हमारी पूरी कोशिश रहती है और तुम जिस हालत में आई थी उस से देखकर तो एक पल को में भी डर गया था ! लड़की ने कुछ नही कह तो डॉक्टर ने नर्स से उस लड़की की रिपोर्ट देखी और कह -वेसे तो तुम अब ठीक हो पर कमजोर अभी हो और तुम्हे देखकर लग रहा कि तुमने काफी व्वत से सही खाया भी नही है ! लड़की - नही मुझे यहां से जाना है में यहाँ नही रुक सकती ! वो अपनी बेटी को लेकर बेड से उठने लगती है तो डॉक्टर और नर्स उसे पकड़ते है और बोलते है - पर कहा जाओगी ? तुम्हे लेने कोई नही आया है कह है सब ? लड़की आगे बोलती की कुछ लोगो का शोर हॉस्पिटल में सुनाई पड़ता है जिससे सुनकर डॉक्टर नर्स हैरान रह जाते है डॉक्टर -ये सब क्या है ? कैसे शोर है ये ? वो बाहर जाने लगते है कि तभी कमरे में 3 - 4 आदमी आ जाते है उनके हाथ मे बंदूक होती है और वो उस लड़की की तरफ आ रहे होते है डॉक्टर -कौन हो तुम लोग और यहां कैसे आये ? आदमी - शाला बन्द कर इसे ! एक आदमी डॉक्टर के पास आता है और उसकी खोपड़ी पर बंदूक रख लेता है ये देख डॉक्टर और नर्स दोनो डर जाते है दूसरा आदमी लड़की के पास आता है और बोलता है -क्यों रे बड़ी हिम्मत है तेरे में भाग आयी तुझे क्या लगा तेरा पता नही मिलेगा हमे और अब देखते है कह जाएगी तू ! लड़की - डॉक्टर को छोड़ दे ! आदमी - क्यों ? क्या लगता है तेरा कहीं तेरी इस बच्ची का वो आगे बोलता की लड़की ने उसके हाथ से बंदूक ली और एक लात मारी जिससे वो बेड पर गया और उसके ऊपर बंदूक रखते हुए बोली एक बार मे अगर कह दिया जाए तो सुनाई नही देता न तुम लोगो को हर बार करना पड़ता है और अगर इस हॉस्पिटल के किसी भी इंसान को कुछ हुआ तो तेरा ऑपेरशन में करुँगी वो खुद समझा मेरी बच्ची के बारे में एक भी शब्द गलत मत निकलना छोड़ उन्हें डॉक्टर और नर्स लड़की का ये रूप देखकर दंग रह गए !! उस आदमी ने डरते हुए कहा -शाला छोड़ उन्हें ! दूसरे आदमी जिसका नाम शाला था उंसने डॉक्टर और नर्स को छोड़ दिया लड़की ने कहा - आपने आदमियों को बोल की बंदूक नीचे करे आदमी ने इशारा किया तो सब ने बंदूक नीचे कर ली लड़की ने अब उस आदमी की तरफ देखा और फिर कह - अगर अब तू या तेरे आदमियों ने मेरा या इस अस्पताल के किसी भी एक इंसान को चोट देने की सोची भी तो तेरा और तेरे इन आदमियों का वो हाल होगा कि यहां कोई डॉक्टर भी तुझे सही नही कर पायेगा !! आदमी -तू हमे धमकी दे रही है !! लड़की के चहरे पर एक कुटिल मुस्कान आ गयी उंसने अपनी बेटी को देखा और उस आदमी के सिर पर बंदूक कसते हुए कह -आज तू बच गया क्योंकि आज मेरी बेटी का दिन है वरना धमकी नही सीधे तेरा काम करती ! आदमी -कौन है तू ?? लड़की ने एक नजर देखा और फिर अपनी बेटी को गोदी में लेते हुए कहा - तुम जैसे के लिए बस मौत !! आधे घण्टे बाद लड़की अपनी बेटी को लेकर अस्पताल से बाहर आ जाती है उसके संग डॉक्टर भी थे डॉक्टर -इतनी रात को कह जाओगी कल चली जाना ऐसे में बच्ची को लेकर जाना सही नही होगा !! लड़की एक भाव से डॉक्टर को देखती है और फिर अपनी बेटी को देखकर बोलती है -जिसने पैदा होते ही अपनी माँ को खुद के लिए लड़ते हुए देख लिया है , वो किसी से नही डर सकती में यहां नही रुक सकती जिस शहर ने मेरा सब छीन गया अब अगर है तो मेरी बेटी बस और में नही चाहती कि मेरी बेटी इस शहर यहां के लोगो या यहां से जुड़ी कोई याद तक अपने साथ रखे ! डॉक्टर -लेकिन इसका बाप!!!वो आगे बोलते की लड़की एक दम से बोली -मेरी बेटी है ये सिर्फ मेरी और किसी का कोई रिश्ता नही मेरी बेटी का किसी से !! लड़की की बातों में रोष था डॉक्टर इससे आगे कह नही पाया लड़की उठी और डॉक्टर से कह -आप ने जो भी मेरे लिए किया है उसका कर्ज़ उम्र भर में नही भूलूंगी अब में चलती हूं !! लड़की वहां से जाने लगी कि डॉक्टर ने आवाज दी और कह - नाम क्या है ये भी नही बताओगी ? लड़की ने मुड़कर डॉक्टर को देखा और फिर कह -अंशिका !! अंशिका अपनी बेटी के साथ रेलवे स्टेशन पर बैठी अपने अतीत की उन भयानक यादों को मिटाने की कोशिश कर रही थी !! क्या नही देख चुकी थी उंसने अपनी बेटी को देखा और उससे कहा - तुझे दूर ले जा रही हूं नही पता कि आगे क्या होगा कैसे होगा ? अनजान लोग अनजान शहर होगा वो कैसे तुझे सम्भालूंगी लेकिन वादा करती हूं कि मेरे अतीत का साया भी तेरे पर नही आने दूँगी ये वादा है तेरी मां का तेरे से !! अंशिका ने अपनी बेटी का माथा चूमा तो वो भी मुस्कुरा उठी !!
वक़्त की रफ्तार ने अपनी गति पकड़ी और आंशिक चल पड़ी अपनी बेटी के संग एक ऐसे सफर पर जिसकी न उसे मंज़िल का पता था न आने वाले एक ऐसे मोड़ का जो उसकी जिंदगी को पूरी तरह से बदलने वाला था ! 5 साल बाद!! बेटा उठ जाओ स्कूल के लिए देर हो जाएगी अंशिका आवाज देते हुए उसके कमरे की और चल दी ! वो उसके कमरे में आई तो उसके चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी उंसने पास खड़ी औरत को हटने का इशारा किया तो वो औरत भी मुस्कुरा दी तभी एक मीठी सी आवाज आई -क्या शांता ताई सोने दो न मुमा आ गयी तो हमे उठा देगी अच्छा थोड़ी देर फिर उठ जाएंगे न ! शांता उस की बात सुन हल्का सा मुस्कुरा दी अंशिका उसके पास बैठी और चादर को हटाते हुए बोली -मुमा आ नही जाएगी आ गयी है और अब आप जल्दी उठ जाओ फिर आप को स्कूल भी जाना है न और मुमा को आफिस भी !! उस ने मुँह बनाया और अंशिका की गोदी में लेटते हुए बोली -मूमा !! अंशिका -हम्म !! आप ने कहा था कि आप हमे घुमाने लेकर जाओगे और आप भूल गए उंसने मुह बना लिया ! शांता और अंशिका प्यार से उसे देख रहे थे अंशिका ने उसे गोदी में बैठाया और कह -अच्छा तो आप इसलिए नाराज है हम से ठीक है हम घूमने चलेंगे !! अंशी खुश होकर बोली -सच्ची !! अंशिका -हा सच्ची लेकिन आप को उसके लिए जल्दी से तैयार होना होगा न मुमा को सारे काम पूरे करने होंगे फिर अंशी और मुमा बस !! अंशी अंशिका के गले लग गयी और कह -ओके मुमा हम अभी शांता ताई के साथ स्कूल के लिए तैयार हो जाते है फिर शाम को आप चलेंगे ! अंशिका ने प्यार से उसका माथा चूमा और कह -पक्का !! अंशी गोदी से उतरी और शांता का हाथ पकड़ा और कह -चलो ताई !! अंशी मुस्कुराकर शांता के साथ चली गयी अंशिका मुस्कुरा दी !! उधर एक कमरे में एक लड़का अंदर आता है और सामने लेटे लड़के को देख मुँह बना रहा था उंसने खुद से कह -इस लड़के की सुबह न जाने कब होती है ! उंसने पानी लिया और उस लड़के ऊपर डाल दिया ऐसा होने से उस लड़के ने कहा -तू क्यों मेरी नींद का दुश्मन बन जाता है यार !! दूसरा लड़का -क्योंकि तेरी सुबह इतनी आसानी से तो होने से रही तो अब आप कृपा करके जल्दी से उठ जाए इतनी जल्दी क्या है यार रात को देर से सोया था ! दूसरा लड़का उसे कॉफी देते हुए -तो किसने कहा था देर रात तक जनाब को रुकने को तेरे पा.वो आगे बोलते -बोलते चुप हो गया लड़के ने कॉफ़ी पी और कह - में तैयार होने जा रहा हूं तब तक तू सारा आज का वर्क का फॉर्म बता दे और उठकर वहां से चला गया! दूसरा लड़का बस उसे देखता रहा !! कुछ देर में वो तैयार होकर नीचे आ गया उंसने टेबल से सेब उठाया और खाते हुए कहा -हाँ तो बता क्या क्या है आज ? रौनक़ रौनक जो उसके दोस्त के साथ साथ उसके साथ ही काम करता है उसकी सारी चीज़ें वो संभालता है बोला - एमी आज तेरा एक शूट है फिर तुझे कुछ मैगज़ीन के लिए भी शूट करना है फिर ट्रस्ट के लिए फण्ड तुझे कितना डोनेट करना है और फिर किसी कंपनी के साथ तेरी एक मीटिंग है उनका कुछ दिन पहले ही फोन आया था न कि एक शूट है जो वो तेरे साथ करना चाहते है उससे रेअल्टेड मिलना भी है ! एमी सेब खा रहा था जब रौनक ने देखा कि एमी का ध्यान ही नही है उस पर तो वो उसे घूरते हुए बोला -तू सुना भी जो कह मैंने ? एमी -नही !! रौनक ने गुस्से में उससे देखा तो एमी ने आवाज दी -अरे मेरी प्यारी धानो इस को जरा नास्ता दो बिचारे की भूख के मारे देखो क्या हाल हो गया है ! की एक औरत करीब 45 से 55 साल की किचन से बाहर आती है और बोलती है - क्या एमी बाबा आप हमे धानो बुला रहे है ? एमी उनके पास आते हुए उनके गाल खींचते हुए कहता है -अब आप मेरी धानो हो तो हो तभी तो आप मेरी गर्लफ्रैंड हो ! औरत -क्या आप भी बाबा !! रौनक - काकी देख रही हो आप इसे में इसे काम समझा रहा था और ये है कि सुन ही नही रहा है एमी रौनक के गले मे हाथ डालते हुए -ओह मेरे प्यारे से भाई पहले कुछ खा ले फिर काम देख मेरी धानो ने आज इतना अच्छा नास्ता बनाया है और तू पहले काम बोल रहा है न जी न तूने सुना है न पहले पेट पुजा फिर काम दूजा ! वो कुर्सी पर बैठ गया और कह -चलो दो जल्दी ! वो औरत मुस्कुरा दी और एमी को नास्ता परोसा रौनक भी उसके साथ ही बैठ गया एमी ने पहला निवाला खाया और कह -वाह मज़ा आ गया सुबह सुबह आपके हाथ का खाना हो तो और क्या चाहिए ! वो औरत मुस्कुरा दी रौनक और एमी नास्ता करने लगे एमी ने नास्ता किया और उठे तो एमी ने रौनक से कह - रौनक वो ले आया तू ? रौनक ने हाँ में सिर किया और एमी को एक लिफाफा दिया एमी ने वो लिया और उस औरत के पास आकर बोला -काकी !! वो औरत ने एमी को देखा और कह -जी बाबा कुछ चाहिए था क्या आपको ? एमी ने वो लिफाफा उनके हाथ मे देते हुए कहा -ये रख लीजिए और अगर और जरूरत पड़ी तो मुझे या रौनक को कह दीजिएगा ! वो औरत एमी को देखने लगी तो एमी ने कहा -आप अगर मुझे नही बताएंगी तो मुझे पता नही चलेगा क्या ? अब इससे रखो आप और उसके लिए कोई भी और जरूरत हो तो बेझिझक आप मेरे से कह सकती है ! वो औरत नम होकर एमी को देखने लगी वही रौनक मन ही मन बोला -तू कब क्या है ये समझना नामुमकिन है एमी और मुस्कुरा देता है की तभी एक रौबदार आवाज घर मे गूंजती है - हाँ सब लुटा दो तुम ये खैरात बांटने लगे हो और इन लोगो को शर्म तक नही है बस मुँह उठाया और ले लिया ! उनकी बात एमी के चहरे पर भाव बदलने लगते है वो आदमी डाइनिंग टेबल पर आते है रौनक बोलता है -एमी चल देर हो रही है ! औरत एमी से बोलती है -बेटा आप ने हमारे लिए इतना सोचा ये बहुत है मेरे लिए पर में ये नही ले सकती आदमी -नाटक अच्छा है पहले ले लो और फिर ये नाटक करो ! एमी को अब गुस्सा आने लगता है वो बाहर डिंनिंग टेबल के पास आता है रौनक और वो औरत डर जाते है कि एमी वही कुर्सी पर बैठ जाता है और कहता है - मानसी काकी क्या आप ने सुना है क़भी की उल्टा चोर कोतवाल को डाटे ये कहावत न इस घर मे न बहुत चलती है अब दिखिए न जो खुद इतना अच्छा नाटक करते थे वो दुसरो को नाटक बोल रहे है कमाल है ये तो !! एमी की बात सुनकर वो आदमी गुस्से में बोलते है -तुम तमीज भी भूल गए हो क्या ? एमी गुस्से में - मुझे तमीज के बारे में आप से सीखने की कोई जरूरत नही है और दूसरी बात मेरे घरवालों को कुछ भी कहने से पहले सो बार सोच लिया कीजिए न ही मुझे पसंद है कोई अपनी राय दे ! आदमी ग़ुस्से में - अरमान !! अरमान -मिस्टर मेहरा आप यहां रहते है में इतना बर्दश्त करता हूं पर इससे ज्यादा मेरा इम्तिहान मत लीजिए , रौनक गाड़ी निकालो रौनक चुपचाप वहां से चला जाता है अरमान मानसी के पास आता है और बोलता है -ओह मेरी धानो ये रखो और जरूरत हो कह देना मां की जरूरत बेटा नही समझेगा तो कौन समझेगा !! मानसी नम हो गयी तो अरमान ने कहा -ये क्या मेरी धानो रोयेगी तो उसके डार्क सर्किल आ जाएंगे फिर मेरा क्या होगा ! मानसी -चुप बदमाश ! अरमान- बस यू ही मुस्कुराते रहा करो अच्छा अब में चलता हूं शाम को मिलूंगा उंसने मानसी के पैर छुए और एक नजर मिस्टर मेहरा देखकर वो चला गया !! मिस्टर मेहरा गुस्से में अपने कमरे में चले गए !! अंशिका अंशी के स्कूल जाने के बाद ऑफिस के लिए निकल गयी इन पांच सालों में अंशिका ने अपने दम पर एक नई पहचान बना ली थी जितना संघर्ष उंसने किया था इन पांच सालों में आज वो उस मुकाम की हकदार भी थी कि मुंबई की हर कंपनी उसे जानती थी लेकिन अंशिका का मिजाज बाहरी दुनिया के लिए बिल्कुल अलग था वो एक सख्त किस्म की लड़की थी अंशिका ऑफिस आयी उसकी गाड़ी की आवाज़ सुनते ही सब के सब जल्दी से अपने कामो में लग गए अंशिका अंदर आयी तो तुरत उसके साथ उसकी सेक्रेटरी भी आ गयी ! सेक्रेटरी -Good Morning mam !! अंशिका - आज का क्या वर्क है और मिस्टर मित्तल वाला काम पूरा हुआ कि नही ? सेक्रेटरी -mam वो ..वो ! अंशिका केबिन में आ गयी और कह -अगर मुझे जहा तक याद है मेरी कंपनी में वो नाम का कोई नही है और अगर आप किसी वो को जानती है तो उन से बात कर सकती है और जब बात हो जाये तो मुझे बता दीजिएगा ! अंशिका की बात सुन शीतल (सेक्रेटरी ) बोली -नही mam ऐसा नही है अंशिका -तो आप अब मिस्टर मित्तल के बारे में कहना चाहती है शीतल -mam मिस्टर मित्तल की कंपनी ने अभी तक मॉडल्स को नही फाइनल किया है उनका कहना है कि वो अभी ढूढ रहे है अंशिका -उन से कह देना अगर आज शाम तक मॉडल्स नही मिले तो कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर दिया जाएगा और जितना पेमेंट है उन्हें वापस करना होगा ! शीतल -पर mam इस से हमे भी नुकसान होगा ! अंशिका -जो लोग अपने काम को सही से न कर पाए उनके लिए मेरी कंपनी में कोई जगह नही है कह देना आज शाम तक का व्वत है शीतल -जी !! अंशिका -और क्या है ? शीतल - मम आप की मीटिंग्स है और कुछ जगह आप को काम देखने भी जाना है बन्द्रा वाली जो शूट है वहा उन लोगो को कोई इशू हुआ है ड्रेस में और साथ ही आज मिस्टर रहेजा ने आप को इनविटेशन दिया है उनके यहां एक पार्टी में अंशिका -मिस्टर रहेजा को मेरी तरफ से एक बोके और कांग्रट्स नोट भेज देना और बन्द्रा वाली साइट पर जो भी ड्रेस में इशू है उसके लिए मोनिका को बुलाओ वो पता करे कि क्या हुआ है मीटिंग्स आज मेरी सारी सुबह की रखना और ? शीतल -आप को आज फण्ड भी देना है ! अंशिका -ठीक है मोनिका को अंदर आने को कह देना ! शीतल -ओके mam ! अंशिका - अब आप जा सकती है ! शीतल -mam एक बात और ? अंशिका -mam जिस स्टार को हमने एक शूट के लिए अपररोचे किया था 2 दिन में उनके संग आपकी मीटिंग है ! अंशिका -ठीक है ! शीतल बाहर चली गयी और अंशिका अपने काम मे लग गयी !! अरमान गाड़ी में था रौनक उसे देख रहा था रौनक को ऐसे देखते हुए पाकर अरमान ने कहा -सामने देख एक्सीडेंट करना है क्या? रौनक - एमी तू उन से अरमान - रौनक मुझे उस बारे में कोई बात नही करनी और जो वो करते है उन्हें उसी तरह जवाब देता हूं बाकी उनकी वकालत करनी है तो में दूसरी गाड़ी से आ जाऊंगा !! रौनक बोलता की अरमान की नजर सामने गयी उसकी आंखें बड़ी हो गयी उंसने तुरत कह -रौनक !!! रौनक ने सामने देखा तो वो भी डर गया एक बच्ची रॉड पर आ गयी थी अरमान ने तुरत गाड़ी का स्ट्रिंग घुमा दिया जिससे गाड़ी इद्दर -उधर होने लगी और ब्रेक लगाया गाड़ी बिल्कुल बच्ची के पास आकर रुकी बच्ची भी डर गई वो जामीन पर गिर गयी जिससे उसके पैर में हल्की सी लग गयी भीड़ जमा हो गयी अरमान ने रौनक से गुस्से में कह -कह था सामने देख पर नही तुझे तो उन सब मे पड़ना है और तुरत गाड़ी से उतरकर बाहर उस बच्ची के पास आया रौनक भी तुरत गाड़ी से निकला बच्ची रो रही थी तो अरमान ने प्यार से कह -बेटा आप सही तो हो आप को लगी तो नही बच्ची रोते हुए -लगी है देखो ! अरमान ने देखा तो बच्ची का घुटना छिल गया था जिससे हल्का सा खून आ गया था अरमान ने उसे गोदी में लिया और कह -चलो में दवा लगवा देता हूं बच्ची -नही मुमा ने कहा है कि अनजान लोगों से बात या उनके साथ नही जाते है अरमान -ह्म्म्म आपकी मुमा ने सही कहा है पर चोट तो आप को मेरी वजह से लगी है न तो देखना होगा न एक काम करते है आप की मुमा ने साथ जाने से मना किया है न ? बच्ची -हा तो हम यही आप की चोट सही कर देते है ओके ! बच्ची -कैसे ? अरमान मुस्कान दिया उंसने बच्ची को गाड़ी में बैठाया और फिर पीछे वाली सीट से फर्स्ट एड बॉक्स निकाला रौनक -बेटा सॉरी आप को मेरी वजह से चोट लग गयी बच्ची -पर अंकल वो तो में गिर गयी न इसलिए लग गयी ! अंकल सुन रौनक ने कहा -में आप को अंकल लगता हूं ? अरमान -रौनक चुप हो और दवा लगाने दे ! अरमान लगता कि उसका फोन बज उठा कि रौनक ने कहा -ला में लगा देता हूं अरमान रौनक को देता की बच्ची ने उसका हाथ पकड़ लिया अरमान उसे देखने लगा वो वापिस बैठा और कह -में लगा देता हूं अरमान बच्ची के दवा करके रुमाल बांध देता है और बोलता है -लो हो गया देखो अब चोट जल्दी से सही हो जाएगी आप की वैसे आप से एक बात पुछू बेटा आप यहाँ रोड पर कैसे आये और आपकी मुमा या कोई और कहा है ? बच्ची -वो में अपनी फ्रेंड के साथ आइसक्रीम लेकर आ रही थी पर वो भाग गई पहले में जैसे ही जाने लगी कि कार आ गयी और में डर गई अरमान -बेटा ऐसे अकेले नही जाते न अगर अभी आप को ज्यादा लग जाती तब बच्ची नीचे मुँह किये -सॉरी !! अरमान -कोई बात नही चलो अब आप को आइसक्रीम खिलवाते है ! बच्ची -पर मुमा ने मना किया है न अरमान -पर अब आप मुझे भी जान गए और में आपको भी तो फ्रेंड्स देखो में बुरा नही हूं अरमान ने मासूम सा फेस बना लिया तो बच्ची हँस दी उसे देख अरमान के चहरे पर भी एक मुस्कान आ गयी रौनक ने बच्ची को आइसक्रीम लेकर दी की तभी वहां शांता आ गयी और अंशी को अरमान और रौनक के पास देखकर वो तुरत वहां आयी और अंशी को अपनी और करके कह - अंशी बेटा आप कह चली गयी थी शांता ने डरते हुए कहा रौनक और अरमान शांता को देख रहे थे ! की शांता की नजर अरमान और रौनक पर गयी उंसने कह -आप ? अरमान कहता कि अंशी बोली -ताई ये मेरे फ्रेंड है इन्होंने ही मेरी चोट सही करी देखो ! शांता ने जैसे ही चोट सुनी तो कह -ये कैसे लगी आप को ? अरमान -आप फिक्र मत कीजिए हल्की सी है जल्दी सही हो जाएगा ! शांता -शुक्रिया आप दोनो आप ने अंशी को बचाया ! अरमान -नही ऐसी कोई बात नही है की तभी फिर अरमान का फोन बजा तो अरमान ने कहा -अच्छा अब हम चलते है और अंशी आप भी अपना ध्यान रखना बच्चा ! अन्वी -ओके फ्रेंड बाई ! बाई अंकल !! अंकल सुन रौनक फिर मुह बना लिया और अरमान हँस दिया !! अरमान और रौनक निकल गए वही शांता अंशी को लेकर घर आ गयी ! शाम को अंशिका घर आई तो उसने कह -अंशी बच्चा !! अंशिका की आवाज़ सुन शांता बाहर आई और उसे पानी दिया अंशिका ने पानी पिया और कह -शांता अंशी कहा है और आप भी तैयार हो जाओ जाना है शान्ता बोलती की अंशी आयी और अंशिका के पैरों से लिपट गयी उसे करता देख अंशिका के चहरे पर एक मुस्कान आ गयी वो नीचे बेठी की उसकी नजर अंशी के घुटने पर बांधे रूपाल पर गयी वो चौक गयी और अंशी को गोदी में उठाकर कुर्सी पर बैठाते हुए कहा -अंशी ये चोट कैसे लगी आप को ? शांता क्या हुआ बोलो ! अंशी -मुमा में बिल्कुल ठीक हूं बस थोड़ी सी लग गयी वो में न भाग रही थी और कार आ गयी ! ये सुनते ही अंशिका डर गई उंसने अंशी को गले लगा लिया एक डर पनप गया उसकी आंखों में फिर वो उससे अलग हुए और कह -आप से कितनी बार कह है कि ऐसे नही करते पर आप मेरी सुनती ही कह हो अंशी -सॉरी मुमा अब नही करेंगे आप गुस्सा मत हो न अंशी ने मासूमियत से कह तो अंशिका ने उसे फिर से गले लगा लिया थोड़ी देर बाद वो अलग हुए और कह -जाओ आप तैयार हो जाओ फिर चलते है ! अंशी ने प्यार से अंशिका के गाल पर किस किया और शांता के संग जाने लगी फिर रुकी और कह -मुमा अंशिका -हा अंशी -मेरे न एक फ्रेंड और अंकल है दोनो बहुत अच्छे है और फ्रेंड तो बहुत अच्छे है अंशी ये कहकर शांता संग चली गयी अंशिका -फ्रेंड ? अंशी की बात सुन वो सोच में डूब गई ।
अरमान और रौनक सबसे पहले शूट पर आए अरमान को देख वहां के लोग सारे खड़े हो गए और कह -सर आ गए सर आ गए काम शरू करो !! अरमान को एक ब्रांड के लिए शूट करना था अरमान सीधे अपनी वैनिटी में चला गया तैयार होने उसके साथ साथ रौनक भी वैनिटी में आ गया अरमान वही सोफे पर बैठ गया रौनक अपना चेहरा शीशे में देखने लगा उसे ऐसा करता देख अरमान बोला -क्या हुआ तू क्यों आज खुद को घूर रहा है जैसे खुद ही पहली बार देखा हो रौनक अपना चेहरा इद्दर उधर करते हुए परेशान होते हुए बोला -यार मुझे डर लग रहा है ? अरमान -अरे डर मत हम तेरे लिए एक अच्छी सी एक आंटी लाएंगे न उसकी बात सुनते ही रौनक ने घूरकर देखा तो अरमान ने मुँह पर हाथ रखा और कह -अच्छा ओके ओके !! चिल यार वो बच्ची थी अब जो उसे लगा कह दिया और तू भी कितना सोचता है रौनक मुँह बनाकर -हाँ तू तो बोलेगा ही वेसे एक बात तो है बच्ची कितनी प्यारी और समझदार थी न मतलब चोट लगने के बाद भी वो हेल्प नही ले रही थी अरमान -हाँ थी तो बड़ी प्यारी सच बोलो तो उसे देखकर एक पल को लगा कि कोई गहरा रिश्ता हो मेरा उससे अरमान की बात सुन रौनक ने कहा -क्यों उसकी मुमा से मिलना है क्या और हँस दिया ! अरमान -शट उप !! और चल काम कर अब !! रौनक और अरमान शूट पर लग गए !! उधर अंशिका अंशी शांता के साथ पार्क में आ गयी अंशी बहुत खुश थी और उसके चेहरे की खुशी देख अंशिका के चहरे पर एक मुस्कान खिल उठी अंशी को ऐसे देखते हुए शांता ने अंशिका से कह -दी हमे माफ कर दीजिए अंशिका -क्यों शांता क्या हुआ ? शांता नीचे सर किये बोली - आज अंशी बेटी को हमारी वजह से चोट ..शांता को ऐसे बोलता देख अंशिका ने कहा -शांता अंशी ठीक है और आप की कोई गलती नही है आपकी अंशी देखो कितनी खुश है तो बस मुस्कुरा दीजिए !! शांता अंशिका की बात सुनकर बोली - आप क्या है दी कौन कहेगा कि आप वो अंशिका है जिससे पूरा मुम्बई डरता है अंशिका -शांता डर इस उसे ही लगता है जिसने कोई गलती की हो या किसी को खोने का डर हो और मेरे पास बस मेरी बेटी है जिसके लिए में बस उसकी मुमा हूं !! शांता मुस्कुरा दी ! अंशी वहां खेल रही थी कि कुछ लड़कों की नजर उस पर गयी एक बोला -सुन वो देख वो बच्ची दूसरे लड़के ने उसे देखा और एक गंदी मुस्कान से कह -इसका बहुत अच्छा दाम मिलेगा दोनो एक गंदी हँसी हँस दिया दोनो छुपते -छूपते उस पार्क में घुस गये अंशी बहुत देर खेलती रही कि अंशिका ने उसे आवाज़ लगाई -अंशी घर चले अब बेटा देर हो गयी है अब अंशी -हा मुमा आये ! इतने में एक लड़का अंशिका से टकरा गया उंसने अंशिका को देखा और सॉरी बोला अंशिका ने उसे कोई नही बात कह और आगे बढ़ गयी अंशी अंशिका के पास आई तो अंशी ने कहा -मुमा आइसक्रीम खिला दो न अंशिका प्यार से -ओके आप शांता ताई के पास रहो हम लाए अंशी ने हा किया तो अंशिका icecream लेने चली गयी ! आदमी -चल !! वो अंशी के तरफ बढ़ गए वही अरमान और रौनक शूट से लौट रहे थे रौनक ने कहा- एमी तूने शूट आगे क्यों बढ़ा दी इतने वक़्त बाद तो शरू हुए थी और तूने आगे बढ़ा दी अरमान - हा क्योंकि मुझे उस मे कुछ सही नही लगा इसलिए और क्या हुआ अगर आगे कर दी देखता हूं रौनक - एमी तू इस उस एक सीन की वजह से अरमान जोर से - वो एक सीन नही था रौनक और कितनी बार कह है तेरे से की स्क्रिप्ट पढ़ लिया कर लेकिन तू देखता नही है रौनक अरमान के इस तरह बोलता देख रौनक ने कहा - एमी सॉरी आगे से ध्यान रखूंगा अरमान को समझ आया कि उसने गलती से जोर से बोल दिया उंसने खुद को शांत किया और रौनक से कह - ई आम सॉरी रौनक ! रौनक हल्का मुस्कुरा उठा और कह - कोई बात नही एमी तेरा दर्द समझता हूं आगे अरमान ने कुछ नही कह न रौनक ने और गाड़ी आगे बढ़ा दी ! उधर अंशी शांता के संग थी की तभी अंशी का गुबारा उड़ कर दूर चला गया शांता बोली -अंशी बेटा आप रुको हम लाये जाना मत शांता गुबारा लेने चली गयी अंशी वहां थी कि वो आदमी आये और अंशी से कह -बेटा कैसे हो आप ? अंशी ने देखा और कह - आप कौन हो ? अंशी जब तक समझ पाती दूसरे आदमी ने उसे बेहोश कर दिया उंसने अंशी को उठाया और लेकर निकलने लगे कि शांता वापिस आयी अंशी को न देख वो परेशान हो गयी कि तभी अंशिका ने शांता को देखा और जब उसे अंशी नही दिखी तो वो बोली -शांता अंशी कहा है ? शांता डरते हुए- दी में बस अंशी का गुबारा लेने गयी गयी थी जब लौटी तो अंशी नही थी ! अंशिका के होश उड़ गए वही अरमान भी घर ही जा रहा था कि एक गाड़ी बहुत तेज़ी से उसके पास से निकली अरमान गुस्से में -पागल हो क्या ! पर वो गाड़ी तेज़ थी कि तभी उसकी नजर अंशी पर गयी जो बिहोश थी उसके होश उड़ गई उंसने रौनक से कह -रौनक ये तो अंशी है सुबह जो बच्ची थी रौनक ने देखा तो गाड़ी जा चुकी थी रौनक -कह है ? तू उसके बारे में ज्यादा सोच रहा है लगता है अरमान -नही वो अंशी थी उंसने गाड़ी की चाभी ली तो रौनक ने कहा -कह जा रहा है तू अरमान -तू घर जा में आ रहा हूं और वहां से निकल गया रौनक देखता रह गया !! इद्दर एक आदमी की आवाज आयी - बॉस !! पूरी 100 हो गयी है , आदमी हँसा और कह इस बार बहुत अच्छी कमाई होगी बहुत मक्खन मिला है और सब हँसने लगते है ! अरमान गाड़ी का पीछा करते करते उनके अड्डे तक आ गया था वो एक फैक्ट्री थी अरमान ने गाड़ी वही पीछे रोकी और अंदर बढ़ गया वो अंदर आया तो उसे कई बच्चों के रोने की आवाज़ें आने लगती है अरमान कैसे तैसे करके बच्चो के पास पहुंचता है उसे देखकर बच्चे डर जाते है वो प्यार से कहता है -डरो मत आप घर जाना है न ? सब बच्चे हा में सिर हिलाते है तो अरमान कहता है -बस में जैसा कहता हूं आप वैसे करना और आज हम एक गेम खेलेंगे ओके ! बच्चें -ओके !! अरमान को अभी भी अंशी नही मिली थी वो मन ही मन बोला -अंशी को यहां नही रखा है मतलब वो कहीं और है पर पता कैसे करू ? वो ये सोच रहा था तभी उसके चेहरे पर एक मुस्कान आ गयी ! उंसने बच्चों से कुछ कह तो बच्चें बस हँस दिए अरमान ने कह -तो शरू करे बच्चा पार्टी ! बच्चे -हाँ !! आदमी लोग बैठे ताश खेल रहे थे कि तभी शोर की आवाज़ आने लगी एक आदमी बोला -ए देख इतना शोर क्यों कर रहे है ये बच्चे मुँह बन्द कर इनका ! आदमी उठा और उसने बच्चों के कमरे का दरवाजा जैसे ही खोला और वो बोलता की तभी एकदम से सारे बच्चो ने उस पर हमला कर दिया उसके ऊपर सारा सामान फेंकने लगे ऎसे करने से वो आदमी हड़बड़ा गया और बाहर आया उसे आता देख बाकी आदमी भी खड़े हो गए और चौक गए सब बच्चे एक एक करके उन लोगो को मारने लगे !! वही अरमान इन सब से बचते बचते अंशी को ढूढने लगा की उसे एक कमरे में अंशी दिखी वो बिहोश थी अरमान तुरत अंदर आया और अंशी को गोदी में उठाके बोला -अंशी ! बेटा अंशी !! पर शायद अंशी को बिहोशी के लिए जो दवा दी गयी थी वो बहुत तेज़ थी जिससे अंशी बस बड़बड़ा रही थी -मुमा मुमा!! अरमान अंशी को लेकर कमरे से बाहर आ गया !! उधर अंशिका तुरत पुलिस के पास गयी अंशिका का पुलिस स्टेशन आना मतलब बहुत बड़ी बात थी सारी पुलिस अंशी को ढूंढ रही थी वही अंशिका की हालत बहुत खराब हो रही थी पुलिस -मम !! पता चला कि एक गिरहोह है जो बच्चियों को किडनैप कर उन्हें विदेशों में बेंच देता है हो सकता है आपकी .बे वो आगे बोलता की अंशिका ने जोर से कह -कुछ नही हुआ उसे जल्दी चलिए उसकी बात सुन पुलिस भी कह नही पाई और आगे बढ़ गयी अंशिका मन ही मन -मेरी बेटी को जिसने भी चोट देने की कोशिश की उसे बहुत बड़ी कीमत चुकानी होगी !! वही बच्चों ने उन गुंडों की हालत खराब कर दी थी कि एक ने बन्दूक उठायी और कह -बहुत हो रहा है अब करो और जैसे ही बन्दूक चलाने को हुआ की उसके हाथ पर किसी ने मारा जिससे बन्दूक छूटकर गिर गयी उंसने सामने देखा तो अरमान था अरमान ने कहा -क्या मुन्ना बच्चों के संग इसके साथ नही खेलते तूने पढ़ा नही क्या ? गुंडा - साले तू कौन है ? और तू यहां आया कैसे ? अरमान हँसते हुए -अरे जहां गुंडे हो वहां हीरो तो होगा न क्यों बच्चे लोग !!. बच्चे -हाँ !! गुंडे -लगता है तुझे ठोकना ही पड़ेगा ! अरमान -वाह क्या बात है तू तो अच्छा बोल लेता है एक काम करता हूं अपनी अगली मूवी में तुझे रख लेता हूं अरमान -एक मिनट !! यार ! उंसने अंशी को एक जगह लिटा दिया और फिर कह - हाँ चल अब !! गुंडे अरमान पर टूट पड़े अरमान ने उन्हें आराम से एक बार मे धो डाला इस बीच उसे भी चोट आई अरमान ने नीचे पड़े गुंडों से कह -यार जब पता है कि क्या हाल होगा तो समझना चाहिए था न देखो मेरा कितना टाइम वेस्ट कर दिया !! उंसने कह -चले बच्चा पार्टी गेम हम जीत गए सब बच्चे अरमान के गले लग गए तो अरमान मुस्कुरा उठा उंसने अंशी को गोदी में उठाया कि तभी पुलिस वहाँ आ गयी पुलिस वहां का नजरा देख पुलिस हैरान थी की अरमान ने कहा - लो पुलिस भी आ गयी पुलिस ने अरमान को देखा -सर आप !! अरमान -सर अब विलेन होंगे तो हीरो तो होगा ही न में आपके पास ही रहा था कि आप आ गए पुलिस -पर आप को कैसे पता चला कि यहाँ . अरमान -सर वो आगे बोलता की अंशिका भागती हुए अंदर आयी और कह -अंशी बेटा अंशी अंशिका की आवाज सुन अरमान उस ओर देखने लगा अंशिका को देख एक पल को अरमान देखता रह गया कि अंशिका की नजर जब अरमान पर गयी जो अंशी को गोदी में लिए हुए था उसे तुरत देखते ही अंशिका उसके पास आई और गोदी में अंशी को लेकर उसे गले लगा लिया अंशिका -बच्चा मुमा आ गयी देखो !! वो उसे लगाए रखी अरमान बस उसे देख रहा था कि अंशिका ने गुस्से में अरमान को देखा और एक थप्पड़ उसे जड़ दिया !! अरमान को थप्पड़ पड़ता देख सब चौक गए कि अंशिका गुस्से में बोली -तुम्हरी हिम्मत कैसे हुए मेरी बेटी को किडनैप करने की पुलिस वाला बोलता की अंशिका ने कह -इंस्पेक्टर इसे ऐसी सज़ा दी जाए कि ये याद रखे कि इन्होंने क्या किया है लगते तो बड़े घर के है और इतना चीप काम ये सिखाया है तुम्हे घरवालों ने अरमान को ग़ुस्सा आ गया कि तभी बच्चे बोले -दी आप क्या बोल रहे हो भैया ने तो हमे इन गुंडों से बचाया है अंशिका का सुना तो वो हैरानी से अरमान को देखने लगी अरमान ने गुस्से में अंशिका को देखा और फिर इंस्पेक्टर से कह -सर आप इन बच्चों को ले जाएं और कोई भी मेरी जरूरत हो तो में पुलिस स्टेशन आ जाऊंगा उंसने फिर अंशिका को देखा जो उसे देख रही थी अरमान ने कहा - और आप अंशी को हॉस्पिटल ले जाएं बेहोश है वो डॉक्टर उसे देख लेंगे और उंसमे भी आप को में चीप लग रहा हूं तो आप के साथ मे भी चल देता हूं क्या पता आप को लगे ये भी मैंने ही किया है अंशिका चुप सी हो गयी !! इंस्पेक्टर सब बच्चों को लेकर चले गए अंशी को लेकर अरमान और अंशिका अंशी को लेकर हॉस्पिटल आ गए अंशी के पास अंशिका बेठी थी शांता को उंसने बता दिया था डॉक्टर अंदर आये अंशी को देखकर उन्होंने कहा -फिक मत कीजिए आप की बेटी को जल्द ही होश आ जायेगा सही समय पर आ गयी वो वरना देर हो जाती ! अंशिका ने अंशी को देखा और सिर पर हाथ फेरा डॉक्टर बाहर चले गए अंशिका ने नम आंखों से अंशी को देखा और कह -अगर आप को आज कुछ हो जाता तो मुमा का क्या होता सॉरी बच्चा मुमा आप को अकेले छोड़ गयीं उंसने उसके माथे पर किस किया कि उसे अरमान याद आया वो खुद से बोली -हमने क्या नही बोल दिया उन को हमे माफ़ी मांगनी चाहिए अरमान अंदर आया उंसने एक नजर अंशिका को देखा और फिर अंशी के पास आकर उसे देखने लगा अंशिका अरमान को देख रही थी उसे समझ नही आ रहा कैसे कहे ? अरमान ने भी कुछ नही कह उंसने अंशी को प्यार से देखा और फिर जाने लगा अंशिका ने जोर से कह -सुनिये !! अरमान के कदम रुक गए !! अंशिका उसके पास आकर खड़ी हो गयी अरमान चुप रह अंशिका इद्दर उधर देखते हुए कहा -वो मुझे आप से ... अरमान - बाकी है कुछ !! अंशिका -वो .. अरमान -मुझे काम है आप अंशी का धयान रखे !! और चला गया अंशिका देखती रह गयी!
अरमान चला गया था अंशिका देखती रह गयी आज पहली बार उसे बुरा लगा कि उंसने अरमान को गलत समझा वो माफी मांगना चाहती थी पर न जाने क्यों अरमान के सामने चुप हो गयी !! अंशी को होश आ गया था अंशिका जहाँ अभी तक अंशिका अरमान के बारे में सोच रही थी कि अंशी की आवाज़ से उसका ध्यान टूटा और वो तुरत उसके पास आई उंसने उसके सिर पर हाथ फेरा और कह -हा बच्चा मुमा है देखो अंशी अंशिका को देख रोनी लगी और कह -मूमा वो बहुत थे अंकल उन्होंने मेरे ऊपर रूपाल रख दिया और मुझे बिहोश कर रहे थे न तब मेरे बहुत दर्द हुआ था मुमा वो बहुत बुरे थे अंशिका ने प्यार से उसका हाथ पकड़ा और कह -बच्चा अब रोना नही है मुमा है न आप को कोई कुछ नही कर सकता और उन गंदे लोगो को सज़ा भी मिलेगी ओके ! अंशी मुस्कुरा दी फिर उसने इद्दर उधर देखा तो अंशिका ने कहा -क्या हुआ बच्चा क्या चाहिए आप को ? अंशी -मुमा फ्रेंड कह गए ? अंशी की बात सुन अंशिका ने अंशी को हैरानी से देखा और कह - फ्रेंड ? अंशी -हा मुमा वही जिनके बारे में आप को बताया मुझे याद है मुमा वो मुझे बुला रहे थे पर में इतना बोल नही पाया था वो ही मुझे बाहर लाये थे कह है वो में थोड़ा थोड़ा याद है उन्होनें उन गंदे लोगो को मारा भी था अंशी की बात सुन अंशिका मन ही मन बोली -मतलब अंशी को सुबह बचाने वाले वही थे और अभी भी और मैंने बिना जाने समझे उन पर वो चुप हो गयी कि अंशी ने कह -मुमा कहा है वो बोलो न ? अंशिका -बेटा वो उन्हें जरूरी काम से जाना पड़ा इसलिए वो गए है पर वो कहकर गए है कि आप अपना धयान रखोगे अंशी -मुमा हम उन से कब मिले पाएंगे अंशिका -बेटा जल्दी ! पर अब आप रेस्ट करो मुमा डॉक्टर से बात करके आती है फिर घर चलेंगे अंशिका ने अंशी के माथे पे किस किया और कमरे से बाहर निकल गयी ! वही रौनक ने न जाने कितने फोन अरमान को कर डाले थे लेकिन उसका फोन लगा ही नही था जिस बात की वजह से रौनक इद्दर उधर गुस्से में बोला - आने दो आज इससे इसकी अच्छी सी क्लास लूंगा बिना बताए चला गया और अब फोन भी नही उठा रहा मानसी भी अरमान को लेकर परेशान थी की तभी अरमान अंदर आया उसको देखते ही रौनक और मानसी चौक गए क्योंकि चोट उसे लगी थी कपड़े भी लड़ते वक़्त खराब हो गए थे मानसी और रौनक तुरत उसकी तरफ आये और उसे पकड़ते हुए रौनक ने कहा -एमी ! ये क्या हुआ ?कैसे हुआ ? तुझे इतनी चोट कैसे लगी ? मानसी परेशान होती हुई - हाँ बाबा ये सब आप ठीक तो है अरमान -हा में बिल्कुल ठीक हूं और ये तो हल्की सी है वो मेरा ध्यान नही था न और तेज़ गाड़ी थी तो सिंगल पर रोकते रोकते वक्त लग गया और इसी की वजह से मेरे हाथ मे लग गयी मानसी नराजगी जताते हुए -आप से कितनी बार कह है बाबा की आप आराम से गाड़ी चलाया करो लेकिन आप सुनते नही हो देखो लगी न अरमान मासूम सा चहरा बनाते हुए -काकी देखो मुझे लगी है आप गुस्सा हो रहे हो सच मे मैंने जानकर नही किया अरमान को ऐसे बोलता देख मानसी ने कहा -आप बैठो हम आपके लिए अभी दूध लाते है और आप चुपचाप पीना अरमान ने मुँह बनाया तो मानसी दूध लेने चली गयी अरमान ने अब रौनक को देखा जो उसे घूर रहा था अरमान समझ गया की रौनक क्या पूछ रहा है इतने मानसी आ गयी उंसने अरमान को दूध दिया तो अरमान ने पी लिया मानसी ने गिलास लिया और कह - अब आप आराम करो रौनक बाबा आप ले जाओ अरमान बाबा को कमरे में रौनक -हा चल तू ! अरमान कमरे में चल दिया रौनक भी उसके साथ चल दिया मानसी ने देखा और फिर किचन में चली गयी अरमान कमरे में आया और बिस्तर पर बैठ गया रौनक अंदर आया और उसके पास जाकर खड़ा हो गया अरमान ने उसे देखा और फिर लेटने लगा तो रौनक ने कहा - तू बता रहा है या नही की कैसे लगी ये ? अरमान - बताया तो रौनक ने घूरते हुए कहा -देख मानसी काकी के सामने में नही बोला पर अब तू बता क्योंकि जब तू जा रहा था तब तूने कह था कि तूने अन्वी को देखा था तो अब बता रहा है या नही रौनक को ऐसे बोलता देख अरमान ने एक नजर देखा और फिर कह -मेरी फाइट हुए थी गुंडों से रौनक -क्या?? अरमान -हम्म असल मे जब मैंने अन्वी को देखा था तो मे उसका पीछा किया तो पता चला कि अन्वी को किडनैप किया गया था रौनक गुस्से में -और तू उन गुंडो से भिड़ गया तू पागल है क्या एमी तू हीरो है पर इसका मतलब ये नही की तू रील को रियल बना दे अगर तुझे कुछ हो जाता तो अरमान- रौनक सिर्फ अन्वी ही काफ़ी बच्चें थे और में ऐसे नही कर सकता था में ठीक हूं तेरे साथ हूं मुझे इतनी जल्दी कुछ नही होगा रौनक मुँह बनाकर -हा हा दिख रहा है अरमान लेट गया तो रौनक ने कहा -कैसे है अन्वी अब ? उसकी मुमा को नही पता चला कि उनकी बेटी के संग ऐसा हुआ रौनक की बात सुनते ही अरमान को एक पल को अंशिका याद आ गयी उसका वो गुस्से से भरा चेहरा उसके सामने घूम गया रौनक ने जब देखा कि अरमान खोया हुआ है तो उसने कहा -तू कह खो गया ? अरमान -अन्वी की मां वहां आ गयी थी रौनक - तो तू मिला उन से उन्होंने तो तुझे फिर थैंकयू कहा होगा अरमान सोचते हुए -हा बहुत अच्छे से रौनक -अच्छा तू आराम कर बाकी में देख लूंगा अरमान- हम्म! रौनक कमरे से चला गया वही अरमान अंशिका के बारे में सोचते हुए बोला -जंगली बिल्ली !! अंशिका अंशी को लेकर घर आ गयी अंशी को घर आता देख शांता ने उसे गले लगा लिया और कह -बेटा आप ठीक हो न हमे माफ़ कीजिए हम आप को ऐसे छोड़ गए थे अंशी -अरे ताई अगर आप मुझे छोड़ते नही तो फिर मुमा मुझे इतनी सारी आइसक्रीम कैसे दिलवाती उसकी बात सुन अंशिका और शांता मुस्कुरा दी अंशी ने कहा -मुमा अब हम जाकर ताई के आइसक्रीम खा ले देखो न पिघल के उसका क्या हाल हो गया है अंशी की बात सुन अंशिका हँस दी और कह -ओके जाओ पर ज्यादा नही ओनली वन अंशी -ओके मुमा अंशी -ताई चलो न शांता -चलो ! शान्ता ने कहा -दी आप भी चलो ! अंशिका -तुम चलो हम आये शांता चली गयी अंशिका ने किसी को फोन किया और कह -कल तक हो जाना चाहिए और फोन रख दिया ! अगली सुबह ! अंशी को आज स्कूल नही भेजा था उसे आज आराम करने को कह था अंशिका आफिस के लिए रेडी हो रही थी कि अंशी अंशिका के पास आई और कह -मुमा अंशिका -हा बेटा आप ने दवाई खाई जो डॉक्टर ने कहा था अंशी ने मुँह बनाया और कह -वो कड़वी नही मुमा मुझे नही खानी अंशिका ने उसे गोदी में लिया और कह -अगर खाओगी नही तो सही कैसे होगी आप ? अंशी -मुमा ठीक है हम खाएंगे क्योंकि अगर हम नही खाएंगे तो फ्रेंड से कैसे मिलेंगे और उन्होंने भी तो कह था न कि हमे जल्दी से सही होना है अंशी की बात सुन अरमान याद आ गया कि तभी उसका फोन बज पड़ा उंसने देखा और कह -बच्चा आप जाओ दवाई लो मुमा ये फोन ले ले !! अंशी -ओके मुमा अंशी उत्तर कर चली गयी अंशिका ने फोन लिया और कह -हेलो ! सामने से किसी ने कहा तो अंशिका ने कहा -गुड !! फोन रखकर अंशिका ने अंशी को आराम करने को कह और ऑफिस निकल गयी !! वही अरमान अभी तक सो रहा था कि रौनक आया और कह -उठ जा सुबह हो गयी अरमान -तू न मेरी नींद का दुश्मन है रौनक हँसते हुए -हा क्यों नही चल नोटंकी बन्द कर और ले ये कॉफ़ी पी रौनक ने कॉफी दी अरमान ने कॉफ़ी ली और बालकनी में आ गया वहां से पूरा नजारा दिख रहा था अरमान को ऐसे करते देख रौनक ने कहा -तू ऐसे क्या सोच रहा है कोई खयाल में आने लगी है क्या अरमान मेहरा के रौनक के बोलते ही अरमान के सामने एक बार फिर अंशिका का चेहरा घूमने लगा उंसने धीरे से कह -ये क्यों मेरे सामने आ रही है ओहह गॉड !! उंसने तुरत कॉफ़ी का मग टेबल पर रखते हुए सीधे बाथरुम में घुस गया ! रौनक सोचते हुए -में क्या बोल दिया!! अंशिका सीधे आफिस आयी और अपने केबिन में चली गयी उसके पीछे पीछे उसकी सेक्रेटरी सोनल भी तुरत उसके साथ अंदर आयी और कह -गुड मॉर्निंग मम !! अंशिका चेयर पर बैठती हुए -शीतल मोनिका को अंदर आने को कह दो शीतल -यस मम! मोनिका को शीतल ने अंदर बुलाया तो एक लड़की अंदर आयी उंसने कह -यस मम ! अंशिका -आप को कल अंधेरी शूट पर भेजा था ड्रेस का इशू था सॉल्व हुआ ? मोनिका -जी मम असल मे एक ड्रेस कम हो गयी थीं ये सब कैसे हुआ नही पता मम वहां भी कोई नही जानता जिस लड़की की हुए थी उससे मेरी बात हुए उंसने कहा की जब वो चेंज करने के लिए गयी तो वहां ड्रेस नही थी मैंने तुरंत उसी व्वत न्यू ड्रेस जो एक इमरजेंसी के लिए रखते है वो arrange करवा दिया है अंशिका -इतनी बड़ी लापरवाही हुए कैसे जब सारे कपड़े काउंट करके दिए गए थे तो फिर एक ड्रेस मसिंग कैसे हुए ? मुझे वहां की फुटेज चाहिए और कौन था यहाँ से भेजने वाला उसका नाम चाहिए अपनी कंपनी में इतनी बड़ी लापरवाही में बर्दश्त नही करुँगी उसकी आवाज़ में सख्ती थी मोनिका ने डरते डरते बोली जी मम में पता करवाती हूं अंशिका -आप जा सकती है मोनिका चली गयी अंशिका ने शीतल से कह -शीतल मिस्टर मित्तल का क्या हुआ ? शीतल -मम वो मॉडल्स मिल गयी अंशिका -गुड !! शीतल-मम हमने जो एक शूट के लिए एक हीरो अप्प्रोच किया है उसकी तरफ से मेल आ गया कि वो कल आप से मिलेंगे अंशिका -कौन है आप मे कोई जानता है ? शीतल -मम उन्हें तो मुम्बई जानता है ही इज़ आ ग्रेट स्टार कोई भी उन्हे देखे तो देखता रह जाये उनके इतने सारे फैंस है कि हमे इंतजार करना पड़ता है बड़ी बड़ी लाइन्स का उनके शोज़ अच्छे होते है एंड मम उनके शॉट तो बहुत ही ज्यादा फेमस है अंशिका -अगर गुणगान हो गया हो तो कोई तस्वीर तो होगी आपके पास अपने हीरो की शीतल -सॉरी मम अभी दिखाते है न शीतल ने अपने फोन में उसकी फोटो निकली और जैसे ही अंशिका को देने लगी तभी दरवाज़ा खुला और एक आवाज आयी -तुम्हे तो हम आज नही छोड़ेंगे अंशिका शीतल और अंशिका सामने देखने लगे !! वही अरमान तैयार होकर आया कि मानसी ने कहा -कैसे हो बाबा अब ? अरमान मुस्कुराकर -बिल्कुल ठीक हूं काकी मानसी -आप बैठो हम नास्ता लाये अरमान बैठा ही था कि एक मिस्टर मेहरा नीचे आ गए अरमान को कोई मतलब नही था कि उन्हें अरमान के सामने जाकर कह -अब तुम असल जिंदगी में भी गुंडागर्दी करोगे ? अरमान ने जैसे सुना ही न मिस्टर मेहरा को गुस्सा आ गया वो बोले -जवाब दो अरमान -आप की नजर वो गुंडागर्दी है मेरी नजर में किसी की ज़िंदगी और आप को अपने अलावा किसी की जिंदगी का कोई महत्व है जो आप ये सब समझे ! मिस्टर मेहरा -तुम पुलिस नही हो ये काम पुलिस का है अरमान-सवाल जवाब पुलिस का काम है आपका नही मिस्टर मेहरा मिस्टर मेहरा गुस्से में बोलते की तभी दरवाज़े पर दस्तक हुए नोकर ने खोला तो सामने देखकर अरमान उठ खड़ा हुआ और कह -आप!!