रात के 11:00 बजे आसमान एक काली गुफा की तरह दिख रहा था वह एक घना जंगल को बेहद डरावना बना रहा था जिसे लोग भूतिया जंगल भी मानते थे लोगों का मानना था की उधर भूत प्रेत का साया है और जो कोई भी उस जंगल के रास्ते से गुजरता है वह कभी लौट के नहीं आता और आज मौ... रात के 11:00 बजे आसमान एक काली गुफा की तरह दिख रहा था वह एक घना जंगल को बेहद डरावना बना रहा था जिसे लोग भूतिया जंगल भी मानते थे लोगों का मानना था की उधर भूत प्रेत का साया है और जो कोई भी उस जंगल के रास्ते से गुजरता है वह कभी लौट के नहीं आता और आज मौसम कुछ बिगड़ा हुआ था उस जंगल से अजीब अजीब आवाज सुनाई दे रही थी कभी किसी के रोने का कभी किसी के चिल्लाने का का कभी पायल की छन-छन तो कभी चूड़ियों की खन खन कुल मिलाकर वहां की सारी वातावरण में एक अजीब ही चीत्कार थी तभी दो दोस्त रॉकी और राहुल गाने का मजा लेते हुए अपने घर की ओर जा रहे थे उसकी मम्मी ने पहले ही कह दिया था रात को नहीं तुम सुबह घर आना मैंने सुना है जो जंगल है उधर भूतों का बसेरा है और यदि आना ही है घर तो उस रास्ते से कभी मत आना रॉकी जो एक शहर में पला बड़ा लड़का था वह क्या जाने इस भूत प्रेत और चुड़ैलों के बारे में रॉकी इसे अपवाह समझता था जो लोगों के द्वारा उड़ाया जाता है लेकिन राहुल को इस सब पर यकीन था कि यह कहीं ना कहीं तो होता ही है और जब तक एक इंसान अपने जीवन में यह अनुभव नहीं कर लेता की भूत प्रेत और चुड़ैल भी होते हैं तब तक वह इंसान को कभी भी विश्वास नहीं होता है इन सब चीजों पर राहुल जो डरा सहमा फ्रंट सीट पर बैठा हुआ था वही रॉकी उसके इस चेहरे को देखकर हंस रहा था और कह रहा था बेवकूफ डरपोक डर मत ऐसा कुछ नहीं होता है राहुल कहता है नहीं यार बहुत डर लग रहा है मेरे को विश्वास क्यों नहीं करता है तभी बात करते करते रॉकी और राहुल इस जंगल के आमने-सामने खड़े हो जाते हैं रॉकी गाड़ी रोकता है और राहुल को देखता है राहुल कहता है भाई मत जा हम दूसरे रूट से चलते हैं ना रॉकी कहता है नहीं मैं तो इसी रूट से जाऊंगा और मैं भी देखूं तो क्या भूत प्रेत है राहुल के लाख समझाने पर भी रोकी नहीं मानता और वह गाड़ी को इसी जंगल के रास्ते में मोड़ देता है पहले तो सब कुछ ठीक था लेकिन जब वह जंगल के बीचों-बीच पहुंचते हैं तब रॉकी को भी डर महसूस होने लगता है ऐसे लगता है कि जैसे उसकी गाड़ी के पीछे-पीछे कोई चल रहा है। या कभी-कभी उसे ऐसा लगता है कि उसके सामने से बड़ी तेजी से कोई गुजरा है राहुल कहता है भाई अभी भी वक्त है चल यहां से पर रॉकी अपने चेहरे पर डर हाजिर नहीं होने देता और गाड़ी को चलाने लगता है तभी कुछ दूरी पर उसका गाड़ी अचानक से बंद हो जाता है और गाड़ी की लाइट भी चली जाती हैं इस वक्त दोनों को भी डर महसूस होने लगा था राहुल रॉकी को घूरते हुए कहता है मैंने कहा था ना यहां मत आ बड़े बुजुर्ग कभी गलत नहीं कहते हैं दोनों अपना मोबाइल का फ्लैशलाइट जलाता है और सामने की तरफ देखता है तो उसकी आंखें फटी की फटी रह जाती है वह जहां था वही जम जाता है क्योंकि उसके सामने एक बहुत ही बदसूरत चुड़ैल खड़ी थी जिसके लंबे-लंबे बाल थे भेड़ियों की तरह नुकीले दांत जिससे खून रश रहा था उसकी आंखें बाहर थी उसकी आंखों की पुतलियां बिल्कुल गायब थी वह हवा में तैर रही थी और अपनी लाल आंखों से उस दोनों को घूर रही थी इधर रॉकी और राहुल दोनों के हालत खराब थे तभी वह चुड़ैल कहती है भयानक हंसी हंसते हुए इतने दिनों बाद किसी इंसानों का खून पीने को मिलेगा यहां तो इंसानों ने आना ही बंद कर दिया था लेकिन आज मैं तुम दोनों का खून पीकर अपनी प्यास बुझाऊंगी इतना कहकर वह बहुत ही भयानक तरह से हंसने लगती है रॉकी और राहुल का हिम्मत नहीं हो रहा था कि वह वहां से भागे जैसे किसी ने उसके पैरों को जकड़ लिया हो वह दोनों बस एक टक डरे सहमे उस चुड़ैल को देखे जा रहे थे तभी वह चुड़ैल दोनों की तरफ बढ़ने लगती है तभी पता नहीं रोकी और राहुल में कहां से एक अजीब सी शक्ति उभर आए और वह लोग पीछे की ओर भागने लगे जिधर से वह आए थे वह भाग रहे थे और चुड़ैल उसे के पीछे भाग रही थी उसे पकड़ने के लिए तभी भागते भागते राहुल का पैर फिसल जाता है और वह गिर जाता है उसके गिरते ही राहुल के मुंह से खून निकलने लगता है वह उठके भागने की कोशिश करता उससे पहले ही वह चुड़ैल उसे उसके गर्दन को पकड़ लेती है आज राहुल को उस अपनी आंखों के सामने अपनी मौत नजर आने लगी थी वो छटपटा रहा था उसकी आंखें बाहर की ओर निकल गई रॉकी जो उस जंगल से उस रास्ते पर पहुंच गया था जहां वह चुड़ैल नहीं आ सकती थी रॉकी बस एक टक राहुल को देख रहा था उसे बहुत बुरा लग रहा था और वह रो भी रहा था कि वह अपने दोस्त को बचा नहीं पा रहा था इधर राहुल अपने आप को छुड़ाने की बहुत कोशिश कर रहा था लेकिन वह उसकी पकड़ से छूट नहीं पा रहा था रॉकी बेबस आंखों में आंसू भरे उसे देख रहा था और राहुल उससे बार-बार छुड़ाने की उम्मीद कर रहा था पर रॉकी को इतनी हिम्मत नहीं हो रही थी कि वह वापस वहां जा सके तभी चुड़ैल अपनी नुकीले दांत राहुल के गर्दन में गाड़ देती है और उसकी गर्दन को एक ही झटके में उखाड़ देती है यह देखते ही रॉकी की चीख निकल जाती है और वह वहीं पर फूट फूट कर रोने लगता है चुड़ैल राहुल के उस लाश को उसके पैरों को घसीटते हुए जंगल की तरफ चली जाने लगती और एक बार रॉकी के तरफ देख कर हंसते हुए कहती है अब समझ आया कि भूत प्रेत चुड़ैल भी होते हैं आज तेरी नादानी के वजह से तेरा सबसे अच्छा दोस्त मारा गया तू बच गया लेकिन कभी ना कभी तो यहां जरूर आएगा मैं तुझे भी नहीं छोडूंगी तू जिस सड़क पर खड़ा है वहां पर एक मंदिर था जिसकी वजह से मैं उस जगह पर नहीं जा सकती थी चुड़ैल एक हाथ में राहुल का सिर पकड़े हुए और दूसरे हाथ से राहुल के पैरों को घसीटते हुए जंगल में गुम हो जाती हैं और उसका कार अचानक से ब्लास्ट हो जाता है राहुल कुछ देर तक ऐसे ही रोते रहा उसे कुछ भी एहसास कुछ भी डर नहीं हो रहा था कुछ देर के बाद वह अपना फोन निकालता है और राहुल का फोटो देखने लगता है जिससे कितनी मस्ती की थी साथ में और आज अपने आंखों के सामने अपने दोस्त का मौत देखा था वो कहता है माफ करना राहुल आज मेरी वजह से तेरा यह हाल हुआ अगर तेरी बातें मान लेती तू आज तू मेरे साथ रहता मैं बहुत बुरा हूं यार रॉकी घर पर फोन करके सबको सारी बातें बता देता है और दूसरे रास्ते से होते हुए दौड़ते हुए वह घर जाता है घर में एक अजीब ही रोने का मातम छाया हुआ था सभी की आंखों में आंसू थे लेकिन रॉकी के बचने का खुशी भी था उस दिन के बाद से कोई भी उस जंगल में नहीं जाता और उसके सामने एक बोर्ड भी लगा दिया गया चुड़ैल आज भी अपने शिकारों का इंतजार कर रही है और इस राहुल के जाने के 10 साल हो गए थे लेकिन फिर भी राहुल को आज भी जब अपने दोस्त के दर्दनाक चीख और दर्दनाक मौत के बारे में याद आता है तो उसकी आंखें भर जाती है और उस चुड़ैल कि बाते उसके कानों में उसी प्रकार गूंजती थी कि उसके नादानी के वजह से उसका सबसे अच्छा दोस्त मारा गया उसे ये गिल्ट फील होता था अब वो भूत प्रेत चुड़ैल पर भी भरोसा करने लगा राहुल का मानना सही था कि जब तक एक इंसान खुद उस चीज की अनुभव नहीं कर लेता वो उस चीज पर यकीन नहीं करता है
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रात के 11:00 बजे आसमान एक काली गुफा की तरह दिख रहा था वह एक घना जंगल को बेहद डरावना बना रहा था जिसे लोग भूतिया जंगल भी मानते थे लोगों का मानना था की उधर भूत प्रेत का साया है और जो कोई भी उस जंगल के रास्ते से गुजरता है वह कभी लौट के नहीं आता और आज मौसम कुछ बिगड़ा हुआ था उस जंगल से अजीब अजीब आवाज सुनाई दे रही थी कभी किसी के रोने का कभी किसी के चिल्लाने का का कभी पायल की छन-छन तो कभी चूड़ियों की खन खन कुल मिलाकर वहां की सारी वातावरण में एक अजीब ही चीत्कार थी तभी दो दोस्त रॉकी और राहुल गाने का मजा लेते हुए अपने घर की ओर जा रहे थे उसकी मम्मी ने पहले ही कह दिया था रात को नहीं तुम सुबह घर आना मैंने सुना है जो जंगल है उधर भूतों का बसेरा है और यदि आना ही है घर तो उस रास्ते से कभी मत आना रॉकी जो एक शहर में पला बड़ा लड़का था वह क्या जाने इस भूत प्रेत और चुड़ैलों के बारे में रॉकी इसे अपवाह समझता था जो लोगों के द्वारा उड़ाया जाता है लेकिन राहुल को इस सब पर यकीन था कि यह कहीं ना कहीं तो होता ही है और जब तक एक इंसान अपने जीवन में यह अनुभव नहीं कर लेता की भूत प्रेत और चुड़ैल भी होते हैं तब तक वह इंसान को कभी भी विश्वास नहीं होता है इन सब चीजों पर राहुल जो डरा सहमा फ्रंट सीट पर बैठा हुआ था वही रॉकी उसके इस चेहरे को देखकर हंस रहा था और कह रहा था बेवकूफ डरपोक डर मत ऐसा कुछ नहीं होता है राहुल कहता है नहीं यार बहुत डर लग रहा है मेरे को विश्वास क्यों नहीं करता है तभी बात करते करते रॉकी और राहुल इस जंगल के आमने-सामने खड़े हो जाते हैं रॉकी गाड़ी रोकता है और राहुल को देखता है राहुल कहता है भाई मत जा हम दूसरे रूट से चलते हैं ना रॉकी कहता है नहीं मैं तो इसी रूट से जाऊंगा और मैं भी देखूं तो क्या भूत प्रेत है राहुल के लाख समझाने पर भी रोकी नहीं मानता और वह गाड़ी को इसी जंगल के रास्ते में मोड़ देता है पहले तो सब कुछ ठीक था लेकिन जब वह जंगल के बीचों-बीच पहुंचते हैं तब रॉकी को भी डर महसूस होने लगता है ऐसे लगता है कि जैसे उसकी गाड़ी के पीछे-पीछे कोई चल रहा है। या कभी-कभी उसे ऐसा लगता है कि उसके सामने से बड़ी तेजी से कोई गुजरा है राहुल कहता है भाई अभी भी वक्त है चल यहां से पर रॉकी अपने चेहरे पर डर हाजिर नहीं होने देता और गाड़ी को चलाने लगता है तभी कुछ दूरी पर उसका गाड़ी अचानक से बंद हो जाता है और गाड़ी की लाइट भी चली जाती हैं इस वक्त दोनों को भी डर महसूस होने लगा था राहुल रॉकी को घूरते हुए कहता है मैंने कहा था ना यहां मत आ बड़े बुजुर्ग कभी गलत नहीं कहते हैं दोनों अपना मोबाइल का फ्लैशलाइट जलाता है और सामने की तरफ देखता है तो उसकी आंखें फटी की फटी रह जाती है वह जहां था वही जम जाता है क्योंकि उसके सामने एक बहुत ही बदसूरत चुड़ैल खड़ी थी जिसके लंबे-लंबे बाल थे भेड़ियों की तरह नुकीले दांत जिससे खून रश रहा था उसकी आंखें बाहर थी उसकी आंखों की पुतलियां बिल्कुल गायब थी वह हवा में तैर रही थी और अपनी लाल आंखों से उस दोनों को घूर रही थी इधर रॉकी और राहुल दोनों के हालत खराब थे तभी वह चुड़ैल कहती है भयानक हंसी हंसते हुए इतने दिनों बाद किसी इंसानों का खून पीने को मिलेगा यहां तो इंसानों ने आना ही बंद कर दिया था लेकिन आज मैं तुम दोनों का खून पीकर अपनी प्यास बुझाऊंगी इतना कहकर वह बहुत ही भयानक तरह से हंसने लगती है रॉकी और राहुल का हिम्मत नहीं हो रहा था कि वह वहां से भागे जैसे किसी ने उसके पैरों को जकड़ लिया हो वह दोनों बस एक टक डरे सहमे उस चुड़ैल को देखे जा रहे थे तभी वह चुड़ैल दोनों की तरफ बढ़ने लगती है तभी पता नहीं रोकी और राहुल में कहां से एक अजीब सी शक्ति उभर आए और वह लोग पीछे की ओर भागने लगे जिधर से वह आए थे वह भाग रहे थे और चुड़ैल उसे के पीछे भाग रही थी उसे पकड़ने के लिए तभी भागते भागते राहुल का पैर फिसल जाता है और वह गिर जाता है उसके गिरते ही राहुल के मुंह से खून निकलने लगता है वह उठके भागने की कोशिश करता उससे पहले ही वह चुड़ैल उसे उसके गर्दन को पकड़ लेती है आज राहुल को उस अपनी आंखों के सामने अपनी मौत नजर आने लगी थी वो छटपटा रहा था उसकी आंखें बाहर की ओर निकल गई रॉकी जो उस जंगल से उस रास्ते पर पहुंच गया था जहां वह चुड़ैल नहीं आ सकती थी रॉकी बस एक टक राहुल को देख रहा था उसे बहुत बुरा लग रहा था और वह रो भी रहा था कि वह अपने दोस्त को बचा नहीं पा रहा था इधर राहुल अपने आप को छुड़ाने की बहुत कोशिश कर रहा था लेकिन वह उसकी पकड़ से छूट नहीं पा रहा था रॉकी बेबस आंखों में आंसू भरे उसे देख रहा था और राहुल उससे बार-बार छुड़ाने की उम्मीद कर रहा था पर रॉकी को इतनी हिम्मत नहीं हो रही थी कि वह वापस वहां जा सके तभी चुड़ैल अपनी नुकीले दांत राहुल के गर्दन में गाड़ देती है और उसकी गर्दन को एक ही झटके में उखाड़ देती है यह देखते ही रॉकी की चीख निकल जाती है और वह वहीं पर फूट फूट कर रोने लगता है चुड़ैल राहुल के उस लाश को उसके पैरों को घसीटते हुए जंगल की तरफ चली जाने लगती और एक बार रॉकी के तरफ देख कर हंसते हुए कहती है अब समझ आया कि भूत प्रेत चुड़ैल भी होते हैं आज तेरी नादानी के वजह से तेरा सबसे अच्छा दोस्त मारा गया तू बच गया लेकिन कभी ना कभी तो यहां जरूर आएगा मैं तुझे भी नहीं छोडूंगी तू जिस सड़क पर खड़ा है वहां पर एक मंदिर था जिसकी वजह से मैं उस जगह पर नहीं जा सकती थी चुड़ैल एक हाथ में राहुल का सिर पकड़े हुए और दूसरे हाथ से राहुल के पैरों को घसीटते हुए जंगल में गुम हो जाती हैं और उसका कार अचानक से ब्लास्ट हो जाता है राहुल कुछ देर तक ऐसे ही रोते रहा उसे कुछ भी एहसास कुछ भी डर नहीं हो रहा था कुछ देर के बाद वह अपना फोन निकालता है और राहुल का फोटो देखने लगता है जिससे कितनी मस्ती की थी साथ में और आज अपने आंखों के सामने अपने दोस्त का मौत देखा था वो कहता है माफ करना राहुल आज मेरी वजह से तेरा यह हाल हुआ अगर तेरी बातें मान लेती तू आज तू मेरे साथ रहता मैं बहुत बुरा हूं यार रॉकी घर पर फोन करके सबको सारी बातें बता देता है और दूसरे रास्ते से होते हुए दौड़ते हुए वह घर जाता है घर में एक अजीब ही रोने का मातम छाया हुआ था सभी की आंखों में आंसू थे लेकिन रॉकी के बचने का खुशी भी था उस दिन के बाद से कोई भी उस जंगल में नहीं जाता और उसके सामने एक बोर्ड भी लगा दिया गया चुड़ैल आज भी अपने शिकारों का इंतजार कर रही है और इस राहुल के जाने के 10 साल हो गए थे लेकिन फिर भी राहुल को आज भी जब अपने दोस्त के दर्दनाक चीख और दर्दनाक मौत के बारे में याद आता है तो उसकी आंखें भर जाती है और उस चुड़ैल कि बाते उसके कानों में उसी प्रकार गूंजती थी कि उसके नादानी के वजह से उसका सबसे अच्छा दोस्त मारा गया उसे ये गिल्ट फील होता था अब वो भूत प्रेत चुड़ैल पर भी भरोसा करने लगा राहुल का मानना सही था कि जब तक एक इंसान खुद उस चीज की अनुभव नहीं कर लेता वो उस चीज पर यकीन नहीं करता हैरात के 11:00 बजे आसमान एक काली गुफा की तरह दिख रहा था वह एक घना जंगल को बेहद डरावना बना रहा था जिसे लोग भूतिया जंगल भी मानते थे लोगों का मानना था की उधर भूत प्रेत का साया है और जो कोई भी उस जंगल के रास्ते से गुजरता है वह कभी लौट के नहीं आता और आज मौसम कुछ बिगड़ा हुआ था उस जंगल से अजीब अजीब आवाज सुनाई दे रही थी कभी किसी के रोने का कभी किसी के चिल्लाने का का कभी पायल की छन-छन तो कभी चूड़ियों की खन खन कुल मिलाकर वहां की सारी वातावरण में एक अजीब ही चीत्कार थी तभी दो दोस्त रॉकी और राहुल गाने का मजा लेते हुए अपने घर की ओर जा रहे थे उसकी मम्मी ने पहले ही कह दिया था रात को नहीं तुम सुबह घर आना मैंने सुना है जो जंगल है उधर भूतों का बसेरा है और यदि आना ही है घर तो उस रास्ते से कभी मत आना रॉकी जो एक शहर में पला बड़ा लड़का था वह क्या जाने इस भूत प्रेत और चुड़ैलों के बारे में रॉकी इसे अपवाह समझता था जो लोगों के द्वारा उड़ाया जाता है लेकिन राहुल को इस सब पर यकीन था कि यह कहीं ना कहीं तो होता ही है और जब तक एक इंसान अपने जीवन में यह अनुभव नहीं कर लेता की भूत प्रेत और चुड़ैल भी होते हैं तब तक वह इंसान को कभी भी विश्वास नहीं होता है इन सब चीजों पर राहुल जो डरा सहमा फ्रंट सीट पर बैठा हुआ था वही रॉकी उसके इस चेहरे को देखकर हंस रहा था और कह रहा था बेवकूफ डरपोक डर मत ऐसा कुछ नहीं होता है राहुल कहता है नहीं यार बहुत डर लग रहा है मेरे को विश्वास क्यों नहीं करता है तभी बात करते करते रॉकी और राहुल इस जंगल के आमने-सामने खड़े हो जाते हैं रॉकी गाड़ी रोकता है और राहुल को देखता है राहुल कहता है भाई मत जा हम दूसरे रूट से चलते हैं ना रॉकी कहता है नहीं मैं तो इसी रूट से जाऊंगा और मैं भी देखूं तो क्या भूत प्रेत है राहुल के लाख समझाने पर भी रोकी नहीं मानता और वह गाड़ी को इसी जंगल के रास्ते में मोड़ देता है पहले तो सब कुछ ठीक था लेकिन जब वह जंगल के बीचों-बीच पहुंचते हैं तब रॉकी को भी डर महसूस होने लगता है ऐसे लगता है कि जैसे उसकी गाड़ी के पीछे-पीछे कोई चल रहा है। या कभी-कभी उसे ऐसा लगता है कि उसके सामने से बड़ी तेजी से कोई गुजरा है राहुल कहता है भाई अभी भी वक्त है चल यहां से पर रॉकी अपने चेहरे पर डर हाजिर नहीं होने देता और गाड़ी को चलाने लगता है तभी कुछ दूरी पर उसका गाड़ी अचानक से बंद हो जाता है और गाड़ी की लाइट भी चली जाती हैं इस वक्त दोनों को भी डर महसूस होने लगा था राहुल रॉकी को घूरते हुए कहता है मैंने कहा था ना यहां मत आ बड़े बुजुर्ग कभी गलत नहीं कहते हैं दोनों अपना मोबाइल का फ्लैशलाइट जलाता है और सामने की तरफ देखता है तो उसकी आंखें फटी की फटी रह जाती है वह जहां था वही जम जाता है क्योंकि उसके सामने एक बहुत ही बदसूरत चुड़ैल खड़ी थी जिसके लंबे-लंबे बाल थे भेड़ियों की तरह नुकीले दांत जिससे खून रश रहा था उसकी आंखें बाहर थी उसकी आंखों की पुतलियां बिल्कुल गायब थी वह हवा में तैर रही थी और अपनी लाल आंखों से उस दोनों को घूर रही थी इधर रॉकी और राहुल दोनों के हालत खराब थे तभी वह चुड़ैल कहती है भयानक हंसी हंसते हुए इतने दिनों बाद किसी इंसानों का खून पीने को मिलेगा यहां तो इंसानों ने आना ही बंद कर दिया था लेकिन आज मैं तुम दोनों का खून पीकर अपनी प्यास बुझाऊंगी इतना कहकर वह बहुत ही भयानक तरह से हंसने लगती है रॉकी और राहुल का हिम्मत नहीं हो रहा था कि वह वहां से भागे जैसे किसी ने उसके पैरों को जकड़ लिया हो वह दोनों बस एक टक डरे सहमे उस चुड़ैल को देखे जा रहे थे तभी वह चुड़ैल दोनों की तरफ बढ़ने लगती है तभी पता नहीं रोकी और राहुल में कहां से एक अजीब सी शक्ति उभर आए और वह लोग पीछे की ओर भागने लगे जिधर से वह आए थे वह भाग रहे थे और चुड़ैल उसे के पीछे भाग रही थी उसे पकड़ने के लिए तभी भागते भागते राहुल का पैर फिसल जाता है और वह गिर जाता है उसके गिरते ही राहुल के मुंह से खून निकलने लगता है वह उठके भागने की कोशिश करता उससे पहले ही वह चुड़ैल उसे उसके गर्दन को पकड़ लेती है आज राहुल को उस अपनी आंखों के सामने अपनी मौत नजर आने लगी थी वो छटपटा रहा था उसकी आंखें बाहर की ओर निकल गई रॉकी जो उस जंगल से उस रास्ते पर पहुंच गया था जहां वह चुड़ैल नहीं आ सकती थी रॉकी बस एक टक राहुल को देख रहा था उसे बहुत बुरा लग रहा था और वह रो भी रहा था कि वह अपने दोस्त को बचा नहीं पा रहा था इधर राहुल अपने आप को छुड़ाने की बहुत कोशिश कर रहा था लेकिन वह उसकी पकड़ से छूट नहीं पा रहा था रॉकी बेबस आंखों में आंसू भरे उसे देख रहा था और राहुल उससे बार-बार छुड़ाने की उम्मीद कर रहा था पर रॉकी को इतनी हिम्मत नहीं हो रही थी कि वह वापस वहां जा सके तभी चुड़ैल अपनी नुकीले दांत राहुल के गर्दन में गाड़ देती है और उसकी गर्दन को एक ही झटके में उखाड़ देती है यह देखते ही रॉकी की चीख निकल जाती है और वह वहीं पर फूट फूट कर रोने लगता है चुड़ैल राहुल के उस लाश को उसके पैरों को घसीटते हुए जंगल की तरफ चली जाने लगती और एक बार रॉकी के तरफ देख कर हंसते हुए कहती है अब समझ आया कि भूत प्रेत चुड़ैल भी होते हैं आज तेरी नादानी के वजह से तेरा सबसे अच्छा दोस्त मारा गया तू बच गया लेकिन कभी ना कभी तो यहां जरूर आएगा मैं तुझे भी नहीं छोडूंगी तू जिस सड़क पर खड़ा है वहां पर एक मंदिर था जिसकी वजह से मैं उस जगह पर नहीं जा सकती थी चुड़ैल एक हाथ में राहुल का सिर पकड़े हुए और दूसरे हाथ से राहुल के पैरों को घसीटते हुए जंगल में गुम हो जाती हैं और उसका कार अचानक से ब्लास्ट हो जाता है राहुल कुछ देर तक ऐसे ही रोते रहा उसे कुछ भी एहसास कुछ भी डर नहीं हो रहा था कुछ देर के बाद वह अपना फोन निकालता है और राहुल का फोटो देखने लगता है जिससे कितनी मस्ती की थी साथ में और आज अपने आंखों के सामने अपने दोस्त का मौत देखा था वो कहता है माफ करना राहुल आज मेरी वजह से तेरा यह हाल हुआ अगर तेरी बातें मान लेती तू आज तू मेरे साथ रहता मैं बहुत बुरा हूं यार रॉकी घर पर फोन करके सबको सारी बातें बता देता है और दूसरे रास्ते से होते हुए दौड़ते हुए वह घर जाता है घर में एक अजीब ही रोने का मातम छाया हुआ था सभी की आंखों में आंसू थे लेकिन रॉकी के बचने का खुशी भी था उस दिन के बाद से कोई भी उस जंगल में नहीं जाता और उसके सामने एक बोर्ड भी लगा दिया गया चुड़ैल आज भी अपने शिकारों का इंतजार कर रही है और इस राहुल के जाने के 10 साल हो गए थे लेकिन फिर भी राहुल को आज भी जब अपने दोस्त के दर्दनाक चीख और दर्दनाक मौत के बारे में याद आता है तो उसकी आंखें भर जाती है और उस चुड़ैल कि बाते उसके कानों में उसी प्रकार गूंजती थी कि उसके नादानी के वजह से उसका सबसे अच्छा दोस्त मारा गया उसे ये गिल्ट फील होता था अब वो भूत प्रेत चुड़ैल पर भी भरोसा करने लगा राहुल का मानना सही था कि जब तक एक इंसान खुद उस चीज की अनुभव नहीं कर लेता वो उस चीज पर यकीन नहीं करता हैरात के 11:00 बजे आसमान एक काली गुफा की तरह दिख रहा था वह एक घना जंगल को बेहद डरावना बना रहा था जिसे लोग भूतिया जंगल भी मानते थे लोगों का मानना था की उधर भूत प्रेत का साया है और जो कोई भी उस जंगल के रास्ते से गुजरता है वह कभी लौट के नहीं आता और आज मौसम कुछ बिगड़ा हुआ था उस जंगल से अजीब अजीब आवाज सुनाई दे रही थी कभी किसी के रोने का कभी किसी के चिल्लाने का का कभी पायल की छन-छन तो कभी चूड़ियों की खन खन कुल मिलाकर वहां की सारी वातावरण में एक अजीब ही चीत्कार थी तभी दो दोस्त रॉकी और राहुल गाने का मजा लेते हुए अपने घर की ओर जा रहे थे उसकी मम्मी ने पहले ही कह दिया था रात को नहीं तुम सुबह घर आना मैंने सुना है जो जंगल है उधर भूतों का बसेरा है और यदि आना ही है घर तो उस रास्ते से कभी मत आना रॉकी जो एक शहर में पला बड़ा लड़का था वह क्या जाने इस भूत प्रेत और चुड़ैलों के बारे में रॉकी इसे अपवाह समझता था जो लोगों के द्वारा उड़ाया जाता है लेकिन राहुल को इस सब पर यकीन था कि यह कहीं ना कहीं तो होता ही है और जब तक एक इंसान अपने जीवन में यह अनुभव नहीं कर लेता की भूत प्रेत और चुड़ैल भी होते हैं तब तक वह इंसान को कभी भी विश्वास नहीं होता है इन सब चीजों पर राहुल जो डरा सहमा फ्रंट सीट पर बैठा हुआ था वही रॉकी उसके इस चेहरे को देखकर हंस रहा था और कह रहा था बेवकूफ डरपोक डर मत ऐसा कुछ नहीं होता है राहुल कहता है नहीं यार बहुत डर लग रहा है मेरे को विश्वास क्यों नहीं करता है तभी बात करते करते रॉकी और राहुल इस जंगल के आमने-सामने खड़े हो जाते हैं रॉकी गाड़ी रोकता है और राहुल को देखता है राहुल कहता है भाई मत जा हम दूसरे रूट से चलते हैं ना रॉकी कहता है नहीं मैं तो इसी रूट से जाऊंगा और मैं भी देखूं तो क्या भूत प्रेत है राहुल के लाख समझाने पर भी रोकी नहीं मानता और वह गाड़ी को इसी जंगल के रास्ते में मोड़ देता है पहले तो सब कुछ ठीक था लेकिन जब वह जंगल के बीचों-बीच पहुंचते हैं तब रॉकी को भी डर महसूस होने लगता है ऐसे लगता है कि जैसे उसकी गाड़ी के पीछे-पीछे कोई चल रहा है। या कभी-कभी उसे ऐसा लगता है कि उसके सामने से बड़ी तेजी से कोई गुजरा है राहुल कहता है भाई अभी भी वक्त है चल यहां से पर रॉकी अपने चेहरे पर डर हाजिर नहीं होने देता और गाड़ी को चलाने लगता है तभी कुछ दूरी पर उसका गाड़ी अचानक से बंद हो जाता है और गाड़ी की लाइट भी चली जाती हैं इस वक्त दोनों को भी डर महसूस होने लगा था राहुल रॉकी को घूरते हुए कहता है मैंने कहा था ना यहां मत आ बड़े बुजुर्ग कभी गलत नहीं कहते हैं दोनों अपना मोबाइल का फ्लैशलाइट जलाता है और सामने की तरफ देखता है तो उसकी आंखें फटी की फटी रह जाती है वह जहां था वही जम जाता है क्योंकि उसके सामने एक बहुत ही बदसूरत चुड़ैल खड़ी थी जिसके लंबे-लंबे बाल थे भेड़ियों की तरह नुकीले दांत जिससे खून रश रहा था उसकी आंखें बाहर थी उसकी आंखों की पुतलियां बिल्कुल गायब थी वह हवा में तैर रही थी और अपनी लाल आंखों से उस दोनों को घूर रही थी इधर रॉकी और राहुल दोनों के हालत खराब थे तभी वह चुड़ैल कहती है भयानक हंसी हंसते हुए इतने दिनों बाद किसी इंसानों का खून पीने को मिलेगा यहां तो इंसानों ने आना ही बंद कर दिया था लेकिन आज मैं तुम दोनों का खून पीकर अपनी प्यास बुझाऊंगी इतना कहकर वह बहुत ही भयानक तरह से हंसने लगती है रॉकी और राहुल का हिम्मत नहीं हो रहा था कि वह वहां से भागे जैसे किसी ने उसके पैरों को जकड़ लिया हो वह दोनों बस एक टक डरे सहमे उस चुड़ैल को देखे जा रहे थे तभी वह चुड़ैल दोनों की तरफ बढ़ने लगती है तभी पता नहीं रोकी और राहुल में कहां से एक अजीब सी शक्ति उभर आए और वह लोग पीछे की ओर भागने लगे जिधर से वह आए थे वह भाग रहे थे और चुड़ैल उसे के पीछे भाग रही थी उसे पकड़ने के लिए तभी भागते भागते राहुल का पैर फिसल जाता है और वह गिर जाता है उसके गिरते ही राहुल के मुंह से खून निकलने लगता है वह उठके भागने की कोशिश करता उससे पहले ही वह चुड़ैल उसे उसके गर्दन को पकड़ लेती है आज राहुल को उस अपनी आंखों के सामने अपनी मौत नजर आने लगी थी वो छटपटा रहा था उसकी आंखें बाहर की ओर निकल गई रॉकी जो उस जंगल से उस रास्ते पर पहुंच गया था जहां वह चुड़ैल नहीं आ सकती थी रॉकी बस एक टक राहुल को देख रहा था उसे बहुत बुरा लग रहा था और वह रो भी रहा था कि वह अपने दोस्त को बचा नहीं पा रहा था इधर राहुल अपने आप को छुड़ाने की बहुत कोशिश कर रहा था लेकिन वह उसकी पकड़ से छूट नहीं पा रहा था रॉकी बेबस आंखों में आंसू भरे उसे देख रहा था और राहुल उससे बार-बार छुड़ाने की उम्मीद कर रहा था पर रॉकी को इतनी हिम्मत नहीं हो रही थी कि वह वापस वहां जा सके तभी चुड़ैल अपनी नुकीले दांत राहुल के गर्दन में गाड़ देती है और उसकी गर्दन को एक ही झटके में उखाड़ देती है यह देखते ही रॉकी की चीख निकल जाती है और वह वहीं पर फूट फूट कर रोने लगता है चुड़ैल राहुल के उस लाश को उसके पैरों को घसीटते हुए जंगल की तरफ चली जाने लगती और एक बार रॉकी के तरफ देख कर हंसते हुए कहती है अब समझ आया कि भूत प्रेत चुड़ैल भी होते हैं आज तेरी नादानी के वजह से तेरा सबसे अच्छा दोस्त मारा गया तू बच गया लेकिन कभी ना कभी तो यहां जरूर आएगा मैं तुझे भी नहीं छोडूंगी तू जिस सड़क पर खड़ा है वहां पर एक मंदिर था जिसकी वजह से मैं उस जगह पर नहीं जा सकती थी चुड़ैल एक हाथ में राहुल का सिर पकड़े हुए और दूसरे हाथ से राहुल के पैरों को घसीटते हुए जंगल में गुम हो जाती हैं और उसका कार अचानक से ब्लास्ट हो जाता है राहुल कुछ देर तक ऐसे ही रोते रहा उसे कुछ भी एहसास कुछ भी डर नहीं हो रहा था कुछ देर के बाद वह अपना फोन निकालता है और राहुल का फोटो देखने लगता है जिससे कितनी मस्ती की थी साथ में और आज अपने आंखों के सामने अपने दोस्त का मौत देखा था वो कहता है माफ करना राहुल आज मेरी वजह से तेरा यह हाल हुआ अगर तेरी बातें मान लेती तू आज तू मेरे साथ रहता मैं बहुत बुरा हूं यार रॉकी घर पर फोन करके सबको सारी बातें बता देता है और दूसरे रास्ते से होते हुए दौड़ते हुए वह घर जाता है घर में एक अजीब ही रोने का मातम छाया हुआ था सभी की आंखों में आंसू थे लेकिन रॉकी के बचने का खुशी भी था उस दिन के बाद से कोई भी उस जंगल में नहीं जाता और उसके सामने एक बोर्ड भी लगा दिया गया चुड़ैल आज भी अपने शिकारों का इंतजार कर रही है और इस राहुल के जाने के 10 साल हो गए थे लेकिन फिर भी राहुल को आज भी जब अपने दोस्त के दर्दनाक चीख और दर्दनाक मौत के बारे में याद आता है तो उसकी आंखें भर जाती है और उस चुड़ैल कि बाते उसके कानों में उसी प्रकार गूंजती थी कि उसके नादानी के वजह से उसका सबसे अच्छा दोस्त मारा गया उसे ये गिल्ट फील होता था अब वो भूत प्रेत चुड़ैल पर भी भरोसा करने लगा राहुल का मानना सही था कि जब तक एक इंसान खुद उस चीज की अनुभव नहीं कर लेता वो उस चीज पर यकीन नहीं करता है