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रूह वाली रूहानियत

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कहते है प्यार जब होता है तो बड़ा तगड़ा वाला होता है फिर वो या तो बना देता है या फिर बिगड़ के रख देता है...! और अगर मैं काहू की ये प्यार किसी अतीत से हो तो ? हा एक पिछ्ले जमन में शुरू हुए कहानी ... जिसका अंजाम किसी को पता नहीं और रूप बदल क...

Total Chapters (12)

Page 1 of 1

  • 1. रूह वाली रूहानियत - Chapter 1 intro

    Words: 1513

    Estimated Reading Time: 10 min

    कहते है प्यार जब होता है तो बड़ा तगड़ा वाला होता है फिर वो या तो बना देता है या फिर बिगड़ के रख देता है...!
    ऐसा ही कुछ हुआ हमारे आशिक साबिर के साथ आइए जानते है आगे....



    नहीं पिया तुम मुझे छोड़ के नहीं जा सकती तुमने सोचा भी है तुम्हारे बिना मैं क्या करूंगा तुम्हें रुकना होगा पिया पिया मेरी बात तो सुनो पिया एक जोर के चीज़ के साथ साबिर की आंखे खुल जाती है वह पसीने से तर बतर हुआ पड़ा था उसने पास में पड़े पानी के ग्लास को उठाया और उसको पीते हुए अपने अशांत मन को शांत किया और जैसे ही उसने वह ग्लास रखा  सामने से एक आवाज आई फिर से वही सपना..? ( वेट ये है साबिर की परम मित्र स्वाति जो साबिर की पूरी फैमिली है )  हा यार स्वाति कुछ समझ नहीं आ रहा कि ये क्या हो रहा आखिर ये पिया है कौन जिसके सपने मुझे बचपन से आ रहे... और अजीब बात ये है कि मैने आज तक उसकी शकल तक न देखी  अच्छ साबिर एक बात बताना स्वाति ने टोकते हुए कहा ..! हा पूछो क्या तुम लोगों ने वो भी किया है ..! सपने में ?
    क्या ..?
    अरे वहीं जो दो लोग करते है gulu gulu ..!!
    छ कुछ भी बोलती है तू और तेरे मन में बस यही चलता है क्या ?
    अब क्या करे तू ही तो बता रहा मुझे लगा ये सब भी हुआ होगा चल कोई न होता है वैसे कुछ जलने की महक आ रही क्या ..? साबिर आश्चर्य से पूछता है .....
    ओ बेटे की दुम मैने टोस्ट को टोस्टर में डाला था तेरे चक्कर में भूल गई लो जल गया मेरा ब्रेकफास्ट ये कहते हुए स्वाति तेजी से किचन की तरफ भागती है 

    साबिर भी उठ कर के बाहर आता है  वह उदास मन से स्वाति की ओर देखते हुए कहता है सारी यार
    की तब तक उसके दरवाजे की घंटी बजती है ....
    इतनी सुबह सुबह कौन टपक पड़ा साबिर जाके देखना जाता मै ये सब साफ करती हु ..!
    साबरी जैसे ही दरवाजा खोलता है वह गुस्से से लाल होते हुए कहता है मैने मना किया था न यहां आने के लिए? तुम्हें एक बार में समझ नहीं आता क्या चले जाओ यह से वरना मैं भूल जाऊंगा कि तुम स्वाति के बाप हो ...!
    ये सुनते ही स्वाति दरवाजे पर आते हुए अपने सामने अपने पापा को देख कर क्यों आए हो।आप यहां मन नहीं भरा था क्या .?
    तब तक वह आदमी स्वाति के पैरों को पकड़ते हुए कहता है बेटा मुझे माफ कर दो मुझसे बहुत बड़ी गलती हुए है मैने जो किया नहीं करना चाहिए था प्लीज़ मेरे बेटे को बचा लो वो तो तुम्हे अपनी सगी बहन से ज्यादा मानता है न ...!

    ये सुनते ही स्वाति रोते हुए कहती है क्यों अब मेरे पास आए है आप भूल गए उस दिन की बात आप ने जब बाप होके सारी हद पर कर दी तब..? मैने आप की और मम्मी की शादी करवाई और आप ने मेरे साथ ही छी मुझे सोच कर घिन आती है चले जाओ यह से साबिर इन्हें कह दो यहां से जाने को वरना आज ये जिंदा नहीं बचाएंगे 

    साबिर गुस्से में उनका घर से बाहर जाने के लिए कहता है साबिर उन्हें खींचकर के घर से बाहर करता ही है कि वह उसके पैरों को पकड़ कर कहने लगते हैं प्लीज एक बार स्वाति से बात करो मेरे बेटे की तबीयत बहुत खराब है उसका और स्वामी का ब्लड ग्रुप से है अगर वह अपना ब्लड डोनेट कर दे तो मेरा बेटा बच जाएगा मैं तुमसे हाथ जोड़ करके विनती करता हूं प्लीज प्लीज मेरे बेटे को बचा लो

    देखिए आप प्लीज यहां से जाइए अंकल आप उम्र में हमसे बड़े हैं और स्वाति की वजह से बस में चुप हूं वरना मैं आपको एक पल भी यहां बर्दाश्त नहीं करता यह कहकर साबिर वहां से अंदर चला जाता है वह अंदर आते ही स्वाति की तरफ भागता है सुनो अभिनव की तबीयत बहुत खराब है उसको ब्लड की जरूरत है तुम्हारा अभिनव का ब्लड एक है आई थिंक तुम्हें उसे ब्लड देना चाहिए देखो तुम कुछ कहो से पहले मैं यह कहना चाहूंगा हां मैं जानता हूं कि अंकल पीटर ने बहुत गलत किया तुम्हारे साथ पर अभिनव की तो गलती नहीं है ना और अभिनव भी तो तुम्हारा भाई है प्लीज उसके हेल्प कर दो स्वाति साबिर की बात सुनकर के बिना कुछ कहे वहां से चली जाती है और जाकर के कमरे को अंदर से बंद कर लेती है इधर साबिर स्वाति के दरवाजे पर खटखटा रहा होता है की तब तक अचानक से वह दरवाजा खुलता है स्वाति केहती है चलना नहीं है हमें अस्पताल के लिए लेट हो रहा है  यह देख करके साबिर के चेहरे पर एक मुस्कान आ जाती है और वह मुस्कुराते हुए कहता है हां हां चल रहे हैं और वह दोनों हॉस्पिटल के निकल जाते हैं पर उन्हें क्या पता था कि अस्पताल में उनका सामना किस होने वाला है क्या यह पहली मुलाकात तोड़ करके रहते की साबिर को या फिर साबिर को ले जाएगी किसी नए सफर पर जानने के लिए पढ़ते रहिए


    साबिर और स्वाति हॉस्पिटल पहुंचे है स्वाति ब्लूड डोनेट करने के लिए डोनेशन बैंक की तरफ चली जाती है इधर साबिर उसका इंतजार कर रहा होता है की तब तक अचानक से एक हड़बड़ी मचती है मानो हॉस्पिटल के सन्नाटे में एक जोर का तूफान आ गया हो और वो तूफान इतना तेज था कि हर कोई डर हुआ था  ये तूफान सिंघानिया के आने का था  तब तो एक बंदूक की आवाज आती है और सब लोग शांत हो जाते है एक जोर की चीख उनके कानों में पड़ती है कोई भी अपनी जगह से हिलेगा नहीं चुप चाप रास्ता दो और डॉक्टर कहा है तू देख सिंघानिया साहब को गोली लगी है और अगर इन्हें कुछ हुआ तो तुम सब मारे जाओगे वो आदमी आगे कुछ बोलता उससे पहले ही वहां डॉक्टरों का समूह पहुंच चुका था वो तेज़ सिंघानिया को अंदर ऑपरेशन रूम में ले कर जाने लगे अपने सामने का नजारा देख कर साबिर के मन में दबा डर फिर से उभर रहा था वो वहा से बाहर निकलना चाहता था और वह भागते हुए सीधा टायलेट रूम में आ गया अपनी फूलती सांस को कंट्रोल करते हुए वह खुद को शांत करने की कोशिश कर रहा था पर उसके अंदर का वो डर आंसुओं की कटार में लग कर बहे जा रहे थे वह कांप रहा होता है कि उसे उसके बगलकिसी का एहसास होता है  वह तुरंत पीछे मुड़ता है और उस आदमी को गले लगा लेता हैं और उसको कस कर पकड़ लेता है वो आदमी भी बिना कुछ बोले साबिर को कस कर गले लगा लेता है और उसके बालों पर अपना हाथ फेरते हुए उसे शान्त करने लगता है वह अपने जेब से रुमाल निकाल कर साबिर के आशुओं को साफ करता है और उसके गर्म एहसास से साबिर अब धीरे धीरे बेहतर महसूस करने लगा था वह झटके में उस इंसान को दूर करते हुए बिना उसके तरफ देखे सीधा वहां से बाहर भाग जाता है 

    आखिर कौन था ये अजनबी क्या था इसका और साबिर का कोई रिश्ता .?
    और ऐसा क्या हुआ है साबिर के साथ जो उसे इतना डर लग रहा ..?
    जानेंगे आगे की कहानी के तब तक पड़ते रहिए इधर स्वाति ब्लूड देके वापस आती है तो उसे साबिर कही भी नहीं दिखाई देता वो उसे फोन करती है पर उसका फोन स्विच ऑफ था उसे कुछ समझ नहीं आया वो चुप चाप घर वापस जाने लगी और मार्केट से कुछ सामान लेके वो सीधा घर पर आती है वो देखती है कि घर का दरवाजा खुला हुआ है ये देख उसे लगता है कही कोई चोर तो नहीं घुस गया वो धीरे से बाहर पड़े डंडे को उठाती है और दबे पांव वो घर के अंदर जाने लगती है वो चुप चाप धीरे धीरे एक एक कोने को देखते हुए आगे बढ़ रही होती है फिर उसे किचिन से आवाज आती है ये सुन कर वो उसकी तरफ बढ़ने लगती है और जैसे ही वहां पहुंचती है उसे सिसकियां लेने की आवाज आती है वो आगे बढ़ कर देखती है तो साबिर कोने में बैठा रो रहा था... उसे देख वो डंडे को फेंकते  हुए उसके पास जाके पूछने लगती है क्या हुआ क्यों रो रहा...? किसी ने कुछ कहा तुम्हे ..? साबिर उसकी बात सुन उसे कस कर गले लगा लेता है और रोते हुए बोलता है आज सिंघानिया को देखा तेज सिंघानिया ये सुन कर स्वाति को अजीब लगा उसने फिर से पूछा तो क्या हुआ..? इसमें रोने वाली क्या बात थी..!
    इस पर साबिर कहता है उन्होंने मेरे सामने मेरे पूरे परिवार का कत्ल कर दिया था  क्या..! ये सुनते ही स्वाति के पैरों तले की जमीन खिसक जाती है वो साबिर को और कस कर गले लगा लेती है फिर साबिर आगे बोलता है वो उसका सारा बिजनेस हमारा था उन्होंने और मेरे अंकल ने मिल कर धोखे से अपने नाम करा लिया है और कुछ बिजनेस और हो प्रॉपर्टी है

  • 2. रूह वाली रूहानियत - Chapter 2 badle ki aag

    Words: 1509

    Estimated Reading Time: 10 min

    इधर स्वाति ब्लूड देके वापस आती है तो उसे साबिर कही भी नहीं दिखाई देता वो उसे फोन करती है पर उसका फोन स्विच ऑफ था उसे कुछ समझ नहीं आया वो चुप चाप घर वापस जाने लगी और मार्केट से कुछ सामान लेके वो सीधा घर पर आती है वो देखती है कि घर का दरवाजा खुला हुआ है ये देख उसे लगता है कही कोई चोर तो नहीं घुस गया वो धीरे से बाहर पड़े डंडे को उठाती है और दबे पांव वो घर के अंदर जाने लगती है वो चुप चाप धीरे धीरे एक एक कोने को देखते हुए आगे बढ़ रही होती है फिर उसे किचिन से आवाज आती है ये सुन कर वो उसकी तरफ बढ़ने लगती है और जैसे ही वहां पहुंचती है उसे सिसकियां लेने की आवाज आती है वो आगे बढ़ कर देखती है तो साबिर कोने में बैठा रो रहा था... उसे देख वो डंडे को फेंकते  हुए उसके पास जाके पूछने लगती है क्या हुआ क्यों रो रहा...? किसी ने कुछ कहा तुम्हे ..? साबिर उसकी बात सुन उसे कस कर गले लगा लेता है और रोते हुए बोलता है आज सिंघानिया को देखा तेज सिंघानिया ये सुन कर स्वाति को अजीब लगा उसने फिर से पूछा तो क्या हुआ..? इसमें रोने वाली क्या बात थी..!
    इस पर साबिर कहता है उन्होंने मेरे सामने मेरे पूरे परिवार का कत्ल कर दिया था  क्या..! ये सुनते ही स्वाति के पैरों तले की जमीन खिसक जाती है वो साबिर को और कस कर गले लगा लेती है फिर साबिर आगे बोलता है वो उसका सारा बिजनेस हमारा था उन्होंने और मेरे अंकल ने मिल कर धोखे से अपने नाम करा लिया है और कुछ बिजनेस और हो प्रॉपर्टी है वो मेरे नाम है मेरे दादा जी ने मुझे वहां से दूर यह इसी लिए भेजा है ताकि मेरे अंकल मुझ तक न पहुंच सके...
    क्या पर क्यों ? स्वाती फिर से पूछती है
    क्यों कि अंकल मेरी जान लेना चाहते है ताकि मेरे शेयर उनके नाम हो जाए
    ये सुन के स्वाति कुछ पल के लिए सन्नाटा में चली जाती है तब तक साबिर बोलता है मै रॉयल वाइट फील्ड का इक लौटा वारिश हु ..! क्या द व्हाइट रॉयल वन ऑफ द बिगेस्ट कम्पनी हा वही कंपनी जो अब बंद होने के कगार पर है और वो बस उन सिंघानिया की वजह से उन सब को मै नहीं छोड़ूंगा


    पर हम क्या कर सकते है साबिर तुम्हे तो पता ही है सिंघानिया एंड ब्रदर इस टाइम वन ऑफ द बिगेस्ट कम्पनी बन चुकी है और उनकी पावर और पहुंच का सब हमें अंदाजा नहीं है.....!


    स्वाती की बात सुन कर साबिर उससे कहता है मेरे पास एक प्लान है क्या तुम साथ दोगी..!

    इस पर स्वाति मुस्कुरा कर कहती है नेकी और पूछ पूछ मेरा तुम्हारे अलावा कोई है क्या ..? नहीं न और अब बताओ क्या प्लान है पर उससे पहले यह दे बाहर चलो
    स्वाती साबिर को लेके बाहर जाती है दोनों सोफे पर बैठ जाते है साबिर अपने जेब से के न्यूज पेपर का cut स्वाति को दिखाता है ...
    उसे देख कर स्वाति कहती है ...! ये तो सिंघानिया के बेटे युवराज सिंघानिया जो अभी फॉरेन से वापस आया है उसके लिए उन्हें एक फीमेल सेक्रेट्री चाहिए जो उसके साथ चौबीस घंटे रहे ...!
    हा और हमें भी तो यही चाहिए स्वाति सिंघानिया के आस पास रहना ताकि हम उसके ऊपर नजर रख सके ....

    इधर स्वाति ब्लूड देके वापस आती है तो उसे साबिर कही भी नहीं दिखाई देता वो उसे फोन करती है पर उसका फोन स्विच ऑफ था उसे कुछ समझ नहीं आया वो चुप चाप घर वापस जाने लगी और मार्केट से कुछ सामान लेके वो सीधा घर पर आती है वो देखती है कि घर का दरवाजा खुला हुआ है ये देख उसे लगता है कही कोई चोर तो नहीं घुस गया वो धीरे से बाहर पड़े डंडे को उठाती है और दबे पांव वो घर के अंदर जाने लगती है वो चुप चाप धीरे धीरे एक एक कोने को देखते हुए आगे बढ़ रही होती है फिर उसे किचिन से आवाज आती है ये सुन कर वो उसकी तरफ बढ़ने लगती है और जैसे ही वहां पहुंचती है उसे सिसकियां लेने की आवाज आती है वो आगे बढ़ कर देखती है तो साबिर कोने में बैठा रो रहा था... उसे देख वो डंडे को फेंकते  हुए उसके पास जाके पूछने लगती है क्या हुआ क्यों रो रहा...? किसी ने कुछ कहा तुम्हे ..? साबिर उसकी बात सुन उसे कस कर गले लगा लेता है और रोते हुए बोलता है आज सिंघानिया को देखा तेज सिंघानिया ये सुन कर स्वाति को अजीब लगा उसने फिर से पूछा तो क्या हुआ..? इसमें रोने वाली क्या बात थी..!
    इस पर साबिर कहता है उन्होंने मेरे सामने मेरे पूरे परिवार का कत्ल कर दिया था  क्या..! ये सुनते ही स्वाति के पैरों तले की जमीन खिसक जाती है वो साबिर को और कस कर गले लगा लेती है फिर साबिर आगे बोलता है वो उसका सारा बिजनेस हमारा था उन्होंने और मेरे अंकल ने मिल कर धोखे से अपने नाम करा लिया है और कुछ बिजनेस और हो प्रॉपर्टी है वो मेरे नाम है मेरे दादा जी ने मुझे वहां से दूर यह इसी लिए भेजा है ताकि मेरे अंकल मुझ तक न पहुंच सके...
    क्या पर क्यों ? स्वाती फिर से पूछती है
    क्यों कि अंकल मेरी जान लेना चाहते है ताकि मेरे शेयर उनके नाम हो जाए
    ये सुन के स्वाति कुछ पल के लिए सन्नाटा में चली जाती है तब तक साबिर बोलता है मै रॉयल वाइट फील्ड का इक लौटा वारिश हु ..! क्या द व्हाइट रॉयल वन ऑफ द बिगेस्ट कम्पनी हा वही कंपनी जो अब बंद होने के कगार पर है और वो बस उन सिंघानिया की वजह से उन सब को मै नहीं छोड़ूंगा


    पर हम क्या कर सकते है साबिर तुम्हे तो पता ही है सिंघानिया एंड ब्रदर इस टाइम वन ऑफ द बिगेस्ट कम्पनी बन चुकी है और उनकी पावर और पहुंच का सब हमें अंदाजा नहीं है.....!


    स्वाती की बात सुन कर साबिर उससे कहता है मेरे पास एक प्लान है क्या तुम साथ दोगी..!

    इस पर स्वाति मुस्कुरा कर कहती है नेकी और पूछ पूछ मेरा तुम्हारे अलावा कोई है क्या ..? नहीं न और अब बताओ क्या प्लान है पर उससे पहले यह दे बाहर चलो
    स्वाती साबिर को लेके बाहर जाती है दोनों सोफे पर बैठ जाते है साबिर अपने जेब से के न्यूज पेपर का cut स्वाति को दिखाता है ...
    उसे देख कर स्वाति कहती है ...! ये तो सिंघानिया के बेटे युवराज सिंघानिया जो अभी फॉरेन से वापस आया है उसके लिए उन्हें एक फीमेल सेक्रेट्री चाहिए जो उसके साथ चौबीस घंटे रहे ...!
    हा और हमें भी तो यही चाहिए स्वाति सिंघानिया के आस पास रहना ताकि हम उसके ऊपर नजर रख सके .... उसके  आस पास रहेगा कौन ? देखो साबिर अगर ये तुम सोच रहे की मैं जाऊंगी तो गलत हो तुम तुम्हे पता है ना मै ये नहीं कर पाऊंगी देखो कुछ और काम हो तो बता दो पर ये मेरे बस का नहीं है...!

    स्वाती की बात सुन कर साबिर मुस्कुरा के कहता है नहीं तुम्हे नहीं जाने दूंगा मैने वैसे ही काफी लोगो को खो दिया है तुम्हे नहीं खो सकता तो क्या करोगे  कौन जाएगा उसके करीब...?  स्वाती ने आश्चर्य से पूछा
    शिविका जाएगी उसके करीब...!
    शिविका अब ये कौन है ..?
    साबिर रुको अभी बताता हु साबिर ये कह कर अपने कमरे में चला जाता है और थोड़ी देर बाद एक लड़की कमरे से बाहर आती है उसने अपना चेहरा ढका हुआ था उसने अपने मधुर आवाज में स्वाति से बोला  वो तो नहीं है बताईए क्या कम है मै कर देती हु उसकी आवाज सुन कर के स्वाति स्वाती शौक में चली जाती है इतनी मधुर आवाज वह अपने जगह से उठ कर कमरे की तरफ जाते हुए साबिर को आवाज लगती है साबिर कहा हो तुम वो अंदर इधर उधर साबिर को ढूंढती है पर उसे कुछ दिखाई नहीं देता वो गुस्से में उस लड़की की तरफ आके चिल्ला कर बोलती है कह है साबिर क्या किया उसके साथ तुमने और कौन हो तुम ...? बोलो वरना अभी यही मार के ढेर कर दूंगी तुम्हे पता नहीं मैं 🥋 कराते में ब्लैक बैल्ट हु .....;


    तब तक वो मुस्कुरा कर बोलती है अच्छ चल। झूठी उसकी मर्दाना आवाज सुन स्वाति उसे देखे जा रही थी वो अपने चेहरे से दुप्पटा हटती है और जोर जोर से हसने लगती है क्यों कि ये कोई और नहीं साबिर ही था उसे हंसता देख स्वाति कुछ पल के लिए संत हो गई थी उसके बाद वो उसे चिल्लाते हुए कहती है तू पागल है मै डर गई थी कुत्ते...!
    साबरी हस्ते हुए लोट पोट हो जाता है और कहता है देखो खा गए धोखा ...? 
    ये थी शिवानी मेरी अपनी शक्तियों की बनी हुई
    ये जाएगी उन सिंघानिया के पास  उसके खानदान का सर्वनाश करने ...!
    ओ ख्याली पुलाव के देवता ये मरदाना लड़की उसके पास जाएगी तो तुरत पकड़ी जाएगी...
    अरे यार मैं जानता हु इसी लिए तो तेरी हेल्प

  • 3. रूह वाली रूहानियत - Chapter 3 neww look (don't dare to say this again)

    Words: 1829

    Estimated Reading Time: 11 min

    पर उसके  आस पास रहेगा कौन ? देखो साबिर अगर ये तुम सोच रहे की मैं जाऊंगी तो गलत हो तुम तुम्हे पता है ना मै ये नहीं कर पाऊंगी देखो कुछ और काम हो तो बता दो पर ये मेरे बस का नहीं है...!

    स्वाती की बात सुन कर साबिर मुस्कुरा के कहता है नहीं तुम्हे नहीं जाने दूंगा मैने वैसे ही काफी लोगो को खो दिया है तुम्हे नहीं खो सकता तो क्या करोगे  कौन जाएगा उसके करीब...?  स्वाती ने आश्चर्य से पूछा
    शिविका जाएगी उसके करीब...!
    शिविका अब ये कौन है ..?
    साबिर रुको अभी बताता हु साबिर ये कह कर अपने कमरे में चला जाता है और थोड़ी देर बाद एक लड़की कमरे से बाहर आती है उसने अपना चेहरा ढका हुआ था उसने अपने मधुर आवाज में स्वाति से बोला  वो तो नहीं है बताईए क्या कम है मै कर देती हु उसकी आवाज सुन कर के स्वाति स्वाती शौक में चली जाती है इतनी मधुर आवाज वह अपने जगह से उठ कर कमरे की तरफ जाते हुए साबिर को आवाज लगती है साबिर कहा हो तुम वो अंदर इधर उधर साबिर को ढूंढती है पर उसे कुछ दिखाई नहीं देता वो गुस्से में उस लड़की की तरफ आके चिल्ला कर बोलती है कह है साबिर क्या किया उसके साथ तुमने और कौन हो तुम ...? बोलो वरना अभी यही मार के ढेर कर दूंगी तुम्हे पता नहीं मैं 🥋 कराते में ब्लैक बैल्ट हु .....;


    तब तक वो मुस्कुरा कर बोलती है अच्छ चल। झूठी उसकी मर्दाना आवाज सुन स्वाति उसे देखे जा रही थी वो अपने चेहरे से दुप्पटा हटती है और जोर जोर से हसने लगती है क्यों कि ये कोई और नहीं साबिर ही था उसे हंसता देख स्वाति कुछ पल के लिए संत हो गई थी उसके बाद वो उसे चिल्लाते हुए कहती है तू पागल है मै डर गई थी कुत्ते...!
    साबरी हस्ते हुए लोट पोट हो जाता है और कहता है देखो खा गए धोखा ...? 
    ये थी शिवानी मेरी अपनी शक्तियों की बनी हुई
    ये जाएगी उन सिंघानिया के पास  उसके खानदान का सर्वनाश करने ...!
    ओ ख्याली पुलाव के देवता ये मरदाना लड़की उसके पास जाएगी तो तुरत पकड़ी जाएगी...
    अरे यार मैं जानता हु इसी लिए तो तेरी हेल्प चाहिए
    कुछ दिन में इंटरव्यू है मैने अपने सोर्स से शिवानी के नाम का फेक डॉक्यूमेंट बनवा लूंगा पर तुम्हे मुझे मेकअप लड़कियों की तरह चलना बोलना और कपड़े पहनना सब सीखना पड़ेगा  

    ओके तो चलो करते है और तुम्हे लड़की बनाने की पूरी कोशिश करेंगे ताकि तुम अपने कामों में सफलता मिले

    एक सप्ताह बाद....

    स्वाती साबिर को देखने के लिए अंदर अति है अंदर आके उसकी आंखें खुली की खुली रहती है ओ मई गॉड साबिर मुझे तुमसे जलन हो रही यार damm यू आरे लुकिंग गौर्जियस

    साबिर ने चेरी रेड कलर की मिनी ड्रेस पहन रखी थी और न्यूड लिपस्टिक उसके चेहरे को चार चांद लगा रहे थे ऊपर से विंक आईलाइन
    और उसके शाइनी ओपन लेग... सब का ध्यान अपनी तरफ खींच रहे थे स्वाति के एक्सरसाइज और योग के इंडिया ने उसके बेली फैट को कम कर दिया था और उसका जीरो फिगर कातिलाना लग रहा था

    उसे देखते हुए स्वारी कहती है अगर तू लड़की होता तो लेस्बियन होने में क्या बुराई थी तेरी जैसे गर्ल फ्रेंड आह हाय सब के पसीने छुरा देती 

    साबिर हल्की सी स्माइल पास कर के मुस्कुरा रहा था

    अच्छा स्वाति सुनो मुझे
    सिंघानिया के ऑफिस तक ड्रॉप कर दोगी...
    ह ह क्यों नहीं चलो चलते है...!
    ये कह कर स्वाति कार बाहर निकलती है ... उसके और साबिर बगल के सीट पर बैठ जाता है ....
    स्वाती मुस्कुराते हुए कहती है यार क्या कार है एकदम फोर्ट क्लास
    तूने अच्छ किया जो ये कार मांगा लिया वरना आने जाने में बड़ी दिक्कत होती

    साबिर फिर से एक स्माइल पास करता है और म्यूजिक चला देता है और सफर का मजा लेते हुए वो सिंघानिया के ऑफिस पहुंच जाते है ...!

    वहां पहुंच कर साबिर कार से बाहर आता है ... और ऑफिस की तरफ देखते हुए आंखों में आशु आ जाते है तब तक स्वाती उसके कंधे पर हाथ रखते हुए कहती है ये मोती क्यों बहा रहा ये तो वो रोएंगे तुझे रुलाना है उनको और सुन बी कॉन्फिडेंस
    बाकी सब ऊपर वाले पर छोड़ दे साबिर मूड कर स्वाति को गले लगा लेता है स्वाति उसे थपथपाते हुए ये ले अपनी बायो डेटा की फाइल और जा अपना इंटरव्यू देके आ ....
    मैं बाहर इंतजार करूंगी 



    साबिर अपना फाइल लेता है और ऑफिस के अंदर चला जाता है ...

    अंदर जाते ही सारे लोगों की निगाह उसी पर टिकी हुए थी हर कोई बस उसे देखे जा रहा था ....
    ये देखे वो थोड़ा असहज महसूस कर रहा था ...
    उसने अपनी कैट वॉक को थोड़ा सा रोक लगते हुए आगे जाके पूछता है वो इंटरव्यू के लिए आई हु कहा पर हो रहा ...?

    सामने बैठी लड़की कहती है आप का नाम..?
    साबिर...
    जी क्या.? लड़की आश्चर्य से पूछती है
    तब तक उसे एहसास होता है वो कहती है शिवानी ... दरअसल मेरे होने वाले वो का नाम साबिर है तो हमारे यह पहले उनका नाम लिया जाता है तो वही आदत हो गई है ...!
    मैम आप शादी शुदा है ..? अभी तो आप उन्नीस की है और शादी कर ली...!

    शिवानी मुस्कुरा कर कहती है अरे नहीं शादी होने वाली थी पर नहीं हुआ दरअसल मेरी लड़ाई चल रही थी उसने मुझपे छीट कर दिया और उस ग़म से बाहर निकलने के लिए मैं यह अपना नाम बनाने आई ही  

    ओ सोरी मैम हमें पता नहीं था
    नहीं नहीं इट्स ओक होता है ऐसा


    तब तक एक टिशू पेपर शिवानी के सामने आता है  वह लेते हुए अपना आसू साफ करती है और बगल में देने वाले को थैंक्यू बोलने के लिए मुड़ती है ...!
    थैंक्यू इसके लिए
    उधर से आवाज आता है अह इट्स ओक मिस btw मेरा नाम राज है राज सिंघानिया
    इस कंपनी का HR
    हेलो सिर में शिवानी यहां इंटरव्यू के लिए आई हु ...!


    ओह अभी तक हुआ नहीं आप का इंटव्यू..?
    नहीं सिर इनसे उसकी की बात कर रही थी ...!

    तब तक एक जोर को आवाज आती है ...!
    Guys गेट बैक टू वर्क तुम लोग का ध्यान कहा है ...? ये आवाज सुनते ही पूरे ऑफिस में ठंडक पड़ गई  चारों तरफ सन्नाटा छा गया ये आवाज किसी और की नहीं बल्कि युवराज की थी इस आवाज को सुनते ही सब अपने अपने काम करने में लग गए तब तो वो आगे ही बढ़े थे कि युवराज ने एक एम्पलाई को देखते हुए कहता है हे तुम ब्ल्यू शर्ट केबिन में आके मिलो मुझसे....!


    इधर काउंटर पर खड़ी लड़की कहती है गई उसकी जॉब....  ये बॉस नहीं शैतान है
    ये सुनते ही शिवानी  थोड़ा सा मुस्कुरा देती है... तब तक उस लकड़ी के पास एक कॉल आता है वो कॉल रखते हुए कहती है मैम आप को अंदर बुला रहे आगे से राइट... सुबह से पचास लड़कियां वापस जा चुकी है आप भी अपना लक आजमा लीजिए .... शिवानी राजवीर के केबिन की तरफ चली जाती है ...
    वो गेट पर खड़े होके कहती है मै  i कमिंग सर...!

    ओह मिस शिवानी अंदर आ जाए राज ने मुस्कुरा कर कहा शिवानी अंदर जाती है
    राज चेयर आगे करते हुए कहता है बैठिए  मिस
    थैंक्यू सर

    तब तक युवराज सामने आके कहता है आप जॉब इंटरव्यू के लिए आई है या फैशन शो में मिस..? 
    शिवानी धीरे से कहती है सर जॉब इंटरव्यू के लिए..!
    फिर इतना सज सवार के क्यों ..!

    आज कल के लड़कियों की यही प्रॉब्लम है आना जाना कुछ नहीं और फैशन करवा लो बस ...

    ये सुनते ही शिवानी कहती है सारी सर आप मुझे मेरे लुक पर जज नहीं कर सकते आप ने ना मेरी क्वालिफिकेशन देखा और ना ही जॉब से रिलेटेड कोई सवाल पूछा आप ऐसे नहीं कह सकते ...
    ओह अच्छ तो मिस शिवानी बताइए एक पब्लिकेशन को चलाने के लिए.. सबसे जरूरी क्या है ..? 



    शिवानी सोच में पड़ जाती है ...! वो कुछ बोलती उससे पहले युवराज बोलता है इतना टाइम ले रही आप ये जॉब है कोई मेकअप का कीट नहीं जो खोला और लगा लिया ...
    शिवानी सामने पड़े टिशू को उठाते हुए अपने चेहरे पर स्वैप करते हुए उसे नीचे रखते हुए कहती है ...;
    सर एक पब्लिकेशन को चलाने के लिए सबसे जरूरी होता है पब्लिक से एक गुड कनेशन उनको वो चीजें प्रोवाइड करना जिसकी उन्हें क्रेविंग होती है ... और सबसे जरूरी चीज वाक्पटुता ओह सोरी आप तो फौरन रिटर्न है आप को तो हिन्दी कम समझ आती होगी न.. इंग्लिश में बताती हु वे ओर स्पीकिंग...
    एंड सिर ये टिशू देख रहे है ..! इसे मैने अपने चेहरे से लगाया था .... इसपर कोई मेकअप का निशान नहीं लगा क्यों कि मैने कुछ लगाया नहीं है
    और दूसरी बात जरूरी नहीं कि खूबसूरी हो तो दिमाग न हो और सामने पड़ी बिल शीट की तरफ इशारा करते हुए कहती है ... इसपर आप की साइन है न पर इसकी टोटल काउंटिंग गलत है उसका सही जवाब होगा  22239546
    और ह आप ने जो अपने वो जो अपना ड्रीम प्रोजेक्ट खड़ा किया है उसमें भी कमी है। उस ब्लीडिंग का स्ट्रक्चर डैमेज है और उसकी बनावट को देख कर लग रहा वो अर्थ क्विक के झटके संभाल नहीं पाएगा ... और इतना ही नहीं एक और बात ये जो आप ने फाइल पर सिग्नेचर किया है ये फेक डॉक्यूमेंट है क्यों कि अगर आप ध्यान से देखेंगे तो मिस प्रिंट काफी है और उस पेपर के कोन में वेब साइट का नाम है जो पेन से हटाया गया है और दूसरी तरफ सिग्नेचर के ऊपर लगा स्टांप ऐसे कोई कंपनी इंडिया में नहीं है ...!


    ये कह कर शिवानी सामने पड़े अपने फाइल को लेते हुए ऑफिस से बाहर आती है ..
    उसके पीछे युवराज भी बाहर आता है शिवानी आगे जा रही होती है तब तक युवराज कहता है रुकिए मिस शिवानी  जूता सोने का हो या चमड़े का वो रहता पैरो में ही है...!

    ये सुनते ही शिवानी सामने पड़े पानी का ग्लास उठा कर युवराज के मुंह पर मरते हुए कहती है न तो मैं आप की पैरों की जूती हु और एक बात कह दूं तुम जैसे जाहिल को अपना बॉस बनाने का कोई शौख नहीं नहीं चाहिए ये नौकरी.... कर तो मैं बहुत कुछ सकती हु पर ये पानी तुम्हें हमेशा याद दिलाएगा कि ये लड़की की बेइज्जती करना सही नहीं ...! और न याद दिलाए तो मेरा नाम पूछ लेना शिवानी याद आ जाएगा ये कहते हुए शिवानी वहां से बाहर चली जाती है .... युवराज अपने मुंह से पानी साफ़ करते हुए अपने चारों तरफ देखत है सारे ऑफिस के लोग आपस में फुसफुसा रहे थे ... ये देख उसका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है और सामने पड़े कंप्यूटर को पटकते हुए बाहर चला जाता है ....


    आखिर क्या होगा इसका अंजाम ..?
    और क्या साबिर के सिंघानिया के करीब रहने की सारी उम्मीद खत्म हो जाएगी..?
    और युवराज क्या भूल जाएंग अपने बेइज्जती कको?

  • 4. रूह वाली रूहानियत - Chapter 4 convenc yuvraz

    Words: 1522

    Estimated Reading Time: 10 min

    साबिर घर पहुंचता है....
    उसको आता देख स्वाति मुस्कुरा कर कहती है ...!
    लग गई जॉब मैडम की..?
    नहीं यार स्वाति... साबिर ने ठहराव के साथ कहा
    स्वाती के चेहरे पर एक सन्नाटा आ गया उसने उससे पूछा क्यों अब क्या करोगे...!
    साबिर वहां घटी सारी घटना स्वाति को बताता है ...
    साबिर मुस्कुरा था था ... इसकी मुस्कुराहट को देख स्वाति कहती है सदमा लग गया क्या भाई ..? जॉब न मिलने का ...! 
    नहीं स्वाति जॉब तो मेरी ही है और देखना बहुत जल्द ज्वाइनिंग लेटर भी आएगा ...!
    क्या कुछ भी तुम्हारे चाचा का ऑफिस न है कि तुमने इतना कुछ किया है और वो तुम्हे जॉब पर रख लेंगे  स्वाति बड़े लोगो की एक बुरी आदत होती है वो चाहते है कि उनकी नाक हमेशा ऊंची रहे और मैने उसकी नाक रगड़ने की कोशिश की है और इगो हर्ट हुआ है उसका वो इसका बदला जरूर लेगा और देखना जॉब पर तो मैं ही जाऊंगा ....।


    सिंघानिया भवन.....
    युवराज गुस्से में घर पर आता है और अपना कोट फेंकते हुए सीधा जिम एरिया में चला जाता है उसके चेहरे पर गुस्से की लालिमा छाई हुए थी ...

    तब तक एक नौकरानी दौड़ कर ऊपर के कमरे में जाती है वहां एक जोड़ा बैठा होता है ... औरत की उम्र लगभग तीस साल थी उसने काले कलकर की ब्रांडेड साड़ी पहन रखी थी और पास में खड़ा एक आदमी जिसने थ्री पीस पहन रखा था वो उस औरत से कहता है बेबी आज मै और तुम अपने नए रिजॉर्ट पर अपना हानि मून मनाएंगे फिर से वो रात दोहराएंगे तब तक नौकरानी बोल पड़ती है मेम साब युवराज भैया आ गए है और वो काफी गुस्से में है ... ये सुनते ही उन दोनों के चेहरे की हवाइयां उड़ जाती है वो एक दूसरे को देखते हुए अब क्या होगा ...!
    जय जी आप ही कुछ बताइए देखो राधा हम अब कुछ नहीं कर सकते अगर युवराज को पता चला हम कहा जा रहे तो वो हमारी खैर नहीं छोड़ेगा
    इस पर वो औरत गुस्से में दांत पिसते हुए कहती है आप से तो शादी कर के भाग्य फुट गए है मेरे घर के बड़े बेटे है आप और आप अपने ही छोटे भाई से डरते है ...!
    देखो राधा तुम्हे सब पता है फिर भी तुम ऐसे कैसे कह सकती हो ....
    तब तक नीचे से ग्लास टूटने की आवाज आती है उस आवाज को सुनते ही सारे दौड़ते हुए नीचे की तरफ भागते है  जिम एरिया के बाहर आके वो देखते है तो युवराज ने डम्बल मार के जिम का ग्लास तोड़ दिया था और उसका गुस्सा सातवें आसमान पर था वो पास पड़ी चीजों को उठा कर फेक रहा था तब तक एक पचास वर्षीय आदमी जिसने गले में सोने की कई लाडिया लकता रखी थी और उसके मूंछें उसके चेहरे में चार चांद लगा रहे थे दूसरे हाथ में अपने धोती के एक शिरे को पकड़ वो कुर्ते के पैकेट में अपना हाथ डाले सीढ़ियों से नीचे आ था था ... वह आके राधा और जय के बगल में खड़ा हो जाता है उसको देखते ही राधा अपने सिर पर पल्लू करते हुए कहती है पापा जी आप समझिए युवी भैया को कही गुस्से में सब तहत नहस न कर दे...

    राधा की बात सुन वह आदमी जिम एरिया में अंदर गया युवराज बस करो कितना तोड़ोगे..?
    युवराज गुस्से से उसकी तरफ देखते हुए आप दूर रहिए mr तेज कही आप की हहड्डियां इन चीजों के चपेट में आके टूट ना जाए ...
    ये सुनते ही तेज चिल्ला के कहता है जवाब संभाल के बात करो बरना तुम्हारे हलक से जुबान खींचने में वक्त नहीं लगेगा ...
    ये सुनते ही युवराज उठ कर उसके करीब आने लगता है तेज सिंह आप से कितनी बार कहा है आप के मुंह से मेरे नाम और मेरी चीजें अच्छी नहीं लगती और आप ने जो किया है उसे में भूला नहीं हु .... मुझे वक्त नहीं लगेगा आप की इज्जत कर रहा तो दूर रहिए मुझसे
    तेज गुस्से में बोलता है और नहीं रहा तो बोलो क्या कर लोगो ये कहते हुए तेज उसके शिने पर धक्का देते हुए उसे पीछे करने लगता है   युवराज गुस्से से मुझे हाथ मत लगाए आप नहीं तो ...
    नहीं तो क्या ( तेज) क्या करोगे बोलो ...
    चुप करो तुम दोनों एक तेज की आवाज जिसमें दर्द भरा हुआ था सब की निगाह अपनी तरफ खींच लेता है ये आवाज सीढ़ियों की तरफ से आ रही थी , सीढ़ी पर खड़ी एक वृद्ध महिला जिसको राज ने अपने हाथों से संभाले हुए था बाल सफेद और चेहरे पर झुर्रियों ने अपना घर बना लिया था गले में सफेद मोतियों की माला और दूसरे हाथ में जप माला लिए पंजाबी शूट पहने वो औरत धीरे धीरे नीचे उतर रही थी वो युवराज और तेज के पास अरे हुए कहा मैं कितनी अभागी हू एक बाब और बेटे को दुश्मन बने देख रही हु... इससे अच्छा मै मर क्यों नहीं गई देख रहे है ना आप आप तो चले गए मुझे छोड़ दिया ये दिन देखने के लिए....

    मां ये युवराज को तमीज नहीं अपने बाप से बात करने की ये मुझे मरने के लिए आगे बढ़ रहा था  ... तेज ने कड़का आवाज में कही ये सुन उस औरत ने जिसका नाम राकुलप्रीत था यानि कि युवराज की दादी ने युवराज को देखते हुए कहा क्या यही सिखाया है मैने तुम्हे... युवराज ने अपना सर नीचे लटका लिया ...
    दादी कहती है सब अपने अपने कमरे में जाओ मुझे युवराज से कुछ बात करनी है ... दादी की बात सुन हर कोई अपने अपने कमरे में चला जाता है अब वहां राज , युवराज और दादी थे दादी युवराज के पीसने को साफ करते हुए कहती है मुझे पता है तू क्यों गुस्सा है  उस लड़की की वजह से न...
    ये सुनते ही युवराज गुस्से भरी तेज आंखों से राज को देखता है राज युवराज को देखते ही दादी के पीछे हो जाता है
    दादी फिर कहती है अरे उसे क्या घूर रहा देख युवी तूने उसके साथ सही नहीं किया अरे वो कितनी समझदार थी और मुझे पता है तेरे साथ जो हुआ उसके बाद तेरे जगह कोई भी रहे वो यही कहता पर बेटा हर कोई एक जैसा नहीं होता मै भी तो एक औरत हु न ...
    उस लड़की के जज्बे को सलाम उसने बिना किसी चीज के तेरा सामना किया
    युवराज कुछ कहता उससे पहले दादी कहती हैं मेरी एक बात मानेगा बेटा...
    युवरा धीरे से कहता है जी दादी कहिए ...!
    उस लड़की को अपने सेक्रेट्री बना ले मुझे वो लड़की तेरे ऑफिस में चाहिए ये सुनते ही युवराज पीछे मुड़ कर कहता है दादी ये नहीं हो सकता आप मुझ से मेरी जान मांग लीजिए अभी दे दूंगा पर उस लड़की को मेरी सेक्रेट्री नहीं बिलकुल नहीं ....

    बेटा मेरी बात मान ले ये कहते ही दादी दर्द से चिल्लाने लगती है और जमीन पर गिरने ही वाली होती है युवराज उने पकड़ लेता है और उनकी ये हालत देख युवराज गुस्से से अरे कोई डॉक्टर को फोन करो दादी आप को कुछ नहीं होगा ...! राज दौड़ कर डॉक्टर को फोन करता है युवराज दादी को गोद में उठा कर उन्हें उनके कमरे तक ले जाता है थोड़ी देर में डॉक्टर आते है और दादी धीरे से डॉक्टर को आंखों से इशारा करती है डॉक्टर झट से समझ जाता है ये कि ये नाटक कर रही और वो थोड़ी चेकअप के बाद कहती है देखिए इनको टेंशन ज्यादा मत दिया करिए आप लोग ये हार्ट परसेंट है और इनके लिए ज्यादा सोचना सही नहीं है ... मैं कुछ दवाइयां देता हूं उन्हें खिला दीजिए और है आप इनका खयाल रखिए अब मैं चलता हु ... राज डॉक को बाहर ले जाया है बाहर आकर राज उसे पैसे देते हुए शाबाश डॉक्टर पर ये बात हमारे बीच ही रहनी चाहिए गलती से भी किसी को पता न चले ये नाटक था दोस्त मुस्कुरा के कहता है जी छोटे मालिक और वो चला जाता है

    राज धीरे से कहता है शिवानी तुम्हारे करीब रहने के लिए क्या क्या करना पड़ रहा ....
    और भाग कर दादी के कमरे में आ जाता है

    दादी को होश आ चुका था युवराज दादी के बगल में बैठा था दादी ने युवराज से कहां बेटा आज उस लड़की के वजह से मैं जिंदा हु सुबह उसने मेरी जान बचाई थी ... ये सुनते ही युवराज कहता है क्या क्या हुआ था था सुबह .. दादी उसे बताती है कि सुबह मंदिर आते वक्त कुछ गुंडे ने उनके ऊपर हमाल कर दिए था और उस लड़की और उसके दोस्त ने मेरी जान बचाई थी ये सुनते ही युवराज दांत भींच कर रह जाता है ... बेटा मेरे लिए  उसको जॉब पर रख लो .... ।


    ये सुनते युवराज वहां से बाहर चला जाता है ।।।
    युवराज के जाते ही दादी उठ कर बैठ जाती है और राज और दादी दोनों मुस्कुरा रहे होते है




    क्या होगा युवराज का फैसला....!

    padhne ke bad like comment aur review Dena kyon bhul jaate Hain aap log aapka ek like aur ham ek comment Ham writers ke liye bahut motivation ka kam hota Hai aur han yaar acchi lag Rahi story to follow kar lo please

  • 5. रूह वाली रूहानियत - Chapter 5

    Words: 1516

    Estimated Reading Time: 10 min

    युवराज को अब वो अपने ऑफिस में चाहिए थी ....
    उसने अपने ऑफिस में कॉल कर के बोला सुनो उसे काल करो और ज्वाइनिंग लेटर भेज दो .... जी सर अभी करता हु ...

    ऑफस के कलिंग ने शिवानी को कॉल किया इधर कॉल उठते ही साबिर ने फोन स्वाति पकड़ा दिया 

    स्वाती ने फोन उठते हुए कहा... कौन...?
    जी मै  सिंघानिया के ऑफिस से बात कर रही हु मुझे शिवानी जी से बात करना है क्या उनसे बात हो सकती है ....
    स्वाती ये सुनते हुए कहती है ... ह मै अभी देती हु ये कह के वो फोन साबिर को पास कर देती है..!
    साबिर शिवानी के आवाज में कहता है जी कहिए ..?
    मिस शिवानी कांग्रेस आप को हमारे ऑफिस में जॉब मिल गई है हमने आप को ज्वाइनिंग लेटर भेज दिया है आप कल से ऑफिस आ सकती है ...!

    शिवानी ने गुस्से से कहा जी नहीं मुझे नहीं चाहिए आप की जॉब मेरी इतनी इंसल्ट के बाद मैं कभी उस ऑफिस में कदम न रखूंगी ये कहते हुए उसने फोन कट कर दिया ....
    स्वाती: अरे यार ये क्या था क्यों किया तुमने अब तो जॉब का ऑफर सामने से आया था ....!
    शिवानी मुस्कुरा कर कहती है आई नो बट मुझे उस खडूस जादे से सारी बुलवाना है ...
    कुछ भी वो तुझे सारी नहीं बोलेगा...
    बोलेगा ...! स्वाती
    चलो देखते है ...!

    इधर ये बात युवराज को पता चलती है ये सुनते ही उसके चेहरे गुस्से की लालिमा आ जाती है वो गुस्से में अपना फोन पटक देता है ...! फोन टूटने की आवाज आते ही राज दौड़ कर उसके पास आता है वो युवराज के गुस्से का कारण जानना चाहता था तब तक युवराज उसके फोन से शेरा को कॉल करते हुए कहता है एक नंबर दे रहा इसका लोकेशन चाहिए मुझे अभी ...!
    युवराज की बात सुन शेरा ने थोड़ी ही देर में उसका लोकेशन उसे दे दिया वो राज से कहता है गाड़ी निकलो हमें अभी कही चलना है  राज चुप चाप गाड़ी बाहर निकलता है ....!



    और इधर स्वाति और साबिर आपस में बैठ कर बात कर रहे थे तभी उनके गेट की घंटी बजती है ...
    उसे सुनते ही वो दोनों सोचते है कि इस वक्त कौन होगा रात के ग्यारह बजे ...?

    तब तक साबिर गेट के छोटे से होल से देखता है तो सामने युवराज और राज खड़े होते है ...!

    उन्हें देख वो हड़बड़ाते हुए वो यहां आ गए अब क्या करे...? कौन आ गया ...?
    अरे सिंघानिया के बेटे...
    क्या ये सुनते ही स्वाति शौक में चली वो हड़बड़ाते हुए कहती है तू वॉशरूम में जा और चेंज कर मै तब तो इन्हें संभालती हु ये सुनते ही साबिर वॉशरूम में भाग जाता है ...!

    इधर दरवाजे पर दस्तक और तेज हो गई थी स्वाती ने अचानक से दरवाजा खोल दिया सामने खड़े युवराज को गुस्से से देखते हुए बोली जी आप कौन ?
    कब से दरवाजा खटखटाए जा रहे सबर नाम की चीज है या नहीं..?

    राज धीरे से कहता है सारी मिस इट्स इमरजेंसी राज इधर बोल ही रहा तो की युवराज अंदर चला जाता है और चिल्ला के कहता है शिवानी वेयर are you..?

    स्वाती कहती है वो क्यों तुम्हे क्यों जानना है उसके बारे में कौन है आप लोग ..? तब तक युवराज अपने पॉकेट से गन बाहर निकाल कर स्वाति के सिर पर रखते हुए कब से चपड़ चपड़ किए जा रही हो और एक शब्द बोला तो सारी गोलियां तुम्हारे भेजे में उतर दूंगा ...!  बंदूक देख स्वाति डर गई वो चुप चाप एक जगह खड़ी हो गई ...!
    । तब तक एक मधुर सी आवाज आती है जी कौन ..? आई इतना शोर क्यों बाबा..! आवाज सुनते ही राज के चेहरे पर स्माइल आ गई ...!
    वॉशरूम का दरवाजा खुलते ही सामने से शिवानी आ रही थी अपने गिले बालों को सुखाते हुए और उसने लाइट ब्ल्यू कलकर की नाइट ड्रेस पहन रखा था आगे आके वो तुम यहां क्या कर रहे ...? रुको मैं अभी पुलिस को फोन करती हु ... ये कह के वो अपना फोन उठती है तब तक युवराज उसका फोन छीन कर फेंक देता है और उसे कस के दीवार में लगते हुए चुप चाप कल ऑफिस आ जाना वरना ..!
    शिवानी युवराज को धक्का देते हुए कहती है वरना क्या क्या करेंगे आप.? मरेंगे डराएंगे.. मै न डरने वाली हु जब तक आप पूरी ऑफिस के सामने मुझसे माफी नहीं मांगते मै जॉब पर नहीं आ रही ...!
    ये सुनते ही युवराज ने तेज का मुक्का दीवार में मारा उसके हाथों से खून आ गया और वो चुप चाप कमरे से बाहर चला गया ...,

    इधर राज ने शिवानी और स्वाति से माफी मांग कर बोला दरअसल पास्ट ने भाई को तोड़ के रख दिया है बाकी वो ऐसे नहीं है ...!

    शिवानी I request you ऑफिस आजाओ कल हम तुम्हारे वेट करनेगे
    अगले दिन शिवानी (साबिर) ऑफिस पहुंचता है तो ऑफिस में सन्नाटा होता है और हर जगह सारी सारी वाले बड़े बड़े बैनर लगे थे...!

    वो ये देख खुश होती है तभी उसके पास निशा आ कर कहती है शिवानी इसपर सिग्नेचर कर देना एम्पलाई बोर्ड पेज पर ...!

    शिवानी अपने धुन में मस्त थी तो उसने उसपे जल्दी से  दस्तखत कर दिया तब केबिन से बाहर आते हुए युवराज को देखती है ...!

    उसे देखते हुए मुस्कुरा कर आगे बढ़ के बोलती है चलिए अब आप ने गलती मान ही ली है तो सारी बोल ही दीजिए....!

    युवराज चुप चाप से मुस्कुरा है ये देख शिवानी सातवें आसमान पर थी ...! वो मन में कहती है चलो इस नवाब जादे को अकल तो आई

    तब तक युवराज ने कहा i m sorry...!
    ये सुन शिवानी ने अपने कान साफ करते हुए कहा क्या कहा आप ने हमे सुनाई नहीं दिया जरा फिर से कहेंगे आप...! 

    युवराज ने फिर से कहा i m sorry दादी...!

    शिवानी ये सुन कर मै आप को दादी कहा से दिख रही ...!.
    युवराज चुप चाप आगे चला जाता है और गेट पर खड़ी


    दादी को देख कर कहता है...!


    आई एम सारी दादी कल जो भी हुआ मुझे नहीं करना चाहिए था ...!

    दादी ने युवराज का कान खींचते हुए कहा अरे खोते होता है कोई न वैसे इतना कुछ मेरे लिए और तू तो मेरे जान का टुकड़ा है तुझे कैसे माफ नहीं करुंगी...! युवराज मुस्कुराते हुए दादी के पैर छूता है
    और पीछे मुड़ कर कहता है मिस शिवानी भूलिए मत आप एक इप्लाई है और एक बॉस एप्लाई को कभी माफी नहीं मांगता ...!
    बट मैने तो जॉब ज्वाइन ही नहीं किया में युवराज आप शायद ज्यादा ही सोचते है ...!

    युवराज मुस्कुराते हुए अपने जेब से एक कॉन्ट्रैक्ट पेपर निकलता है उसे पढ़ के शिवानी के होश उड़ जाते है और खुद का सिग्नेचर देख वो भौचक रह जाती है वो गुस्से में उस पेपर को फाड़ देती है ...!

    युवराज इसे देख फिर से एक पेपर निकलता है और मुस्कुरा कर कहता है मै इतना भी बेवकूफ नहीं कि जो तुम्हे ओर्जिनल पेपर दे दूंगा ये तो उसका प्रिंट है ...! मुझे तुम दस मिनट में ऑफिस में मेरे केबिन में मिलनी चाहिए वरना तुम्हे पता है ना मै क्या करूंगा...,!
    शिवानी गुस्से से चिल्ला कर बोलती है mr युवराज मैं पुलिस के पास जाऊंगी आप ने धोखे से दस्तखत करवाया है  युवराज बिग स्क्रीन पर शिवानी को एक वीडियो दिखाते हुए कहता है देखो ये तुम ही हो न और तुम्हारे चेहरे की मुस्कान साफ साफ बता रही तुम कॉन्ट्रैक सिंग करते हुए कितना खुश थी...!

    Now नो मोर ड्रामा गेट बैक टू वर्क एल्स यू हैव टू पे फॉर दैट...!


    शिवानी... चुप चाप खड़ी होती है युवराज वहां से चला जाता है उदर दादी ये सब देख रही थी वो शिवानी के पास आके कहती है बेटा उसकी बातों का बुरा मत मानना वो दिल का बुरा नहीं है ...!
    नहीं बस गुस्से वाला है और थोड़ा नक्चड़ा है ह उसके साथ हुए घटनाएं बस उसे अंदर से खंगाल दी है .... जिस दिन उसे एहसास होगा वो तुमसे दिल से माफी मांगेगा ....

    शिवानी दादी को हल्की मुस्कान देते हुए कहती है जी दादी....!

    और शिवानी आगे बढ़ते हुए अपने मन में चलो जो भी हुआ इसमें फायदा तो मेरा है कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक मुझे युवराज के आस पास उसके घर और हर जगह उसके साथ रहना होगा  ... उसे नहीं पता उसने कितनी बड़ी गलती की है ...!


    तब तक शिवानी के डेस्क पर ढेरों फाइल आ जाती है जिसे देख शिवानी चिढ़ के बोतली है कितने दिन से ये पेंडिग है श्याम जी छोटे से बच्चे की जान लेंगे क्या ये सुनते ही युवराज कहता है श्याम जी बच्चों के मुंह इतना पतर पठार नहीं चलते जितना इसके चलते हैं और ऑफिस में पैसे मिलते हैं काम करने के लिए बैठकर मुंह चलाने के लिए नहीं यह कहकर युवराज वहां से चला जाता है शिवानी चिड़कर अपनी फाइल पटकते हुए कहती है श्याम जी इनको सुबह शाम दो मीठी दवाइयां दिया करिए कम से कम मीठा तो बोलेंगे ना हो तो उनके चाय में चीनी बढ़ा दिया करिए की पातर पातर का कर गए हैं ना उनकी जुबान में थोड़ी मिठास आ जाएगी अकडू साडू खडूस कहीं का


    ....

  • 6. रूह वाली रूहानियत - Chapter 6

    Words: 1643

    Estimated Reading Time: 10 min

    शिवानी अपने फाइलों को देखे रही होती है ...!

    तब तक युवराज का कॉल आता है अभी के अभी मेरे केबिन में आओ शिवानी कॉल को रखते हुए सीधा केबिन की तरफ चली जाती है ...।


    और गेट पर पहुंच के गेट खटखटाते हुए कहती है "सर में अंदर आ जाऊं..?"
    शिवानी की आवाज सुनकर युवराजकहता है आ जाओ , सुनो अपना सामान पैक करो और मेरे घर पर शिफ्ट करो...!"


    शिवानी:–पर क्यों आप मुझे जॉब पर रहने की सैलरी देते हैं और एक एंप्लॉय और बॉस के घर...? यह कुछ अजीब नहीं है ..?


    एक बात बताइए मिस शिवानी आप इतना पटर पटर बोल कैसे लेती है...? छोटे से सवाल का इतना बड़ा जवाब कहां से देना सीखा आपने ...?
    थोड़ी देर आप सुन लीजिए और आप को सवाल करने का कोई हक नहीं अपने कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है ,तो मैं जैसा चाहूंगा आप वैसा करेंगे आपको मेरे घर पर रहना पड़ेगा 24 * 7 और हां चुपचाप से जितना कहा गया उतना, करिए अगर आपने ज्यादा सवाल किया तो पनिशमेंट बढ़ती जाएगी,

    शिवानी सुनकर गुस्से में पैर पटकने लगती है और चिड़कर बड़बड़ाते हुए कहती है " खडूस का तो सिर फोड़ देना चाहिए"


    क्या कहा आपने मिस शिवानी...? युवराज अपने कम करते हुए भौहें उठा कर पूछता है ..?

    "कुछ नहीं सर मैं तो यह कह रही थी अब कितने दयावान है अपने घर में रख रहे हैं "

    युवराज:–अब जाइए जाकर अपनी पैकिंग करिए और अपना सामान लेकर के हमारे घर आ जाइए "

    शिवानी केबिन से बाहर निकल ही रही होती है तब तक वह राज से टकरा जाती है राज उसे देखकर कहता है "तिवारी कैसी हो ..?


    "मैं ठीक हूं मिस्टर राज मेरा नाम शिवानी है तिवारी मेरा सरनेम है ,


    "अरे तिवारी जी हम शिवानी कहे या तिवारी बात तो एक ही है और आप हमारी ,

    क्या कहा आपने....?


    अरे मतलब हमारी कंपनी की एम्पलाई तो हमारी हुई ना ...?


    ""अच्छा-अच्छा हां सही कह रहे हैं आप मिस्टर"" शिवानी यह कहकर हल्का सा मुंह फेर लेती है देती है..!


    राज शिवानी को गुम देख कर वह शिवानी से कहता है क्या हुआ आप इतना परेशान क्यों लग रही है ..?


    "अरे अभी-अभी युवराज सर ने कहा है कि मैं अपना सारा सामान पैक करके आपके घर पर आ जाऊं अब आप ही बताइए ना एक लड़की कैसे बॉस के घर पर रहेगी, ढेर सारे अनजाने मर्द और गर्ल्स प्रोबलम ऊपर से एक बॉस के यहां कैसे 24 घंटे में कैसे रह सकती हूं...!



    राज :– बात तो सही है शिवानी जी आप चिंता मत करिए मैं भाई से बात करता हूं ऐसा कुछ नहीं होगा...।


    शिवानी :–। प्लीज राज सिर बात करिए ना उनसे आप कितने अच्छे हैं सच में आपकी भाई है ना..?


    हां शिवानी जी वह मेरे ही भाई है आप ने ऐसा क्यों पूछा..?


    मुझे लगता नहीं है कभी-कभी डाउट होता है आप इतने स्वीट मासूम से वह कहां अकडू सड़ियल खडूस



    यह सुनकर राज हंसने लगता है... राज का हंसता देख शिवानी केहती है आपको बुरा तो नहीं लगाना मैं आपके भाई के बारे में इतना कुछ बोल दिया ...!

    नहीं नहीं ऐसी तुमने सही बोला है भाई थोड़े से सड़ियल और खड़ूस है वह तो घर में भी किसी से बात नहीं करते वेल तुम जाकर अपना काम करो मैं भाई से बात करता हूं यह कहकर राज वहां से चला जाता है ..।





    शिवानी मुस्कुराकर कहती है एक भाई सड़ियल दूसरा आशिक लड़की देखा नहीं फिसलने चालू हो गया क्या करोगे... क्योंकि फितरत ही वही है आखिर खून किसका है रंग तो दिखाएंगे मिस्टर तेज अब ज्यादा दिन और नहीं मैं सारे कातिलों को ढूंढ ..निकलूंगा और एक-एक करके तुम सबको ना मार तो मेरा नाम भी साबिर ...


    नहीं तब तक साबिर के पीछे से शनाया आ जाती है क्या बोल रही हो शिवानी..?

    अरे शनाया शिवानी सनाया की तरफ देखकर मुस्कुरा कर कहती है ..!कुछ नहीं बस ऐसे ही मेरा खुद से बात करने का थोड़ा आदत है तो वही कर रही थी..।


    चलना शिवानी आज फ्री है..? हम सब बाहर जा रहे हैं अगर तू भी आएगी तो अच्छा लगेगा देख मना मत करना मोहित का बर्थडे भी है कि हम सब वहीं एंजॉय करें...!


    नहीं यार देख जॉब से जाकर सोऊंगी मैं बहुत थक जाती हूं.. और फिर घर में एक बीमार दोस्त भी है एक दोस्त है बहुत काम करना पड़ता है प्लीज समझना मैं नहीं आ पाऊंगी...!

    तब तक मोहित आकर कहता है शिवानी प्लीज मेरे लिए आ जाओ अगर तुम नहीं आ रही तो मैं पार्टी भी नहीं रख रहा हूं यार सब रहेंगे मजा आएगा ना देखो बॉस अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आ रहे हैं कल पहली बार हम सब बॉस की गर्लफ्रेंड को देखेंगे प्लीज आ जाओ यार ...मना मत करना देखो आई रिक्वेस्ट यू मेरी बर्थडे पार्टी है प्लीज प्लीज यार आ जाओ"




    मोहित के बार-बार जिद करने पर शिवानी क्लब आने के लिए हां कर देती है शिवानी के हां करते ही शनाया भी चिल्ला कर खुश हो जाती है वह कहती है..। रुको मैं सबको बताती हूं कि शिवानी भी हमारे साथ आ रही थी यह कह कर वहां से चली जाती है शिवानी कुछ ही दिनों में पर सबके निगाहों में छा गई थी उसने जो युवराज के साथ किया हर कोई बस उससे दोस्ती करना चाहता था और वह दिखने में भी बहुत खूबसूरत थी तो उसका वैसे भी लड़के पीछा नहीं छोड़ते थे..।


    शिवानी तब तक आगे बढ़ी थी कि उसके चेस्ट पर लगे ऑरेंज नीचे गिर जाते हैं यह देख करके उसकी आंखें बड़ी हो जाती है ..! अपने चारों तरफ लोगों को देखते हैं पर कोई दिख नहीं रहा था और जैसे ही झुक करके अपना ऑरेंज उठा रही होती है कि तब तक पीछे से आवाज आती है शिवानी तुमने राज से क्या कहा...?


    यह बात सुनते ही शिवानी आंखें और बड़ी हो जाती हैं और वह अपना दांत खींचते हुए कहती है इसको अभी आना था ..! अगर इसने मुझे इस हालत में देख लिया तो तुरंत समझ जाएगा कि मैं लड़की नहीं लड़का हूं, शिवानी खड़ी होती है अपने हाथों से अपने चेस्ट एरिया को ढके हुए कहती है हां मैंने वही कहा जो मुझे कहना चाहिए था ,सच कहा मैंने आप ही बताइए मैं कैसे रह सकती हूं आपके घर में...?



    " मिस शिवानी पहले आप अपना मुंह हमरी तरफ करिए इधर मुंह करके बात करो इधर मुंह करके बात करने में कोई प्रॉब्लम है..?


    " देखिए सर आपसे तो मैं किधर भी मुंह करके बात ना करो आपने जो किया है इसके बाद मैं आपको अपना शक्ल नहीं दिखाना चाहती, अगर ऐसी बात करना है तो करिए वरना जाइए यहां से..! शिवानी कैसी बातें कर रही हो तुम्हें तमीज नहीं बात करने की..?



    " क्या सर आपको तमीज नहीं क्या लड़कियों की प्राइवेसी होती है आप अपने घर पर रख रहे हैं मुझे तो बताइए मैं कैसे बात करूं आपसे मैं कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है आपसे शादी नहीं की है ..!



    ""तुम कर भी नहीं पाओगे मिस शिवानी अपना क्लास देखा है लोअर मिडल क्लास की एक पटर पतर बोलने वाली लड़की और कहां में हमारा कोई जोर भी नहीं है..!


    शिवानी ;– सर आपसे शादी करने से अच्छा है कि मैं कुंवारी मर जाऊं जहर खा लूंगी जिस दिन आपसे शादी करना होगा ..!।



    युवराज बडबडा के बोलता है अच्छा ही होगा खा लो जहर कम से कम उसे लड़के की जिंदगी नहीं बर्बाद होगी जिससे तुम्हारी शादी होगी..।


    यह शिवानी सुन लेती है और अपना हाथ दिखते हुए कहती है क्या कहा आपने..? देखी जिससे मेरी शादी होगी ना वह दुनिया का सबसे खुशनसीब लड़का होगा आपको क्या पता मेरी वैल्..?


    शिवानी मैं बस आपसे इतना कहने आया हूं कि ठीक है आपको मेरे घर पर आने की कोई जरूरत नहीं पर जब भी मुझे कम लगेगा मैं आपको फोन करूंगा और आपको तब तुरंत आना पड़ेगा और हां अगर आपने जरा सा भी बहाना किया तो पनिशमेंट तो मिलेगी..।



    यह कह के युवराज वहां से चला जाता है उसके जाते ही शिवानी एक गहरी सांस लेते हुए कहती है थैंक गॉड यह सड़ियल चला गया यहां से अभी मैं पहले अपना ऑरेंज ढूंढती हूं इससे पहले कोई और आए ..!


    यह कहकर शिवानी अपना ऑरेंज ढूंढने लगते हैं एक हाथ से अपने चेस्ट को कवर किए हुए दूसरी तरफ वह ऑरेंज टेबल के नीचे ढूंढ रही थी तब तक राज उस ऑरेंज पर पैर रख देता है जिसे देखकर शिवानी चिल्लाकर कहती है "अरे भैंस की आंख ये क्या किया..?


    यह सुनते ही राज दहल जाता है और कहता है कहता है सॉरी तुमने क्या कहा शिवानी।।?

    शिवानी तुरंत अपने दांतों तले उंगली दबा लेती है और सॉरी बोलते हुए कहती है सॉरी मिस्टर राज एक्चुअली अपने फल के ऊपर पैर रख दिया ना अब फल से हमारा पेट भरता है हमारे लिए अन्नपूर्णा है तो मुझे बस उसके लिए बुरा लगा इसलिए मैंने बोल दिया...।



    ओ सॉरी सॉरी मेरे नीचे देखा ही नहीं यह शाम काका भी न फल कहीं भी रख देते हैं ..


    मिस्टर राज यह फल श्याम काका ने नहीं मेरे हैं अगर आपको पता चल गया ना तो अभी मैं ऑफिस से निकल जाऊंगा और आप को हर्ट अटैक आजाएगा ..शिवानी बड़बड़ा कर अपने मन में बोलती है यह उसकी इस कदर बड़बड़ाता देख राज चुटकी बजाकर कहता है क्या हुआ सब खैरियत तुमने अपना हाथ ऐसे सीने में क्यों रखा है..? शिवानी तुरंत एहसास में आ जाती है वह अपने बाल को आगे करते हुए कहती है तुम नहीं समझोगे गर्ल्स प्रोबलम और पास पड़े अपने बैग को उठाकर अपने चेस्ट पर लगा लेती है ...!


    तुम कुछ छुपा रही हो यह क्या है जरा हाथ तो हटाना..?


    क्या खुल जाएगा साबिर की सच्चाई का राज हो जाएगा इसका भंडाफोड़ या संभाल लेगा वह सिचुएशन को जानने के लिए पढ़ते रहिए और हां यह मेरी नई स्टोरी है उम्मीद करता हूं आप सबको पसंद आई होगी पसंद आई हो तो प्लीज फॉलो कमेंट लाइक कर देना यार

  • 7. रूह वाली रूहानियत - Chapter 7

    Words: 1548

    Estimated Reading Time: 10 min

    अब आगे........


    तुम नहीं समझोगे गर्ल्स प्रॉब्लम दूर हटो ...।


    यह क्या यहां पर कुछ गड़बड़ लग रही है जरा अपना हाथ तो हटाना राज ने शिवानी से कहा..!


    यह सुनते शिवानी की आंखें बड़ी हो गई और पास पर्स को उठाकर अपने खाली एरिया को कवर करते हुए कहती है" क्या मतलब है क्या कहना चाहते हो तुम..? आर यू पिटिंग ऑन माय... ची ची ची मैं सोच भी नहीं सकती मिस्टर राज आप यह सब भी देखते हैं, मेरा मतलब है मैं आपकी एम्पलाई हूं शर्म आनी चाहिए आपको।।।!



    राज अपना मुंह घूमते हुए कहता है अरे माफ करिए मैं शिवानी आप गलत समझ रही है एक्चुअली आपके हाथ के ऊपर खून लगा हुआ है मैंने उसे पर कहा शिवानी उस ब्लड को देखते हुए वहां मैं टेबल के नीचे से पेन उठा रही थी तो उसे लग गया होगा...।




    "" सुनिए ना मुझे अचानक से पीरियड्स आ गए हैं और मैं सफेद कलर की कुर्ती पहन रखी है आपको पता है ना अगर गलती से लीक हो गया तो क्या होगा...? प्लीज मुझे घर जाने दीजिए इमरजेंसी है प्लीज"


    " राज कहता है ठीक है आप कहे तो मैं आपके घर ड्रॉप कर देता हूं पर उससे पहले मुझे भाई से पूछना पड़ेगा ..!


    क्या मतलब भाई से पूछना पड़ेगा ..?
    क्या आप इस ऑफिस के कुछ नहीं लगता क्या आपका इतना भी हक नहीं कि आप एक एंप्लॉय को छुटी दे सके भी वूमेंस प्रॉब्लम के लिए आप छुट्टी दे दे..! राज जी आपसे यह उम्मीद नहीं थी आप तो कितने सॉफ्ट और कितने इनोसेंट और कितने अच्छे इंसान हैं आप हमारा पेन नहीं समझेंगे तो खडूस क्या समझेगा..!



    राज :–देखिए आप भैया को बार-बार ऐसे मत बोला करिए हम समझ रहे हैं आपकी बात ठीक है आप जाइए हम भैया से बात कर लेंगे सुनिए अगर आप बुरा न माने तो हम आपको आपके घर तक छोड़ देते हैं ..!

    ""ना नहीं राज जी आप ऑफिस में ध्यान दीजिए मैं ऑटो से चली जाऊंगी ... थैंक यू राज सर यह कहकर शिवानी वहां से भाग जाती है...।


    और बाहर आकर के एक गहरी सांस लेते हुए आसमान में देख कर कहती है थैंक यू भाई बचा लिया आपने वरना आज मैं पकड़ा जाता और फिर मेरा जो हाल होता इसका अंदाजा भी लगा पाना मुश्किल था ...।


    मुझे पीट कर तोड़कर ना ऑफिस से बाहर फेंक देता वह अपना फोन निकलता है और स्वाति के पास कॉल करते हुए कहता है सुन कार लेकर जल्दी आ लो ""



    क्या हो गया है..! स्वाति हार्बर कर पूछती है क्या हुआ तो ठीक तो है ना ..?

    रुक-रुक 5 मिनट दे मैं आई ,


    जितना जल्दी बस के उतना जल्दी आ जाना
    वरना अभी तो ठीक हूं पर इससे ज्यादा देर ठीक नहीं रह पाऊंगी..।


    शिवानी अपना फोन कट करती है फोन को बैग में डालते हुए अपने आजू-बाजू देखती है और वह ऑफिस से थोड़ा दूर जाकर खड़ी होते हुए कहती है..।


    अभी यहां से उसकी लोकेशन भेज देता हूं अगर ऑफिस से किसी कॉलीग ने देख लिया तो लोचा हो जाएगा..।


    शिवानी वहां पर स्वाति का वेट कर ही रही होती है कि थोड़ी देर में सस्वाति कर लेकर पहुंच जाती है वह तुरंत कर में बैठते हुए स्वाति की तरफ देखकर गहरी सांस लेते हुए कहती है अरे आज बच गए यार तुझे पता है ये देख संतरे नीचे गिर गए थे... यह देख और उस खडूस युवराज ने और उसके भाई वह मजनू राज दोनों आगे थे...!


    वह तो शुक्र है कि आज में बाल बाल बच गई स्वाति हंसते हुए कहती है सॉरी मुझे हंसी आ रही है पर रुक जा मुझे हंस लेने दे और यह कहकर वह जोर-जोर हंसने लगती है स्वाति को इस कदर हंसना देख सभी गुस्से में अपना विग निकाल कर फेंक देता है और चिल्लाकर कहता है शर्म कर ले चुड़ैल आज मैं पकड़ा जाता और तेरे दोस्त की ना हड्डियां तक नहीं बचती और तू हंस रही है...।



    स्वाति हंसते हुए कहती है तू टेंशन ना ले मुझे पता था ऐसा कुछ होगा इसलिए मैंने पहले ही इसका जुगाड़ करके रखा हुआ है तो अभी घर चल....।


    स्वाती गाड़ी को घर की तरफ मोड़ लेती है थोड़ी देर बाद वह दोनों घर पहुंचते हैं वह दोनों उतरकर सीधा घर के अंदर आते हैं यहां आकर साबिर अपना गेटअप चेंज करता है और लड़का बन जाता है और आकर सोफे पर फेल कर बैठते हुए कहता है मैं थक गया था इस गेट अप से यार कैसे करते हो तुम लोग..।



    अभी मुझे राहत की सांस मिली है कितना अच्छा लग रहा है पूरे बॉडी में फ्रीडम सा बैठते वक़्त भी पैर को मोड कर बैठो यह दर में की सामने वाला कुछ देखना ले अब समझ आया कि तुम लोगों के ऊपर कितना बर्डन होता है..। स्वाति मुस्कुराते हुए कहती है चल यह ले खाना खा ले और तू परेशान था ना कि तेरे इशू को लेकर के...।


    साबिर:–हां यार कैसे पता है स्वाति आज शाम में मुझे क्लब जाना है और तू भी साथ में चल रही है।।



    "" सच हम क्लब जा रहे हैं वह फिर तो बहुत मजा आएगा...! यार साबिर तुझे बता नहीं सकती मैं इस चीज के लिए कितना इंतजार कर रही थी यह कहकर स्वामी जोर-जोर से उछलने लगते हैं स्वाति को उछलता देख साबिर उसका हाथ पकड़ कर नीचे बैठते हुए कहता है ...!



    रुक जा रुक जा पूरी बात तो सुन ले अभी तेरा उछालना कम होगा..।



    क्यों स्वाति हैरानी से पूछत है इस पर साबिर कहता है ""मेरे ऑफिस कॉलिंग की बर्थडे पार्टी है हमें वहां जाना है और हां मुझे वहां पर लोग शिवानी के नाम से जानते हैं तो मुझे लड़की बन कर जाना है और यू हैव टू बी विद मी देयर और प्लीज मुझे अल्कोहल से दूर रखना और हां रात में क्या पहनूंगा मैं ...!



    शिवानी:– तुम उसकी चिंता क्यों करते हो शिवानी बेबी जब तुम्हारे पास स्वाति कहत है तो तुम बस मजे से आराम करो यह लोग कुछ खा लो मैं सब इंतजाम कर दूंगी ...!

    स्वाति वहां से चली जाती है।


    इधर साबित मस्त पंखे की हवा में लेटा हुआ था आपने कपड़े और अपने कम्फर्ट को देखकर के बस खुश हो रहा था..! मानो उस जन्नत शा मिल गया हो तब तक साबरी आंख लग जाती है करीब 7 बजे का फोन बजता है ...! फोन उठाते हुए हां कौन उधर से आवाज आ जाता है ...!


    अरे हम शिवानी के ऑफिस से बोल रहे है शिवानी से बात हो सकती है क्या ..? यह सुनते ही साबिर की आंखें नींद से खुल जाती है यह सुनते ही साबिर की आंखें नींद से खुल जाती है और नींद पूरी तरीके से भाग जाती है ,...।


    वह अपनी आवाज को लड़खड़ा कर कहता है रुक में शिवानी को बुलाता हूं और फोन के स्पीकर पर हाथ रखते हुए चिड़ते हुए चिल्लाकर शिवानी शिवानी कहता है और फिर अपने गले को ठीक करके लड़की की आवाज में बोलते हुए कहता है..."" हां राज जी कहिए शिवानी तैयार हो जाओ हम थोड़ी देर में तुम्हें पिक करने आ रहे हैं क्या आपको आने की जरूरत नहीं है हम आ जाएंगे ...।


    अरे क्लब तुम्हारे घर के रास्ते में ही है मै आ रहा हूं तो सोचा तुम्हें पिक कर लूंगा देखो मना मत करना आज तुम्हारी हेल्प की है नाचलो मैं रखता हूं ड्राइव कर रहा हूं यह कहकर राज फोन कट कर देता है शिवानी गुस्से से चढ़ते हुए कहती है कि हर यह मजनू मेरे पीछे क्यों पड़ रहा है मन तो करता है इसको अपने वह दिखा दो चुपचाप से हट जाएगा जब उसको पता चलेगा तब तक पीछे से आवाज आती है और वह बेहोश होगा उसका क्या ...? और जो कोहराम मचेगा वह वह देखकर रह पाएगा ...! अरे यार स्वाति तू ही बताना कि मजनू पिक करने आ रहा है चल अच्छी बात है ना आने दे क्या आने दे वह घर के पास में और मैं अभी रेडी नहीं हुई हूं अरे कितना टाइम लगेगा रेडी होने में आज मैं तेरे ड्रेस का और सब जुगाड़ कर चुकी हूं अब तू कमरे में चल जल्दी से रेडी हो जा मुझे भी रेडी होना है साबिर और शिवानी दोनों कमरे में चले जाते हैं स्वाति साबिर की तरफ देखते हो रहती है अपने कपड़े उतार यह देखकर साबिर अपनी आंखें बड़ी करके कहता है तेरी नियत खराब हो रही है क्या मुझे अकेले पर तो वह सब करना चाहती है मुझे पता है घर में कोई नहीं है पर देख मैं तेरा दोस्त हूं बॉयफ्रेंड नहीं वह चुप कर ख्याली पुलाव बनाना बंद कर दे तू और तेरे साथ वह सच्ची तू मेरे स्टैंडर्ड का नहीं है हां हां जैसे तू मेरे स्टैंडर्ड की है मैं मर नहीं जा रहा हूं तेरे साथ करने के लिए हां दिमाग में तेरी ही है ना कुत्ते चल कपड़े निकाल मुझे सिलिकॉन के पेंच लगाने दे ताकि तेरे वह रियल लगे वह अच्छा यह कहकर साबिर अपना कपड़ा निकाल देता है शिवानी उसके ऊपर वह पैच ऐसे अच्छे से सेक्स करती है वह प्रॉपर रियल वाइफ दे रहा था सिलिकॉन पैच को देखते हुए साबिर मिरर में देखकर कहता है यार यह तो पूरा रियल लग रहा है
    तब तक दरवाजे की घंटी करती है यह सुनते ही साबिर बेड पर बैठकर कहता है मर गए अब यह मजनू तो अंदर आकर ही रहेगा ...!

  • 8. - Chapter 8..! दिल मांगे मोर

    Words: 1528

    Estimated Reading Time: 10 min

    शिवानी बेबी तुझे कितनी बार कहा है स्वाति है टेंशन क्यों ले रही है ....।


    और वह तेरा मजनू नहीं है मैं रामू काका को बुलाया था घर का पूरा साफ सफाई करना है तो एक काम कर का ब्लैक कलर की ड्रेस पड़ी है उसको पहन ले बाकी सब मैं लगा दिया है ..।


    तेरे ऊपर वाले दोनों संतरे अब सिलिकॉन के फिक्स हो गए ठीक हो गए हैं अब तो तूने एक्सरसाइज करके क्या कमर बनाई है..। और तेरे कमर भाई लड़कियों से ज्यादा सेक्सी है ..


    ""चुप कर जा मेरी मां तू छेड़ना बंद कर मुझे मैं रेडी होकर आता हूं "

    "साबिर स्वाति को कमरे से बाहर निकाल देता है और वह खुद कपड़े पहने लग जाता है इधर सस्वाति भी आकर रामू काका को कम समझ कर ।


    कपड़े पहन के रेडी होती है और वह रेडी होकर के सोफे पर बैठी थी कि बस शिवानी को आवाज लगते है और कहती है ""शिवानी रामू काका है समझ रही हो ना आराम से आना साबिर उसकी आवाज सुनकर समझ जाता है और वह धीरे से दरवाजा खोलता है"



    " और लड़कियों की तरह नजाकत के साथ आगे बढ़ते हुए आता है उसकी चाल और उसके पर्सनालिटी को देखकर के रामू काका का मुंह खुला का खुला रह गया ...।

    वह बस शिवानी को एक तक देखे जा रहे थे उनकी निगाह उस पर से हट नहीं रही थी.. क्योंकि उसने ग्लिटर ब्लैक कलर की बैकलेस शॉर्ट ड्रेस डाल रखी थी कमर के पास कटी थोड़ी ड्रेस उसके कमर साफ-साफ दिख रही थी कमर का फिगर और उसके पैरों तक आ रही ड्रेस उसके गोरे बदन पर उभर के दिख रही थी ओपन हेयर्स और कानों में छोटे- छोटे-छोटे इयररिंग्स और उसके पिंक लिप्स उस प्यारी लग रहे थे उसने लिप्स पर रेड न्यूड शेड की लिपस्टिक लगा रखी थी। ..।



    हाई हील्स में वह लड़कियों के जैसे नज़ाकत के साथ चलते हुए आगे बढ़ रही थी स्वाति यह देखकर के रामू काका की तरफ इशारा करते हुए कहती है काका संभाल कर मुंह में मच्छर घुस जाएगा..।


    यह देख शिवानी मुस्कुराने लगती है काका को भी एहसास हो जाता है और वह अपने काम में लग जाते ह ...।


    शिवानी आकर के स्वाति से कान के पास बोलती है मैं कैसी लग रही हूं ठीक तो लग रही हूं ना..?


    हां भाई ..?


    जीता जागता एग्जांपल देखा नहीं तूने राम काका को भी जवानी आ गया था ..।

    मुंह का मुंह बड़ा हो गई है फिर और कुछ भी बड़ा हो गया होगा धोती हटा के देख ले ...!


    ""चुप कर जा स्टॉप क्रैकिंग डबल जोक्स स्वाति" "



    फोन कर अपने मजनू को कहां पर है अरे आएगा ना मैं क्या फोन करूं उसको तब तक दरवाजे की घंटी फिर से बजती है ल दान का नाम लिया शैतान हाजिर यह कहकर स्वामी मुस्कुराने लगती है और जाकर दरवाजा खोलती है राज अपने हाथ में गुलाब का फूल लिए हुए शिवानी की राह देख रहा था उसको इस कदर चारों तरफ उड़ता देख स्वाति से कहती है किसी को ढूंढ रहे हैं क्या कर हां शिवानी नहीं है वह नहीं चलेगी क्याअरे आ रही है शिवानी सुनो ना स्वामी शिवानी को आवाज लगती है स्वाति की आवाज सुनकर शिवानी फिर से अपनी नाजुक अदाओं के साथ आगे बढ़ती है राज का भी मुंह खुला का खुला रह सकता है उसके निगाहें एक तक उसे पर ही टिकी हुई थी शिवानी राज को देखकर अपने जुल्फों को संभालती है और अपने आगे आ रहे बालों को धीरे से कानों के पीछे ले जाती है जिसके बाद आज तो मालूम हुआ दिल ही खो बैठा हूं स्वामी राज का मुंह बंद करते हो रहती है सर हमारे पेस्टिसाइड वाले नहीं आते मच्छर बहुत ज्यादा है दो-चार घुस जाएंगे तो दिक्कत होगा स्वामी की बात सुनते ही आज अपना मुंह बंद कर लेता है और चुपचाप से शिवानी की तरफ बढ़ जाता है गुलाब का फूल आगे करते हुए कुछ बोलना चाहता था और उसे शिवानी की खूबसूरती को एक तकदीर में जा रहा था मैं देख शिवानी को थोड़ा अजीब लग रहा था स्वामी समझ चुकी थी कि शिवानी अनकंफरटेबल हो रही है वह आगे बढ़कर गुलाब का फूल लेते हुए रेड रोज प्यार है मेरे लिए थैंक यू सो मच थैंक यू थैंक यू राजी यह रोज लाने के लिए राज स्वामी को घर कर देखते हुए कहता है यह रोज शिवानी के लिए था अगर शिवानी लिया में बात तो एक ही है ना राज जी वह भी तो मेरी फ्रेंड है ना शिवानी शिवानी भी अपना सर हमें हिला देती है राज शिवानी के हाथ को पकड़ते हुए कहता है चले शिवानी मुस्कुरा कर कहती है हां हां क्यों नहीं राज शिवानी को लेकर के कर की तरफ आता है फ्रंट सीट का गेट ओपन करते हुए वह शिवानी को इंटर करने के लिए कहता है तब तक स्वामी आगे बढ़ करके बैठ जाती है और फिर से हंसते हुए कहती है थैंक यू राजीव गेट ओपन करने के लिए वैसे भी मेरा बड़ा मन था ऐसे लग्जरियस कर के फ्रंट सीट पर बैठकर इसका मजा लेने के लिए थैंक यू सो मच मेरे लिए गेट ओपन करने के लिए राज छिड़ करके बीच का गेट खोलना है शिवानी को पीछे बिठाकर फ्रेंडशिप पर बैठ जाता है और बात बताते हुए कहता है की चुड़ैल की तरह पीछे क्यों पड़ गई है वह अपने कर के फ्रंट मिरर को सिद्ध करते हुए शिवानी के ऊपर फॉक्स करता है स्वाति है देखते ही मेरे को अपनी तरफ घूमर लिपस्टिक लगाते रहती है वह मैं लिप्स पर सो शाइनी है नाराज जी राज झूठी मुस्कान के साथ हां मैं सिर हिला देता है इधर युवराज भी आने वाला था और किसे पता था कि तूफान भी आने वाला है देखते ही देखते वो तीनों होटल पहुंचते है वहां पहुंच के तीनों अंदर जाते है तो सब उनका अच्छे से ग्रीट करते है और हर कोई बस शिवानी को देखे जा रहा था तब तक निखिल आ के कहता है अरे उधर देखो सिद्धार्थ भी यही है आज कही ये पार्टी मातम न बन जाए ...



    हर किसी को डर लग रहा था ...! शिवानी और स्वाति को कुछ समझ नहीं आ रहा था आखिर यह लोग बात किसकी कर रहे हैं शिवानी निखिल से कहती है ऐसा क्या हुआ है और सब ऐसे क्यों बोल रहे हैं और यह कौन है सिद्धार्थ निखिल शिवानी की तरफ देखते हुए कहता है अरे सिद्धार्थ सिंह ओबेरॉय है कई जमाने पहले तेज सिंह और रणधीर सिंह और एक युवराज यादव करके तीन दोस्त थे तीनों ने एलाइंस करके इस कंपनी को खड़ा किया था फिर अचानक से उनके बीच कुछ हुआ इसके बाद तीनों ने अपनी अपनी शेयर्स बीच के फिर से नहीं कंपनी स्टार्ट कर दिया

    सिद्धार्थ युवराज और विश्वजीत तीनों काफी अच्छे दोस्त हुआ करते थे एक दूसरे के लिए जान छिड़कते थे फिर अचानक से एक दिन कुछ हुआ यह तीनों ने सरेआम बीच बाजार में इतनी गंदी लड़ाई की थी कि एक दूसरे के जान के दुश्मन बन गए थे रीजन क्या है किसी को पता नहीं पर तब से यह तीनों साथ में कभी देखे नहीं गए यह तीनों एक दूसरे से दूर रहते हैं क्योंकि तीनों साथ में आ गए तो एक दूसरे की जान को मार डालेंगे बस यही बात है बाकी का मुझे भी नहीं पता भाई बड़े लोगों के बड़े राज होते हैं उनका तो चलता रहता है पर आज कहीं यह पार्टी मातम न बन जाए ..?


    इधर राज अपनी चेयर पर बैठा हुआ था निखिल दौड़कर राज के पास आता है और उसे सिद्धार्थ के यहां होने का जिक्र करता है या सुनकर राज अपनी ड्रिंक को सही रखते हुए क्या सिद्धार्थ भैया यहां पर है अगर युवराज भैया आ गए तो गजब हो जाएगा हां सर कुछ करिए वरना मेरी बर्थडे पार्टी आज यहां पर किसी की मौत का माता मनाएगी अभी की है जिन तीनों को लड़ने से रोक सकती है रुको मैं उन्हें फोन करने की कोशिश करता हूं


    यह कहकर राज अपना फोन निकाल कर किसी को फोन करने लग जाता है आखिर किस को फोन कर रहा था राज ऐसी कौन थी जो इन तीनों को लड़ने से रोक सकती थी

    इधर शिवानी स्वाति के पीछे छिप रही होती है क्या क्या पहना दिया है स्वाति यार सारे लड़के मुझे ढूंढ रहे हैं देख बहन आई मीन साबिर बेटे जो पहना है तो उसमें बहुत सेक्सी लग रहा है और बड़ा लड़कों का टेंशन ना मिले तो क्या ही मजा हवास की भूखी मैं लड़का हूं मैं लड़कों के अटेंशन का अचार डालूंगा तब तक एक लड़का पीछे से आकर शिवानी के कमर पर हाथ रख देता है और उसको हल्का सा सहलाते हुए कहता है वाह नाइस कर्व would you like to dance with me ...।


    वैसे मिस हॉटनेस आपका नाम क्या है

    शिवानी उसके हाथ को झांकते हुए साइड कर देती है और उसकी तरफ देखते हुए कहती है देखिए मेरा नाम कुछ भी हो कृपया करके मुझसे दूर रहिए मैं कोई ऐसी वैसी लड़की नहीं हूं हां हां हमें पता है तुम ऐसी वैसी लड़की नहीं हो तुम तो बम का पटाखा हो जल्दी चिंगारी हो देखते ही दिल को खुश कर जाए वैसे एक नारी हो
    .......!

  • 9. रूह वाली रूहानियत - Chapter 9 अरे बचा लो कोई ..!

    Words: 1570

    Estimated Reading Time: 10 min

    अब आगे....!



    अरे चलिए ना हम बस थोड़ा सा डांस करेंगे और वैसे भी मुझे ऐसा गबरू जवान आपको मिलेगा नहीं...!




    बिलीव में आई एम गुड इन बेड I know how to roll my tongue how to use my hand and many more thing ...! एक बार मौका देकर तो देखो मैं तुम्हें खुश कर दूंगा ...!


    यह सुनते शिवानी गुस्से ने उसे गुस्से से थप्पड़ मार देती है .. और चिल्लाते हुए कहती है ..!


    ब्लडी इडियट स्टे में ऐसी वैसी लड़की नहीं हूं और अगर ज्यादा आगे बढ़े ना तो मैं कराटे सीख रखे हैं और यह मेरी फ्रेंड 🥋 करते में ब्लैक बेल्ट है यही तोड़ के रखेगी...!

    वह लड़का अपने गाल को सहलाते हुए एक डेविल स्माइल के साथ कहता है है तुम्हारा थप्पड़ भी तो मुझे डोमिनेटिंग लगा ऊपर से ही मेरा रोम रोम खड़ा हो गया अब तो तुम मेरी हो और तुम्हें मेरे से कोई नहीं बचा सकता पहले तो लगा था कि मैं तुम्हें बड़े आसानी से पास जाऊंगा पर अब तुमने थप्पड़ मार के गलती करती है मैं पता भी है मैं कौन हूं ...? आह तुम्हे तो चखने में अलग ही सुकून मिलेगा...!



    स्वाति गुस्से में आगे बढ़ते हुए कोई भी हो तुम हमसे क्या..?

    देख अपना रास्ता नाप और कुल्टी कर यहां से वरना अगर मैं अपने पर आ गई ना तेरी हड्डी कुट्टी तोड़कर यहां के नाले में फेंक दूंगी ... उसे लड़के ने गुस्से में स्वाति को धक्का दे दिया स्वामी पास वाले टेबल पर जा गिरी शिवानी दौड़कर स्वाति को उठाते हुए स्वाति
    are you ok ..? ना तुम ठीक तो हो शिवानी गुस्से में आगे बढ़ ही रही होती है कि निखिल आगे बढ़कर कहता है


    ""क्या चल रहा है तुम्हारा क्यों परेशान कर रहे हो उन्हें...?


    वह लड़का निखिल को देखकर के उसके मुंह पर भी दो पंच मार के उसे धक्का देते हुए कहता है पिद्दी साले दूर रह बीच में आएगा तो काटा जाएगा..!

    वह शिवानी शिवानी की तरफ बढ़ने लगता है उसके चेहरे पर एक डरावनी मुस्कान और वह अपने हाथों को अपने मूंछों की तरफ ले जाकर उसपे ताव दिए जा रहा था ..!जैसे ही आगे बढ़कर शिवानी को हाथ लगते ही वाला होता है।।।


    तब तक कोई उसका हाथ रोक लेता है और उसके हाथ पर इतना जोर का भार पड़ता है कि वह चिल्लाने लगता है ... उसको चिल्लाता देख शिवानी दूसरी तरफ देखती है तो सिद्धार्थ ने उसका हाथ पकड़ रखा था सिद्धार्थ के लंबे बाल उसके चेहरे पर आ रहे थे मुंह में जल रही सिगार और स्कॉलर और शर्ट के बटन खुले हुए मानव किसी लफंगे से काम नहीं लग रहा था पर उसने किस हीरो के तरीके से अपनी एंट्री मारी थी वह भी किसी हीरो वाली एंट्री से काम नहीं थी ...।





    उसने उसका हाथ कसकर पढ़ते हुए मरोड़ कर कहा साले गंदी नाली के कीड़े एक बार अगर उसने ना कहा तो समझ नहीं आया क्या ..?ना का मतलब ना होता है यह कहकर वह उस लड़के का हाथ कसकर मरोड़ देता है उसे दर्द से चिल्लाते हुए कराह रहा था उसको इस कदर चिल्लाता देख उसके और दोस्त भी आ जाते हैं और सिद्धार्थ को चारों तरफ से घेर लेते हैं एक दोस्त गुस्से में सिद्धार्थ के ऊपर चाकू मारने वाला था कि तब तक कोई आकार के उसके चाकू को पकड़ लेता है ..!



    उसके हाथ चाकू लग जाता है और हाथ से बह रही खून सिद्धार्थ के शर्ट पर गिरने लगती है सिद्धार्थ की सफेद शर्ट अब उसे खून के दाग से लाल हो रही थी सिद्धार्थ दूसरी तरफ देखता है तो यही युवराज होता है युवराज उसको पकड़ कर कस कर एक पंच मारता है और आदमी दूर जाकर हेडलाइट में लगते हो नीचे गिर जाता है...!


    और सिद्धार्थ और युवराज उन गुंडो से लड़ाई करने लगते हैं और देखते-देखते कुछ फलों में वह उन सारे गुंडो को मार कर साइड कर देते हैं उनको मारने के बाद सिद्धार्थ युवराज की तरफ बढ़ता है पर युवराज अपने जख्मी हाथ को लेकर के सीधा वहां से बाहर चला जाता है ...।


    पास में पड़ी गन को उठाकर सिद्धार्थ उनकी तरफ पॉइंट करते हुए कहता है देखो अभी के अभी एक क्लब खाली कर दो तुम लोग वरना आज यहां से तुम्हारी लासे उठाएंगे सिद्धार्थ को गुस्से में गान ताने ने देखा सारे गुंडे वहां से डर कर भाग जाते हैं उनके जाते ही शिवानी जाकर सिद्धार्थ के पास है थैंक यू आपने आज बचा लिया सिद्धार्थ मुस्कुरा कर कहता है इट्स ओके ...!



    तब तक शिवानी की निगाह सिद्धार्थ के हाथ पे जाती है गुंडो की लड़ाई के दौरान सिद्धार्थ के हाथ में भी चोट आ गई थी यह देखते शिवानी अपने बैग से रुमाल निकलती है और सिद्धार्थ का हाथ पकड़ते हुए उसे लपेटने लगती है ..।



    सिद्धार्थ कहता है छोड़ दो मैं ठीक हूं.. इतना तो लगता रहता है "


    "देखिए भले ही लगता हो आपको पर अभी के लिए मुझे करने दीजिए चोट और बढ़ जाएगी तो दिक्कत करेगा "


    "तब तक शिवानी का ध्यान दारू पर जाती है वह उस दारु को उठाकर सिद्धार्थ के घाव पर डाल देती है जिससे सिद्धार्थ कस कर चिल्ला उठा और उसका दूसरा हाथ शिवानी के थाई को कसकर दबा देते हैं दर्द इतना ज्यादा था कि सिद्धार्थ खुद को रोक नहीं पा रहा था..! हाथ में हो रही चुनचुनाहट उसे अपना हाथ झड़कने पर मजबूर कर रही थी..! वह गुस्से से कहता है कि तुमने क्या किया ..?



    शिवानी उसका हाथ पकड़ कर फूंकते हुए कहती है सॉरी सॉरी थोड़ा दर्द होगा पर अल्कोहल इस घाव को ठीक करेगा अगर अभी अल्कोहल नहीं डालते तो बैक्टीरियल इंफेक्शन होने का डर होता या कहकर वह उसके हाथ को पड़कर फूंकने लगती है ...।



    शिवानी सिद्धार्थ के हाथों पर फूंक मार रही थी अचानक से सिद्धार्थ का ध्यान शिवानी की तरफ जाता है उसके उड़ रहे बाल सिद्धार्थ को बड़े ही अच्छे लग रहे थे उसके चेहरे पर आते बाल शिवानी एक हाथ से अपने बालों को हटती और दूसरे हाथ से उसके घाव को सहला रही थी सिद्धार्थ एक तक उसे देखे जा रहा था फिर वह अपने रुमाल से उसके गांव को बंद देती है और मुस्कुराते हुए कहती है लीजिए हो गया ...।



    आप दर्द भी काम हो जाएगा यह देखकर सिद्धार्थ हल्की सी मुस्कान देते हुए कहता है थैंक यू बाय द वे माय नेम इस सिद्धार्थ मिस्टर सिद्धार्थ मैं शिवानी हूं..."



    " तब तक पीछे से आवाज आती है "" शिवानी आप मेरी पिए हैं दूसरों की नहीं आपके यहां पर मेरे पास होना चाहिए था" " शिवानी सुनते ही अपने टेबल से उठ खड़ी होती है पीछे मुड़कर देखती है तो युवराज उसके सामने खड़ा था युवराज को देखते ही वह चुपचाप से साइट हो जाती है युवराज आगे बढ़कर सिद्धार्थ की तरफ देखकर कहता है वह मेरी कंपनी की एम्पलाई है उसका अच्छा बुरा मैं अच्छे से जानता हूं, दूर रहना उसे"



    " सिद्धार्थ मुस्कुराते हुए कहता है तेरी आदत अभी तक छुट्टी नहीं ना युवराज हर चीज तेरी नहीं होती और भूल मत उसकी जान गुंडो से मैं बचाई अगर मैं नहीं होता तो ना तो तू ना तो तेरे स्टाफ कोई भी उसकी हेल्प नहीं कर पाते...!


    युवराज:– "" देख सिद्धार्थ मैं तुझेसो के मुंह नहीं लगना चाहता तूने जो किया तो तू भी मेरे ना होने पर उन गुंडो से बच नहीं पता...




    सिद्धार्थ:– क्या मतलब है तू जैसों का तू कहना क्या चाहता है ..? यह भी तो भूल गया उन दिनों की बात तुझे अच्छे से पता है तू जैसा कौन है...।



    युवराज :–देख सिद्धार्थ दूर होकर बात कर मेरे पास मात आ वरना बहुत बुरा हो जाएगा "



    सीड:– "क्यों क्या कर लेगा क्या कर लेगा बोलना..! युवराज सिद्धार्थ गुस्से से अपने चेयर से उठकर के युवराज के करीब आने लगता है युवराज अपने गुस्से को शांत करते हुए कहता है सुनो दूर रहो मुझसे मैं कह रहा हूं ना मुझे छूना मत वरना यह हाथ तोड़ दूंगा सिद्धार्थ युवराज की बात मानकर उसे छूने ही वाला था कि तब तक शिवानी बीच में आ जाती है स्टॉप गैस तुम दोनों बच्चों की तरह लड़ना बंद करोगे अरे यार देखो तुम लोग का पर्सनल मैटर जो भी है घर पर जाकर सुलझाना जाना अभी के लिए दोनों के दोनों शांत बैठो हम यहां पर किसी की बर्थडे पार्टी सेलिब्रेट करने आए हैं तो हम उस पर फोकस कर ले और मिस्टर सिद्धार्थ थैंक यू सो मच फॉर हेल्पिंग मी प्लीज थोड़ी देर के लिए आपसे रिक्वेस्ट करती हूं युवराज से दूर रहिए और मिस्टर युवराज आप भी ...!

    शिवानी की बात मन वो दोनों दूसरे तरफ चले जाते है ..!


    शिवानी के पास आता है यार तुमने कैसे किया वह सीड भाई और युवी भाई की लड़ाई रोक दी पर कोई भरोसा नहीं की बदले रुक कब फिर से एक दूसरे की तरफ आ जाए जितना जल्दी हो सके हमें यहां से निकलना चाहिए ..!


    निखिल चिल्लाते हुए कहता है टाइम तो कट केक सब लोग पास आ जाओ हर कोई केक के सराउंडिंग में खड़ा हो जाता है निखिल युवराज की तरफ देखते हैं कहता है सर प्लीज आप भी आई ना अगर आप आएंगे तो अच्छा लगेगा युवराज अपने एम्पलाई की खुशी के लिए उठ करके उसके पास आ जाता है सब खुशी-खुशी के कट करते हैं और एक दूसरे को खिलाते हैं तब तक शनाया रहती है सर आपकी गर्लफ्रेंड आने वाली थी ना अभी तक वह आई नहीं कहां पर है मैं हम सब उनका इंतजार कर रहे हैं




    मैं यहां हु ....!

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