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3dad's ki sweet baby

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Reena ✨

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ये कहानी है इशू की जो पहुंच जाति है बंसल परिवार में जहा पर राज चलता है , तरुण, मानस, सोहन का ,, लेकिन पहली ही मुलाकात में इशू उन्हे अपना डैड मानने लगती है जिससे पूरा बंसल परिवार चौक जाता है । 27 साल के लडको को बेटी 20 साल की कैसे हो सकती है ? ये सवा...

Total Chapters (2)

Page 1 of 1

  • 1. 3dad's ki sweet baby - Chapter 1

    Words: 1397

    Estimated Reading Time: 9 min

    गुजरात शहर..

    सुबह के दिन चर्या के हिसाब से हर जगह लोगो का आना जाना सुरु हो रखा था कोई सड़को पर चल रहे अपने काम के लिए तो कोई कही वही बड़े से फील्ड में काफी लोग वॉक करने आए थे सुबह के वक्त मगर सब की नजर जाते हुए एक जगह जरूर रुकती।।

    फील्ड के एक झाड़ी के पास में जहा पर एक लड़की पिंक फ्रॉक में बैठी थी उसका सिर घुटनो के बीच में था वही हाथों में एक बड़ा सा डॉल पकड़ के रखा था ।।

    वो डर से कांप रही थी उसे पता था लोग उसे ही देखते हुए जा रहे है मगर उस लड़की ने एक बार भी सिर ऊपर कर देखा नही ।। वही आस पास चल रहे लोग भी उसके पास नही आ रहे तभी उनमें से एक औरत जिसके ट्रैक सूट पहन रखा था वो इस लड़की को देख उसके पास और आई घुटनो के बल बैठ के कहा

    " बेटा तुम ऐसे यहां क्यू बैठी को क्या हुआ ?? उस औरत ने इतने प्यार से कहा की लड़की अपना सिर ऊपर कर के देखने लगी ,, बड़ी बड़ी आंखे गोल मटोल जैसा चेहरा ,, ना पतले ना मोंटे सिर्फ मीडियम थे वो बड़ी बड़ी आंखे कर देख रही वह सामने बैठ औरत एक पल के लिए उसके चेहरे में मोहित सी हो गई ।

    " ऊपर कर के देखने लगी ,, बड़ी बड़ी आंखे गोल मलतोल जैसा चेहरा ,, ना पतले ना मोंटे हिंद मीडियम थे वो बड़ी बड़ी आंखे कर देख रही वह सामने बैठ औरत एक पल के लिए उस लड़की के चेहरे में मोहित सी हो गई ।

    लेडी अपने ख्यालों से बाहर आके बोली " आप का नाम क्या है बेटा?

    लड़की ने अपनी मासूम सी आवाज के कहा " इशू "

    जितना प्यार नाम था उतनी ही प्यारी वो थी लेडी प्यार से इशू के गाल पर हांथ रख के बोली

    " आप का घर कहा है इशू बच्चे ऐसे अकेले आप यहां बैठे है आप के मम्मी पापा सब कहा गए क्या आप नाराज होके घर से आई है दिखने में तो आप किसी बड़े घर की लग रही है और उम्र भी 20 से 21 साल लग रही है ।

    लेडी की बात सुन इशू के आंखो में आंसू भर गए वो रोते हुए बोली " मेरी मम्मी नही है डैडी बहुत दूर चले गए मुझे छोड़ के वो अब नही आयेंगे " "

    पता नही क्यू लेकिन इशू के आंसू उस लेडी को काफी बेचैन कर रहे वो इशू को गले से लगा लेती है और कहती है " आप रोना बंद करिए कोई नही आप मेरे साथ चाहिए मेरे घर।
    पहली ही नजर में लेडी को इशू बेहद पसंद आती है ।

    वही इशू रोना बंद कर देती है और लेडी के साथ उनके घर के लिए निकल गई कुछ देर में इशू एक बड़े से विला के समाने खड़ी थी जो संगमरमर से तैयार था वो दिखने में पूरा सफेद था आस पास काफी हरियाली थी लेडी ishu को चारो तरफ देखते देख बोली

    "क्या ये जगह आप को पसंद आई " इशू ने स्माइल के साथ अपना सिर हां में हिला दी प्यार से लेडी इशू के बालो में हांथ फेर ishu को घर के अंदर ले जाती है और लिविंग रूम में पहुंचते ही आवाज लगती है

    " तारा दीदी मोनी दीदी आप दोनो कहा है जल्दी बाहर आइए देखिए आप दोनो से मिलने कौन आया है ?

    वो जोर जोर से चिल्लाने लगी तभी किचेन से आवाज देते हुए दो औरत बाहर आई " सोनी क्या है सुबह सुबह इतना सोर मचा रखा है पता है ना तेरे दो लाडले सो रहे है ।

    जो लेडी इशू को लेके आई थी उनका नाम सोनी है वो मोनी के बात का जवाब देती है " दीदी आप उन दोनो नालायको को छोड़िए दिखाई मैं किसे लेके आई हूं मेरी प्यारी बेटी ।

    सोनी के कहते ही दोनो मोनी और तारा जैसे ही इशू को देखती है दोनो ही कुछ समझ नही पाती और कहती है "ये कौन है सोनी?और किसकी बेटी कहा तुमने " "

    सोनी कुछ कहने को हुई की बीच में मोनी डांटते हुए कहती है " कही तुमने फिर से किसी की बेटी तो नही उठा लाई देखो सोनी हमे पता है तुम्हे लड़के नही लड़किया चाहिए थी लेकिन अब तुम्हारा एक बेटा है तुम ऐसे किसी को उठा के लाओगी तो उसे कैसा लगेगा उसे वो तो यही सोचेगा उसकी मां उससे प्यार नही करती है ""

    एक सांस के मोनी बोलती गई जिसे सुन के सोनी ने कहा " अरे यार दी आप कभी अभी अपना मुंह बंद कर सकती है ये है इशू आज मुझे ग्राउंड में मिली अकेली है बिचारी ना मां है ना पिता और ना कोई घर इसी लिए मैं इसे अपने साथ ले आई प्यारी है ना मैने इसे अपनी बेटी बन किया "

    सोनी ने इतराते हुए कहा वही सोनी ने जैसे ही बात बताई दोनो की नजर इशू को ऊपर से लेके नीचे तक घूरने लगी एक नजर में उन्हे भी इशू भा गई वो थी ही इतनी प्यारी मासूम थी मोनी जल्दी से ishu के पास आके उसे प्यार से कहा लेती है और कहती है
    " सच में ये कितनी प्यारी है तुम्हारा ना इशू है क्या सच में इस दुनिया के तुम्हारा कोई नही है "

    मोनी इशू से पूछती है " इशू नीचे सिर झुका के कहती है " नही " तभी तारा जी कहती है ।
    " तुम्हारे मम्मी पापा नही है "इशू ना में सिर हिला देती है फिर सोनी ishu के कंधे पर हांथ रख के उसे पीछे से लगे लगा के कहती है

    "आज से हम तुम्हारे है जब तक तुम्हारा मन करेगा तुम यहां रह सकती हो बेझिझक " इशू कुछ नही कहती
    लेकिन सोनी की बात सुन के मोनी और तारा एक दूसरे को चिंतित भाव से देखने लगी ।

    तभी सोनी ने एक सर्वेंट को बुला के कहा " सुनो इशू को गेस्ट रूम में लेके जाओ और कॉल कर उन्हे घर कर इशू के लिए कुछ कपड़े मंगवा लो आज से ishu मेरी बेटी है ,, फिर वो मन में बोली ""लगता है भगवान ने मेरी बेटी का सपना पूरा कर दिया ।।

    सोनी ishu को अपनी बेटी मान के खुश थी लेकिन मोनी और तारा नही थी तभी सोनी इशू से बोली " जाओ बच्चा चेंज कर के आप फिर हम नाश्ता करते है " इशू सिर हिला के चली गई । वही मोनी और तारा जी बस इशू के वहा जाने का इंतजार कर रही जब सर्वेंट के साथ इशू चली गई तब तारा जी ने सोनी से कहा

    सोनी तुम क्या कह रही हो पता भी है ये बात अगर उन तीनो को पता भी चली ना तो काफी नाराज होंगे तुम एक बार उनके बारे में सोच तो लेती "

    सोनी जाके सोफे पर बैठ गई और बोली " उसमे सोचना क्या है हम तीनो माओ से कहा उनके तीनो बच्चे प्यार करते है बस उन्हे अपने काम से मतलब है और नही करते इसी लिए तो अपने लिए एक प्यारी सी बेटी ले आई आज वो मेरी बेटी मैं उसकी मां और प्लीज दीदी मुझे डराने की कोषिश मत करिए सोहन की मैं मां हूं उसे मुझसे डरना चाहिए मुझे नही ""

    तारा मोनी ,, जी सोनी के बात पर कुछ न कह के बस एक दूसरे को देख दोनो ना में सिर हिला देती है उन्हे पता है आगे क्या होगा । इसी लिए बिना कुछ कहे नाश्ते की तैयारी करने लगी

    मैं बंसल परिवार के बारे में बता देती हूं .....

    तारा बंसल, मोनी बंसल, सोनी बंसल तीनो बंसल परिवार की बहुएं है तीनो जन को एक एक बेटे है तारा बंसल के बेटे ,, तरुण बंसल ,, इनके अंदर एगो काफी है

    मोनी बंसल के बेटे , मानस बंसल ,, कम बोलते है बस अपना काम करना इन्हे ज्यादा पसंद है

    सोनी जी के नालायक बेटे सोहन,, उनका काम है अपने भाई मानस और अपनी मां सोनी जी से हर दिन लड़ाई करना वो इस एक दिन बोर नही होते और लड़किया दो कदम दूर से अच्छी लगती है वो बस अपने बड़े भाई तरुण के दीवाने है कहा जाता है दोनो भाई नही होते तो शादी जरूर हो जाति ।

    इनके घर में बस 6 लोग रहते है तीनो लड़को के पिता नही है जब तीनो 5 साल के थे तभी इनके पिता इन्हे छोड़ के चले गए ।

    जारी ✍️

  • 2. 3dad's ki sweet baby - Chapter 2

    Words: 0

    Estimated Reading Time: 0 min