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"Pregnant with the Billionaire’s Heirs"

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🍁...𝒕𝒉𝒆 𝒔𝒘𝒆𝒆𝒕 𝒈𝒊𝒓𝒍...🍁

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ये कहानी श्रेया की है जोकि एक अनाथ लड़की है इनका एक राय फैमिली ने अडॉप्ट किया हुआ है और इनका उसे करके पैसा कमाना चाहती है मगर श्रेया यह बात जानकर वहां से भाग जाती है और नहीं चाहती है किसी एक ऐसे इंसान से जो कि श्रेया की पूरी लाइफ बदल देता है और 7 साल...

Total Chapters (68)

Page 1 of 4

  • 1. Pregnant with the Billionaire’s Heirs - Chapter 1

    Words: 1031

    Estimated Reading Time: 7 min

    दिल्ली के एक लग्जरियस होटल के एक प्राइवेट रूम में कुछ लोग साथ में डिनर कर रहे थे और डिनर करते हुए एक दूसरे से बात कर रहे थे। आज राव फैमिली के साथ सिंह फैमिली बैठी हुई थी और एक साथ वो लोग डिनर कर रहे थे। राव फैमिली और सिंह फैमिली जल्दी ही पार्टनरशिप करने वाले थे और इस पार्टनरशिप को और भी ज्यादा मजबूत करने के लिए राव फैमिली की बड़ी बेटी श्रेया राव के साथ सिंह फैमिली के बड़े बेटे आर्यन सिंह की शादी तय हो चुकी थी और इसी बात पर ही वो लोग यहां आकर सेलिब्रेट कर रहे थे। श्रेया राव जो कि राव फैमिली की एक अडॉप्टेड बेटी है, जिसे राव फैमिली से कोई भी मतलब नहीं है और ना ही राव फैमिली की खुशियों से मतलब है। बस अपना काम निकलवाने के लिए आज उन्होंने उसकी शादी आर्यन सिंह से करने का फैसला ले लिया था। आर्यन सिंह जो कि एक प्लेबॉय है और एक अमीर बाप का बिगड़ा हुआ बेटा, उसके साथ उसकी शादी तय हो चुकी थी। जिसके वजह से श्रेया का मूड काफी ज्यादा खराब था। श्रेया जो इस वक्त एक जींस और ऊपर पिंक कलर की शर्ट, नॉर्मल से कपड़ों में पहने बैठी हुई थी, जिसे देखकर सिंह फैमिली ज्यादा खुश नहीं थी। वहीं श्रेया की स्टेप सिस्टर जो कि राव फैमिली की असली बेटी थी, वह श्रेया को ऐसे देखकर काफी ज्यादा खुश हो रही थी। वह जानबूझकर उसकी शादी आर्यन सिंह से करना चाहती थी क्योंकि आर्यन सिंह उसका इस टाइम बॉयफ्रेंड भी था। यह बात किसी को मालूम नहीं थी, पर इस बात को छुपाया हुआ गया था। आर्यन सिंह जिसे शादी वगैरह से कोई इंटरेस्ट नहीं था, पर श्रेया को देखने के बाद उसके ऊपर लट्टू हो चुका था। श्रेया की खूबसूरती देखकर पागल हो चुका था और वह उसे पाना चाहता था। जिसके लिए उसने श्रेया के सौतेली बहन सुहाना से कहकर उसके ड्रिंक में कुछ मिला दिया था। वहीं श्रेया अपनी ही अलग ही दुनिया में थी, उसे इस वक्त यह शादी नहीं करनी थी, पर राव फैमिली के लिए उसे करना पड़ रहा था क्योंकि राव फैमिली के सबसे बुजुर्ग आदमी, जिन्होंने उसे अडॉप्ट करके इस फैमिली में लाया था, इस वक्त उनकी तबीयत काफी खराब थी और उन्हें किसी से कोई मतलब नहीं था और इसी बात का फायदा उठाकर राव फैमिली आर्यन सिंह से उसकी शादी करना चाहती थी। मगर वह ऐसा कुछ कर पाती उससे पहले आर्यन की मम्मी पूजा सिंह उसके पास आकर बोलती, "बेटा तुम तो कुछ खा ही नहीं रही हो?" उनकी बात सुनकर श्रेया अपनी दुनिया से वापस लौटी और अपने होश में वापस आकर सबकी तरफ देखती है जो कि उसके ही तरफ देख रहे थे। उसे अपने ऊपर आर्यन की गंदी नज़रें महसूस हो रही थी जिसके वजह से उसके पूरी बॉडी कांप रही थी। पर फिर भी वह अपने आप को कंट्रोल करते हुए बिना किसी से कुछ बोले अपना खाना खाने लगती है और इस बीच में वही जूस पी लेती है जिसमें आर्यन और सुहाना से कह कर कुछ मिलाया था। सुहाना जो कि श्रेया के बाजू में ही बैठी थी वह उसको ऐसे देखकर अपने मन ही मन हंस रही थी क्योंकि आज रात श्रेया की खूबसूरती और उसकी वर्जिनिटी आर्यन छीन लेने वाला था। आर्यन खुद भी श्रेया से शादी नहीं करने वाला था इसलिए आज रात वह कुछ ऐसा करने वाला था जिससे वह श्रेया को ब्लैकमेल करे और उसके बाद उसकी हालत ऐसी करे इसके बाद वह कहीं भी मुंह दिखाने लायक ना बचे और फिर उसके बाद वह सुहाना से शादी कर पाएगा। सुहाना और आर्यन के घटिया प्लेन से अनजान श्रेया चुपचाप अपना खाना खा रही थी और सबसे मुस्कुराते हुए बातें कर रही थी। वह जो जो लोग उससे पूछ रहे थे उसका जवाब दे रही थी। श्रेया को देखकर जो सबसे ज्यादा खुश हुए थे वह थे सिंह फैमिली के हेड आर्यन के दादाजी। श्रेया उन्हें काफी ज्यादा पसंद आई थी। श्रेया को अपनी पोते के लाइफ में लाना चाहते थे ताकि श्रेयांश के पोते को सुधार सके, वह जितना खटिया काम करता था वह सब कुछ छोड़ सके। इसीलिए वह श्रेया की शादी आर्यन से करना चाहते थे ताकि आर्यन अपनी सारी बुरी हरकतें और घटिया हरकतों को छोड़ दे..! सब लोग यहां पर सिर्फ और सिर्फ अपने अपने जरूरत के लिए यहां पर बैठे हुए थे जहां श्रेया के अडॉप्टेड पेरेंट्स उसे बस अपने पार्टनरशिप के लिए यूज करना चाहते थे। तो वही सिंह फैमिली श्रेया का यूज करके आर्यन के लिए बस एक बेबी सीटर लाना चाहते थे जो कि उसकी जरूरतों को सिर्फ पूरा करेगी। वही श्रेया बैठी अभी भी अपना खाना धीरे-धीरे खा रही थी तभी उसे कुछ अजीब सा लगता है जिसे महसूस करके श्रेया अपनी जगह से खड़ी होती है और सबके तरफ देखकर बोलती है, "मैं वाशरूम से आती हूं।" उसके बाद को समझते हुए वह उसे जाने देते हैं। वहीं श्रेया के जाने के बाद आर्यन के चेहरे पर एक छोटी सी घटिया से मुस्कान आ जाती है और वह अपने जगह से खड़े होकर बोलता है, "मैं अभी आता हूं, इंपॉर्टेंट कॉल करना है।" वही सुहाना सब कुछ समझ जाती है कि आर्यन क्या करने गया है। वही आर्यन के जाने के बाद भी किसी को कुछ फर्क नहीं पड़ता, सभी लोग अपना काम में लगे रहते हैं और एक दूसरे से बातें करने लगते हैं। वह वाशरूम के पास जाता है जहां पर श्रेया गई थी। श्रेया वॉशरूम के अंदर वॉश बेसिन के पास खड़ी थी और अपने चेहरे को धो रही थी। वह अपने चेहरे पर जितनी बार भी पानी डाल रही थी उसके बॉडी के अंदर कुछ अलग सा ही उसे महसूस हो रहा था। जिसे महसूस करते हुए श्रेया को काफी ज्यादा अजीब लग रहा था। उसे समझ में नहीं आ रहा था यह हो क्या रहा है। तब भी वह अपने आप को बड़ी मुश्किल से संभालते हुए जैसे ही वॉशरूम से बाहर निकलती है तो उसे सामने ही आर्यन खड़ा हो जाता है जो उसे ही देख रहा था। शायद वह उसका ही इंतजार कर रहा था जिसे समझ के श्रेया के चेहरे पर डर के भाव आ जाते हैं और उसे समझ आ जाता है।

  • 2. Pregnant with the Billionaire’s Heirs - Chapter 2

    Words: 1047

    Estimated Reading Time: 7 min

    शायद आर्यन ने ही कुछ उसके साथ किया है, बट क्या, वह समझ नहीं पा रही थी। श्रेया को पहले से ही पता था कि उसकी पूरी फैमिली कैसी है और सुहाना कैसी है, इसीलिए उसे ज्यादा देर नहीं लगती सारा माजरा समझने में। इसलिए वह खुद को संभालते हुए बोलती है, "आप यहां क्या कर रहे हैं?" उसकी प्यारी सी आवाज सुनकर आर्यन के चेहरे पर घटिया सी मुस्कान आ जाती है और वह बोलता है, "तुम्हारा इंतजार कर रहा था मैं।" उसकी बात सुनकर श्रेया उससे बोलती है, "मगर क्यों?" उसकी बात सुनकर आर्यन बोलता है, "बस तुमसे ही काम था, इसलिए मैं तुम्हारे पास आया हूं।" इतना बोलकर वह श्रेया का हाथ पकड़ लेता है। अपने हाथ को छुड़ाने की कोशिश करते देख आर्यन बोलता है, "इतना घबरा क्यों रही हो? अब हमारी शादी होने वाली है, इतना तो हक है मेरा।" इतना कहकर वह नीचे झुकने लगता है और श्रेया के चेहरे के पास जाने लगता है, जिसे देखकर श्रेया को कुछ समझ नहीं आता और उसके बॉडी के अंदर अब ज्यादा ही जलन और बेचैनी बढ़ गई थी। वह उसे ऐसे देखकर समझ गया था कि अब श्रेया को अपने साथ ले जाने में उसे आसानी होगी। यह सोचकर वह जबरदस्ती श्रेया का हाथ पकड़ के खींचते हुए अपने बुक किए हुए कमरे की तरफ जाने लगता है, जिसे देखकर श्रेया और भी ज्यादा पैनिक करने लगती है और वह खुद को छुड़ाने की कोशिश करती है। बट आर्यन उसका हाथ छोड़ ही नहीं रहा था जिसके वजह से श्रेया को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करे। इसलिए वह इधर-उधर देखती है तो उसे होटल के कॉरिडोर में आसपास टेबल्स रखे हुए थे, जिस पर शोपीस रखे गए थे। वह काफी महंगा और अच्छा होटल था, तो यहां पर डिजाइन्स और डेकोरेशन भी ऐसे ही की गई थी। जिसे देखते हुए श्रेया बड़ी मुश्किल से अपने दूसरे हाथ से एक शोपीस को उठाती है और बिना कुछ समझे आर्यन के सर पर जोर से मार देती है। जिससे आर्यन जो अभी तक उसे खींचते हुए अपने रूम तक ले आया था, उसके ऐसे करने पर बिल्कुल ही हड़बड़ा जाता है और वह अपने सर को पकड़ लेता है। इसी बात का फायदा उठाकर श्रेया अपने हाथ छुड़ाकर वहां से दौड़ के भाग जाती है। वहीं आर्यन बस ऐसे ही खड़ा रह जाता है, उसे समझ ही नहीं आ रहा था यह हुआ क्या। वह अपने दोनों हाथों से सर को पकड़े हुए था, मगर फिर कुछ देर में खुद को नॉर्मल करके वह सीधे श्रेया को पकड़ने के लिए उस डायरेक्शन में जाने लगता है, जहां श्रेया गई थी। वहीं श्रेया इस वक्त एक अलग ही जगह आ चुकी थी, जहां पर प्राइवेट मास्टर बेडरूम था, जोकि कोई भी आम आदमी अफोर्ड नहीं कर सकता था। अच्छे-अच्छे बिजनेसमैन तक उस रूम को अफोर्ड नहीं कर सकते थे। वहां पर श्रेया पहुंच चुकी थी, उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करे। वह दौड़ते-दौड़ते थक चुकी थी और उसकी सांसें फूल रही थी। वह हांफते हुए इधर-उधर देखती है, तभी एक कमरे का उसे दरवाजा खुला हुआ नजर आता है, जिसका फायदा उठाकर भाग जाती है और अंदर जाकर दरवाजे को लॉक कर लेती है। वह अभी भी वैसे खड़ी थी और अपने सांसों को नॉर्मल करने की कोशिश कर रही थी, वहीं अब तक उसकी बॉडी के अंदर और भी ज्यादा बेचैनी और गर्मी बढ़ने लगी थी। वह खुद को कंट्रोल नहीं कर पा रही थी। वह गुस्से में अपनी बॉडी के ऊपर अपने हाथों से और अपने नाखून से खुजलाने लगती है, जिससे उसके हाथ पूरी तरह से छल जाते हैं। वहीं वह पूरा रूम अंधेरा था, बट बेडरूम के अंदर से एक छोटा सा बल्ब जल रहा था, जिसकी रोशनी अभी तक वहां पर आ रही थी। जिसे देखकर श्रेया खुद को संभालते हुए अंदर की तरफ जाती है। जहां पर कोई नहीं था, बट बाथरूम के अंदर से कुछ आवाज आ रही थी- पानी के गिरने की आवाज थी। जिसे सुनकर श्रेया धीरे-धीरे चलते हुए उस तरफ जाती है और बाथरूम के दरवाजे को खोलती है जो कि पहले से ही खुला हुआ था, इसलिए वह आराम से उस बाथरूम के अंदर जाती है और अपने कपड़ों को निकाल देती है। सीधे शावर की तरफ जाती है, जो कि एक कांच की दीवार से साइड था। वह उस तरफ जाती है तो उसे हैरानी होती है क्योंकि वहां पर एक 29 या 30 साल का आदमी खड़ा था जो कि शावर के नीचे खड़ा था। जिसे देख कर श्रेया हैरान हो जाती है, वही वह आदमी भी कुछ आवाज सुनकर उस तरफ देखता है तो अपने सामने बिना कपड़े के लड़की को देख कर हैरान हो जाता है। वह हैरानी से उस लड़की को देख रहा था, जो कि 18 या 19 साल की होगी। वह श्रेया को देखकर बस श्रेया को देखे ही रह जाता है। वही श्रेया भी अभी भी भूत बनी खड़ी थी और उसे समझ में नहीं आ रहा था यह हो क्या रहा है। अब तक वह अपने पूरे होश खो चुकी थी। और अब बड़ी मुश्किल से वह खड़ी हो पा रही थी, वह खुद को संभाल नहीं पाती और नीचे गिरने लगती है। जिसे देखकर वह आदमी तुरंत उसके पास दौड़ता है और उसकी कमर से पकड़ कर उसे नीचे गिरने से बचा लेता है। इस वक्त दोनों बिना कपड़ों के एक दूसरे के सामने थे। वह आदमी अभी श्रेया के चेहरे को ही देख रहा था, साथ उसकी बॉडी को भी जोकि काफी गरम थी और उसकी बॉडी लाल भी हो गई थी। उसको ऐसे देख उस आदमी को कुछ समझ आने लगता है और वह श्रेया के चेहरे पर हाथ रखता है, तो श्रेया बड़ी मुश्किल से अपनी आंखें खोल कर उसकी तरफ देखती है, वही वह आदमी श्रेया की आंखों को देख उसका शक यकीन में बदल जाता है कि श्रेया को ड्रग्स दिए गए है। वहीं श्रेया उसकी ठंडी बॉडी को महसूस करके अपनी आंखें खोल कर अपने पैरों पर ठीक से खड़ी होकर उस आदमी को कस के गले लगते हुए बोलती है, "प्लीज हेल्प मि..." इतना बोलते हुए वह उसे कसके पकड़ लेती है, जिसे वह आदमी बिल्कुल किसी स्टेच्यू की तरह खड़ा रह जाता है। आगे कहानी में क्या हुआ जानने के लिए स्टोरी के साथ बने रहिए...!

  • 3. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 3

    Words: 1111

    Estimated Reading Time: 7 min

    वो आदमी वैसे ही खड़े हुए बस उस स्टेच्यू की तरह खड़ा था उसे समझ नहीं आ रहा था अब वो क्या करे वो अभी भी वैसे ही खड़ा था तभी उसे महसूस होता है कि वो लड़की उसके गले पर अपने सॉफ्ट लिप्स से किस किए जा रही थी जिसे महसूस करके वो आदमी को अपने बॉडी के अंदर कुछ अलग सा महसूस होता है वो अपना सर नीचे करके देखता है तो उसका जूनियर मेंबर इस वक्त एक्टिव हो गया था जिसे देख कर वो आदमी बुरी तरह हैरान हो गया था क्योंकि आज से पहले उसके साथ कभी ऐसा नहीं हुआ था वो आदमी के पास लड़कियों की कमी नहीं थी बट फिर भी वो आदमी को लड़कियों को बिना कपड़े के देखने के बाद भी उसका जूनियर इस तरह एक्टिव नहीं होता था।

    अब वो आदमी खुद के उपर से अपना कंट्रोल खोते जा रहा था वो आदमी ने भी ड्रिंक किया हुआ था और वो थोड़ा नशे में था अब वो अपने आपको जायदा कंट्रोल नहीं करता है।

    वो नीचे झुक कर श्रेया के चहेरे को देखता है जोकि बुरी तरह लाल था और वो काफी जायदा ब्यूटीफुल लग रही थी जिसे देख वो आदमी अपना एक हाथ आगे बढ़ा कर श्रेया के चहेरे को पकड़ता है और फिर हल्का सा नीचे झुक के अपने लिप्स को उसके लिप्स से मिला देता है।

    वो श्रेया को किस कर रहा था जिस में श्रेया उसका साथ दे रही थी।

    वो दोनो एक दूसरे को किस कर रहे थे वो आदमी श्रेया को अपने गोद में उठा लेता है और अपने साथ वहां से लेकर बेडरूम में आ जाता है।

    वो श्रेया को ले जाकर बेड पर लेता देता है मगर अभी तक वो दोनो एक दूसरे को किस कर रहे थे और ऐसा लग रहा था वो दोनो एक दूसरे को इस तरह किस करते हुए ही निगल जायेंगे..!

    कुछ देर ऐसे पैशनेट किस करने के बाद वो आदमी श्रेया के लिप्स को छोड़ देता है और फिर उसके गले पर किस करते हुए बाइट करने लगता है वो श्रेया को किस करते हुए स्मूच भी कर रहा था जिसे श्रेया की बॉडी बुरी तरफ कांप जा रही थी।

    क्योंकि उसके लिए ये सब बहुत ही नया था वो अपनी धुंधली आंखों से उस आदमी को देख रही थी वो उस आदमी के बॉडी को देख कर खुद हैरान थी उसे ठीक से नजर नहीं आ रहा था तब भी वो आदमी की बॉडी हल्का सा ही देख कर श्रेया बातशक्ति थी कि वो आदमी कितना जायदा स्ट्रॉन्ग है वो आदमी काफी जायदा हैंडसम और काफी जायदा सेक्सी है।

    ये बात सोच कर ही श्रेया खुश थी कि वो अपना फर्स्ट टाइम किसी ऐसे के साथ नहीं बिता रही है जोकि न ही गुड लुकिंग न ही उसके अंदर स्किल हो क्योंकि उसे इस आदमी के बॉडी के छुहाने का तरीका ही अलग था वो अभी तक ये सब सोच ही रही थी तभी उसके मुंह aahhhh...निकल जाती है क्युकी वो आदमी ने अपने मुंह में श्रेया के एक साइड के चेस्ट को अपने मुंह में बाहर लिया था वो गलती से बहुत जायदा exicted हो गया था जिसके वजह से वो उसपर अपने दांत गड़ा दिया था जिसे श्रेया की चीख निकल गई थी जिसे सुनकर वो आदमी तुरंत अपने मुंह से उसको निकल दूसरे को अपने मुंह में लेता है और उसे ऐसे सक करने लगता है जैसे कि कोई छोटा बच्चा करता है।

    वही श्रेया ये सब महसूह करके उसे अपनी सांस चढ़ती हुई महसूस कर पा रही थी वो बुरी तरह सांस ले रही थी वही वो आदमी श्रेया के चहेरे के हर एक एक्सप्रेशन को नोटिस कर रहा था वो उसको ऐसे खुद को जायदा कंट्रोल नहीं करता है और अपने हाथ नीचे ले जाकर उसके सेंसटिव हिस्से पर जिसे श्रेया को ऐसा महसूस होता है किसी ने उसको बिजली की तार चूहवा दी हो।

    वो बुरी तरफ कांप जाती है और वो अपने आंखे बड़ी मुश्किल से खोल कर उस आदमी के चहेरे को देखने की कोशिश करती है।

    वही वो आदमी अब तक तैयार हो गया था वो श्रेया की पोजीशन को उस हिसाब से बना लिया था और वो नीचे झुक कर पहले श्रेया के माथे पर किस करते है और फिर धीरे से उसके कान में बोलता है।

    मैं जनता हूं तुम नशे में हो इसलिए ये सब कुछ तुम चाह रही हो मगर अब तुम सिर्फ मेरी हो इसलिए तुम्हे पूरी जिंदगी अब मेरी बनकर रहना पड़ेगा सिर्फ और सिर्फ मेरी यानि दिव्यांश राठौर की बन कर रहना पड़ेगा साथ आज से में यानि दिव्यांश राठौर भी सिर्फ और सिर्फ तुम्हारा हूं...ये मेरी तुमसे वादा है आज में तुम्हारा हूं और तुम मेरी हो इतना बोलते हुए वो अपने आपको उसके अंदर इंटर कर लेता है जिसे श्रेया की चीख निकल जाती है और वो दर्द से चपटने लगती है वो खुद को उसे दूर करने लगती है मगर दिव्यांश ने उसे कस के पकड़ लेता है और उसके कान में बोलता है relax relax... sweetheart बस थोड़ा सा दर्द बर्दाश्त कर लो मेरी चाशनी....इतना बोलकर वो श्रेया के लिप्स पर फिर अपने लिप्स रख देता है ओर उसे किस करते हुए उसे प्यार करने लगता है वो जितना हो सके उतना जेंटल रखने की कोशिश कर रहा था मगर तब भी उस पूरे कमरे में उन दोनो की शासकीय ओर आहे सुनाई दे रही थी।

    वो पूरे रूम में वो आवाज फैली हुई थी और वो दोनो ही एक दूसरे में डूब चुके थे।

    वही दूसरी तरफ आर्यन अभी तक श्रेया को ढूंढ रहा था मगर वो अब तक उसे नहीं मिल रही थी जिसके वजह से वो गुस्से में पागल हो गया था इसलिए वो फोन करके सुहाना को अपने पास बोलता है और उसी रूम के अंदर जाकर उसके साथ वही सब करने लगता है जो वो श्रेया के साथ करना चाहता था वो सुहाना को श्रेया समझ कर उसपर अपने गुस्सा और हवस दोनो ही उतर रहा था।

    जिसे सुहाना को बुरी तरह दर्द मिल रहा था वो दर्द के मारे रो रही थी चिला रही थी बट फिर भी कोई उसकी मदद नहीं कर सकता था।

    इस कमरे की आवाज बाहर तक आ रही थी मगर कोई कुछ नहीं बोल रहा था क्योंकि दूसरे के मामलों में किसी पड़ने का शोक था आज कल तो लोग सिर्फ अपने आप से मतलब रखते है।

    इसलिए सभी लोग ये सब कुछ इग्नोर करके वहा से चले जा रहे थे वही राव फैमिली और सिंह फैमिली के लोग भी घर जा चुके थे और उन्हें इस बारे में कुछ भी नहीं पता था।

    आगे इस कहानी में क्या हुआ जानने के लिए स्टोरी के साथ बने रहे और प्लीज लाइक और कमेंट करना ना भूले..!

  • 4. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 4

    Words: 950

    Estimated Reading Time: 6 min

    श्रेया की जब नींद खुलती है तो वह खुद को एक लग्जरियस कमरे में अकेला पाती है। वह देखती है कि आसपास कोई भी नहीं था। वह इधर-उधर देख रही थी, तभी उसके कानों में पानी गिरने की आवाज आती है जिसे सुनकर वह एक साइड देखती है जहाँ पर दरवाजा था, शायद वहाँ पर बाथरूम था। यह देखकर श्रेया जल्दी से खुद को संभालती है। वह देखती है कि उसने कपड़े नहीं पहने हुए हैं। उसे मालूम था कि शायद उसके साथ ऐसा कुछ होने वाला है, इसलिए वह खुद को इस बात के लिए प्रिपेयर कर चुकी थी। वह उस टाइम को समझ चुकी थी।

    वह देखती है कि उसकी पूरी बॉडी पर निशान थे, जो कि अब पर्पल या डार्क ब्लू कलर के थे। वह दिखने में काफी डरावने लग रहे थे, जिसे देखकर श्रेया की आँखों में भी आँसू आ जाते हैं। उसकी पूरी बॉडी पर ऐसे निशान थे। वह खुद को तब भी संभालती है और अपने कपड़े पहनती है। वह बड़ी मुश्किल से खुद को संभालते हुए उस कमरे से बाहर निकल जाती है।

    वह बाहर आकर देखती है तो उस जगह पर कोई भी नहीं था। तभी वह खुद को संभालते हुए उस होटल के कॉरिडोर से निकल जाती है। वह जब बाहर आती है तो उसकी नजर आर्यन और सुहाना पर जाती है, जो कि एक रूम से निकल रहे थे, जिसे देखकर वह तुरंत ही एक साइड जाकर छुप जाती है। वह देखती है तो सुहाना को अपनी गोद में लेकर आर्यन जा रहा था। वह उस कमरे में जाती और देखती है तो वहाँ पर सब कुछ बिखरा हुआ था। उस कमरे की हालत को देखकर ही श्रेया समझ गई थी कि वहाँ क्या हुआ है। इसलिए वह जल्दी से अपने फोन को निकालती है, जो कि उसके पॉकेट में ही था। वह उस कमरे के बहुत सारे पिक्चर्स कलेक्ट करती है और जब वह जा ही रही होती है, तभी उसकी नजर एक चीज पर पड़ती है जिसे देखकर वह समझ जाती है कि वह क्या है। वह उधर टीवी के पीछे साइड में लगा हुआ था। श्रेया जाकर देखती है तो वह एक छोटा सा मिनी कैमरा था जिसे देखकर श्रेया समझ जाती है और उसके चेहरे पर मुस्कुराहट आ जाती है। वह उसे कमरे को लेती है और उसके पीछे के हिस्से को खोलकर उसके अंदर की SD card को निकाल लेती है और तुरंत वहाँ से निकल जाती है। वहीं दूसरी तरफ कमरे में जब दिव्यांश बाथरूम से बाहर निकलकर आता है तो वह बेड पर देखता है जहाँ पर श्रेया नहीं थी। वह यह देखकर हैरान हो जाता है और वह इधर-उधर देखने लगता है। वह श्रेया को ही ढूँढ रहा था। उसे समझ में नहीं आ रहा था कि वह कहाँ चली गई। तब उसको समझ में आता है कि उसके जो कपड़े जमीन पर गिरे हुए थे, वह भी नहीं थे। वह अपना फोन उठाता है और किसी को कॉल करके कहता है, "कल रात जो मेरे साथ लड़की थी मेरे कमरे में, उसे ढूँढो। मुझे वह किसी भी हालत में चाहिए।"
    उसकी आवाज सुनकर दूसरी तरफ से उसका आदमी बोलता है, "ओके सर।"
    वही उसकी बात सुनकर दिव्यांश कॉल कट कर देता है और बेड की तरफ देखता है जहाँ पर blood स्टेन था। वह बेडशीट वाइट थी इसलिए वह स्टेन वहाँ साफ दिख रहा था।

    दिव्यांश यह देखकर अपने मन में बोलता है, "मुझे किसी भी हालत में यह लड़की चाहिए। यही सिर्फ एक लड़की है जिसे देखकर मुझे अपने अंदर कुछ महसूस होता है। मुझे किसी भी हालत में यह लड़की चाहिए होगी, मुझे ढूँढना होगा। अब वह मेरी रिस्पांसिबिलिटी भी है और मैं अपनी रिस्पांसिबिलिटी से नहीं भाग सकता हूँ...!"

    दिव्यांश अभी यह सब सोच ही रहा था तभी उसका फोन रिंग करता है। वह देखता है कि एक प्राइवेट नंबर से कॉल आ रहा था। वह जैसे ही कॉल उठाता है तो दूसरी तरफ से आवाज आती है, "सर आपको जल्दी से जल्दी क्वार्टर पहुंचना होगा। यहाँ पर एक इमरजेंसी आ गई है और बॉस चाहते हैं कि आप आ जाएँ।"
    उसकी यह बात सुनकर वह बोलता है, "तुम परेशान मत हो, मैं वहाँ पहुँचता हूँ।"

    अब आप लोग सोच रहे होंगे कि दिव्यांश क्या करता है तो मैं बता देता हूँ कि दिव्यांश राठौर फैमिली का बड़ा बेटा है जिसकी उम्र इस वक्त 28 साल है। वो इस वक्त आर्मी में है और वहाँ पर एक अच्छे पोस्ट पर काम कर रहा है। यह एक अच्छा बिजनेसमैन भी है बट इन्हें ज्यादातर एडवेंचर वाले काम ज्यादा पसंद है, इसीलिए उन्होंने आर्मी ज्वाइन की और इसी वजह से ही उनके दादाजी को उनके ऊपर बहुत ही गर्व है क्योंकि अपने पूरे फैमिली में पहले इंसान थे जो आर्मी ज्वाइन किए थे।

    इसीलिए राठौर फैमिली की और भी ज्यादा लोग इज्जत करते हैं। दिव्यांश राठौर इतने बड़े बिजनेसमैन के बेटे होने के बाद भी उनकी एक अलग ही पर्सनालिटी थी और उनकी एक अलग ही पहचान थी। ज्यादातर लोग राठौर फैमिली को उनके ही वजह से जानते हैं दिव्यांश राठौर, बट अब उनके दादाजी चाहते थे कि यह अपने आर्मी का काम छोड़ दे और अपने बिजनेस के साथ-साथ अपनी फैमिली भी बनने पर ध्यान दे। उनके दादाजी चाहते हैं यह जल्दी से जल्दी शादी कर ले, इसीलिए उन्होंने जबरदस्ती घर वापस बुलाया था और कल रात यह एक लड़की से ही मिलने आए थे बट वह लड़की उनको कुछ खास पसंद नहीं आई और उनकी मुलाकात हो गई श्रेया से और अब यह श्रेया को पाना चाहते हैं।

  • 5. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 5

    Words: 1147

    Estimated Reading Time: 7 min

    दिव्यांश कुछ देर में होटल से निकल जाता है और अपने कैंप की तरफ चला जाता है जहाँ पर उसे बुलाया गया था। दूसरी तरफ जब श्रेया अपने अपार्टमेंट पहुँचती है तभी उसका फ़ोन क्लीन करता है। वह देखती है कि राव फैमिली के घर से एक सर्वेंट का फ़ोन आ रहा था। वह कॉल पिक करती है तो दूसरी तरफ से आवाज़ आती है, "श्रेया, श्रेया बच्चा मुझे गोविंदा की हालत बहुत ज्यादा ख़राब है। उन्हें अभी हॉस्पिटल में एडमिट किया गया, तुम जल्दी से अस्पताल पहुँच जाओ।"

    उनकी बात सुनकर श्रेया बोलती है, "आंटी फ़िकर मत कीजिए, मैं अभी आती हूँ।"

    इतना बोलकर श्रेया तुरंत फ्रेश होती है और वहाँ से वापस अस्पताल के लिए निकल जाती है जहाँ पर मिस्टर गोविंद, जिन्होंने उसे अडॉप्ट किया था और राव फैमिली में लेकर आए थे, उनके पास चली जाती है। गोविंदा की हालत काफी ज्यादा ख़राब थी। उनकी कंडीशन और भी ज्यादा ख़राब हो रही थी। जब श्रेया वहाँ पहुँचती है तो पहले से ही राव फैमिली वहाँ थी। उसको वहाँ पर देखकर सुहाना बोलती है, "तुम यहाँ पर क्या कर रही हो, जाओ यहाँ से।"

    उसकी आवाज़ सुनकर श्रेया बोलती है, "मुझे दादाजी से मिलना है।"

    उसकी बात सुनकर सुहाना कुछ बोलती उससे पहले उसकी मॉम उसे रोक लेती और उसे अंदर जाने देती है। वहीं श्रेया के जाने के बाद सुहाना बोलती है, "माँ आपने उसे अंदर जाने क्यों दिया?"

    उसके बाद सुनकर उसकी मॉम बोलती है, "उसको जाने देना ज़रूरी था। वैसे भी वह हमसे मिलते नहीं और इस टाइम तुम्हारे दादाजी का आख़िरी वक़्त है इसलिए उसे जाने दो, मिलने दो। फालतू का बहस करके कोई फायदा नहीं होगा। साथ ही यहाँ अस्पताल में सभी लोग हमें को देख रहे हैं।"

    उसकी यह बात सुनकर सुहाना भी इधर-उधर देखती है तो वहाँ पर सभी लोग उन्हीं लोगों की तरफ देख रहे थे।

    वहीं श्रेया जब अंदर पहुँची थी तो वह देखती है कि बेड पर दादाजी लेटे हुए थे। मिस्टर गोविंद की हालत काफी सीरियस नज़र आ रही थी जिसे देखकर श्रेया की आँखों से आँसू गिर रहे थे। वह बहुत ही ज्यादा इमोशनल हो गई थी। वहीं मिस्टर गोविंद के पास खड़े हुए उनके डॉक्टर भी जब श्रेया को देखते हैं तो वह उससे बोलता है, "आख़िरी बार मिल लो, इनके पास ज्यादा टाइम नहीं है। इसलिए ज्यादा परेशान मत करना।"

    इतना कहकर वह चले जाते हैं। वहीं डॉक्टर के जाने के बाद जब श्रेया मिस्टर गोविंद के पास जाती है तो मिस्टर गोविंद तुरंत ही अपनी आँखें खोल लेते हैं और वह देखते हैं कि उनके पास ही श्रेया खड़ी थी जिसे देखकर वह बोलते हैं, "श्रेया बेटी, तुम अपना ख्याल रखना। अब मेरा जाने का वक़्त आ गया है। मेरे जाने के बाद तुम यहाँ बिल्कुल भी मत रहना, यहाँ से चुपचाप चले जाना। तुम्हें यहाँ रहने की कोई भी ज़रूरत नहीं है। तुम इस शहर में भी मत रहना नहीं तो तुम जानती हो कि यह फैमिली कैसी है और यहाँ के लोग कैसे हैं, यह लोग तुम्हारा इस्तेमाल करेंगे... यह तुम जानती हो इसलिए शहर को छोड़ दो जितना जल्दी हो सके।"

    उनकी आवाज़ सुनकर श्रेया बोलती है, "दादा जी, आप ऐसे क्यों बोल रहे हो? आप अभी ऐसे मुझे छोड़कर नहीं जा सकते।"

    मिस्टर गोविंद बोलते हैं, "देखो श्रेया, मेरे पास ज्यादा वक़्त नहीं है इसीलिए मैं सिर्फ इतना ही बोलूंगा तुम्हें मेरे जाने के बाद तुरंत ही राव फैमिली के मेंशन जाना होगा और वहाँ पर ऋतु आंटी मिलेंगी, तुम उनके पास जाना और वह तुम्हें एक बॉक्स देंगी और उसे लेकर तुम्हें ऐसे चुपचाप चली जाना और वापस कभी लौट के मत आना..."

    इतना बोलते हो अपना हाथ ऊपर करते हैं और धीरे से श्रेया के सर पर हाथ रखकर सहलाते हैं, मगर तभी श्रेया के कानों में मशीनों की आवाज़ पढ़ने लगती है। श्रेया देखती है तो दादाजी के बेड के आसपास मशीन लगी हुई थी, वह सारी मशीन में अब ग्रीन लाइन जो थी वह एकदम सीधी जा रही थी। इसका साफ मतलब था कि अब दादा जी उसे छोड़कर जा चुके, जिसे देखकर श्रेया फूट-फूट के रोने लगती है। वह दादाजी के गले लग-लग के रोने लगती है।

    वहीं अब तक राव फैमिली और डॉक्टर भी अंदर आ चुके थे। सभी लोग यह देख रहे थे बट किसी की आँखों में उनके लिए कुछ भी भाव नहीं थे। राव फैमिली वैसे ही खड़ी थी और अब यह बोल रही थी कि आप जल्दी से ही मिस्टर गोविंद के अंतिम विधि की तैयारी करेंगे और इसमें कौन-कौन आएगा वह लोग यह डिसाइड कर रहे थे।

    वहीं डॉक्टर जल्दी से श्रेया के पास जाता है और उसे उनसे अलग करते हुए बोलता है, "श्रेया खुद को संभालो अब यहाँ से जाओ तुम तो जानती हो पर यह लोग कभी देख लिए तुम्हें यहाँ से जाने नहीं देंगे, हो सकता है कुछ भी कर सकते हैं। तुम्हारे दादाजी ने मुझसे कहा था कि जब वह चले जाए तो मैं तुम्हें यहाँ से जाने दूं और बोलूं कि तुम यहाँ से चली जाओ तो जाओ यहाँ से अब तुम मिल चुकी हो दादा जी से इसलिए जल्दी से जाओ...!"

    उनकी बात को सुनकर श्रेया कुछ नहीं बोलती है और वैसे ही रोते रोते वहाँ से धीरे से निकल जाती है। वहीं राव फैमिली का ध्यान भी उसके ऊपर नहीं जाता है।

    वहीं श्रेया दादाजी के कहे मुताबिक जल्दी से ही राव फैमिली के मेंशन जाती है और सीधे पीछे वाले रास्ते के तरफ जाती है क्योंकि वह जानती थी अगर आगे के रास्ते से गई तो वहाँ के बॉडीगार्ड उसको जाने नहीं देंगे। पीछे के रास्ते से आराम से अंदर जाती है जहाँ पर पहले से ही मिस्टर गोविंद की एक सर्वेंट खड़ी थी और वह श्रेया को ही आने का वेट कर रही थी। उनकी उम्र करीब 55 साल थी और वह श्रेया की तरफ देखकर बोलती है, "श्रेया यह बॉक्स लो और यहाँ से जल्दी से निकल जाओ और हां..."

    इतना बोलते हुए वो अपने पॉकेट से एक लिफाफा निकाल कर उसकी तरफ देते हुए बोलती है, "श्रेया बेटा यहाँ से जल्दी चले जाओ, मुझे सर ने कहा था कि तुम्हें यहाँ से जाने को बोल दो इसलिए मैं बोल रही हूँ जल्दी से जल्दी हो सके यहाँ से चली जाओ नहीं तो यह लोग तुम्हारी शादी उसे सिंह फैमिली के बेटे से कर देंगे जो तुम्हारे लिए बिल्कुल भी लायक नहीं है। इसलिए जल्दी से तुम यहाँ से किसी और शहर के लिए निकल जाओ करीबन 45 साल तक यहाँ कभी वापस लौट के मत आना।"

    इतना बोलते हुए उनकी आँखें नम थी। उनको ऐसे देखकर श्रेया जो कि पहले से ही इमोशनल थी वह उनके गले लग जाती है और उनसे गले मिलने के बाद वहाँ से जल्दी से ही निकल जाती है।

  • 6. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 6

    Words: 1662

    Estimated Reading Time: 10 min

    श्रेया रोते हुए राव फैमिली के घर से निकल चुकी थी, वहीं दूसरी तरफ देव्यांश अपने मिशन पर पहुंच चुका था। इस वक्त उसने आर्मी की वर्दी पहनी हुई थी, जिसमें वह काफी ज़्यादा हैंडसम लग रहा था। उसके हाथों में एक गन थी जो हमेशा एक मिलिट्री मैन के पास होती है और वह सामने की ओर फ़ायर कर रहा था।

    वह इस वक्त जितना खूबसूरत दिख रहा था, उतना ही डेंजरस भी। उसके चेहरे पर एक भी एक्सप्रेशन नहीं थे और उसकी आंखें मगर बिल्कुल लाल थीं।

    वह दिखने में कुछ ऐसा लग रहा था जिसे देखकर लोग डर जाएं। वह सामने की ओर बने घर में जा रहा था, जहां पर इस वक्त 1 मिलिट्री मैन जो कि शहीद हो चुका था, उसके घर में कुछ आतंकवादी घुस आए थे और उसके पूरे फैमिली मेंबर्स को अपने कब्ज़े में कर रखा था, जिसकी वजह से दिव्यांश उन्हें बचाने आया था।

    उन आतंकवादियों ने इस वक्त उस पूरे घर को अपने कब्ज़े में कर रखा था और उस पूरे घर के अंदर टाइम बम भी लगा चुके थे। इस वक्त उस घर में रहने वाले लोग बहुत बड़ी मुसीबत में थे, उनका रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं पास में खड़े दो-तीन लोग, जो कि वही आतंकवादी थे, खड़े थे और वह लोग बाहर की तरफ देख रहे थे।

    उन लोगों की एक डिमांड थी, उनका एक साथी जो कि मिलिट्री के कब्ज़े में था, वह उसकी मांग कर रहे थे और वह लोग यह चाहते थे कि इंडिया के गवर्नर उनके एक साथी को छोड़ दे और उन्हें सही सलामत पाकिस्तान के बॉर्डर पर छोड़ दिया जाए। इसके लिए वह ऐसा कर रहे थे, मगर वह इस बात से अनजान थे कि यहां पर आकर वह लोगों ने कितनी बड़ी गलती कर दी है।

    उनका पाला इंडियन आर्मी से पड़ा था और खास कर दिव्यांश से। दिव्यांश एक बहुत ही अच्छा काबिल ऑफिसर था, जिसकी वजह से उसने जितने भी मिशन लिए थे और जितने भी काम किए थे, वह सक्सेसफुल ही हुए थे, जिसके वजह से दिव्यांश को यह मिशन दिया गया था और वह इस वक्त सामने खड़े उन लड़कों को मार रहा था जो की वही आतंकवादी थे। एक्चुअली कुछ देर पहले ही वह यहां पहुंचा था और जब से उसे यह डिटेल मिली थी, तब से उसने कुछ प्लान किया था।

    फ़्लैशबैक कुछ देर पहले...

    दिव्यांश अपने कुछ साथियों के साथ वहां पहुंचा था। वह देखता है कि सामने कुछ आर्मी ऑफिसर पहले से ही थे और वह लगातार आतंकवादियों की डिमांड को पूरे करने की कोशिश कर रहे थे और बार-बार उन्हें समझाने की कोशिश कर रहे थे, जिसे सुनकर दिव्यांश का दिमाग खराब हो रहा था। मगर फिर भी वह उस आर्मी ऑफिसर से कुछ ना बोलकर अपने टीम के एक मेंबर से बोलता है, "तुम लोग पीछे से के रास्ते से जाओ। यह लोग यहां पर इन लोगों की बातें सुनते हुए इनका ध्यान पीछे के दरवाजे पर नहीं जाएगा। जो पीछे से जाकर चेक करो और उन फैमिली मेंबर्स को बाहर निकालने की कोशिश करो।" इतना बोलते ही वह वहां से उन लोगों को भेज देता है और खुद भी पीछे के रास्ते की तरफ चला जाता है।

    जब वह पीछे के रास्ते पर आता है तो उसको एक छोटी सी खिड़की दिखती है। वह घर के अंदर उस छोटी से खिड़की से देखता है तो सामने का नज़ारा कुछ ऐसा था, सामने दो बुजुर्ग कपल बैठे हुए थे जमीन पर, उनके हाथ पैर बांध के लौटा दिया गया था और उनके मुंह में बंधे हुए थे।

    साथ ही उस कमरे में कोई नहीं था, जिसे देखकर दिव्यांश जल्दी से अपने उस पॉकेट में हाथ डालता है और उसके अंदर से अपना फेवरेट चाकू निकलता है और उससे बड़ी मुश्किल से उस खिड़की की जल को काट देता है। वह यह सब बहुत धीरे से करता है, क्योंकि यह सब में वह बहुत प्रोफेशनल था और उसे पता था कि काम कैसे करना है। इसलिए वह खिड़की की मदद से वह जाली कट कर देता है।

    ओर पास रखे वॉकी टॉकी से अपने एक आदमी को वहां बुलाता है। उसके वहां पर उसके टीम में उठ के आने के बाद वह उसे कुछ बोलता है और उसे खिड़की से अंदर घुस जाता है और फ़ोन के पास जाकर उन्हें शांत रहने का इशारा करता है और धीरे-धीरे उनके सारे राशियों से आज़ाद कर देता है और उनके मुंह में खोल देता है। फिर उसके बाद वह उन्हें संभालते हुए इस खिड़की से बाहर निकलने में मदद करता है। वह खिड़की सदा बड़ी नहीं थी, बट इतनी थी कि एक आदमी आराम से बाहर अंदर जा सके...!

    वह उन दोनों बुजुर्ग कपल को वहां से निकलने के बाद रूम के अंदर दरवाज़े इसको खुलता है तो देखा है वह दरवाजा लॉक था और अभी भी वहां पर एक खिड़की थी जिसे देखकर वह तरफ देखा है तो वहां बाहर कुछ तीन-चार आदमी खड़े थे जो कि आतंकवादी थे जिनको देखकर ही समझ में दिव्यांश को आ चुका था।

    फिर से बाहर निकल जाता है और वैसे ही अपने सारे टीम मेट के साथ मिलकर उस घर के अंदर से सारे मेंबर्स को बचा लेता है, बट एक मेंबर अभी भी आतंकवादी के कब्ज़ में था।

    वह उस शहीद हुए आर्मी ऑफिसर की वाइफ थी जो कि इस वक्त उस कमरे में थी जहां पर वह आतंकवादी थे। उन लोगों ने उसे अपने पास कब्ज़े करके रखा हुआ था। जब यह बात दिव्यांश को पता चली तो वह कुछ सोचता है और अपने ही एक टीम मेंबर को आतंकवादियों का साथी बनाकर वहां ले आता है। जब उन आतंकवादी को पता चलता है कि उनके डिमांड पूरी हो रही है तो वह ज़्यादा खुश हो जाते हैं। वह लोग ज़्यादा कुछ नहीं समझते, वह लोग ज़्यादा बड़े नहीं थे, वह 4 आदमी जो कि सिर्फ 18 से 20 साल के उम्र के थे और वह लोग इस वक्त इस बात से काफी ज़्यादा खुश थे।

    वह अपने खुशी में भूल गए थे कि कोई घर के अंदर आया है, दिव्यांश। दिव्यांश घर के अंदर आया था। वह धीरे-धीरे उस कमरे में जाता है जहां पर इस वक्त वह लड़के थे। उन लोगों की तरफ देखता है और धीरे से उस कमरे में जाक कर देखता है तो वो आर्मी ऑफिसर की वाइफ इस वक्त कोने में थी और वह रोए जा रही थी। उसे औरत का भी ध्यान जब दिव्यांश में जाता है वह दिल चुप हो जाती है और कुछ नहीं बोलता है वही दिव्यांश भी उसे चुप होने का इशारा भी करता है।

    वह धीरे-धीरे चलते हुए उस औरत के पास जाता है और धीरे-धीरे उसके हाथ और पैर खुलता है और धीरे से सजाने का इशारा करता है। वह उसके पीछे-पीछे ही जा रहा था, तभी उन लड़कों में से एक की नजर उस पर पड़ जाती है और वह यह देखकर हैरान हो जाता है और जल्दी से बोलता है, "तुम उसे नहीं कहां जा रहे हो।" अपने हाथ में पड़े हुए गन को दिव्यांश के ऊपर तान देता है, वही उसे औरत को दिव्यांश जल्दी से जाने का इशारा करता था।

    वो औरत भी जल्दी से उसकी बात मानकर वहां से भाग जाती है, वहीं अब चारों लड़के उसके ऊपर अपनी गन तने खड़े थे और गुस्से में उसे ही देखे जा रहे थे। वह बोलते हैं, "यह तुमने अच्छा नहीं किया। अब हमारे पास भी कोई रास्ता नहीं है। अगर आज हम यहां से बच नहीं पाए तो कोई बात नहीं, हम यहां पर मर जाएंगे बट तुम्हें अपने साथ लेकर मारेंगे।" दूसरा लड़का भी है ये बात बोलता है।

    जिसे सुनकर दिव्यांश के चेहरे पर एक शिकन तक नहीं आती और वह उन लोगों को ऐसे ही देखता रहता है, वही वह लड़के जल्दी सही है अपने पास में रखे हुए टाइम बम का रिमोट उठा लेते हैं और उसे चालू कर देते हैं। जिस घर में लगे हुए जितने भी टाइम में फिट हुए थे वह सब ऑन हो जाते हैं और वहां पर टीटी की आवाज़ आने लगती है।

    जिसे सुनते हुए लड़के बोलते हैं, "चलो आखिरी मुलाकात सबको।" इतना बोलते हो वह चारों लड़के एक दूसरे को गले लगा लेते हैं वही वह चारों लड़के भी एक दूसरे को गले लगा कर खड़े हो जाते हैं वहीं दिव्या आश्रम लोगों को देखकर इधर-उधर देखता है जल्दी से वहां पर बनी हुई खिड़की से बाहर देखता है जहां सारे ऑफिसर थे और उसे के ही तरफ देख रहे थे और उन लोगों ने भी अपने हाथ में अपनी गन पकड़ी हुई थी तभी सबके कानों में एक धमाके की आवाज आती है, मगर कोई कुछ समझ पाता उससे पहले ही दिव्या बाहर से कूदते हुए नजर आता है बट वह वहां से भाग जब तक सही सलामत निकल पाता उससे पहले ही धमाका हो चुका था और कोई कुछ समझ पाता उससे पहले ही वह पूरा घर ब्लास्ट होते ही पूरा मिट्टी में मिल जाता है सभी लोग यह देखकर पहले ही दूर हो चुके थे इसीलिए किसी को कुछ नहीं आता है बट उन लोगों की दिव्यांश की चिंता हो रही थी वह सारे आर्मी ऑफिसर देखने लगते हैं और दिव्यांश को ढूंढने लगते हैं।

    वहीं दूसरी तरफ श्रेया इस वक्त एयरपोर्ट पर थी और वह काफी ज़्यादा रो रही थी। उसके पास जितने भी पैसे थे वह सब अपने पास रख लिए थे और अपने घर जाकर उसने अपना बैग वगैरा भी ले आई थी। वह इस वक्त एयरपोर्ट भी थी, जो की इंटरनेशनल एयरपोर्ट था। वह यहां से हमेशा के लिए अब्रॉड जा रही थी जहां पर उसके बेस्ट फ्रेंड थी उसी के पास वह रहने वाली थी। उसने उससे बात कर ली थी और वह भी उसे वहां बुला ली थी।

    जिसके लिए वह जल्दी सही एयरपोर्ट के अंदर जाती है और थोड़े ही देर में हो अपनी फ्लाइट में बैठ जाती है और वहां से उसकी फ्लाइट में वहां से उड़ान भरती है।

  • 7. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 7

    Words: 1027

    Estimated Reading Time: 7 min

    श्रेया जल्दी ही अपने डेस्टिनेशन पर पहुँचती है तो वह अपने आपको बहुत ही कमजोर महसूस करती है। वह जल्दी ही अपने सामान को लेकर एयरपोर्ट से बाहर निकलती है तो सामने ही एक लड़की, जो देखने में काफी ज़्यादा खूबसूरत और एलिगेंट लग रही थी, उसके सामने आकर खड़ी हो जाती है।

    और उसके साथ ही एक लड़की, जो देखने में काफी ज़्यादा क्यूट लग रही थी, वो आ जाती है। उन दोनों को देख श्रेया के चेहरे पर अपने आप ही मुस्कान आ जाती है और वो जल्दी से आगे बढ़ के सामने खड़ी एक लड़की को अपने गले से लगा लेती है और खुशी से बोलती है, "नैना, तू तो पहले से ज़्यादा खूबसूरत हो गई है।"

    उसकी बात सुनकर नैना, जो कि श्रेया की बेस्टफ्रेंड है, ये काफी सालों पहले अपनी फैमिली के यहाँ शिफ्ट हो गई थी, मगर आज इतने सालों बाद अपने दोस्त से मिलकर उसे काफी ज़्यादा खुशी हो रही थी। सबमें उनके बाजू में जो लड़की थी, वो थी नैना की कजिन सिस्टर, जो कि उसके साथ ही रहती थी।

    वो भी श्रेया को नैना की तरह अपनी दी मानती थी। वही नैना जब श्रेया से अलग होने लगती है तो उसे महसूस होता है कि श्रेया बेहोश हो गई है, जिसे महसूस करके वो जल्दी से अपने कजिन सिस्टर आरोही से बोलती है, "आरोही तुम जल्दी से मेरे पास आओ, श्रेया बेहोश हो गई है।"

    उसकी बात सुनकर आरोही भी जल्दी से घबराते हुए नैना के पास आती है और श्रेया को संभालने में वो नैना की मदद करती है।

    वही उनके आस पास के लोग भी ये देख रुक जाते है और वहां पर जल्दी ही एयरपोर्ट के कुछ स्टाफ वहां आकर उनकी मदद करते है। श्रेया को जल्दी हॉस्पिटल लेकर जाया जाता है। वही नैना और आरोही भी काफी ज़्यादा उसके लिए परेशान थी। वो दोनों में से एक जल्दी अपने घर पर फोन करके ये बात बता देती है, जिसे सुनकर वो लोग भी परेशान हो गए थे।

    नैना की फैमिली श्रेया को अच्छे से जानती थी और वो काफी ज़्यादा उसे अपना मानते थे। नैना की फैमिली काफी अच्छी थी जिसके वजह से वो श्रेया को बचपन से जो उसको प्यार और अपनापन नहीं मिला था, वो उसे देती थी।

    नैना भी श्रेया को अपनी दोस्त कम अपनी बहन ज़्यादा मानती थी।

    वही श्रेया को थोड़े देर बाद जाकर होश आता है तो वो खुद को एक हॉस्पिटल के कमरे में पाती है। वो देखती है कि सामने ही सोफे पर नैना और आरोही साथ में बैठे अपने फोन में कुछ कर रहे है और उसके हाथ में इस वक्त एक ड्रॉप लगी हुई थी, जिसे उसे ग्लूकोस चढ़ाया जा रहा था।

    तभी नैना की नजर अचानक ही श्रेया पर पड़ती है और वो जल्दी से अपनी जगह से खड़े होकर फटक से श्रेया के पास जाते हुए बोलती है, "श्रेया तू ठीक है?"

    उसकी बात सुनकर श्रेया नैना की तरफ देख कर अपना सर हां में हिला देती है, जिसे देख कर नैना जल्दी ही उसके पास आ कर उसके गले लगते हुए बोलती है, "थैंक गॉड श्रेया तू ठीक है। तू जब बेहोश हो गई थी न तो मानो मेरी जान ही निकल गई थी।"

    उसकी बात सुनकर श्रेया उसे बोलती है, "मगर बात क्या है, ऐसे कैसे मैं बेहोश हो गई थी?"

    इसकी बात सुनकर नैना के साथ साथ आरोही जोकि वहां पर आ चुकी थी वो भी एकदम चुप चाप खड़ी होकर श्रेया को देखने लगती है, जिसे देख कर श्रेया बोलती है, "बताओ बात क्या है और मैं क्यों बेहोश हो गई थी, डॉक्टर ने कुछ बताया है?"

    उसकी बात सुनकर ओर उसे इतना घबराते देख नैना उसके दोनों हाथों को अपने हाथ में लेकर बोलती है, "देख श्रेया मै जानती हूं तू उस टाइप की लड़की नहीं है मगर डॉक्टर ने कहा है तू प्रेगनेंट है, वो भी 4 बच्चों के साथ। तेरे पेट में 4 बच्चे पल रहे है।"

    उसकी बात सुनकर श्रेया एकदम हैरान हो जाती है और हैरानी से बोलती है, "4 बच्चे? ये कैसे हो सकता है?" इतना बोलते हुए उसके आखों में आसू आ जाते है।

    तभी उसे वो दिन याद आता है जिस दिन वो उस होटल में गई थी और आर्यन और सुहाना से बचते हुए उस आदमी के पास वो पाउच गई थी, जिसे याद करते हुए वो खुद सर पर अपना हाथ मारते हुए बोलती है, "ये मैने क्या कर लिया?"

    उसकी बात सुनकर नैना उसे अपने गले लगा लेती है और उसके बालो में पीछे से हाथ फेरते हुए बोलती है, "श्रेया तू परेशान मत हो और जल्दी से अपने बॉयफ्रेंड को फोन करके ये बात बता दे...!"

    वही उसकी सुनकर श्रेया नैना से अलग होती है और वो बोलती है, "मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है।" उसकी बात सुनकर नैना ओर आरोही दोनों ही हैरान हो जाती है और वो बोलती है, "तो तू प्रेगनेंट कैसे है?"

    नैना की बात सुनके श्रेया उसे सारी बात बता देती है जिसे सुने के बाद नैना बोलती है, "श्रेया तुझे इन बच्चों को रखने की कोई जरूरत नहीं है तू इसे एबॉट कर दे...!"

    उसकी बात सुनकर श्रेया के आंखों से आसू गिरने लगते है और वो बोलती है, "नैना मै ऐसा नहीं कर सकती हूं..! मैं इन्हें खोना नहीं चाहती हूं।" इतना बोलते हुए वो रोने लगती है।

    वही उसको ऐसे रोते देख कर नैना ओर आरोही दोनों हो एक दूसरे को हेल्पलेस समझने लगती है मगर उनके कानो में एक आवाज आती है, "श्रेया बेटा अगर तुम ये बच्चे अपने पास रखना चाहती हो तो तुम्हे हमारे हमारे घर चलना होगा...!"

    उसकी बात सुनकर नैना श्रेया और आरोही तीनों ही पीछे मुड़ के देखते है तो सामने 3 औरतें खड़ी थी और साथ उनके साथ उनके हसबैंड भी खड़े थे।

    वही ये बात जिसने बोली थी वो नैना की मॉम थी जोकि अभी अभी वहां आई थी और वो श्रेया ओर नैना की सारी बात सुन चुकी थी।

    वही श्रेया भी जल्दी ही उनको देख उनके पास आती है और तुरंत उनके गले लग जाती है। वही वो भी उसे कसके गले लगा लेती है।

  • 8. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 8

    Words: 1692

    Estimated Reading Time: 11 min

    7 years later.....

    इंडिया (Delhi ) के एयरपोर्ट पर एक लड़की अपने साथ 4 बच्चों को लेकर निकलती है, जिन्हें देख कर आस-पास जा रहे लोग मुड़-मुड़ के उन लोगों को देख रहे थे।

    वो 4 बच्चे देखने में बहुत ज़्यादा खूबसूरत और क्यूट थे और उनके साथ चल रही वो लड़की देखने में काफ़ी खूबसूरत लग रही थी।

    उस लड़की की उम्र दिखने में क़रीबन 20 या 22 साल लग रही थी और वह काफ़ी यंग दिख रही थी। उन बच्चों को अपने साथ लेकर एक दूसरे का हाथ पकड़े वहां से निकल रहे थे, वहीँ वह बच्चे आस-पास देखते हुए चल रहे थे। तभी एक बच्चा, उसमें से जो काफ़ी हाइट में लंबा था, वह बोलता है अपनी मॉम से, "मॉम, हमें यहाँ से कहाँ जाना है?"

    उसकी यह बात सुनकर वह लड़की बोलती है, "हमें यहाँ से सीधे अपने होटल रूम में जाना पड़ेगा, जहाँ पर हमारे रहने का पूरा इंतज़ाम कर दिया गया है। इसके लिए हमें एयरपोर्ट के बाहर जाना होगा, जहाँ पर तुम्हारे अंकल ने हमारे लिए गाड़ी भिजवा दी होगी।" उसकी बात सुनकर वह लड़का अपना सर हाँ में हिला देता है।

    वह बच्चों में से 3 लड़के थे और 1 लड़की, जो कि सबसे छोटी और सबसे प्यारी दिख रही थी। वहीँ वह लड़की जो उनके साथ थी, जल्दी से ही उस लड़की को अपनी गोद में उठा लेती है, क्योंकि वह काफ़ी धीरे-धीरे चल रही थी, उसके छोटे-छोटे पैर थे और उसे चलने में दिक्कत हो रही थी, जिसे देखकर वह लड़की उसे अपनी गोद में उठा देती है और वह तीनों बच्चे एक दूसरे का हाथ पकड़कर उस लड़की का हाथ पकड़ लेते हैं और अपने साथ चलते हुए वह लोग बाहर एयरपोर्ट के बाहर आते हैं, जहाँ पर उस लड़की की दोस्त खड़ी थी- लावण्या। लावण्या उस लड़की का नाम लावण्या था और इस वक़्त वह अपने दोस्त को देखकर काफ़ी ज़्यादा खुश हो रही थी, साथ ही उसके बच्चों को देखकर। लावण्या जल्दी से आगे बढ़कर उस लड़की के गले लगते हुए उस छोटी बच्ची को भी गले लगा लेती है और बोलती है, "श्रेया, यार, तू कितने सालों बाद इंडिया लौट रही है और ऊपर से अपने बच्चों को भी लेकर आ गई है। मुझे तो काफ़ी ज़्यादा ख़ुशी हो रही है, मुझे तो तुझसे ज़्यादा तेरे बच्चों से मिलने का बहुत ही ज़्यादा मन था।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया मुस्कुरा देती है, वहीँ वह चारों बच्चे लावण्या को देखने लगते हैं और बोलते हैं, "हेलो मासी, आप कैसी हो?" चारों ने एक साथ बोला था और वहीँ उनकी स्वीट सी वॉयस को सुनकर लावण्या बिलकुल पिघल जाती है और वह प्यार से उन बच्चों की तरफ़ देखते हुए बोलती है, "मैं बिल्कुल ठीक हूँ, तुम बताओ कैसे हो?"

    उसकी यह बात सुनकर चारों बोलते हैं, "हम बिल्कुल ठीक हैं मासी..!"

    उसकी बात सुनकर लावण्या जल्दी से श्रेया के गले लगते हुए बोलती है, "यार श्रेया, तेरे बच्चे कितने प्यारे हैं। एक काम कर, अपने बच्चों को मुझे दे।" उसकी बात सुनकर श्रेया अपना सर ना में हिला देती है, क्योंकि वह जानती थी कि लावण्या ऐसी ही थी।

    लावण्या दिल्ली के मशहूर फ़ैमिली, जो की इंडिया की भी मशहूर फ़ैमिली थी, राठौर फ़ैमिली की पोती थी। वह अपने घर में इकलौती लड़की थी, जिसके वजह से उसे सबसे ज़्यादा लाड और प्यार मिलता था। वो नैना और की अच्छी दोस्ती थी। तभी नैना ने उसकी मुलाक़ात श्रेया से करी और श्रेया से मिलने के बाद वह श्रेया के भी बहुत अच्छी दोस्त बन गई और यह तीनों की पक्की दोस्ती हो गई- नैना, श्रेया और लावण्या तीनों बेस्ट फ़्रेंड थीं। वहीँ नैना भी बहुत ही अच्छी फ़ैमिली से बिलॉन्ग करती थी और बहुत ही जाने-माने फ़ैमिली से बिलॉन्ग करने वाली थी, जिसके वजह से वह अपने सारे बिज़नेस को एब्रॉड में ही संभालते थे और साथ में उनके बिज़नेस अवॉर्ड में ही थे, इसी वजह से वह लोग अपनी फ़ैमिली के साथ वहां रहते थे।

    लावण्या अपनी गाड़ी जो लेकर आई थी, उसमें ही श्रेया और उसके बच्चों को बैठा लेती है और उस में खुद ड्राइविंग सीट पर बैठकर वहां से निकल पड़ती है। वह श्रेया को अपने साथ लेकर अपने अपार्टमेंट में चली जाती है, जो कि उसका पर्सनल अपार्टमेंट था, वह कभी-कभी यहाँ रहने आ जाया करती थी।

    वह श्रेया को लेकर वहां ही जा रही थी, तभी लावण्या करते हुए पीछे बैठे हुए चारों बच्चों से पूछती है, "वैसे चोटकू, तुम लोगों का नाम क्या है, तुमने अभी तक बताया नहीं?" उसकी यह बात सुनकर उसमें से एक लड़का बोलता है, "मेरा नाम देव है और मैं इन तीनों से सबसे बड़ा हूँ" और दूसरे लड़के के तरफ़ इशारा करते हुए बोलता है, "यह विवान है, जो मेरा दूसरा छोटा भाई है और यह दोनों उस छोटे हैं।" फिर उसके बाद तीसरे की तरफ़ इशारा करते हुए बोलता है, "यह है ईशान और यह मेरा तीसरा भाई है और सबसे छोटी हमारी बहन है, जो की हमसे सबसे ज़्यादा क्यूट है और इसका नाम दिव्यांशी है।"

    "दिव्यांशी सबसे ज़्यादा क़रीब मेरे रहती है, इसलिए इसका नाम दिव्यांशी रखा है।" उसकी यह बात सुनकर लावण्या खुश हो जाती है और वह बोलती है, "क्या नाम है देव, दिव्यांशी, विवान और ईशान, काफ़ी प्यारे नाम रखे हैं तूने श्रेया इन लोगों के।" उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "मैंने नहीं रखे हैं, नैना और आरोही ने रखें।" उसकी यह बात सुनकर लावण्या बोलती है, "तू मुझसे भी तो पूछ सकती थी, एक बच्चे का नाम मैं रख देती।" उसकी यह बात सुनकर चारों बच्चों के साथ श्रेया मुस्कुरा देती है। वहीँ लावण्या वैसे ही कर ड्राइव करते हुए बोलती है,

    "सिर्फ़ तुम बच्चों को अपना टाइम दे देना, इसमें कार्टून लगाकर, तब तक मैं तुझे कुछ इम्पोर्टेंट बताना चाहती हूँ।" उसकी यह बात सुनकर श्रेया समझ जाती है और वह अपना तब और फ़ोन दोनों ही पीछे दे देती है। तो वह बच्चे जल्दी से वह फ़ोन और तब ले लेते हैं और अपने पास जो बैग उन लोगों ने रखा था, उसमें से वायर वाला हेडफ़ोन निकाल कर उससे कनेक्ट करके कार्टून लगा कर देखने लगते हैं। वह चारों बच्चे काफ़ी समझदार थे।

    ऐसे देखकर लावण्या बोलती है, "यह बच्चे तो काफ़ी समझदार हैं, तुझे तो संभालने में आसानी होती होगी तब तो।" उसकी यह बात सुनकर श्रेया भी पीछे देखते हुए बोलती है, "हाँ, यह चारों काफ़ी समझदार हैं, इसलिए मेरा टेंशन थोड़ा काम रहता है और मैं आराम से अपने काम को कर पाती हूँ, कि मुझे बिल्कुल भी परेशान नहीं करते हैं और साथ ही नैना और उसकी पूरी फ़ैमिली भी इन्हें संभाल लेती है, तो मुझे ज़्यादा टेंशन नहीं रहती थी।

    बट अब यहाँ पर हो तो मुझे इन चारों का संभालना है, इसी बात का थोड़ा टेंशन है।" उसकी यह बात सुनकर लावण्या बोलती है, "तो टेंशन क्यों लेती है, मैं संभाल लूँगी। जब तक तू अपने क्लाइंट के पास जाएगी और काम करेगी, तब तक मैं यहाँ पर तेरे चारों बच्चों को आराम से संभाल लूँगी..!"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया मुस्कुरा देती और बोलती है, "थैंक्स लावण्या, मुझे जब पता चला कि तू अपने काम करके वापस इंडिया आ चुकी है, तब मुझे लगा कि अब मैं यहाँ पर आ सकती हूँ और तू मेरे साथ मेरी मदद कर सकती है।" उसकी यह बात सुनकर लावण्या बोलती है, "इसमें कोई थैंक्स बोलने की ज़रूरत नहीं है। यह चारों बच्चे काफ़ी समझदार हैं, क्यूट भी हैं, मुझे उनके साथ रहने में बहुत ही मज़ा आएगा..!"

    "हाँ, हाँ ले लेना तुम उनको अपने पास ही, मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है।" फिर लावण्या को सोचती है और ड्राइव करते हुए बोलती है, "वैसे श्रेया, तेरे जाने के बाद राव फ़ैमिली में बहुत बड़ा हंगामा हुआ था, तुझे पता है? उन लोगों ने सिंह फ़ैमिली को वादा कर दिया था और सिंह फ़ैमिली को किसी भी हाल में राव बेटी के साथ शादी करनी ही थी ताकि वह पैसा हड़प सके, इसलिए उन्होंने सुहाना से आर्यन की शादी कर दी है।

    मगर उसे सुहाना की हालत इस वक़्त काफ़ी ख़राब है, उसके 2 बच्चे हैं, साथ ही उसे वह काफ़ी ज़्यादा बद्दी दिखने लगी है, जिसके वजह से आर्यन उसे मारता पीटता है और उसका अफ़ेयर भी चल रहा है।

    यह बात पूरे हाई सोसाइटी में फैली हुई है और राव फ़ैमिली अभी भी किसी भी तरह सुहाना का डिवोर्स करना चाहती है।" उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "इसीलिए दादाजी ने मुझे पहले यहाँ से जाने को बोल दिया था, वह जानते थे क्या हो सकता है, इसीलिए उस दिन उन्होंने जाते वक़्त मुझे इतना ही कहा था, मैं यहाँ से चली जाऊं और जितना जल्दी हो सके चली जाऊं और मैं उनकी बात मान ली शादी। दादा जी ने मुझे कुछ पैसे और रहने के लिए भी कुछ जगह बताई थी उनके उसे बॉक्स से, उन्होंने मुझे दिया था, मैंने जिस बारे में तुझे बताया था। उसे बॉक्स में मुझे एक लॉकेट साथ ही कुछ पेपर्स मिले थे, साथ ही टिकट थे और और भी ज़्यादा पैसे वगैरा रखे हुए थे। मैंने पैसों का उसे नहीं किया, मगर हाँ, वह प्रॉपर्टी मैं रख ली है, अभी बाद में कभी मैं उन्हें वापस करवा दूंगी राव फ़ैमिली को।" उसकी बात सुनकर लावण्या बोलती है, "जैसा तुझे ठीक लगे तू वैसा कर, बस तू अपना ध्यान रखना।" इतना बोलते हुए उसे पार्किंग की तरफ़ ले जाती है, समिति के बिल्डिंग के पास खड़े थे, जो कि यह बिल्डिंग काफ़ी ज़्यादा बड़ी थी, साथ ही यहाँ पर जो कमरे थे, जो घर थे, वह लग्जरियस कमरे थे, जो की ख़ास तरीके के होते थे, जहाँ पर सिर्फ़ और सिर्फ़ रिच फ़ैमिली ही रहती थी।

    लावण्या उसको अपने साथ लेकर बच्चों के साथ बाहर आ जाती है और वह दोनों बच्चों को पता है कि ऊपर की तरफ़ जाने लगती है, तभी लावण्या का एक बॉडीगार्ड वहां आता है, तो लावण्या उसे कर के अंदर से श्रेया और उसके बच्चों का लगेज ऊपर लाने को बोल देती है।

    और वह दोनों चारों बच्चों के साथ उसे बिल्डिंग के अंदर जाते हुए लिफ़्ट में चढ़ जाती है, वहीँ आस-पास के लोग भी उन्हें देखने लगते हैं।

    आगे इस कहानी में क्या हुआ जानने के लिए स्टोरी के साथ बने रहे लाइक और कमेंट करना ना भूले।

  • 9. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 9

    Words: 1308

    Estimated Reading Time: 8 min

    श्रेया लावण्या जब अपने फ्लैट के अंदर जाती है तो चारों बच्चे अंदर जाते ही सबसे पहले दौड़कर लिविंग रूम में आ जाते हैं और आसपास देखते हुए घर को देखने लगते हैं। वहीं लावण्या और श्रेया बात करते हुए अंदर आ रही थीं। श्रेया भी आसपास देखते हुए लावण्या से बोलती है, "यह घर तेरा तो काफी ज्यादा सुंदर है लावण्या। साथ ही काफी ज्यादा लग्जरियस भी है।"

    उसकी ये बात सुनकर लावण्या बोलती है, "हाँ, वह लग्जरियस तो है ही घर। यह सबसे सस्ता घर है, मैं जानती हूँ। तू उसका भी पेमेंट मुझे देने वाली है। मैं जानती हूँ तू कैसी है, इसलिए फिक्र मत कर। तू मुझे ज्यादा पैसे मत देना। यह घर मेरे लिए बहुत ही अच्छा है, तेरे बच्चों के लिए भी और मैं भी यहाँ पर रह लूँगी आराम से और तेरे बच्चों का ध्यान भी रख लूँगी और तू आराम से अपने काम पर जा सकती है।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया को भी ठीक लगता है। अब श्रेया जब इंडिपेंडेंट हो चुकी थी और उसके पास जॉब थी तो वह लावण्या को ज्यादा परेशान करना नहीं चाहती थी। वह भी यह सोच रही थी कि वह अपने चारों बच्चों को किसी किंडर गार्डन में डालेगी जहाँ पर उसके बच्चे जा सके और वहाँ पर थोड़ी देर रहेंगे, तब तक वह अपना सारा काम खत्म करके घर आ जाएगी। इस तरह लावण्या को तकलीफ भी नहीं होगी। यह सोचकर वह लावण्या से बोलती है, "लावण्या अभी तू दो-तीन दिन तक बच्चों को संभाल। उसके बाद मैं इनका एडमिशन किंडर गार्डन में कर दूँगी। वहाँ पर ये चले जाएँगे तो तुझे ज्यादा परेशानी नहीं होगी।"

    उसी दिन लावण्या बोलती है, "क्या यार तू क्यों परेशान हो रही है? मैं संभाल लूँगी। मेरे साथ 2 सर्वेंट भी रहेंगे यहाँ पर उनका ख्याल रखने के लिए। तो बिल्कुल परेशान मत हो। तेरी वजह से मुझे कोई भी दिक्कत नहीं हो रही है। पिक्चर का फालतू कामों में लगी रहती हूँ और तूने मुझे इतना अच्छा काम थमा दिया है। तू आराम से रिलैक्स होकर जल्दी से निकल क्योंकि तेरा 12:00 तक वहाँ पहुँचना बहुत जरूरी है।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया भी अपना सर हामी में हिला देती है और अपने बच्चों की तरफ देखकर बोलती है, "दिव्यांशी, देव, विवान, ईशान चारों मस्ती मत करना। मासी को ज्यादा परेशान मत करना और अपना काम खुद से ही करना।"

    उसकी यह बात सुनकर चारों बच्चे अपना सर हामी में हिला देते हैं।

    वहीं श्रेया के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। वहीं लावण्या यह सब देखकर बोलती है, "तेरे बच्चे कितने समझदार और क्यूट हैं। मन कर रहा है एक-एक पकड़-पकड़ के खा जाऊँ मैं।"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांशी मासूमियत से बोलती है, "मैसी आप मुझे का नहीं खा सकते। अगर आप खा लोगे तो मैं खत्म हो जाऊँगी ना?"

    उसकी यह बात सुनकर लावण्या को उस पर और भी ज्यादा प्यार आ रहा था। वह जल्दी से गोद में उठा देती है और बोलती है, "बच्चा ज्यादा परेशान मत हो, मासी मजाक कर रही है।"

    उसकी है बात सुनकर देवांशी के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। वही यह सब देखकर श्रेया के भी चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। श्रेया सबके तरफ देखकर बोलती है, "चलो मैं अब जा रही हूँ, अब मुझे लेट हो रहा है।"

    उसकी आवाज सुनकर लावण्या बोलती है, "हाँ, तू आराम से जा।" वहीं श्रेया अपना पर्स उठाकर वहाँ से जाने वाली ही होती है कि तभी देव बोलता है, "माँ आप कहाँ पर जाने वाली हो? वह एड्रेस तो बता दो ताकि अगर आपको लेट हो या कोई भी प्रॉब्लम हुई हो तो हम वहाँ जाकर पता कर सकें।"

    देव की यह बात सुनकर श्रेया के जाते हुए कदम रुक जाते हैं। वही लावण्या देव की यह बात सुनकर काफी ज्यादा इम्प्रेस हो गई थी, क्योंकि देव ने बहुत ही समझदारी वाली बात बोली थी। वहीं श्रेया भी अपने बेटे की तरफ प्यार से देख रही थी और वह बोलती है, "मैं राठौर इंडस्ट्रीज जा रही हूँ, जहाँ के सीईओ का मुझे ट्रीटमेंट करना है।"

    वैसे श्रेया ने हड्डियों के डॉक्टर की पढ़ाई की है। वह इसमें काफी ज्यादा अच्छी है और वह वर्ल्ड की सबसे अच्छी डॉक्टर में से एक है। श्रेया ने आज तक जितने भी लोगों को ठीक किया था, उनमें से 1 को छोड़कर सभी ज्यादा ठीक हो चुके थे। 1 को वह ठीक नहीं कर पाई क्योंकि उसका काफी ज्यादा ही रेयर केस था और वह जिंदा बच गया वही काफी था।

    वही श्रेया की बात सुनकर लावण्या हैरान होते हुए बोलती है, "मतलब तू जिसका ट्रीटमेंट करने आई है वह मेरे अंकल है?"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया हैरान होते हुए बोलती है, "मतलब तेरे अंकल..." इतना सोचते हुए श्रेया कुछ सोचती है, तभी उसे याद आता है कि लावण्या का सरनेम राठौर है और राठौर फैमिली की वह बेटी है और जिसका वह ट्रीटमेंट करने जा रही है वह राठौर फैमिली के ही सीईओ है। "इसका मतलब कि जिसका ट्रीटमेंट करने जा रही है वह लावण्या के अंकल है। वह लावण्या का सिर्फ देखती है, इसलिए उन्होंने तुझे बुलाया है?"

    उसकी आवाज सुनकर श्रेया बोलती है, "हाँ, मैंने उनकी रिपोर्ट्स देखी, उन्हीं का ट्रीटमेंट करने के लिए मैं यहाँ आई थी।"

    लावण्या बोलती है, "हाँ श्रेया मुझे लगता है तू उनको ठीक कर सकती है। बहुत ही अच्छे डॉक्टर ने उनको देखा है बट कुछ नहीं हो पाया। तू तो जानती है उस टाइम वह आर्मी में काम कर रहे थे और उसे एक बॉम्ब एक्सीडेंट के कारण उनका यह हाल हो गया है। उनका व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ता है।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "परेशान मत हो। मैं रिपोर्ट से किया अभी भी चांसेस है उनके पैरों के ठीक होने का। इसलिए परेशान मत हो।"

    इसलिए बस सुनकर लावण्या बोलती है, "हाँ, मैं जानती हूँ उनके पैर ठीक होने के चांसेस है बट डॉक्टर ने बताया कि वह कभी डैड नहीं बन सकते है, क्योंकि उनकी पूरी नीचे की बॉडी डिसेबल हो गई है।"

    श्रेया उसकी बात सुनकर बोलती है, "हाँ, यह प्रॉब्लम मुझे मालूम नहीं, लावण्या मैं डॉक्टर हूँ। मैंने रिपोर्ट देखी है। इसलिए परेशान मत हो, भगवान पर भरोसा रखो और ट्रीटमेंट पे भी, वह जल्दी ही ठीक हो जाएँगे।" इतना बोलते हुए उसके पास आती है और उसके गले लग जाती है। वहीं दिव्यांशी उन दोनों की बातों को ही सुन रही थी बट उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था, जिसकी वजह से उसने इस वक्त एक क्यूट सा फेस एक्सप्रेशन बनाया हुआ था क्योंकि कन्फ्यूजन वाला था जिसे देखकर लावण्या और श्रेया को हंसी आ जाती है। वह दोनों ही प्यार से उसके एक-एक गालों पर किस कर लेती है, तब तीनों नीचे जाते हैं जहाँ पर तीनों लड़के इस वक्त अपने अपने कामों में व्यस्त है, जहाँ देव अपने हाथ में एक Puzzle पकड़े उसको सॉल्व करने में लगा हुआ था तो वही विवान अपने फ़ोन में कुछ कर रहा था तो वही ईशान सोफे के पास रखे हुए कॉफी टेबल पर से मैगज़ीन एंटरटेनमेंट मैगज़ीन उठाकर पढ़ रहा था।

    वहीं उन तीनों को ऐसे देखकर लावण्या हैरान थी। "यह बच्चे कितने ज्यादा समझदार और क्यूट थे। ऊपर से इतने ज्यादा इंटेलिजेंट भी है।" यह देखकर लावण्या को हैरानी हो रही थी। पहली बार उसने ऐसे कोई बच्चे देखे होंगे। उसने कभी नहीं सोचा था कि ऐसे भी दुनिया में बच्चे होते हैं। वह धीरे से श्रेया के कान में बोलती है, "बहन तूने क्या खाकर बच्चे पैदा किए थे? वह राज मुझे भी बता दे, मुझे भी ऐसे बच्चे पैदा करने है।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया उसके सर पर चपत मारते हुए बोलती है, "कुछ भी बोलती है पागल। मैं जा रही हूँ।" देव और विवान और ईशान के भी माथे पर किस करती है और वहाँ से निकल जाती है।

  • 10. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 10

    Words: 1485

    Estimated Reading Time: 9 min

    श्रेया टैक्सी लेकर वहां से राठौर इंडस्ट्रीज की तरफ निकल जाती है। जब वह वहां पहुँचती है तो उसे एक बिल्डिंग दिखती है, जो कि काफी लंबी थी। उस पर शायद 30 से भी ज्यादा फ्लोर थे।

    जिन्हें देखकर श्रेया बस उस बिल्डिंग पर लिखे हुए नाम को पढ़ रही थी, जिस पर लिखा था "राठौर इंडस्ट्रीज"। ये बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा था और डिज़ाइन भी काफी यूनिक था।

    श्रेया कुछ देर उस बिल्डिंग को देखती है और उसके बारे में सोचती है। राठौर फैमिली बहुत बड़ी फैमिली थी। इस फैमिली के खिलाफ जाना मतलब कि बहुत कुछ बिगड़ जाना, इसलिए वह अपने आपको प्रिपेयर कर रही थी कि अंदर जाकर वह कोई भी गड़बड़ी न करे, जिसकी वजह से उसको भुगतना पड़े। वह अपने मन में खुद को शांत कर रही थी।

    उसने इस वक्त एक वाइट कलर की नॉर्मल सी फ्रॉक पहनी हुई थी। वो देखने में किसी टीनएज गर्ल जैसी लग रही थी। उसने अपने बालों को खोल रखा था। अपने कंधे पर उसने एक बैग टांगा हुआ था, साथ ही उसने पैरों में एक नॉर्मल सी वाइट हील पहनी हुई थी।

    वह अंदर जाती है। बिल्डिंग के अंदर जाते ही सामने रिसेप्शन पर जाकर वो पूछती है, "हेलो, आज मेरा मिस्टर राठौर के साथ अपॉइंटमेंट है। क्या आप बता सकती हैं कि वो किस फ्लोर पर हैं?"

    रिसेप्शन पर खड़ी लड़की उसे ऊपर से नीचे तक देखती है और बोलती है, "तुम्हारे पास सच में अपॉइंटमेंट है या सिर्फ दिव्यांश सर को सिड्यूस करने आई हो?"

    उसकी ये बात सुनकर श्रेया हैरान हो जाती है और वो बोलती है, "आप क्या बकवास कर रही हैं? मैं यहां ऐसा कुछ नहीं करने आई हूं, बल्कि मैं उनके काम के लिए ही इधर आई हूं।" उसकी आवाज सुनकर वह रिसेप्शनिस्ट बोलती है, "हम लोग अच्छे से जानते हैं तुम यहां क्या करने आई हो। चुपचाप उठकर ऐसे ही निकल लो। दिव्यांश तुम जैसी लड़कियों से नहीं मिलते हैं जो ऐसे काम करती हैं।" उसकी आवाज सुनकर श्रेया को भी गुस्सा आ जाता है। वह बोलती है, "क्या बकवास कर रही हो? शांति से तुमसे पूछ रही हूं। सर से बात करनी है और उनके ही काम के सिलसिले में मैं यहां पर आई हूं, तो तुम यहां पर क्यों बकवास कर रही हो?" उसकी यह बात सुनकर वह लड़की काफी ज्यादा गुस्से में आ जाती है और वह बोलती है, "तुम ऐसे मुझसे बात नहीं कर सकती। तुम्हें मालूम है तुम कहां खड़ी हो? रुको!" इतना बोलकर वहां पर खड़े कुछ सिक्योरिटी गार्ड को वह बुलाती है और कहती है, "इस लड़की को बाहर निकालो। इसलिए ऐसी लड़कियां दिव्यांश को परेशान करने के लिए आती रहती हैं, निकालो इसे।" उसकी यह बात सुनकर सिक्योरिटी गार्ड भी वहां आ जाते हैं और वह श्रेया का हाथ पकड़कर उसे खींचते हुए बाहर निकलने लगते हैं, तभी पीछे से एक आवाज आती है, "यहां क्या हो रहा है?"

    उसकी यह बात सुनकर सभी लोग उस तरफ देखते हैं, जहां पर एक लड़का खड़ा था, जिसकी उम्र करीब 32 साल होगी। वह देखने में काफी हैंडसम लग रहा था। वो था शौर्य सेठी, यह दिव्यांश का असिस्टेंट है। शौर्य सब की तरफ देख रहा था और वहां इतनी भीड़ को देखकर वहां पर आ जाता है और जब देखता है कि कुछ सिक्योरिटी गार्ड एक लड़की को पकड़े हुए उसे बाहर निकाल रहे हैं। "क्या हुआ यहां पर?" वह श्रेया की तरफ देखकर कहता है। उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "मेरा नाम श्रेया पटेल है।"

    श्रेया ने अपना नाम चेंज कर लिया था, उसने अपना सरनेम चेंज कर लिया था। वह नैना के फैमिली के साथ ही काफी सालों से रह रही थी और उसकी फैमिली उसको अपनी बेटी मानती थी, जिसकी वजह से श्रेया अपना राव फैमिली का सरनेम हटाकर अब पटेल फैमिली का सरनेम लगा चुकी थी। वहीं उसका नाम सुनकर शौर्य को भी कुछ याद आता है, मगर वह कुछ नहीं बोलता है। श्रेया बोलती है, "मैं डॉक्टर हूं और मुझे यहां पर दिव्यांश सर को ट्रीट करने के लिए बुलाया गया था और मैं आज ही अब्रॉड से लौटी हूं।" उसकी ये बात सुनकर शौर्य को याद आता है कि आज वह डॉक्टर आने वाली थी, जिसके लिए दिव्यांश पहले एब्रॉड जाने वाला था, बट वह नहीं जा पाया था किसी मीटिंग के वजह से, इसी वजह से उसने श्रेया को यहां ही बुला लिया था।

    "सॉरी मैम, मुझे नहीं पता था कि आप हैं, चलिए।" उसके इस बात को सुनकर श्रेया भी थोड़ा अनकंफर्टेबल हो जाती है, क्योंकि शौर्य इतना लंबा चौड़ा जैसा आदमी उससे ऐसी बात करेगा। शौर्य उसे बड़ा भी लग रहा था।

    वही वह लड़की जो श्रेया के साथ बदतमीजी करी थी और उसको उल्लू-सीधी बोल रही थी, वो बिल्कुल चुप हो जाती है और डर से कांपने लगती है। वह बोलती है, "सॉरी सर, मुझे नहीं पता था कि यह ही फेमस डॉक्टर है। मुझे लगा यह कोई और है। आई एम सो सॉरी सर।" इतना बोलकर वह डर से कांप रही थी। वहीं उसकी बात सुनकर शौर्य बोलता है, "तुम्हें अब कल से कंपनी आने की कोई भी जरूरत नहीं है। जाकर HR टीम के पास जाकर अपना सारा हिसाब-किताब पूरा कर लेना और कल से यहां दिखना मत।" इतना बोलकर वह श्रेया की तरफ देखकर बोलता है, उसकी ये बात सुनकर शौर्य अपना सिर सिर्फ हां में हिला देती है।

    और वह उसके साथ चलने लगती है। वहीं आसपास के लोग भी यह जानकर हैरान थे कि शौर्य उस लड़की की इतनी परवाह क्यों कर रहा है साथ ही उससे इतनी इज्जत से पेश आ रहा है।

    शौर्य श्रेया को लेकर लिफ्ट में जाता है और 13 सबसे टॉप फ्लोर का बटन प्रेस करता है। वहीं श्रेया उसकी तरफ देख रही थी, जिसे देख शौर्य बोलता है, "मैम, आपको कोई प्रॉब्लम है?"

    उसकी आवाज सुनकर श्रेया एकदम ऑकवर्ड हो जाती है और वह बोलती है, "ऐसे आप बार-बार मुझे मैम बोल रहे हैं, मुझे अच्छा नहीं लग रहा है। आप तो मुझे काफी बड़े नजर आ रहे हो।" उसकी ये बात सुनकर शौर्य के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है और वह बोलता है, "एक्चुअली आप मेरे सर को ट्रीट करने आई हैं तो मेरी जिम्मेदारी है कि मैं आपके साथ अच्छे से पेश आऊं।" उसकी आवाज सुनकर श्रेया बोलती है, "आप मुझे श्रेया भी बुला सकते हैं, मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं होगी।" उसकी यह बात सुनकर शौर्य श्रेया की तरफ देखता है और उसे भी श्रेया बहुत ही ज्यादा छोटी नजर आ रही थी और वह यह सोच रहा था कि क्या यह सच में डॉक्टर हो सकती है?

    वह इतना सोचता है और बोलता है, "आप सच में डॉक्टर ही होना? मुझे पता नहीं क्यों आप एक टीनएज गर्ल की तरह लग रही हैं।" उसकी आवाज सुनकर श्रेया हंसती है और बोलती है, "सब मुझे ऐसे ही समझते हैं, बल्कि मेरे तो चार बच्चे भी हैं और मुझे देख कर लोग एक टीनएजर गर्ल समझते हैं।" उसकी बात सुनकर शौर्य को काफी ज्यादा हैरानी होती है।

    और वह हैरानी से बोलता है, "क्या आपके चार बच्चे भी हैं और आपकी शादी हो चुकी है? यह काफी ज्यादा हैरान करने वाली बात है।" वह उसके बातों में इतनी हैरानी थी और उसके पूछने का तरीका भी कुछ ऐसा था कि श्रेया को हंसी आ जाती है और बोलती है, "बट मेरी शादी नहीं हुई है, एक्चुअली कुछ पर्सनल रीज़न हैं, बट मेरे चार बच्चे हैं।"

    उसकी बात सुनकर शौर्य खुद को ज्यादा कंट्रोल नहीं कर पाता और बोलता है, "ऐसा क्या रीज़न है जिससे आपके चार बच्चे हैं?" उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "एक्चुअली वह क्वॉड्रप्लेट्स हैं, इस वजह से।" शौर्य ये जानकार भी काफी हैरानी होती है और वह अपने ही मन में बोलता है, "क्या आदमी था वह जो एक ही बार में इनको चार बच्चे की मॉम बना दिया, क्या स्टेमिना होगा उसका!" ये सोच कर शौर्य खुद अपने सर पर हाथ मार लेता है।

    वहीं श्रेया वैसे ही खड़ी थी और वह बस लिफ्ट खुलने का इंतजार कर रही थी। जैसे ही लिफ्ट खुलता है तो श्रेया देखती है कि सामने ही एक ग्लास डोर था जिसे देखकर श्रेया उस पर लिखे हुए नाम को पढ़ती है, "सीईओ ऑफ़ राठौर इंडस्ट्रीज" और उसके नीचे दिव्यांश राठौर का नाम लिखा हुआ था।

    वहीं श्रेया को उस तरफ जाते हुए देखकर पीछे खड़ा शौर्य उसे देखते हुए और उसकी बॉडी फिगर को देखते हुए बोलता है, "वैसे लड़की कमाल की है, इतनी खूबसूरत है और साथ ही चार बच्चों की मां भी, तब भी कितना खुद को मेंटेन करके रखा है।"

    "इसको देखकर कोई कह सकता है कि वह चार बच्चों की मम्मी है..!"

    यह सब सोच रहा था पीछे खड़ा शौर्य। वहीं श्रेया यह सोच रही थी कि वह अंदर जाए कि ना जाए, क्या दिव्यांश श्रेया को पहचान पाएगा या श्रेया दिव्यांश को पहचान पाएगी जानने के लिए कहानी के साथ जरूर बने रहिएगा...

  • 11. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 11

    Words: 1160

    Estimated Reading Time: 7 min

    श्रेया इस ग्लास वॉल के सामने खड़ी थी और सोच रही थी कि वह अंदर जाए कि नहीं, तभी पीछे से शौर्य बोलता है, "श्रेया, अंदर चलना है?"

    उसकी बात सुनकर श्रेया अपनी सांस में वापस आती है और फिर शौर्य की तरफ देखकर बोलती है, "हां शौर्य।"

    उसकी बात सुनकर फिर केबिन का दरवाजा खुलता है।

    शौर्य दिव्यांश का खास आदमी है। शौर्य, दिव्यांश के दादाजी के फ्रेंड का बेटा है और वह कोई ज़्यादा रिच फैमिली से नहीं थे, मगर एक एक्सीडेंट में दादाजी के फ्रेंड, यानी शौर्य की पूरी फैमिली की डेथ हो गई। अभी सिर्फ शौर्य और उसके चाचा-चाची बचे हुए हैं और चाचा-चाची के बच्चे इसीलिए दिव्यांश के साथ ही रहते हैं। शौर्य ने भी पहले आर्मी में काम कर चुका है, बट वह ज्यादा दिन तक वहां पर नहीं रहा और वह खुद अच्छा-से बिजनेस सीखने लगा। वह अपना छोटा सा बिजनेस भी चलाना चाहता था, बट जब दिव्यांश की उसने यह बात सुनी कि दिव्यांश के साथ यह हो गया है, तब से वह दिव्यांश की परछाई बनकर रह रहा है। वह दिव्यांश को अपने भाई जैसा मानता है और वह दोनों बहुत ही अच्छे दोस्त हैं।

    जिसके वजह से शौर्य बिना परमिशन के दिव्यांश के केबिन में जा सकता था। शौर्य दिव्यांश के केबिन के दरवाजे को खोलता है, तो दिव्यांश अपने लैपटॉप में कुछ काम कर रहा था। वह बिना ध्यान दिए बस अपने लैपटॉप में उंगलियां चला रहा था, तभी श्रेया अंदर आती है और उसकी नजर सामने जाती है जहां पर इस वक्त दिव्यांश था।

    सारे शब्द श्रेया को अपने साथ दे जाते हैं, फिर वह दिव्यांश के पास जाती है और बोलती है, "दिव्यांश, यह श्रेया है, तुम्हारे डॉक्टर। अब से तुम्हारा इलाज यही करने वाली हैं।"

    उसकी बात सुनकर दिव्यांश अपना सर ऊपर करके श्रेया की तरफ एक नजर देखता है, तो देखता ही रह जाता है।

    वह श्रेया को ऊपर से लेकर नीचे तक देखता है और शौर्य की तरफ एक लुक पास करता है, जैसे वह पूछ रहा हो, "क्या सच में?"

    उसकी बात सुनकर शौर्य अपना सर हां में हिला देता है, जिसके बाद दिव्यांश श्रेया की तरफ देखकर बोलता है, "मिस श्रेया, मैं जानता हूं कि आप अपने प्रोफेशन में काफी अच्छी डॉक्टर हैं, मगर तब भी मैं आपको कहना चाहूंगा कि आप पहले एक बार ये सोच लें क्योंकि मेरा इलाज काफी सारे डॉक्टर ने करने की कोशिश की है, काफी बड़े अच्छे डॉक्टर ने मेरे ऊपर अपना समय ज़ाया किया है, इसलिए मैं चाहता हूं कि आप एक बार सोच लें इस बात के लिए।"

    श्रेया उसकी यह बात सुनकर एकदम चुप खड़ी थी, वहीं शौर्य दिव्यांश की तरफ देखकर बोलता है, "दिव्यांश, तू कैसे बातें कर रहा है? तेरे पैर ठीक हो जाएंगे, तो फिक्र क्यों कर रहा है? सब ठीक हो जाएगा, तो अपना हौसला क्यों खो रहा है?"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "आपने बिल्कुल सही कहा, जब तक आप खुद नहीं चाहेंगे ठीक होना, तब तक कोई भी डॉक्टर आपका इलाज नहीं कर सकता है और आपको क्यों लगता है आप ठीक नहीं हो सकते? मेडिकल साइंस में सब चीज का इलाज है, साइंस बहुत ज़्यादा तरक्की कर ली है, अगर इंसान चाहे तो क्या कुछ नहीं कर सकता है? मैंने सुना है कि आप आर्मी ऑफिसर थे, तो यही आप काम करते थे, आपको अपने ऊपर विश्वास नहीं है क्या? आपके पास इतना हौसला नहीं है कि आप ठीक हो सकते हैं?

    जब तक आप खुद पर भरोसा नहीं करेंगे, तब तक हम लोग आप पर कैसे भरोसा करके इलाज करें? आपको अपना भरोसा अपने ऊपर रखना होगा, आपको खुद अंदर से चाह होनी चाहिए कि तभी तो जहां चाह होती है वहीं राह मिलती है।

    इसलिए आप परेशान मत होइए, जब आपका मन करे कि आपको जब ठीक होना हो, तब मुझे बुला लीजिएगा।"

    इतना बोलकर श्रेया वहां से जाने लगती है, तो दिव्यांश बोलता है, "मैं अपने आपको क्यों ठीक नहीं करना चाहूंगा? इतने सालों से व्हीलचेयर पर बैठा हुआ हूं, मगर अब मेरी उम्मीद खत्म हो गई है, अब तो मुझे लगता है मुझे पूरी जिंदगी इस व्हीलचेयर पर गुजारनी होगी।"

    उसने आज इतनी सारी बातें एक साथ बोली थीं, जिससे शौर्य भी हैरान था क्योंकि शौर्य जानता था कि दिव्यांश किसी और के सामने इतनी सारी बातें नहीं बोल सकता। वह सिर्फ अपने दोस्तों या उसके ही सामने ही बोलता था या तो दादाजी के सामने, नहीं तो वह अनजान लोगों के लिए अपने शब्द खर्च नहीं किया करता था।

    वहीं श्रेया उसकी बात सुनकर रुक जाती है और बोलती है, "3 महीने का मैं टाइम दे रही हूं, इन 3 महीनों में अगर मैंने आपको ठीक नहीं किया, तो मैं यहां से चली जाऊंगी, ठीक है? यह चैलेंज मेरा है और आपका चैलेंज यह है कि आपको 3 महीने में खुद को ठीक करना है, खुद से, यह आपका चैलेंज है, तो आज हम दोनों ही यह चैलेंज लेते हैं, देखते हैं कौन जीतता है?"

    दिव्यांश न जाने क्यों अपना सर हां में हिला देता है।

    वहीं शौर्य बेचारे को आज इतनी हैरानी और शॉक मिल रहे थे कि उसे अब चक्कर आने लगे थे। वह समझ ही नहीं पा रहा था कि हो क्या रहा है? यह क्या वही दिव्यांश है, जो कि दूसरे को ऑर्डर दिया करता था ना कि खुद ऑर्डर को पूरा किया करता था? आज इस डॉक्टर ने इसको इतना कुछ बोला, इतना कुछ टास्क दे दिया और वह चुपचाप मन भी गया करने को? यह बात बहुत हैरानी की थी क्योंकि बहुत सारे पहले भी डॉक्टर थे, उनकी बात तो दिव्यांश मानता ही नहीं था, बड़ी मुश्किल से शौर्य उनकी दी हुई दवाइयां दिव्यांश को खिलाता था।

    वहीं श्रेया, शौर्य और दिव्यांश की तरफ देखकर बोलती है, "दिव्यांश आपको अपनी पैंट उतारनी पड़ेगी।"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश जहां ऑकवर्ड हो गया था, वहीं शौर्य अपने मुंह पर हाथ रख लिया था।

    उन दोनों का ऐसा रिएक्शन देखकर श्रेया बोलती है, "मुझे उनका पैर चेक करना होगा, इसके लिए उनके पेट को निकालना जरूरी है।"

    उसकी यह बात सुनकर तब जाकर शौर्य और दिव्यांश दोनों ने तब जाकर राहत की सांस ली, नहीं तो वह लोग पता नहीं क्या सोचने लग गए थे।

    वहीं श्रेया शौर्य की तरफ देखकर बोलती है, "इनको उठा यहां से, उठाने में मदद कीजिए मेरी और सोफे पर लेट दीजिए और फिर उसके बाद उनकी पैंट को थोड़ा निकाल दीजिएगा और मुझे बस उनकी कमर और पैर को चेक करना है कि इनको कौन सी हड्डी में ज़्यादा तकलीफ हुई है जिसके वजह से चल नहीं पा रहे हैं। साथ ही कल डॉक्टर के पास जाकर इनका एक्स-रे रिपोर्ट भी निकलवाना पड़ेगा और बाद में आप लोगों को बता दूंगी। अभी मुझे चेक करना पड़ेगा।"

    उसकी यह बात सुनकर शौर्य अपना सर हां में हिला देता है।

    और वह दिव्यांश के पास जाता है।

  • 12. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 12

    Words: 1746

    Estimated Reading Time: 11 min

    श्रेया की बात सुनकर दिव्यांश काफ़ी ज़्यादा असहज महसूस कर रहा था क्योंकि आज तक जितने भी उसके डॉक्टर थे, वे सारे पुरुष डॉक्टर हुआ करते थे। यह पहली बार था कि कोई महिला डॉक्टर उसका इलाज कर रही थी, जिसकी वजह से उसे काफ़ी अजीब महसूस हो रहा था, मगर तब भी वह मान जाता है। तभी शौर्य दिव्यांश के पास आकर उसके कान में बोलता है, "तू तैयार है न?"

    उसकी बात सुनकर दिव्यांश अपना सर हाँ में हिला देता है।

    तो शौर्य उसके व्हीलचेयर को धक्का देते हुए सोफे के पास ले जाता है और जैसे ही वह कुछ करने के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाता है, तब तक श्रेया बोलती है, "मैं बाहर जाकर कॉल कर लेती हूँ, तब तक आप इनकी मदद कर दीजिएगा।" इतना बोलकर श्रेया वहाँ से बाहर निकल जाती है। श्रेया के बाहर जाते ही दिव्यांश और शौर्य को भी अब थोड़ा रिलैक्स महसूस होता है। फिर शौर्य, दिव्यांश की मदद करता है, उसके पैंट को निकाल देता है और उसे ऊपर सोफे पर बैठने में हेल्प करता है। साथ ही, वह केबिन में बने हुए एक कपबोर्ड में से एक शॉल उठाकर ले आता है और उससे दिव्यांश के पैरों को कवर कर देता है।

    वहीं श्रेया बाहर आकर लावण्या को कॉल करती है क्योंकि ये टाइम लंच करने का था, तो वह पूछना चाहती थी कि क्या चारों बच्चों ने खाना खाया है कि नहीं या वे उसे ज़्यादा परेशान तो नहीं कर रहे? इस बात को जानने के लिए वह लावण्या को कॉल करती है।

    वहीं लावण्या उसका कॉल आता देख उठा लेती है और बोलती है, "हाँ श्रेया, बोल क्या हुआ?"

    तो श्रेया बोलती है, "तुझे ज़्यादा परेशान तो नहीं कर रहे हैं न बच्चे और उन्होंने खाना खाया?"

    उसकी यह बात सुनकर लावण्या अपने पास देखती है जहाँ पर देव एक कमरे में दिव्यांशी को सुला दिया था। वहीं उसके बाजू में ही ईशान भी लेटा हुआ था और वह अपने फ़ोन में कुछ कर रहा था। वहीं देव, दिव्यांशी को सुलाने के बाद एक बुक पढ़ रहा था, जो कि एक बिज़नेसमैन की बुक थी, जिसमें काफ़ी सारे बिजनेस के नॉलेज लिखे हुए थे। यह बुक उसे स्टडी रूम में मिली थी, तब से वह यही पढ़ रहा था। वहीं विवान कब से अपने मोबाइल में कुछ कर रहा था, जिसकी वजह से लावण्या उस पर ज़्यादा ध्यान नहीं दे रही थी। वह बोलती है, "तेरे चारों बच्चे एकदम आराम से हैं। मुझे बिल्कुल भी परेशान नहीं किया। मैंने अपने हाउस से एक कुक को यहाँ बुला लिया था, तो उसने हमारे लिए खाना बना दिया और हम लोगों ने खाना खा लिया है और अभी इस वक़्त चारों बच्चे दिव्यांशी और देव के पास हैं। साथ ही, ईशान अपने मोबाइल में कोई टीवी शो देख रहा है, वहीं विवान अपने फ़ोन में कुछ कर रहा है, शायद गेम खेल रहा हो।"

    उसकी आवाज़ सुनकर श्रेया बोलती है, "थोड़ा उन लोगों से बोल लेना कि फ़ोन कम चलाएँ और हाँ, ईशान और विवान के हाथ से उनका फ़ोन छीन लो। ये सब टाइम में वे फ़ोन ज़्यादा देखने लग गए हैं। मैंने थोड़ा सा ध्यान कम दिया, इस वजह से तुम उनके हाथों से उनका मोबाइल छीन लो और बोल दो कि चुपचाप जाकर थोड़ा सो जाएँ। जब उठ जाएँगे, तब मैं वापस आ जाऊँगी, तब मैं उन लोगों को पढ़ने बैठाऊँगी।"

    उसकी यह बात सुनकर लावण्या बोलती है, "तेरे बच्चों को पटाने की क्या ज़रूरत है? इतनी अच्छी इंग्लिश ये चारों बोलते हैं। साथ ही, बुक पढ़ना ही नहीं आता इन्हें? इतने टैलेंटेड हैं तेरे बच्चे हैं तब भी तुझे यह करना लगता है। चुपचाप जाकर अपना काम कर और अंकल का अच्छे से ट्रीटमेंट कर, तब तक यहाँ पर तेरे बच्चे आराम से रहेंगे। तुझे फ़िक्र करने की ज़रूरत नहीं और मुझे भी परेशान मत करो, मुझे भी 'रियल' देखने दे।" इतना कहकर वह फ़ोन कट कर देती है।

    वहीं उसके फ़ोन कट देने के बाद श्रेया अपना माथा पीट लेती है और बोलती है, "मेरे बच्चों से ज़्यादा यह बचपना करती है। इसका क्या होगा भगवान जाने।" इतना बोलकर श्रेया अपना फ़ोन पॉकेट में डाल देती है और वापस दिव्यांश के केबिन के अंदर जाती है जहाँ पर दिव्यांश पहले से ही सोफे पर अच्छे से लेट गया था। वह सोफा काफ़ी ज़्यादा बड़ा था, जिसकी वजह से वह उस पर लेट गया था। वहीं उसके लेट जाने के बाद श्रेया उसके पास आती है और अपने बैग को कॉफ़ी टेबल पर ही रख देती है। साथ ही, अपने बैग में से कुछ सामान निकालती है और फिर इसके बाद वह दिव्यांश का चेकअप करना स्टार्ट करती है। वह दिव्यांश के पैरों पर अपना हाथ रखती है, तो दिव्यांश बिल्कुल सामान्य रहता है। बट श्रेया जैसे-जैसे उन पैरों पर अपना हाथ फेरती है, तब भी कोई उसे पर रिस्पांस ज़्यादा नहीं आता, जिसे देखकर श्रेया फिर उसके बाद उसके पैरों को और भी ऊपर साइड अपने हाथ को ले जाती है और शॉल को थोड़ा सरका देती है। जैसे-जैसे अपना हाथ ऊपर ले जा रही थी, अब धीरे-धीरे दिव्यांश को हल्का-हल्का कुछ महसूस होने लगा था, जिसकी वजह से उसकी पूरी बॉडी अकड़ सी गई थी।

    जिसे महसूस करके श्रेया के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है और वह बोलती है, "मिस्टर दिव्यांश, आपके पैर के ठीक होने के चांसेस हैं क्योंकि जहाँ तक मैं देख पा रही हूँ, आपका पैर ठीक होने लायक है। बस आपको दवाइयों की ज़रूरत नहीं है, बल्कि आपको आयुर्वेदिक फ़ॉर्मूलेस की ज़रूरत है, जिसके वजह से आपके पैर की हड्डियों में जान वापस आ सकती है।"

    "साथ ही कुछ दवाइयाँ भी यूज़ करनी पड़ेंगी क्योंकि जब-जब आपकी हड्डी ठीक होना चालू होगी, तब उसके वजह से आपको बहुत तकलीफ़ होगी। उस दर्द को कम करने के लिए हमें थोड़ा दवाइयों का यूज़ करना पड़ेगा। हम यह भी कह सकते हैं कि हम आपके ऊपर मिक्स ट्रीटमेंट करने वाले हैं, जिसमें साइंटिफ़िक दवाई के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपचार का यूज़ होगा, जिससे आपके पैर जल्दी ठीक हो पाएँगे।"

    उसकी यह बात सुनकर शौर्य खुश हो जाता है। वह बोलता है, "क्या सच में! मैंने आज तक कोई डॉक्टर को यह करते हुए नहीं देखा है। जितने भी डॉक्टर दिव्यांश के लिए आए हुए थे, सारे डॉक्टरों ने सिर्फ़ दवाइयाँ और एक्सरसाइज़ और डाइट फ़ॉलो करवाने को बोला था। आप पहली बार हैं जो आयुर्वेदिक उपचारों की बात कर रही हैं। हमारे इंडिया में जितने भी आयुर्वेदिक उपचार बताए गए हैं, वे सब बिल्कुल ही इफ़ेक्टिव होते हैं। वे थोड़ा टाइम ज़्यादा लेते हैं पर ठीक होने के बहुत चांसेस होते हैं। वही दवाइयाँ जल्दी ठीक होने के लिए यूज़ किया जाता है, मगर इसका साइड इफ़ेक्ट भी है। मगर दिव्यांश के पैरों में यह दवाइयाँ अपना काम नहीं कर पाईं, जिसके वजह से अभी तक यह ठीक नहीं हैं। बट अब हम भी यह फ़ॉर्मूला यूज़ करेंगे तो करीबन 1 साल या 6 महीने में ही इनके पैर ठीक हो जाएँगे..."

    उसकी यह बात सुनकर शौर्य खुश हो जाता है और वह बोलता है, "अगर ऐसी बात है तो मुझे बहुत ख़ुशी होगी, आख़िर में मेरा भाई चल पाएगा।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "आपके भाई हैं ये?"

    उसकी यह बात सुनकर शौर्य बोलता है, "मैं उनका असिस्टेंट हूँ बट यह मेरा भाई जैसा है, मैं इसका दोस्त भी हूँ, बेस्ट फ्रेंड।"

    उसकी बात सुनकर श्रेया बोलती है, "यह अच्छी बात है।"

    वहीं दिव्यांश कब से श्रेया को ही निहारे जा रहा था।

    पता नहीं क्यों उसको ऐसा लग रहा था कि वह पहले भी श्रेया से मिल चुका है। जब श्रेया ने उसके पैरों पर अपना हाथ रखा था, तब ग़लती से उसका हाथ दिव्यांश के हाथ से भी टच हो गया था। दिव्यांश के पैरों में इतनी जान नहीं थी कि वह उसके हाथों की छुअन को सदा महसूस कर पाए, मगर जब श्रेया का हाथ दिव्यांश के हाथ से छू गया था, तब श्रेया और दिव्यांश दोनों को ही ऐसी फ़ीलिंग आई थी पर दोनों ही इसे इग्नोर कर रहे थे।

    वहीं श्रेया बोलती है, "आप लोग कल डॉक्टर के पास जाकर ये सब चेकअप करवा लीजिएगा और इसके सारे रिपोर्ट कलेक्ट करके रख लीजिएगा। तब मुझे कल शाम तक सारे रिपोर्ट मिल जाएँगे, तो मैं इनका ट्रीटमेंट जल्दी स्टार्ट करूँगी।"

    उसकी आवाज़ सुनकर शौर्य बोलता है, "तो यह ट्रीटमेंट आप कहाँ करने का सोच रही हैं?"

    "अभी तो जब तक रिपोर्ट नहीं आएँगे, तब तक मुझे पता नहीं चलेगा। वैसे मैं एक बात क्लियर कर देती हूँ, इनको ज़्यादा देर तक यहाँ पर बैठने की ज़रूरत नहीं है। इनका ट्रीटमेंट होगा, तो घर पर ही इनको रहना पड़ेगा, पूरे प्रॉपर ट्रीटमेंट तक इनका घर पर बेड रेस्ट पर रहना पड़ेगा। तो आप लोग डिस्कस कर लीजिएगा, फिर बताइएगा।" इतना कहकर श्रेया खड़ी हो जाती है और दिव्यांश से बोलती है,

    "आपको फ़िक्र करने की ज़रूरत नहीं है और न ही हिम्मत हारने की। आपके पैर बहुत जल्दी ठीक हो जाएँगे, यह आपसे मेरा वादा है मिस्टर दिव्यांश..." इतना कहकर वह मुस्कुरा देती है और अपना बैग उठाकर वहाँ से जाने से पहले एक प्रिस्क्रिप्शन लिखकर शौर्य के हाथ में एक पेपर को दे देती है और बोलती है, "इसमें सब कुछ लिखा हुआ है, तो आप कल जाकर आराम से उनके पूरे रिपोर्ट्स निकलवाकर मुझे सबमिट करवा लीजिएगा।" इतना कहकर उस प्रिस्क्रिप्शन में दिए गए एक नंबर को इशारा करके बोलती है, "और यह मेरा नंबर है, कोई भी ज़रूरत हो तो इस नंबर पर कॉल कर दीजिएगा। बाय!" इतना बोलकर वह वहाँ से निकल जाती है।

    वहीं दिव्यांश को उसकी सारी बातों को सुनने के बाद पता नहीं क्यों यह लग रहा था कि श्रेया जो बोल रही है, वह हो सकता है। पता नहीं क्यों उसकी बातों पर भरोसा हो रहा था। वह चाहता था जैसे उसकी हिम्मत टूटी, वैसे श्रेया की न टूटे। वह हार न माने। वह चाहता था कि श्रेया उसे ठीक कर दे, जिसके लिए वह अब मेहनत करना चाहता था। इसलिए वह अपने मन में बोलता है, "पता नहीं श्रेया तुम कौन हो पर तुम अपनी सी लगती हो। पता नहीं क्यों तुम्हारा बात करने का दिल कर रहा है। अगर सच में तुम्हारी बात मानने से रिपेयर ठीक हो जाते हैं और तुम्हें इससे ख़ुशी मिलती है, तो मैं यह काम करने के लिए तैयार हूँ।" यह सब सोचते हुए उसके चेहरे पर छोटी सी मुस्कान आ जाती है।

  • 13. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 13

    Words: 1584

    Estimated Reading Time: 10 min

    श्रेया वहां से निकल के जब बाहर आती है तो उसे वहीं पर एक टैक्सी मिल जाती है। वह टैक्सी में बैठकर वहां से पहले अपने पुराने वाले अपार्टमेंट में जाती है।

    वह अपार्टमेंट उसका खुद का था।
    वो अपार्टमेंट उसको बहुत पहले उसके दादाजी ने ही दिया था। अपार्टमेंट में जाती है तो देखती है वहां पर पहले से कोई रह रहा था, जिसे देखकर उसे हैरानी होती है। वह जाकर उस अपार्टमेंट के बेल को रिंग करती है तो उसके सामने उसके एडॉप्टेड पापा खड़े थे। यह देखकर वह हैरान हो जाती है कि वह काफी बीमार नजर आ रहे थे, उनकी हालत ठीक नहीं थी। वहीं उनको ऐसे देखकर श्रेया उनको बस देखती ही रह जाती है, मगर कुछ बोलती उससे पहले अंदर से आवाज आती है, "कौन आया है पापा?"

    वह आवाज किसी और की नहीं बल्कि सुहाना की थी। सुहाना को देखकर तो श्रेया को और भी ज्यादा हैरानी होती है। सुहाना की भी हालत ठीक नहीं थी, वह भी बीमार नजर आ रही थी और वह काफी ज्यादा मोटी हो गई, उसकी हालत ज्यादा ठीक नहीं लग रही थी। वह लोगों ने अजीब से कपड़े पहने हुए थे, वह भी ज्यादा अच्छे कंडीशन में नहीं थी। वही सुहाना की नजर जब श्रेया पर पड़ती है तो वह बोलती है, "तुम यहां पर क्या कर रही हो?" और सुहाना जब श्रेया की खूबसूरती और उसे ऐसी दिखती है तो जलन महसूस होता है। वह और भी ज्यादा नफरत से कैसे बोलती है, "तुम वापस कब आई?" इतना कहकर वह अपने पापा को धक्का देती है और खुद बाहर निकल के श्रेया के पास आकर उसके कॉलर को पकड़ कर बोलती है, "तुम वापस क्या भाई हां, तुम भाग क्यों गई, तुम्हारी इतनी हिम्मत तुम भाग गई, तुम्हारे वजह से मेरी हालत ऐसी है, सिर्फ और सिर्फ तुम्हारे वजह से।" इतना कहते हुए सुहाना श्रेया के गले को दबाने लगती है, जिससे श्रेया अपने गले पर से सुहाने के हाथ को हटाने की कोशिश करते हुए बोलती है, "तुम पागल हो गई हो, छोड़ो मुझे, दूर रहो मुझे।" वही सुहाना चलते हुए बोलती है, "तुम्हें आज जिंदा नहीं छोडूंगी, यह सब तुम्हारी वजह से हुआ है।" वही तब तक सुहाना की मम्मी भी आ जाती है और वह भी श्रेया को देखकर उसे मारने के लिए आ जाती है।

    तभी वहां पर अचानक ही कुछ बॉडीगार्ड्स आ जाते है। वह लोग 4-5 लोग थे, उनको देखकर श्रेया कुछ रिएक्ट करते उससे पहले ही वह बॉडीगार्ड श्रेया को सुहाना के हाथों से छुड़वाते हैं और साथी सुहाना को पकड़ के अलग खड़े हो जाते वही सुहाना की मम्मी को भी अब तक किसी ने बॉडी काटने पकड़ के किनारे कर दिया था और साथ ही सुहाना के पापा को भी। वह तीनों लोग चिल्लाते हुए श्रेया की तरफ देखकर बोल रहे थे, "तुमने आज हम जिंदा नहीं छोड़ेंगे, तुम्हारी वजह से हम इस हालत में है, अगर तुम नहीं भागती तो तुम्हारी शादी उस आर्यन से होती।" श्रेया सुहाना की इस बात को सुनकर बोलती है, "क्यों मैं क्या तुम लोगों को क्या लगती हूं, हां तुम्हारी गुलाम हूं जो तुम बोलोगे वह करूंगी, सारा दिमाग चलाने की जरूरत नहीं है तुम लोगों ने पहले मेरी जिंदगी को काफी बेहतर कर दिया था बट मेरे दादाजी के जाने के बाद उन्होंने मुझसे बोल दिया था उनकी आखिरी रिश्ते के पैसे चली जाओ तुम्हें चली गई। अब इतने साल बाद लौटी हूं तो उसका कुछ रीजन है, मैं अपने काम के लिए लौटी हूं इसलिए मेरे जिंदगी में दखलअंदाजी करना बंद करो और यह अपार्टमेंट दादाजी का ही है। मैं जानती हूं बट यहां पर मेरे कुछ सामान रखे हुए हैं, मुझे बस वही लेना था।" इसलिए बात सुनकर सुहाना बोलती है, "यह घर अब मेरा है, तुम यहां से चली जाओ।" मगर उससे पहले की सुहाना कुछ बोल पाती उससे पहले उसके पापा बोलते हैं, "तुम चुप रहो सुहाना, मेरे पापा ने तुम्हारे कितने सालों से खर्च उठाया है, हम सब के साथ तुम बड़ी हुई हो, तुम जैसे अनाथ लड़की को नहीं तो वहां पर मरना पड़ता अगर तब भी मेरे पापा ने तुम्हें संभल बचा कर इतने सालों तक पढ़ाया लिखाया है, उसका खर्चा तो तुम्हें वापस करना होगा और हमारा खर्चा भी तुम्हें उठना होगा।" उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "क्या बकवास कर रहे हैं आप, मैं ऐसा कुछ भी नहीं करने वाली हूं।" श्रेया की यह बात सुनकर सुहानी की मां बोलती है, "तुम्हें ऐसा करना पड़ेगा, तुम्हें हमारी बात माननी पड़ेगी, तुम्हें हमें खर्चा देना पड़ेगा और हमारी हालत को सुधारना पड़ेगा।" वही वह लोग फ़िर से आगे बढ़ाने को थे, फ़िर बॉडीगार्ड मुझे पकड़ के पीछे खींच लेते हैं। वही सुहाना उन बॉडीगार्ड ध्यान से देखती है और फिर उसके बाद उनके कपड़ों के पॉकेट पर जो बना एक निशान था उसे बहुत ध्यान से देखती है। वह निशान देखकर वह हैरान हो जाती है क्योंकि वह निशान कोई आम निशान नहीं था, वह राठौर फैमिली के बॉडीगार्ड के निशान बने हुए थे।

    यह बॉडी ग्रेड राठौर फैमिली के लिए काम करते है। यह जानकर तो सुहाना गुस्से में आ जाती और फिर श्रेया की तरफ देखकर बोलती है, "तो तुम इतने सालों से तुम राठौर फैमिली में थी।" उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "मैं जहां भी थी तुमसे मतलब और मैं कहां थी मैं तुम्हें बताना जरूरी नहीं समझता हूं इसलिए मुझसे दूर ही रहो, मैंने गलती कर दिया पर आकर।" इतना कह कर जाने के लिए मूर्ति है तो सुहाना की मां चिल्लाते हुए बोलती है, "तुम यहां से नहीं जा सकती तुम्हें हमारा एहसान चुकाना होगा, तुम्हें हमें पैसे देने होंगे मेरे ससुर जी ने तुम्हें इतने साल तक पाल उसका तुम यह अंजाम डॉगी, नमक हराम लड़की तुम्हें हमारे पैसों को वापस लौटना होगा नहीं तो हम तुम पर किस कर देंगे।" उसकी यह बात सुनकर श्रेया की तरफ देखती है, फिर कुछ सोचती है और अपने पर्स में से थोड़े पैसे निकाल कर उन्हें देते हुए बोलते, "नीचे इस महीने का खर्चा, मैं दे दिया आपने जितना मुझे पॉकेट मनी देती थी यह उतना ही है और मैं अब इतना ही दूंगी क्योंकि मेरे पास ज्यादा पैसे नहीं है।" उसकी यह बात सुनकर सुहाना के मॉम बोलती है, "अच्छा है ज्यादा चालाकी मत करो मैं सब जानती हूं यह राठौर फैमिली के गाने मतलब तुम राठौर फैमिली के किसी लड़की को फसाया और उसकी रखेल बनाकर वहां रह रही हो ना, मुझे पता है तुम्हें हमें पैसे देने होंगे नहीं तो हम तुम्हारा जीना हराम कर देंगे।" उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "ठीक है आप लोगों को जो ठीक लगे वह करिए, मेरे पास इतने पैसे हैं मैं दे दिए चाहिए तो राखी नहीं तो मुझे वापस कर दीजिए।" उसकी यह बात सुनकर सुहाना वो पैसे दो मैसेज छीन लेती हो चुपचाप अपने पास रख लेती है वही श्रेया यह देखकर कुछ नहीं बोलता और वहां से मुड़ के जाने लगती है वही वह बॉडीगार्ड्स भी उसके पीछे चले जाते हैं वहीं उनके जाने के बाद सुहाना वह पैसे निकाल कर गिनती है तो वह सिर्फ ₹2000 थे, जिन्हें देखकर सुहाना बोलते, "हमें दो ही हजार रुपए दिया है, उसके लिए अभी से हम लोग राशन ले आएंगे, फिर उसके बाद यह अभी यहां पर जहां रहती है वहां जाकर तमाशा करेंगे तब इसे हमें पैसे देना ही पड़ेगा..!"

    वही श्रेया जब उसे बिल्डिंग से बाहर निकलती है तो वह बॉडीगार्ड की तरफ मुड़ के बोलते हैं, "आप लोग कौन है और किसने भेजा आपको जाने के लिए।" उसके लिए बात सुनकर उसमें बॉडीगार्ड के लीडर ने बोला, "सर ने हमें भेजा है, आप हमारे सर को ठीक करने के लिए यहां पर स्पेशल आई है और आपके बारे में हमारे सर को सब कुछ पता है इसलिए वह चाहते हैं जब तक आप यहां पर है हम आपके सेफ्टी के लिए यहीं पर रहेंगे और आप जान जाएंगे हम आपके साथ रहेंगे अगर कोई भी प्रॉब्लम आपको होती है तो हम उसे सॉल्व करने में आपकी मदद करेंगे इसलिए आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है।" उसके बाद सुनकर श्रेया बोलती है, "बट इसकी कोई जरूरत नहीं थी।" उसकी यह बात सुनकर वह बॉडीगार्ड बोलता है, "मैं आपको इसकी जरूरत बहुत ही ज्यादा है अभी यह लोग आपको क्या लगता है अगर हम नहीं आते तो आपको ये छोड़ती भी... इसलिए आपको इसकी जरूरत है।" श्रेया को किसकी बात ठीक लगती है और वह ज्यादा कुछ नहीं बोलता और वह बोलती है, "ठीक है मुझे आप अपने घर जाना है।" उसकी यह बस बोलता है, "मैं आपका घर का आप बता दीजिए हम आपके वहां छोड़ देते हैं।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "एक्चुअली मेरी दोस्त आपकी सर की भतीजी है मैं लावण्या के साथ उसके अपार्टमेंट में अपने बच्चों के साथ रह रही हूं।" श्रेया की यह बात को सुनकर बॉडीगार्ड हैरान होता है क्योंकि उसे नहीं लगता है कि श्रेया के बच्चे भी होंगे वह एक टीनएजर गर्ल जैसे दिखते थे इसलिए सबको ऐसे ही लगता था जिसके वजह से वह बोलता है, "आप लावण्या मैं आपके अपार्टमेंट में रह रही हूं के साथ, ठीक है।" इसलिए बात सुनकर श्रेय उनके साथ चल जाती है तो वह बॉडीगार्ड जल्दी से अपने कर का दरवाजा खोलना है अंदर बैठ जाती है और अपने फोन में कुछ देखने लगती है वही वह बॉडीगार्ड अपने एक आदमी को उसे ड्राइव कर को ड्राइव करने के लिए बैठा देता है।

    दूसरी गाड़ी की तरफ चला जाता है वही श्रेया को अब तक फोन आने लगा था क्योंकि शाम हो चुकी थी।

    आगे क्या हुआ जाने के लिए स्टोरी के साथ जरूर बने रहिएगा।

  • 14. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 14

    Words: 1390

    Estimated Reading Time: 9 min

    श्रेया वहां से चली जाती है, और उसके जाने के बाद वह बॉडीगार्ड किसी को कॉल लगाता है। उधर से फोन उठाते ही किसी की आवाज़ आती है, "श्रेया अच्छे से अपने घर पहुंच चुकी है?"

    उसकी यह बात सुनकर वह बॉडीगार्ड बोलता है, "सर, मुझे आपको बहुत ही ज़रूरी बात बतानी है।"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश, हां यह दिव्यांश था, बोलता है, "बोलो क्या हुआ?"

    उसकी यह बात सुनकर वह बॉडीगार्ड, जिसका नाम वैभव था, बताता है, "सर, मुझे अभी पता चला श्रेया मैडम आपकी भतीजी लावण्या मैडम की सबसे अच्छी दोस्त है, और वह उनके साथ उन्हीं के अपार्टमेंट में रह रही है।"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश बोलता है, "अच्छा, मुझे यह बात नहीं पता थी कि लावण्या श्रेया की अच्छी दोस्त है। मैं अभी पता कर लूँगा। मगर हां, अभी तुमने बाकी की इनफार्मेशन श्रेया के बारे में निकाल कर नहीं बताई? और वैसे तुम श्रेया भी गई है, अभी तक कुछ हुआ है क्या?"

    उसकी यह बात सुनकर वैभव उसे सारी बातें ठीक से बताता है। इसे सुनने के बाद दिव्यांश बोलता है, "श्रेया यहां पर मेरे लिए आई है, तो तुम इस बात का ख्याल रखो कि राव फ़ैमिली का कोई भी मेंबर उसे परेशान ना कर पाए। और कोई भी उसे परेशान ना करे, ना ही उसके बच्चों को। तुम उसका ख्याल रखना और उसकी सिक्योरिटी और भी ज़्यादा टाइट कर दो। और हां, लक्ष्य का कॉल आए तो बोलना श्रेया की सारी इनफार्मेशन मुझे निकाल कर दे।"

    उसकी यह बात सुनकर वैभव बोलता है, "ओके सर, आप फ़िकर मत कीजिए, मैं अभी बोल देता हूं, और आपको कल सुबह तक सारी इनफॉरमेशन मिल जाएगी।"

    जिसे सुनने के बाद दिव्यांश बस उसे हम्म में जवाब देता है और कॉल को कट कर देता है।

    वहीं कॉल कट हो जाने के बाद वैभव भी अपनी गाड़ी में बैठकर वहां से निकल जाता है। वैसे वैभव और लक्ष्य दोनों ही आर्मी में पहले काम कर चुके, बट बहुत जल्दी वहां से रिटायर हो गए और दिव्यांश के लिए काम करने लगे। दिव्यांश ने ही उन्हें प्रॉपर ट्रेनिंग दी है, और वह लोग अब दिव्यांश के लिए ही काम करते हैं। वहीं दिव्यांश इस वक़्त एक क्लब में था, और उसके प्राइवेट रूम में बैठा हुआ था। उसके साथ शौर्य और इसका एक खास दोस्त युवराज चौहान बैठा हुआ था। वह भी उन दोनों के साथ मिलकर बातें कर रहे थे और ड्रिंक कर रहे थे।

    तभी शौर्य बोलता है, "वैसे श्रेया का ट्रीटमेंट काफ़ी ज़्यादा यूनिक मुझे लग रहा है। मुझे लगता है कि तुम जल्दी ठीक हो जाओगे, दिव्यांश।"

    उसकी यह बात सुनकर युवराज बोलता है, "सच में? क्या श्रेया मेरे भाई जैसे दोस्त को जल्दी ही ठीक कर देने वाली है?"

    उसकी आवाज़ सुनकर शौर्य बोलता है, "हां, हमें लगता तुम्हें दिव्यांश को भी लग रहा है इस पर वह ठीक हो जाएगा, क्योंकि श्रेया जिस तरीके से बोल रही है वह तरीका अभी तक किसी ने नहीं अजमाया है, और मुझे लगता है कि वह ठीक कर सकती है दिव्यांश के पैरों को।"

    उसकी ये बात सुनकर युवराज बोलता है, "वैसे वह डॉक्टर दिखने में कैसी है? मुझे तो लगता है कि वह दिखने में बुद्धि होगी, एक्सपीरियंसड स्ट्रक्चर होगी, तभी तो वैसा बोल रही है।"

    उसकी यह बात सुनकर शौर्य बोलता है, "तुम यकीन नहीं करोगे मेरा युवराज, फुल लड़की दिखने में कोई 18 या 19 साल की लड़की लगती है।"

    उसके लिए बस उनका युवराज हैरान होते हुए बोलता है, "कोई फ्रॉड लड़की तो नहीं आ गई है?"

    उसकी यह बात सुनकर शौर्य बोलता है, "मैंने चेक करवाया था, वही श्रेया है, वही श्रेया है और वही वह डॉक्टर है जो दिव्यांश को ठीक कर सकती है। वैसे सच कहूं तो वह 19 साल की दिखती है बट उसके 4-4 बच्चे हैं।"

    उसकी यह बात सुनकर युवराज बोलता है, "लगता है वह लड़की काला जादू करती है तभी तो उसने इसी जादू का उसे करके अपने आप को इतना मेंटेन करके रखा है।" यह बोलते हुए युवराज अपने फोन में गूगल करके श्रेया का नाम ढूंढ चुका था और उसकी पिक्चर भी देख रहा था, जिसे देखते हुए वह यह सब बोल रहा था।

    जिसे सुनने के बाद दिव्यांश बोलता है, "तुम दोनों अपना दिमाग चलाना बंद करो, यहां मैं एक अलग ही बात सोच रहा हूं तुम दोनों को यह फालतू बात सूझ रही है। मुझे पता नहीं क्यों ऐसा लग रहा है कि श्रेया को मैं पहले भी जानता हूं।"

    उसकी यह बात सुनकर युवराज और शौर्य हैरान हो जाते हैं और बोलते हैं, "तुम कहना क्या चाहते हो? तुम कब से श्रेया को जानते हो?"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश बोलता है, "मुझे लगता है श्रेया वही लड़की है जिसके साथ मैंने 6 साल पहले वो रात बिताई थी।"

    उसकी यह बात सुनकर शौर्य और युवराज दोनों हैरानी से खड़े हो जाते चिल्लाते हुए बोलते हैं, "क्या?"

    "यह कैसे हो सकता है?"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश बोलता है, "हो सकता है। मुझे पता नहीं क्यों मैंने आज तक उस लड़की को याद करके रखा है। पर श्रेया जैसे ही मेरे सामने आई, वह लड़की कैसी दिखती थी जैसे श्रेया दिखती थी। धीरे-धीरे जब मैं याद करूं तो मुझे यह बात याद आ गई कि वह श्रेया सिटी और 6 साल से मैं उसको ढूंढ रहा हूं और वह लड़की अभी तक हमें नहीं मिली है, पता है क्यों?"

    उसकी यह बात सुनकर शौर्य बोलता है, "क्योंकि वह लड़की यानी श्रेया पिछले 6 साल से एब्रॉड में रह रही है।"

    उसकी यह बात सुनकर युवराज बोलता है, "अगर यह बात सच है तो इसका मतलब यह है कि श्रेया के पास जो बच्चे है वो दिव्यांश के बच्चे है।"

    उसकी ये बात सुनकर शौर्य और दिव्यांश भी दोनो ही उसकी तरफ देखने लगते है ओर वहीं युवराज भी उन दोनों के ही तरफ देख रहा था वहीं दूसरी तरफ श्रेया अब तक अपार्टमेंट पहुंच चुकी थी शाम के 7:00 बज रहे थे और वह राइट टाइम पर पहुंची थी अभी लावण्या की कुक ने उसे सबके लिए खाना बना दिया था और वह लोग बस श्रेया के आने का इंतजार कर रहे थे ताकि वह लोग श्रेया के साथ बैठकर खाना खा सके।

    तभी श्रेया अभी अंदर आ जाती है और घर में आकर वह देखती है कि उसके चारों बच्चे आराम से लिविंग हाल में लावण्या के साथ बैठे एक टीवी में एक टीवी शो देख रहे थे जो की एक फ़ेमस कॉमेडी शो था।

    तभी वह पर श्रेया अंदर आती है और श्रेया को देखकर वो 5 खुश हो जाते है और लावण्या जल्दी से बोलती है, "श्रेया जल्दी से फ्रेश हो जाओ फिर हम साथ में बैठ कर खाना खाएगे।"

    उसकी ये बात सुनकर श्रेया अपना सर हां में हिला देती है और वह जल्दी से अपने रूम में जाकर फ्रेश हो जाती है और बाहर आती है तो देखती है कि डाइनिंग हॉल साइड में सभी लोग इस वक्त डाइनिंग टेबल के रखे चेयर पर बैठे अपने खाना खाने को देख रहे है। श्रेया समझ जाती है जल्दी से उनके पास आ जाती है वह समझ जाती है कि वह लोग उसका ही वेट करें वह जैसे ही आकर अपने चेयर पर बैठी है तो लावण्या तुरंत उसके प्लेट में खाना डालते हुए बोलती है, "मैं तुम्हारे लिए तुम्हारी फेवरेट सब्जी बनाई है पनीर की सब्जी की पूरी तुम्हें यह खाना पसंद है इसे स्पेशली बनाया है आज मैं भी इसलिए तुम्हारे साथ यह खाने वाली हूं क्योंकि आज मेरा चीट डे है।"

    उसकी ये बात सुनकर श्रेया मुस्कुरा देती है और श्रेया अपने बच्चों की तरफ देखती है जोकि उसके ही तरफ देख रहे थे जिसे देख श्रेया लावण्या की तरफ देखती है फिर दोनो ही साथ मिलकर 4 बच्चों को अपने हाथ से खिलती है वही श्रेया तो लावण्या को भी अपने हाथ से खिलती है जिसे लावण्या भी श्रेया को अपने हाथो से खाना खिलती है और वो लोग इसी तरह खाना खिला लाने के बाद चारों बच्चों को उनके रूम में सुला देती है।

    वही लावण्या और श्रेया भी काफी थक गई थी मगर तब भी लावण्या श्रेया को अपने साथ लेकर अपने रूम में आ जाती है जहां पर श्रेया लावण्या को अपने बच्चों के बारे में आज क्या हुआ पूरे दिन में वो भी बाती है।

    इसी तरह वो दोनों बात करते-करते ही वह दोनों सो जाती है।

  • 15. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 15

    Words: 1346

    Estimated Reading Time: 9 min

    अगली सुबह जल्दी ही श्रेया तैयार होकर अपने काम के लिए निकल जाती है, वहीं लावण्या खुद तैयार होकर बच्चों को तैयार करके अपने साथ लेकर घूमने जाने वाली थी। इस बात की परमिशन उसने श्रेया से ले ली थी। वहीं श्रेया जब तक दिव्यांश के मेंशन में पहुँचती है, तब तक दिव्यांश वहाँ पर पहले ही तैयार था। उसने लावण्या के घर के पास भी अपने आदमियों को तैनात कर रखा हुआ था और उसे पता चल गया था कि श्रेया यहाँ के लिए निकल चुकी है। उसने अपने आदमियों को यह सभी इनफॉरमेशन कलेक्ट करवा लिया था कि श्रेया और चारों बच्चे कैसे दिखते हैं। वह यह सब देखकर बहुत खुश हो रहा था। उसकी जो उम्मीद टूट चुकी थी, वह वापस जुड़ने लगी थी। वह भी चाहता था कि वह भी आप बने, उसकी भी एक छोटी सी फैमिली हो, बट उसे नहीं लगा था कि यह सब कभी सपना यह पूरा भी होगा, बट अब यह पूरा हो रहा था। अब उसे यह सब पता चल चुका था कि वह श्रेया ही है जिसके साथ उसने 6 साल पहले अपनी रात गुजारी थी, जिसके बाद उसने एक हादसे में अपना सब कुछ खो बैठा था। बट फिर भी आज 6 साल बाद श्रेया ने अकेली उसके बच्चों को जन्म भी दिया, साथ ही उन्हें संभाल-बचाकर पल भी रही थी। यह सब देखकर श्रेया के लिए उसके मन में जो रिस्पेक्ट थी, वह और भी ज्यादा बढ़ चुकी थी। अब वही सोच रहा था कि वह कैसे श्रेया का दिल जीते। वह ऐसा कुछ करना चाहता था जिससे श्रेया भी उसे पसंद करने लगे जैसे वह धीरे-धीरे उसे पसंद करने लगा है।

    श्रेया जब दिव्यांश के मेंशन पहुँचती है तो पहले ही बाहर शौर्य खड़ा था उसके इंतजार में। वह जैसे ही देखता है, जल्दी से उसके पास आकर बोलता है, "कैसी हो आप श्रेया?"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "मैं ठीक हूँ शौर्य, आप कैसे हैं?"

    उसकी यह बात सुनकर शौर्य बोलता है, "मैं बिल्कुल ठीक हूँ, चलिए अंदर दिव्यांश आपका इंतजार कर रहा है।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया उसके साथ चलने लगती है और आसपास देखने लगती है। वह मेंशन काफी ज्यादा बड़ा था और वह मेंशन के अंदर जाने से पहले एक बड़ा सा गार्डन था, जहाँ पर बहुत ही सुंदर फूल लगे हुए थे, साथ ही बहुत ही अच्छे से गार्डन को मेंटेन करके रखा था। आस-पास बड़े-बड़े पेड़ लगे हुए थे और उस एरिया में बहुत ही शांति थी और हल्की-हल्की ठंडी हवा जो कि दिल को बहुत ही ज्यादा सुकून दे रही थी।

    श्रेया यह सब महसूस करते हुए शौर्य के साथ शांति से चलते हुए अंदर जा रही थी, वही शौर्य उसके ही तरफ देख रहा था। वह भी सब देखते हुए चल रहा था वही वह दोनों इस बात से अनजान थे कि वह दोनों को कोई देख रहा है। मेंशन के अंदर सेकंड फ्लोर पर व्हीलचेयर पर बैठा हुआ दिव्यांश बालकनी में ही था और वह इस वक्त बाहर ही देख रहा था। वह श्रेया को शौर्य के साथ आते हुए देख रहा था। इत्तेफाक से आज श्रेया ने लाइट ब्लू कलर की एक वन पीस ड्रेस पहनी हुई थी जो फ्रॉक जैसा था, साथ ही श्रेया ने उसी के साथ व्हाइट कलर के शूज कैरी किए हुए थे और बैग भी। साथ ही उसने अपने गले में मोतियों की ज्वेलरी पहनी हुई थी, साथ ही अपने कानों में छोटे-छोटे डायमंड इयररिंग पहने अपने बालों को खुला छोड़ रखा था, जिससे वह काफी ज्यादा सुंदर लग रही थी। वही शौर्य ने आज लाइट ब्लू कलर की शर्ट पहनी हुई थी और नीचे वाइट जींस जिससे वह दोनों आज कपल आउटफिट में लग रहे थे और साथ में देखने में भी अच्छे लग रहे थे। साथ में अंदर आते हुए वह दोनों एक कपल ही लग रहे थे, जिसे देखकर दिव्यांश को शौर्य से जलन होने लगती है। शौर्य दिखने में अच्छा था, साथी श्रेया के साथ दिखने में अच्छा ही लग रहा था, वह दोनों कपल ही लग रहे थे जिसकी वजह से दिव्यांश को गुस्सा आने लगता है। गुस्से से उसकी नाक लाल हो जाती है और वह खुद को देखता है। वह इस वक्त व्हीलचेयर पर बैठा था। उसने ब्लैक कलर की जींस के साथ ऊपर व्हाइट शर्ट पहना हुआ था। वह दिखने में किसी काम ग्रीक गॉड जैसा लगता था वही श्रेया उसके साथ एक छोटी सी पप्पी जैसी लगती थी। अगर वह दोनों साथ में खड़े होते तो वह दोनों ही काफी ज्यादा ब्यूटीफुल कपल होते। यह सब सोचते हुए दिव्यांश का गुस्सा थोड़ा थोड़ा शांत होने लगता है। तब तक वहाँ पर श्रेया भी आ जाती है और वह दिव्यांश को देखकर शौर्य से बोलती है, "आपने उनके सारे टेस्ट करवा लिए?"

    उसकी यह बात सुनकर शौर्य बोलता है, "हाँ मैंने करवा लिया, मैं उसकी रिपोर्ट लेकर आता हूँ।" यह बोलकर वहाँ से चला जाता है, वही वह दोनों अकेले हो गए थे। दिव्यांश श्रेया को ही देख रहा था, वही दिव्यांश की नज़रे खुद पर महसूस करके श्रेया थोड़ा सा शर्माने लग गई थी, उसका चेहरा अपने आप लाल हो गया था। वह दिखने में और भी ज्यादा क्यूट हो गई थी।

    जिसे देखते हुए दिव्यांश समझने लगा था, मगर तब भी वह उसे उसी तरह देखते हुए ऊपर से लेकर नीचे तक स्कैन कर रहा था। श्रेया थोड़ी-थोड़ी अनकंफरटेबल भी होने लग गई थी। यह महसूस करके दिव्यांश खुद को कंट्रोल करता है और अपनी नजरों को इधर-उधर करने लगता है, तब जाकर कहीं श्रेया को एक सुकून के सास आती है और वह खुद को कंट्रोल करते हुए बोलती है, "मिस्टर दिव्यांश आज मैं आपके सारे टेस्ट रिपोर्ट देख लूंगी तो आपके चेकअप कर लूंगी, फिर उसके बाद आगे का प्रोसेस स्टार्ट होगा। उसके लिए हमें जो सामान चाहिए होगा मैं लिख कर दे दूंगी तो आप अपने आदमी से कह कर मंगवा लीजिएगा, तब मुझे कॉल कीजिएगा।"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश बोलता है, "अच्छा ठीक है।"

    "मगर आपने बताया नहीं मैं कब तक ठीक हो जाऊंगा। आपको उम्मीद है कि मैं ठीक हो पाऊंगा या हमेशा ही ऐसा ही रहूंगा?" उसके पास सुनकर श्रेया बोलती है, "फिक्र करने की ज्यादा बात नहीं है, आप ठीक हो सकते हैं यह मेरा वादा है आपसे, इसलिए आप फिकर मत कीजिए, आप जल्दी अपने पैरों पर खड़े होंगे।"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश बोलता है, "मगर खड़े हो जाने से क्या हो जाएगा, मेरे पास अब वह नहीं है जो मेरे पास होना चाहिए। अब मैं अपनी फैमिली कभी नहीं बन पाऊंगा।" इतना बोलते हुए शांत हो जाता है।

    दिव्यांश ये जानबूझकर कर रहा था ताकि श्रेया उसे ओर भी ज्यादा बात करें इस तरह तो नहीं तो वह छुपी रहती थी इस तरह ही वह श्रेया से बात कर सकता था यह सोचकर वह यह बोल रहा था जिसे सुनने के बाद श्रेया उसके कंधे पर अपना हाथ रखकर बोलती है, "मिस्टर दिव्यांश आप फिकर मत कीजिए आप जल्दी ठीक हो जाएंगे और अगर ऐसा नहीं हुआ, अगर आप अपनी फैमिली बना सकते हैं आप चाहे तो शादी करने के बाद एक बच्चा अडॉप्ट कर सकते हैं।"

    जहाँ श्रेया यह बात बोल रही थी वही दिव्यांश तो अपने अलग ही ख्याल में था क्योंकि जैसे ही श्रेया ने उसके कंधे पर हाथ रखा था पता नहीं क्यों उसका दिल गर्माहट से भर गया था वह काफी ज्यादा अच्छा महसूस करा था उसे लग रहा था जैसे की किसी अपने ने उसके कंधे पर हाथ रखा हो...

    उसके दिल की धड़कन है अचानक ही बढ़ गई थी और उसका चेहरा भी हल्का-हल्का लाल होने लगा था, वह ब्लश कर रहा था।

    वही श्रेया वैसे ही बोलते हुए दिव्यांश के कंधे पर अपने हाथ को सहलाने लगती है और वही इस हरकत से दिव्यांश का दिल ओर भी जायदा बगावत करने पर उतर आया था।

    वह दोनों वैसे ही थे तभी वहाँ पर शौर्य आ जाता है और वो उन दोनो को ऐसे देख जो वो कुछ बोल रहा था वो चुप हो जाता है।

  • 16. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 16

    Words: 1240

    Estimated Reading Time: 8 min

    शौर्य जब वहां आया था तो वह श्रेया और दिव्यांश को इतना क्लोज देखकर चुप हो गया था वह श्रेया से कुछ बोल रहा था बट वह चुप हो गया था जिसे देखकर श्रेया तुरंत ही दिव्यांश से दूर हो जाती है और उसके कंधे से अपना हाथ भी हटा लेती है वहीं दिव्यांश शौर्य को घूर के देखता है क्योंकि उसे गुस्सा आ रहा था।

    क्यों शौर्य इतना जल्दी आज्ञा जिसके वजह से उसका किया सब बेकार हो गया था।

    वही श्रेया शौर्य के तरफ देखता है तो श्रेय जल्दी से ही उसके पास आ जाती है और वह बोलती है फाइल्स तो शौर्य श्रेया के हाथ में वह फाइल्स दे देता है और कोई श्रेया वह सब फाइल को चेक करने लगती है वह फाइल को देखते हुए हर चीज को अच्छे से पढ़ रही थी और नोटिस कर रही थी वह सब कुछ पढ़ने के बाद अपने फोन में उसके कुछ पिक्चर्स भी क्लिक कर लेती है और फिर उसके बाद फाइल के अंदर देखने के बाद अपने बैग से एक डायरी निकलती है और फिर उसके बाद पेन फिर उसमे लिखना कुछ स्टार्ट करती है और सब कुछ लिख लेने के बाद शौर्य के हाथ में वह पेपर देते हुए बोलती है इसमें मैंने सब कुछ लिख लिया है आप प्लीज जल्दी से यह सारे सामानों को मंगा लीजिए कल से मैं इनका ट्रीटमेंट शुरू कर दूंगी बट आज में इनके साथ थोड़ा एक्सरसाइज करने की ट्राई करूंगी जिससे मुझे इनका ट्रीटमेंट करने में और भी ज्यादा आसानी होगी उसकी यह बात सुनकर शौर्य अपना सर हां मैं हीला देता है वही श्रेया जल्दी से दिव्यांश के पास अति है और उसके व्हील चेयर को पकड़ के दिव्यांश से पूछता है आपका जिम रूम कहां है मुझे वहां लेकर चलिए उसकी यह बात सुनकर दिव्यांशु से इशारा करता है किस तरह जिम रूम है जहां पर श्रेया उसे लेकर जाती है वहीं शौर्य भी श्रेया के पीछे ही चला जाता है वह अंदर आता है तो देखते हैं श्रेया अपना बैग एक जगह रख रही थी और दिव्यांश उसे ही देखे जा रहा था।

    वही श्रेया अपना सामान रखने के बाद दिव्यांश के पास आती है और शौर्य की तरफ देखकर बोलते हैं आप इनकी मदद कीजिए खड़े होने में उसकी ये बात सुनकर शौर्य भी जल्दी से वो फाइल्स को एक जगह पर रख देता है और वह श्रेया की मदद करता है वह दोनों ही मिलकर दिव्यांश को खड़ा करते हैं मगर दिव्यांश अपना पैसे जमीन पर राखी का रहा था उसके पैरों में ज्यादा जान नहीं थी बट इतनी थी कि वह खड़ा आराम से नहीं बट थोड़ा बहुत तो खड़ा हो ही पा रहा था जिसे देखते हुए श्रेया बोलती है मुझे लगता है कि इनका ट्रीटमेंट जल्दी ही हमें स्टार्ट करना होगा शौर्य आप जल्दी कीजिए आप सामान का इंतजाम कीजिए और गार्डन में एक बेड का इंतजाम कीजिए और भी वह कुछ बोलती है जिसे सुनने के बाद शौर्य अपना सर हां मैं हिला देता है

    वही श्रेया शौर्य से बोलते हैं आप एक कम कीजिए 1 घंटे के अंदर सारे इंतजाम कर दीजिए क्योंकि मुझे लगता है कि मुझे आज से ही उनका ट्रीटमेंट शुरू करना पड़ेगा बॉडी और कमर में काफी ज्यादा दर्द है इन्हें दवाइयां के बाद भी आराम नहीं मिल रहा है इसी वजह से इनका बैक सजा हुआ है मुझे लगता है कि हमें आज से स्टेटमेंट करना जरूरी है उसकी ये बात सुनकर शौर्य जल्दी से अपना सर हां में हिला देता है वही श्रेया फिर दिव्यांश के तरफ देखती है जो अब अपने व्हीलचेयर पर बैठ चुका था जिसे देख श्रेया उसके पास आती है और उसके शर्ट को बटंस खोलना लगती है जिससे दिव्यांश एकदम से हर बड़ा जाता है क्योंकि श्रेया ने यह बहुत ही जल्दी-जल्दी कर रही थी वह एकदम सही सरप्राइज हो चुका था श्रेया यह क्या कर रही है।

    वही श्रेया भी उसकी इस बात को नोटिस कर लेती है और वो बोलती है मिस्टर देव्यांश परेशान मत होइए आप मेरे साथ बिल्कुल सुरक्षित है आप यह मत सोचे कि मैं आपकी इज्जत पर हाथ डाल रही हूं मैं अच्छे बस कुछ चेकअप करना है इस वजह से मैं आपकी शर्ट के बटन स्कूल रही हूं मुझे आपकी शर्ट को निकलना होगा मुझे आपका बैक ना कुछ ठीक नहीं लग रहा है इसलिए मैं एक बार देखना ठीक से चाहती हूं।

    उसकी बात सुनकर दिव्यांश थोड़ा रिलैक्स हो जाता है बट उसके दिल की धड़कने बहुत तेज हो गई थी वह श्रेया को देखते हुए एकदम मासूम बच्चे की तरह अपना सर हां मैं हिला देता है वही उसकी हरकत से श्रेया मुस्कुरा देती है उसे एक पल के लिए ऐसा लगता है कि दिव्यांश बिल्कुल इस वक्त उसके बेटी जैसे बिहेव कर रहा है वह भी इसी मासूमियत के साथ उसे ऐसे देखती थी।

    एक पल के लिए श्रेया को लगा कि वह दिव्यांश को न देख कर दिव्यांशी को ही देख रही हो उसे बिल्कुल अजीब लगता है बट फिर अपने दिमाग से इस बात को निकालते हो वह अपना काम करने लगती है वह दिव्यांश की शर्ट को निकाल देती है और शर्ट को किनारे साइड में रख देती है मगर क्या वह मूर्ति है दिव्यांश की तरफ देखती है तो एकदम हैरान हो जाती है शर्ट के वजह से ज्यादातर दिव्यांश की बॉडी इतनी ठीक से नहीं दिख रही थी जितना अब देख रहा था।

    श्रेया देखती है कि दिव्यांश की बॉडी बाकी और लोगों से भी ज्यादा हेल्दी थी उसकी स्किन बहुत ही ज्यादा ग्लोइंग थी उसके हाथ के मसल्स लेकर उसके हाथों की विंस तक श्रेया आराम से देख पा रही थी वही उसके पेट पर बने उसके 6 पैक्स उसे और भी ज्यादा सेक्सी लुक दे रहे थे श्रेया तो एक पल के लिए भूल ही चुकी थी कि दिव्यांश चल नहीं सकता है वह इस वक्त किसी नोवेल के फिक्शनल मैन जैसा देख रहा था।

    वही श्रेया बेशर्मों की तरह उसे ऊपर से लेकर नीचे तक स्कैन किया जा रही थी वही दिव्यांश भी यह बात नोटिस करके अपनी नज़रें इधर-उधर करने लगता है उसका चेहरा लाल हो जाता है और वह ब्लश कर रहा था वो इस वक्त एक pookie 🎀💖💗 लग रहा था।

    वही श्रेया अभी भी उसे ऐसे ही देख रही थी वहीं अब दिव्यांश को अपने ऊपर श्रेया की नजरे बर्दाश्त नहीं होती तो वह थोड़ा खसते हुए बोलता है मिस श्रेया क्या अपने मेरी फ्रंट साइड के बॉडी को अच्छे स्कैन कर लिया... उसकी यह बात सुनकर श्रेया अपने होश में वापस आती है और इधर-उधर देखते और एंबार्रास्मेंट में थोड़ा सा मुस्कुराते हुए बोलती है आई एम सो सॉरी मिस्टर दिव्यांश...!

    वही दिव्यांश बस मुस्कुरा देता है वही श्रेया भी जल्दी से अपने डॉक्टर वाले अवतार में आ जाती है और अपना काम प्रोफेशनली करने लगती है मगर इसमें श्रेया की गलती नहीं थी श्रेया क्या ही करती यार दिव्यांश बाबू की बॉडी ही ऐसी थी कि कोई भी लड़कियों का फ्लैट हो जाए इसमें हमारी श्रेया की गलती नहीं थी अगर मैं उसकी जगह होती तो मेरा भी यही हाल होता आपको क्या लगता है।

    देखिए कहानी अगर आपको पसंद आ रही हो तो प्लीज कमेंट करके बताइएगा और नेक्स्ट एपिसोड के लिए जल्दी ही तैयार रहेगा और इसमें मैं आपसे एक क्वेश्चन पूछता हूं क्या आप चाहते हो कि नेक्स्ट चैप्टर में दिव्यांश अपने बच्चों से मिल जाए...???

    इसका जवाब जल्दी से कमेंट में दे दो तब तक के लिए बाय-बाय गुड नाइट...!

    आपकी प्यार राइटर " the sweet girl " 💖🎀

  • 17. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 17

    Words: 1488

    Estimated Reading Time: 9 min

    श्रेया दिव्यांश की पीठ को चेक करने लगती है और फिर उसके बाद अपने बैग में से एक क्रीम निकलती है और उसे उस जगह पर लगती है जहां पर दिव्यांश की पीठ पर स्वेलिंग हो चुकी थी। उस जगह दवाई लगाते हुए श्रेया दिव्यांश से बोलती है, "आपको यह कितने दिनों से सूजन है और आपको पता नहीं चल रहा है इसके बारे में?"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश बोलता है, "यह सूजन मुझे काफी सालों से है और मुझे फर्क नहीं पड़ता है अब। अब मुझे इतना दर्द भी नहीं होता, मुझे दर्द सहने की आदत हो गई है जिसकी वजह से मैं इसके लिए कुछ भी नहीं करता हूं।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "यह गलत बात है मिस्टर दिव्यांश, आपको इसके बारे में मुझे कल ही बता देना चाहिए था। यह क्रीम आपको रिलीफ देगा और आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। यह क्रीम आप रोज रात को और सुबह दिन में लगा लीजिएगा, आपको आराम बहुत मिलेगा इससे...!"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश बोलता है, "मैं रात को यह क्रीम नहीं लगा पाऊंगा।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "मगर क्यों?"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश बोलता है, "मुझे पसंद नहीं है कि कोई मुझे छुए। मैं डॉक्टर को भी ज्यादा अपने आप को छूने नहीं देता। आप पहली हैं जो मुझे इस तरह छू रही हैं, नहीं तो मैं किसी को भी अपने आप को ज्यादा छूने नहीं देता, मुझे नहीं पसंद कि लोग मुझे छुएं।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया एकदम हैरान हो जाती है और वैसे ही खड़ी रह जाती है। वह बोलती है, "तो मिस्टर दिव्यांश आपको छूना नहीं पसंद है, तो आप दर्द सहेंगे? पागल हो गए हैं आप?"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश बोलता है, "मुझे जो सही लगेगा मैं वह करूंगा।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "यह पागलपंती आप बंद कीजिए और मैं शौर्य से बोल दूंगी, वह रोज रात को आपको यह क्रीम लगा देगा।"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश बोलता है, "वह रात को यहां नहीं रहता है, उसका अलग घर है। वह मेरे अंदर काम करता है, वह मेरा गुलाम नहीं है।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया गुस्से में बोलती है, "मैंने ऐसा कब कहा मिस्टर दिव्यांश? आप इतना एबनॉर्मल बात क्यों करते हैं?"

    वहीं श्रेया यह सब बोलते हुए चुप हो जाती है, क्योंकि अभी उसके दिमाग में यह बात आती है कि देव को भी उसके अलावा अगर कोई छूता है तो उसे बिल्कुल नहीं पसंद आता है। यह बात सोचते हुए वह दिव्यांश की तरफ देखती है और वह सोचती है, "देव भी बिल्कुल इसी तरह जिद करता है कि उसे कोई न छुए...!"

    यह सब बात को सोचकर श्रेया अपने माथे के ख्यालों को झटक कर अपने मन में बोलती है, "यह क्या हो रहा है मेरे साथ? जब भी मैं दिव्यांश को देखती हूं तो मैं अपने बच्चों को उस से कंपेयर करना क्यों चालू कर देती हूं? इतने सालों से मैं सब का इलाज करते आई हूं, इतने सारे पेशेंट को मैंने ट्रीट किया है, बट मैंने कभी भी किसी को भी अपने बच्चों से कंपेयर नहीं किया, मगर जब भी मैं दिव्यांश को देखती हूं मेरे मन में अपने आप ही ख्याल आने लगता है कि कैसे मेरे बच्चों की हरकतें दिव्यांश से मिलती है। क्या हो सकता है कि दिव्यांश ही मेरे बच्चों का फादर हो?"

    यह सवाल आते ही श्रेया के मन में वह एकदम से डर के काँप जाती है। वह यह सोचने लगती है, "अगर दिव्यांश को यह बात पता चल गई कि उसके बच्चे मेरे पास है तो क्या दिव्यांश उसे मुझसे दूर कर देगा? क्या वह मुझे मेरे बच्चों को छीन लेगा?"

    यह सब सोचते ही श्रेया एकदम से डर के काँप जाती है। वह पता नहीं क्यों यह सब फालतू बातें अपने दिमाग में ला रही थी। वहीं दिव्यांश कब से जो उसे कुछ पूछ रहा था, उसको अपने ख्यालों में खोया देख अपना हाथ श्रेया के हाथ पर रखता है, तब जाकर श्रेया अपने होश में वापस आती है।

    और वह इधर-उधर देखने लगती है और अपने आप को गहरी सांस लेकर नार्मल करने की कोशिश करती है। वह अपने मन में बोलती है, "श्रेया यह क्या बकवास तू सोच रही है? ऐसा कुछ नहीं होगा, दिव्यांश के हालात जैसे है वैसे मेरे बच्चों का बाप नहीं हो सकता है।"

    ये कहते हुए वो चुप हो जाती है क्योंकि उसे ये याद आता है कि जब वो इस देश बाहर गई थी तब तक दिव्यांश बिलकुल ठीक था। वो 7 साल पहले तक ठीक था। वो तो जब वो यह से गई थी तब उसके कुछ दिन बाद दिव्यांश की हालत ऐसी हुई थी, यह बात खुद लावण्या ने बताई थी जिसे याद करके वो बस दिव्यांश को ही देख रही थी।

    वही दिव्यांश खुद पर श्रेया की ऐसी नजरों को पा कर उसे थोड़ा अजीब लगता है और वह श्रेया को परेशानी भरी नजरों से देखता है और अपना ही खाता आगे बढ़कर उसके कंधे पर रख उसे हिलाते हुए बोलता है, "श्रेया आप क्या ठीक हो? आप क्या सोच रहे हो?"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया अपने होश में फिर से वापस आती और वह बोलती है, "कुछ नहीं, कुछ नहीं सोच रही थी कि आपको कैसे हेल्प करूं इस बैक पैन के सीलिंग को कम करने में।" ये बोलते हुए वो इधर उधर देखने लगती है।

    तभी दोनों के कानों में शौर्य की आवाज सुनाई देती है जो बोल रहा था, "मिस श्रेया आपने जो जो बोला था वह सब हो चुका है। सारे अरेंजमेंट हो चुके हैं और हमें पहले से ही सारे सामान मंगा लिए थे तो ज्यादा दिक्कत नहीं हुए इसलिए जल्दी से अरेंजमेंट हम लोगों ने कर लिया है।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया और दिव्यांश उसकी तरफ देखते हो उसे टाइम मुस्कुरा के बोलती है, "शौर्य आपने बहुत अच्छा किया, मैं जाकर सारे अरेंजमेंट देख लेती हूं, तब तक आप इन्हें (यह कहते हुए श्रेया शौर्य को दिव्यांश की तरफ इशारा करके बोलती है) इन्हें ले जाकर गर्म पानी से शावर दिला दीजिए और इन्हें सिर्फ टॉवल में लेकर नीचे आएगा...!"

    उसकी बात सुनकर शौर्य अपना सर हां में हिला देता है।

    वही श्रेया जल्दी से वहां से चली जाती है और सारे अरेंजमेंट को देखने लगती है, वही शौर्य दिव्यांश को अपने साथ लेकर उसके कमरे में जाता है और वह जाकर वो दिव्यांश की शावर लेने में हेल्प करता है।

    वही कुछ देर में शौर्य दिव्यांश को उसके व्हील चेयर पर सिर्फ टॉवेल में बैठा देता है ओर फिर उसके लेकर जब वो नीचे आता है तो गार्डन में श्रेया ने जो स्पेस शौर्य से कहे कर रेडी कराया था।

    वह जगह ऐसी थी कि गार्डन के बीचों बीच एक खुला स्पेस बनाया गया था जैसे कि एक रूम था जो की लड़कियों से और शादी ऊपर छत भी बनी हुई थी बट चारों तरफ से हवा बाहर अंदर जा सकती थी वह जगह बहुत ही अच्छा लग रहा था वह लोन जैसा लग रहा था वहीं बीचों-बीच एक बेड रखा हुआ था और उसे जगह के आसपास बहुत सारा धुआँ हुआ रखा था हल्का धुआँ था जो कि खास तरीके हर्ब्स का दूहा था।

    वहां पर अलग ही खुशबू फैली रखी थी और साथ ही उसे जो बेड बीच-बीच लगा था उसके ऊपर ही कुछ खास अरेंजमेंट ऊपर करके रखा गया था जिसमें से 2 मटके लटके हुए थे।

    आप लोग खुद इमेजिन कर लो मैं इतना ही बता पाई वैसे भी गार्डन में था तो वह काफी सुंदर जगह लग रही थी वही दिव्यांश और शौर्य वहां जब पहुंचते हैं तो वहां का नजारा देखकर वह हैरान हो जाते हैं वही श्रेया महायवाद देखकर बोलती है, "शौर्य अब मिस्टर देव्यांश को टॉवेल को हटाकर इस बेड पर लेट दीजिए।"

    उसकी ये बात सुनकर शौर्य और दिव्यांश बिलकुल हैरान हो जाते है।

    ओर शौर्य बोलता है, "श्रेया आप क्या श्योर हैं इस बात के लिए?"

    उसकी ये बात सुनकर श्रेया अपना सर हां मैं हिला देती है वही दिव्यांश तो बेचारा शर्म से लाल हो रहा था उसे समझ नहीं आ रहा था वह क्या करें मगर तब भी वो श्रेया ने इस बात को बोला था यह जानकारी वह मान जाता है और उसकी हेल्प करता है वही श्रेया अपने पास रखे टेबल पर स्पेशल ऑयल रेडी कर रही थी जिसे देख शौर्य बोलता है, "मिस श्रेया मैने अपने जैसा कहा था कर दिया है।" (उसकी बात में इस वक्त एक झिझक थी) जिसे तब भी श्रेया समझ नहीं पाती है और वो शौर्य से बोलती है, "ओके शौर्य आप यहां से अब जा सकते है।" उसकी बात सुनकर शौर्य वहां से तुरंत भाग जाता है।

    वही जैसे ही श्रेया पीछे मुड़कर देखती है, वो एकदम हैरान हो जाती है और वो गुस्से ओर शर्म के मारे वो जोर से चिल्लाती है, "Aahhhh.....!"

    राकेश कहानी में क्या होने वाला जानने के लिए सरल पड़ेगा आखिर में श्रेया ने ऐसा क्या देख लिया आप लोग भी सोच रहे होंगे इसके लिए कल का एपिसोड जरुर पढ़ाएगा...!

  • 18. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 18

    Words: 1311

    Estimated Reading Time: 8 min

    श्रेया दिव्यांश को ऐसे देखकर चिल्ला पड़ती है, वहीं दिव्यांश शर्म से जो ऑलरेडी लाल पीला हो चुका था।
    वह श्रेया के चिल्लाने पर उसे ऐसे देखने लगता है, वहीं उसे ऐसे देखा प्रकार श्रेया अपनी नज़रें नीचे कर लेती है और अपने टेबल पर रखे हुए टॉवल को दिव्यांश के ऊपर फेंक देती है। वहीं उसके ऐसे रिएक्शन को देखकर समझ चुका था, इसलिए वह टॉवल तुरंत लेकर अपने आप को ढक लेता है। वहीं श्रेया दिव्यांश को अच्छे से टॉवल को ढकता हुआ देखकर एक लंबी गहरी सांस लेती है, अब उसे चैन की सांस आई थी।

    वह गुस्से में दिव्यांश की तरफ देखती है जो उसकी ही तरफ देख रहा था और उसका पूरा चेहरा लाल था। वह उसको देखकर समझ जाती है कि दिव्यांश शर्मा रहा है, तभी वह बोलती है, "मैंने आपको क्या करने को बोला था और आप क्या हो गए थे मिस्टर दिव्यांश? मुझे आपसे ऐसी उम्मीद बिल्कुल भी नहीं थी।"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश बोलता है, "तुमने तो बोला था शौर्य से कि मुझे सिर्फ टॉवल में लेकर आना था। वह मुझे टॉवल में लेकर आया और यहां पर लेट भी दिया। उसने तो आपकी कही हुई बात को ही सुना था।"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "मगर मुझे इतना नहीं लगा था कि आप ऐसे बिना कपड़ों के ही लेट जाएंगे, थोड़ा तो शर्म आपको करना चाहिए था। अगर आपको बात नहीं समझ में आई थी तो मुझसे पूछ लेना चाहिए था और आप ऐसे कैसे मेरे सामने बिना कपड़ों के लेट सकते हैं?" यह बोलते हुए श्रेया बहुत ही ज्यादा शर्मा जाती है और ऑकवर्ड हो जाती है, क्योंकि उसके सामने दिव्यांश का वैसे ही नेकेड बॉडी उसकी आखों के सामने बार बार आ रहा था।

    जिसके वजह से वह काफी ज्यादा अनकंफर्टेबल हो गई थी। वह खुद को यह सब इमेजिन करने से रोक नहीं पा रही थी, साथ ही वह दिव्यांश की पूरी बॉडी को देखकर और उसके मैनहुड को देखकर काफी अजीब फील कर रही थी, इसलिए वह बोलती है, "मैं भी वॉशरूम होकर आती हूं, तब तक आप ऐसे लेते रहिए..." इतना बोलकर वहां से चली जाती है, क्योंकि वह सिचुएशन काफी ज्यादा ऑकवर्ड हो चुकी थी। श्रेया और दिव्यांश दोनों ही एक दूसरे से अपनी नज़रें नहीं मिल पा रहे थे।

    वहीं श्रेया जैसे ही वॉशरूम में चली जाती है जिसे शौर्य देख लेता है। वह गार्डन के साइड में बैठा हुआ था जहां पर उन लोगों की बातें उसे सुनाई दे सके और वह यह सब देखकर खुद काफी परेशान था। जिस हालत में वह दिव्यांश को वहां छोड़कर आया था वह खुद ऑकवर्ड फील कर रहा था और वह जैसे ही श्रेया को वहां से जाते हुए देखता है तो तुरंत ही वह दिव्यांश के पास पहुंचता है, जो कि खुद को इस सिचुएशन से बाहर निकालने के बारे में सोच रहा था। वह जैसे ही अपने सामने शौर्य को देखता है तो उसे गुस्सा आने लगता है और वह अपने सर के पास रखे हुए एक तकिया को उठाकर शौर्य के ऊपर फेंकते हुए बोलता है, "तुम्हारे वजह से इस सिचुएशन में आज मैं फंसा हूं।"

    उसकी यह बात सुनकर शौर्य न जाने उसके अंदर इतनी हिम्मत कहां से आ जाती है और वह सिचुएशन को इमेजिन करके खुद भी हंसने लगता है और वह जोर-जोर से हंस रहा था जिसे सुनकर दिव्यांश का गुस्सा उसके प्रति और भी ज्यादा बढ़ने लगा था। वह बोलता है, "मैं तुम्हें छोडूंगा ईश्वर, एक बार मुझे ठीक होने दो नहीं एक बार ऑफिस आने दो, तुमसे इतना काम करवाऊंगा ना कि तुम्हारी नानी ना याद आ जाए तो मुझे कहना।" यह सब बोलते हुए दिव्यांश काफी ज्यादा क्यूट लग रहा था।

    वहीं दिव्यांश इस बात से अनजान था कि अब तक वहां पर श्रेया आ चुकी थी और वह उन दोनों की बातों को सुनकर मुस्कुरा रही थी। वह दिव्यांश की इस तरह की साइट को देखकर थोड़ा हैरान थी। उसे नहीं लगा था कि दिव्यांश जैसा आदमी भी ऐसा कुछ कर सकता है। श्रेया ने ये नहीं सोचा था क्योंकि दिव्यांश के बारे में जैसे बाहर इतनी अफवाह थी कि लोग उसे जीता जागता मॉन्स्टर समझते थे मगर दिव्यांश जैसे कुछ देर पहले यह सब बातें शौर्य से बोल रहा था, उसके चेहरे पर जो एक्सप्रेशन थे वह काफी ज्यादा क्यूट थे।

    जिन्हें देखकर श्रेया खुद को मुस्कराने से रोक नहीं पाती है।

    श्रेया यह समझ लेती है कि जो अफवाह बाहर फैली है वह सिर्फ एक अफ़वाह है। बट श्रेया यह बात भूल गई है कि अभी तक दिव्यांश की यह साइड उसने नहीं देखी है इस वजह से वह यह बात बोल रही है। क्युकी दिव्यांश की अगर वो बावली साइड देख लेती तो उसे देखने में क्या ....,सोचने में भी उसके बाते में डर लगता क्योंकि दिव्यांश गुस्से में एक मॉन्स्टर बन जाता है।

    वहीं श्रेया अब ज्यादा टाइम वेस्ट ना करते हुए वहां पर आ जाती है, जिसे देख शौर्य वहां से चला जाता है। वहीं उसके जाने के बाद श्रेया जो स्पेशल तेल उसने तैयार किया था उसे हल्का सा गर्म करती है और उसे गर्म तेल को लेकर दिव्यांश के पास आती है। फिर उसके बाद उसकी मदद करती है पेट के बल लेटने में। वह पहले दिव्यांश के पीठ पर उस ऑयल को डालती है, फिर उसके बाद मसाज करना शुरू करती है। श्रेया जायदा तर मसाज उसके कमर पर मसाज कर रही थी जहां पर स्वेलिंग थी ताकि दिव्यांश को आराम मिल सके। वो दिव्यांश के साथ बैक पर जैसे जैसे अपने हाथों को फेर रही थी वैसे वैसे दिव्यांश की दिल धांडकने और भी जायदा बढ़ती जा रही थी।

    वहीं श्रेया का भी हाल कुछ ऐसा ही था। वो भी अपने दिल की धड़कनों को तेज होता हुआ महसूस कर रही थी अगर तब भी वह खुद को कंट्रोल करके अपने काम पर फोकस कर रही थी वहीं उसके आज दिनेश के दिव्यांश को काफी ज्यादा रिलैक्स फील हो रहा था।

    वहीं दूसरी तरफ शौर्य लिविंग रूम में बैठा हुआ था मेंशन के अंदर। वह अपने फोन में कुछ काम कर रहा था तब उसके फोन पर एक कॉल आता है। वह देखता है कि काल लावण्या का था।

    फोटो जिसे देखकर वह पहले कुछ सोचता है फिर रिसीव कर लेता है। वह जैसे ही कॉल को रिसीव करता है तो सामने से लावण्या की आवाज आती है, "हेलो शौर्य।" उसकी चहकती हुई आवाज को सुनकर शौर्य के चेहरे पर छोटी सी मुस्कान आ जाती है और वह बोलता है, "हेलो लावण्या तुमने आज मुझे क्यों याद किया?" उसकी यह बात सुनकर लावण्या बोलती है, "एक्चुअली ना मुझे तुमसे एक हेल्प चाहिए थी। वह बात इंपॉर्टेंट थी इसलिए तुम्हें डिस्टर्ब किया।" उसकी यह बात सुनकर शौर्य बोलता है, "क्या बात है लावण्या कुछ हुआ है क्या?" उसकी यह बात सुनकर लावण्या बोलती है, "ऐसा कोई बात नहीं है। वह एक्चुअली बात यह है कि मेरे एक फ्रेंड मेरे साथ रहने आई है और वह इस वक्त जॉब पर गई हुई है। उसके बच्चे मेरे पास है और वह चाहते हैं कि मैं उन्हें घूमने ले जाऊं बट वह 4 बच्चे हैं और मैं अकेली ना उन्हें कैसे संभाल पाऊंगी इसलिए मैं सोच रही थी कि क्यों ना तुम मेरे साथ चलो। इस तरह तुम मेरी हेल्प भी कर दोगे साथ ही थोड़ा घूम भी लोगे।" उसकी ये बात सुनकर शौर्य अब याद आता है कि लावण्या किसका जिक्र कर रही है इसलिए वह मान जाता है।

  • 19. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 19

    Words: 761

    Estimated Reading Time: 5 min

    लावण्या की बात सुनकर शौर्य मान जाता है। वो लावण्या से मिलने के लिए पहले जाकर दिव्यांश से पूछना चाहता था, इसलिए वो अंदर गार्डन में जाता है जहाँ पर श्रेया दिव्यांश का मसाज कर रही थी। वो उन दोनों को ऐसे देख मुस्कुरा देता है, क्योंकि श्रेया के मैसेज से दिव्यांश के चेहरे पर जो रिलेक्स एक्सप्रेशन देख कर शौर्य को काफ़ी अच्छा लग रहा था, क्योंकि उसने कभी दिव्यांश को ऐसे नहीं देखा था। वो बचपन से दिव्यांश को जानता था।

    मगर उसने उसे इतने सुकून में आज तक नहीं देखा था।

    वही लावण्या की बात को याद करके शौर्य अपने खयालों से बाहर आकर श्रेया के पास जाता है और वही दिव्यांश जोकि अपनी आँखे बंद करके मसाज का मजा ले रहा था, वो जब किसी की कदमों की आहट सुनता है तो वो तुरंत ही समझ जाता है कि ये कौन है। दिव्यांश शौर्य के कदमों को अच्छे से जानता था, इसलिए वो वैसे आँखे बंद किए हुए ही बोलता है "क्या हुआ शौर्य?"

    उसकी बात को सुनकर शौर्य को ज़्यादा हैरानी नहीं होती है। वो दिव्यांश से बोलता है "मुझे जरूरी काम के वजह से कही जाना पड़ रहा है, तब तक तुम यहां मिस श्रेया के साथ रहना और हाँ उन्हें अपना काम करने देना। मैं बस यही इन्फॉर्म करने आया था।"

    उसकी बात सुनकर श्रेया, जो अपने हाथों को साफ करने के बाद टॉवेल से पोंछ रही थी, वो बोलती है "आप फ़िक्र मत कीजिए मिस्टर शौर्य, मैं मिस्टर दिव्यांश की बात न सुनकर अपने ट्रीटमेंट करने में उनकी मदद करेगी, इसलिए आप आराम से जा सकते है।"

    उसकी बात सुनकर शौर्य बोलता है "ठीक है मिस श्रेया, आप पर भरोसे में दिव्यांश को छोड़ के जा रहा हूँ। मैं, आप दिव्यांश का अच्छे से ख़याल रखिएगा और हाँ, आपको कोई मदद की जरूरत हो तो ये टेबल पर जो बिल रखी है, उसे बजा दीजिएगा, जिसे सुनकर कोई भी सर्वेंट यहाँ पर आकर आपकी मदद कर देगा...!"

    उसकी बात सुनकर श्रेया बोलती है "ओके शौर्य, अब आप आराम से जा सकते है।" उसकी ये बात सुनकर शौर्य मुस्कुरा देता है और वहां से चल जाता है। उसके जाने के बाद शौर्य की नजर दिव्यांश पर जाती है तो वो देखती है कि दिव्यांश उसे ही देख रहा था, ये कहना भी गलत नहीं होता कि दिव्यांश श्रेया को देख कम घूर ज़्यादा रहा था।

    जिसे देख श्रेया दिव्यांश के तरफ देखती है और उसके बेड के पास एक चेयर को सेट करके बैठे हुए बोलती है "मिस्टर दिव्यांश, आप मुझे ऐसे क्यों देख रहे है?"

    इसकी बात सुनकर दिव्यांश उसे अपने नज़ारे हटा लेता है और फिर कुछ देर रुकने के बाद बोलता है "मिस श्रेया, क्या आप बता सकती है कि आपके बच्चे के डैड कहाँ है?"

    उसकी ये बात सुनकर श्रेया एकदम चुप हो जाती है और वो दिव्यांश के तरफ थोड़ा गुस्से में देखते हुए बोलती है "आप मेरे से मेरे पर्सनल सवाल क्यों पूछ रहे है?"

    उसकी बात सुनकर दिव्यांश बोलता है "मिस श्रेया आप इतना भड़क क्यों रही है? मैं बस जानना चाहता हूँ कि आप के हसबैंड कौन है?? उसका आप सीधा सीधा जवाब दीजिए, इसमें गुस्सा होने की कोई बात नहीं है...!"

    उसकी बात सुनकर श्रेया बोलती है (बिना किसी इमोशन के) "मेरे हसबैंड अब इस दुनिया में नहीं रहे, इसलिए मैं इस बात के वजह से आप पर इतना गुस्सा हो रही थी।" उसकी ये बात सुनकर दिव्यांश बस एक तक श्रेया को बस देखता ही रहे जाता है और वो श्रेया के जवाब से अपने दिल में एक दर्द सा महसूस करता है, जिसे वो श्रेया से अब कोई सवाल नहीं करता है और वैसे चुप चाप देखते ही रहता है।

    वही श्रेया दिव्यांश को चुप हो जाने के बाद अपने चेयर पर से उठ के अपनी टेबल के पास जाने लगती है, तो उसके कानों में दिव्यांश की एक बात सुनाई देती है, जिसे सुनकर वो बिल्कुल हैरान हो जाती है।

    आखिर में कौनसी बात बोल दी है दिव्यांश ने जिसे श्रेया हैरान हो गई, जाने के लिए कल का एपिसोड जरुर रीड करे..!

  • 20. "Pregnant with the Billionaire’s Heirs" - Chapter 20

    Words: 1415

    Estimated Reading Time: 9 min

    श्रेया जब टेबल पर अपने सामान में से कुछ निकाल रही थी, तब उसके कानों में दिव्यांश के हँसने की आवाज़ सुनकर वो पीछे मुड़ के देखती है तो दिव्यांश ज़ोर-ज़ोर से हँस रहा था।

    श्रेया दिव्यांश की हँसने की आवाज़ सुनकर हैरान हो गई थी। वह पीछे मुड़कर देखती है तो दिव्यांश ज़ोर से हँस रहा था। उसे ऐसे हँसते देखकर श्रेया पूछती है, "मिस्टर दिव्यांश, आप इस तरह हँस क्यों रहे हैं?"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश अपना चेहरा उसकी तरफ करके उसे ध्यान से देखते हुए बोलता है, "मिस श्रेया, क्या मैं आपको बेवकूफ नज़र आता हूँ...?"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया कंफ्यूज हो जाती है और वह बोलती है, "आप कहना क्या चाहते हैं?" उसके चेहरे पर वह कंफ्यूज वाले लुक दिख रहे थे जिसे देख दिव्यांश बड़े अजीब लहजे में बोलता है, "मिस श्रेया, मैं बस इतना ही पूछा क्या मैं आपको बेवकूफ दिखता हूँ?"

    इसकी यह बात सुनकर श्रेया बोलती है, "आप कहना क्या चाहते हैं, साफ़-साफ़ कहिए?"

    उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश बोलता है, "मेरा कहने का मतलब यह है, आप मेरे अंदर काम कर रही हैं, मेरे लिए कम करें और मेरा इलाज कर रही हैं। आपको पता है मेरे घर में जितने भी आदमी हैं ना, उनकी सारी कुंडली मुझे पता है। वो कहाँ जाते हैं, कहाँ रहते हैं, कब कहाँ रहते हैं, क्या करते हैं, सब मुझे मालूम है। उनके परिवार में कौन है, उनके परिवार में अभी कौन जिंदा है या मर गया है, सब मुझे पता है। तो आपको क्या लगता है, मैं आपके बारे में इनफार्मेशन कलेक्ट नहीं कराई होगी?"

    उसकी बात सुनकर श्रेया एकदम हैरान हो जाती है और वह हैरानी से दिव्यांश की तरफ देखते हुए बोलती है।

    "इसका मतलब है कि आपको पता है..." श्रेया के यह बोलने पर दिव्यांश अपना सर हाँ में हिला देता है और वह बोलता है, "हाँ मिस श्रेया, मैं जानता हूँ आपके बारे में। आप जब बहुत ही छोटी थीं, तभी अनाथ हो चुकी थीं और एक अनाथालय में रह रही थीं। तब मिस्टर गोविंद, जो कि राव फ़ैमिली के हेड हैं, उन्होंने आपको अडॉप्ट कर लिया। इसके बाद वो अपने साथ आपको ले गए। उस टाइम राव फ़ैमिली में कोई भी बच्चा नहीं था। उस टाइम राव फ़ैमिली की बहू को कुछ कॉम्प्लिकेशन के वजह से वो बच्चे नहीं कर पा रही थी। यही कारण था कि उन लोगों ने आपको अडॉप्ट किया था। उसे सर गोविंद आपसे बहुत प्यार करते थे, मगर उनके बच्चे आपको पसंद नहीं करते थे। इसके वजह से उनके बच्चे होते ही उन्होंने आपको इतना टाइम और उतना प्यार देना बंद कर दिया और आपको सिर्फ़ एक नौकरानी समझने लगे। मुझे मालूम है आपके साथ उस घर में क्या-क्या हुआ और मुझे यह भी मालूम है जब मिस्टर गोविंद की तबीयत बहुत ही ज्यादा ख़राब हो गई, इस बात का फ़ायदा उठाकर उन्हीं के बेटे ने अपना काम निकलवाने के लिए आपका यूज़ करने का सोचा और मुझे यह भी मालूम है उन लोगों ने आपकी शादी सिंह फ़ैमिली के बड़े बेटे से करनी चाही, मगर आप इसको पसंद नहीं करती थीं। अगर उसे दिन आपकी बहन, जो कि आपकी सौतेली बहन है, उन्होंने एक चाल रचा सिंह फ़ैमिली के बेटे आर्यन के साथ और उन लोगों ने आपके ड्रिंक पर कुछ मिला दिया था।

    जिससे आप ड्रग्स के नशे में थीं और उसे दिन आप खुद को बचाते हुए किसी अननोन आदमी के कमरे में चली गई। इसके बाद जब आप अगले दिन अपने घर पहुँचीं, तब आपको पता चला गोविंद जी की डेथ हो चुकी है। इसके बाद उनके कुछ आखिरी छाती की आप यहां से चुपचाप चली जाए और उन्होंने जो कहा था जिसके कारण आप उनकी बात को मानकर इस देश को छोड़कर चली गई और आपके जाने के बाद आपको पता चला कि आप प्रेग्नेंट है और आप एक बच्चे की नहीं बल्कि 4 बच्चों की मां बनने वाली है इस बात को जान के आपको काफी ज्यादा हैरानी और दुखी दोनों हुई थी मगर तब भी आपने यह फैसला किया था कि आपके बच्चे चाहिए वह किसी आदमी के बच्चे थे आपको नहीं मालूम था तब भी आप उससे मांगना चाहती थी जिसके वजह से आपकी फ्रेंड की नैना की फैमिली ने आपको इस बात के लिए सपोर्ट किया और वह अपने वही उनके साथ रहकर अपने बच्चों को पाल पोसा है।"

    श्रेया बस दिव्यांश की बात को सुनकर हैरानी से उसे देख रही थी। वहीं दिव्यांश यह सब कहने के बाद मुस्कुरा रहा था, बट उसके चेहरे पर कुछ सोचने वाले एक्सप्रेशन आ गए थे और वह कुछ सोचते हुए बोलता है, "और यह पता है आपको, मुझे यह भी पता है कि आप यहां क्यों आई हैं?"

    उसकी यह बात सुनकर श्रेया जो अभी भी हैरानी से मूर्ति के तरह वहां खड़ी थी, वह अब थोड़ा अपने होश में आते और वह बोलती है, "मैं यहां क्यों आई हूं आप ही बता दीजिए?"

    तब उसकी यह बात सुनकर दिव्यांश बोलता है, "मैं यह भी जानता हूँ कि आपका आने का एक रीज़न में था, तो दूसरा सीज़न यह भी था कि आप अपने बच्चों के पिता को ढूंढना चाहती थी। आप जाना चाहती थी कि वह इंसान कौन है और उसे बताना चाहते थे कि उसके चार बच्चे हैं पर आप यह चाहती थी कि उसे इंसान को भी पता रहेगी उसके भी चार बच्चे हैं मगर अभी दिया इस बात के लिए कंफर्म नहीं है कि वह आदमी कैसा दिखता है और कहां रहता है जिसके वजह से आप अभी तक अपने इस मकसद में पूरा नहीं कर पा रही है और आप जिस आदमी को हायर किया इस बात को जानने के लिए वह एक नंबर का फ्रॉड है उसने आपके सारे पैसों को हड़प लिया है जिसके वजह से आपके बर्बाद हो चुके हैं।"

    इतना बोलते हुए को एक स्माइल करता है वही श्रेया तो मानो उसकी हालत ऐसी थी जो काटो तो खून नहीं वाली थी उसको ऐसे देखकर दिव्यांश बस वैसे ही मुस्कुरा रहा था वही इसलिए हैरानी सो उसे देख रही थी और वह हर बढ़ाते हुए बोलती है, "मिस्टर दिव्यांश आपको इतना सब कुछ पता था तो आप फिर भी आपने मुझे अपना इलाज करने के बारे में सोचा?"

    उसके लिए बात सुनकर दिव्यांश बोलता है, "मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। मुझे यह भी मालूम है कि आप मेरी भतीजी की दोस्त है। मैं जानता हूं मेरी भतीजे जिस लड़की पर भरोसा कर सकती है उसे पर मैं भी भरोसा कर सकता हूं वैसे भी मेरे पास आपकी सारी कुंडली है और मैं जानता हूं क्या आप मुझे धोखा नहीं देंगे इसलिए आप बेफिक्र होकर अपना काम कीजिए और मैं भी अपना काम करूंगा।"

    यह बोलते हुए वह सोच रहा था कैसे उसे इनफॉरमेशन मिली थी कि उसके आदमी ने जब वह स्टडी रूम में बैठा कुछ काम कर रहा था तब एक कॉल करके बताया कि श्रेया ने किसी को डिटेक्टिव को हायर किया हुआ है और उसे डिटेक्टिव को उसने ₹50000 तक दिए हैं उसे 6 साल पुराने इंसिडेंट के बारे में जानने के लिए वह यह सब कर रही है यह जानकर दिव्यांश को हैरानी तो हुई थी बट यह इस बात की खुशी भी थी कि श्रेया को यह बात जाना था कि आखिर में उसे रात उसके साथ था कौन और उसे समझने के बाद ही ये वो बात बताने वाली थी कि उसे इंसान के चार बच्चे भी हैं यह बात की खुशी उसके चेहरे पर दिख रही थी वह चाहता था कि श्रेया को वह भी बता दे कि वह जिसे ढूंढ रही है वह कोई और नहीं बल्कि वही है।

    मगर हाल तो के आगे अभी मजबूर था वह नहीं चाहता था कि श्रेया और अभी उसके बच्चे इस सब लफड़े में अभी पड़े वो अभी यह सब कुछ बाहर रिवील होने नहीं देना चाहता था वह चाहता था कि पहले वह श्रेया के दिल में अपने लिए जगह बनाए और फिर अपने बच्चों के दिल में ओर उसके बाद ही वो श्रेया को अच्छे से प्रोपोज करने के बाद फिर शादी करेगा... कोई ऐसा प्लानिंग कर चुका था और वह अपने प्लानिंग को अंजाम दे रहा था।

    जहां दिव्यांश अपने ख्यालों में था तो वही श्रेया अभी तक हैरान थी उसे तुम्हारा सदमा लग गया था उसके बारे में इतनी सारी इनफार्मेशन दिव्यांश के पास थी उसने इस बात को सोचा भी नहीं था।