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REBORN A KING OF DARKNESS

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Evil queen era.. Dora

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जय मल्होत्रा—एक ऐसा नाम जिसे सुनते ही अंधेरे की परछाइयाँ जाग उठती थीं। एक ऐसा इंसान जिसने अपना पूरा जीवन तकलीफ़ और तिरस्कार में बिताया था। बचपन की बेरहमी ने उसके स्वभाव को ज़हर बना दिया था। ज़िंदा रहने के लिए उसने हर वो रास्ता अपनाया जिसे आम लोग सोच...

Total Chapters (181)

Page 1 of 10

  • 1. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 1

    Words: 1136

    Estimated Reading Time: 7 min

    तेज़ और चुभती हुई हवा ऊंची इमारत की छत पर बुरी तरह से चल रही थी। एक बूढ़ा आदमी, जिसकी दाढ़ी और बाल हवा में बिखर रहे थे, आंखें सिकोड़कर शहर की इमारतों को रोशन करती  लाइट्स को देख रहा था।

    जय मल्होत्रा ने अपनी आंखों को ढकने के लिए हाथ उठाया, हवा के तेज झोंकों से उन्हें बचाने की कोशिश करते हुए। "आख़िर मैंने इस बकवास अनुष्ठान के लिए छत को ही क्यों चुना?" वह बड़बड़ाया।

    उसके लंबे बाल आंखों पर आ गए, जिन्हें उसने झुंझलाते हुए पीछे हटाया। "जादू इस दुनिया में कई समस्याएं हल कर सकता है," वह बड़बड़ाया, "लेकिन ये बेवकूफ़ी भरे फैसले नहीं।"

    उसका चोगा लहराते हुए उसके शरीर से टकरा रहा था, जैसे ही वह छत के बीचों-बीच पहुंचा।

    "अगर ये हवा न होती, तो अब तक ये अनुष्ठान पूरा हो गया होता।"



    कई आवाज़ें दबे-दबे दर्द में चीख रहीं थीं—कुछ तो लगभग चिल्ला रही थीं।

    जय की सहनशक्ति जवाब देने लगी। "चुप रहो सब! क्या कहना है तुम्हें?"

    उसके नीचे, छत पर खुदा हुआ एक चमकता हुआ चक्र था, जिसमें जटिल चिह्न और प्रतीक भरे थे। वह सफेद रोशनी में चमक रहा था—किसी बाहरी स्रोत से नहीं, बल्कि जय की अपनी जादुई शक्ति से। उस चक्र के भीतर पाँच लोग बंधे हुए थे—उनके हाथ और पैर रस्सियों से बंधे। उनके मुँह पर कोई ताला नहीं था, लेकिन उनकी चीखें महज़ फुसफुसाहट बनकर रह गई थीं।

    "अगर मैं तुम में से एक को बोलने दूँ, तो क्या बाकी सब चुप रहेंगे?" जय ने पूछा, हवा में एक प्रतीक बनाते हुए। उसकी उंगलियों से बैंगनी रोशनी फूटने लगी।

    उसके इशारे पर, उन कैदियों में से एक—एक अधेड़ उम्र का आदमी—फिर से बोल सका। उसने कांपती सांस ली और गिड़गिड़ाने लगा, आंसू बहते हुए—"कृपया,  डेविल किंग! मुझे छोड़ दो। मैं तुम्हें सब कुछ दे दूंगा! बस मुझे मत मारो!"

    जय उसके करीब गया, उस पर झुकते हुए—"जब उस जोड़े ने अपनी जान की भीख मांगी थी, तब तुमने उन्हें क्या दिया? अब वे कहाँ हैं?"

    वह कैदी सन्न रह गया, उसकी आंखें डर से फटी की फटी रह गईं।

    "तुम्हें कैसे पता?"उसने चिल्ला या 

    जय चक्र के चारों ओर घूमते हुए हर एक कैदी का पाप गिनाने लगा—"किसी और को देखने पर गुस्से में अपने प्रेमी की हत्या कर दी। झूठे आरोपों से नफरत करने वालों को सज़ा दिलाई। हताश जादूगरों को अवैध पदार्थ बेचे, जिससे उनके कोर फट गए।"

    अब कैदियों को समझ आ गया था—जय उनकी छुपी हुई दरिंदगी, वे अपराध जिनसे वे बच निकले थे, उन्हें गिना रहा था।

    लेकिन जब वो आखिरी कैदी के पास पहुँचा, तो रुका। "और तुम," उसने तिरस्कार से कहा, "एक कट्टर पत्रकार, जो दूसरों पर अपने विचार थोपता है। सच कहूं तो, तुम्हें सिर्फ इसलिए चुना क्योंकि मुझे पाँच लोगों की ज़रूरत थी और समय कम था।"

    चक्र के भीतर और भी प्रतीक उभर आए, उनकी चमक बढ़ती गई।

    जैसे ही जय अगली चरण की तैयारी कर रहा था, एक कैदी ने विरोध करते हुए चुनौती दी—"तो क्या! तुम हमें जज करते हो, लेकिन तुम क्या हो डेविल किंग? कितनों की जान ली है तुमने? तुम हमसे बेहतर नहीं हो!"

    जय ने मुंह खोला ही था कि खांसी का जोरदार दौरा पड़ा, खून की छींटे ज़मीन पर गिरीं। "तुम सही कह रहे हो," वह बुदबुदाया, अपनी आस्तीन से मुंह पोंछते हुए, "हम सबको मर जाना चाहिए।"

    तभी पीछे से आवाज आई, "सभी को नहीं, बस तुम्हें!"

    जय और कैदियों ने पीछे मुड़कर देखा—सफेद चोगा पहने पाँच लोग ऊपर से नीचे उतर रहे थे।

    "ग्रैंड मास्टर! वो हमें बचाने आ गए हैं!" एक कैदी चिल्लाया।

    ये जादूगरों में सबसे शक्तिशाली थे, 9-स्टार  मास्टर, जो पूरे राष्ट्रों को बदलने की क्षमता रखते थे। इनका एक साथ प्रकट होना चौंकाने वाला था—even डेविल किंग के खिलाफ होने पर भी।

    "तो तुम लोग आ ही गए," जय ने व्यंग्य किया। "तिवारी, तुम्हारी पत्नी अब भी तुम्हारे एकमात्र खिलौने से संतुष्ट है?"
    तिवारी का चेहरा गुस्से से लाल हो गया।

    "जय!"

    उसकी बातों को सुनकर एक लम्बे सुनहरे बालों वाला ग्रैंड मास्टर आगे आया, ऊर्जा से दमकते हुए। "एक प्रतिभाशाली जादूगर ऐसा कैसे बन सकता है?"

    "चुप रहो!" जय गरजा। "तुम सब—तुम्हें मुझसे कुछ भी कहने का हक नहीं है! 

    तुम सबने मुझसे मेरी दुनिया छीन ली! ख़ासकर तुम, इंधर!"

    अब जय के चारों ओर अंधेरा इकट्ठा होने लगा, उसकी फटी पुरानी पोशाक से बाहर निकलते हुए।

    इंधर के चेहरे पर अब भी मुस्कान थी।

    "क्या तुमने सोचा हम नहीं जानते?" वह बोला। "तुम वैसे ही मरने वाले थे। लेकिन हम तुम्हें यूँ नहीं मरने देंगे। डेविल किंग , दुनिया का सबसे बड़ा अपराधी—तुम्हें हमें अपने हाथों से मारना है।"

    "हा हा हा!" जय ज़ोर से हँसा। "इंधर, रजत, राजवीर, करन, और राकेश... ये मेरी आखिरी चेतावनी है तुम सबको।"

    नीचे का जादुई चक्र और तेज़ी से चमकने लगा।

    ए देखकर ग्रैंड मास्टर ने सुरक्षा कवच बना लिए।

    चक्र के अंदर के कैदियों के सिर में दबाव बढ़ने लगा... फिर—फट। उनके सिर फट गए और सब ज़मीन पर गिर पड़े। बीच में खड़ा जय मल्होत्रा भी।

    ग्रैंड मास्टर आगे बढ़े। कोई जीवन नहीं बचा था।

    "क्या वह सच में मर गया?" रजत ने पूछा।

    "मर चुका है। यही उसका शरीर है... जो कुछ बचा है,"  रजत बोला।

    सबसे छोटा मास्टर करन इधर-उधर देखने लगा, फिर मुस्कुराया।

    "अब समझ आया उसका आखिरी संदेश क्या था।"

    जैसे ही सबने ज़मीन को ध्यान से देखा, खून और प्रतीकों ने मिलकर एक आकृति बनाई थी—एक विशाल मुट्ठी, जिसकी मध्यमा उंगली ऊपर थी।

    "जय मल्होत्रा की मौत की पुष्टि होती ही," इंधर ने कहा, एक आग का गोला उठाते हुए। वह उड़ने लगा, और बाकी भी।

    गोला छत से टकराया और पूरा क्षेत्र जल उठा, शवों सहित। मास्टर वहाँ से उड़ चले—अपना अतीत पीछे छोड़ते हुए, एक गहरी सांस के साथ।


    ---

    'मुझे यकीन नहीं हो रहा कि मैंने यूँ अपनी जान दांव पर लगा दी,' जय सोच रहा था। 'मैंने उस किताब पर सब कुछ दांव पर लगा दिया जो मुझे पोर्टल से मिली थी। पता नहीं ये काम करेगी भी या नहीं। मैं वैसे भी मर रहा था... बस एक मौका चाहिए था उन सबको वापस पाने का।

    'वे नकली मुस्कुराहटें! मुझे बुरा कहते हैं, लेकिन खुद बच्चे से टॉफी छीनने से नहीं चूकते। और मैं? मैं तो बस उसे चुपके से चाट कर वापस देता था। बताओ, ज़्यादा बुरा कौन हुआ?'

    जय की ज़िंदगी की यादें उसकी आंखों के सामने घूमने लगीं—खासकर वो दर्दभरी। बचपन, नुकसान, वो सब जिसने उसे  डेविल किंग बनाया।

    लेकिन फिर कुछ और दृश्य दिखने लगे—ऊँचे पहाड़, भव्य मंदिर, चारों तरफ हरियाली। एक आदमी, एक औरत, और एक छोटी लड़की—जिन्हें उसने पहले कभी नहीं देखा था। सबने चोगे पहन रखे थे, और लोग सिर्फ अपनी मुट्ठियों से लड़ रहे थे।

    'ये सब क्या है? ये मेरी यादें नहीं! ये तो मेरी दुनिया से भी नहीं लगतीं!'

    जानी-पहचानी और अनजानी यादें तेज़ी से उसके ज़हन में आती रहीं। दर्द के साथ उसकी आंखें फिर से खुल गईं।

  • 2. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 2

    Words: 1244

    Estimated Reading Time: 8 min

    जय मल्होत्रा के ज़ेहन में यादें सैलाब की तरह उमड़ पड़ीं—ऐसे जज़्बात जो उसने सालों से बंद कर रखे थे। हर बार जब वो उन पलों में लौटता, उसे घिन सी होती।

    "सब कुछ कब शुरू हुआ था? मेरी ये भयावह ज़िंदगी? क्या मेरे पिता थे वो पहले? जिन्होंने मुझे उन लोगों को बेच दिया… हर रात? नहीं, मुझे तोड़ने वाली बात वो नहीं थी। वो तो..."

    लेकिन ये तेज़ यादें जल्द ही किसी और चीज़ से दब गईं: अनजान चेहरे, अजनबी जगहें, और नाम जो उसने पहले कभी नहीं सुने थे।

    अचानक उसकी आँखें खुलीं, नज़रिया कुछ धुंधला था।

    "क्यों... क्यों मुझे दर्द हो रहा है? मेरी गर्दन दुख रही है, और ऐसा लग रहा है जैसे... मैं सांस नहीं ले पा रहा!"

    जैसे ही उसकी दृष्टि साफ़ होने लगी, साथ ही अंधेरा भी छाने लगा। फिर वो आँखें स्पष्ट दिखीं—उभरी हुईं, उसकी तरफ़ घूरती हुईं। अब उसे अहसास हुआ, कोई उसकी गर्दन को दबोच रहा था।

    "मैं पहले भी मौत से बच निकला हूं, और अब ये? कोई मुझे गला घोंटकर मार रहा है! फिर से मौत का सामना! अगर मरना ही होता, तो मैं इतना दर्दनाक तरीका कभी नहीं चुनता! मैं दोबारा नहीं मरूंगा!"

    वो अपने हमलावर को देख सका—एक आदमी जो काले कपड़ों में लिपटा हुआ था, उसका चेहरा ढका हुआ, बस आँखें दिख रही थीं—बिलकुल किसी निंजा की तरह।

    संघर्ष करते हुए, जय ने अपने हाथ उस आदमी के पेट पर रखे।

    "अब देखता हूं, जब तेरे अंदरूनी अंग फटेंगे तो तुझे कैसा लगेगा!"

    जय ने ज़ोर लगाया, लेकिन कुछ नहीं हुआ। न कोई धमाका, न कोई प्रतिक्रिया। हमलावर ने उसकी गर्दन को और कस दिया।

    "क्या मेरी सारी जादुई ताकत उस मंत्र में खत्म हो गई थी? धिक्कार है... लगता है मैं सच में मरने वाला हूं..."

    अंधेरा उसकी आँखों के किनारों से अंदर घुसने लगा, और उसे होश जाता हुआ महसूस हुआ। लेकिन तभी उसे लगा कि हमलावर की ताकत कुछ कम हो रही है।

    "क्या मेरे मंत्र का कुछ हिस्सा असर कर गया? यही मौका है मेरा।"

    कोने में टूटी हुई प्लेट का एक टुकड़ा दिखा, उसने झपट कर उसे उठाया और आदमी की बगल में घुसा दिया। वो कराहा, उसकी पकड़ ढीली हो गई।

    जहाँ टुकड़ा उसके हाथ में भी चुभ गया था, वहाँ से खून बह रहा था, लेकिन आकाश ने दर्द को बेअसर कर दिया। जय ने टुकड़ा निकाला और बार-बार वार किया, जब तक कि हमलावर पूरी तरह ढेर नहीं हो गया और उसके ऊपर गिर पड़ा।

    "मैं सांस ले सकता हूं!" जय ने  हाँफते हुए बोला, लेकिन उसका सीना अब भी दबा हुआ था। उसने कुछ देर ताकत लौटने का इंतज़ार किया, फिर हमलावर को धक्का देकर हटाया और बमुश्किल खड़ा हुआ।

    थका हुआ, जय बुरी तरह हाँफ रहा था। कुछ पल बाद दर्द हल्का हुआ, और उसने अपने चारों ओर देखा।

    वो आदमी जो काले कपड़ों में था, उसके शरीर पर और भी घाव थे, जिन्हें जय ने नहीं दिया था। जय ने इतने शव देखे थे कि समझ गया—वो मर चुका है।

    "आह!" एक तेज़ दर्द उसके सिर में उठा, और अब की बार यादें और भी साफ़ आने लगीं। उसने अपने हाथों को देखा—मुलायम चमड़ी, जो बिना किसी खरोंच के, आराम से खुलती और बंद होती थी।

    "मंत्र... वो सच में काम कर गया। मैं फिर से जन्मा हूं!"

    उसके लुक्स से लगता था कि ये शरीर किसी किशोर या युवा लड़के का है। बिना आईने के बताना मुश्किल था। "मुझे उस किताब पर शक था, लेकिन ये चल गई!" जय सोचने लगा। "भगवान का शुक्र है मैं जवान शरीर में आया। अगर बूढ़ा या लाचार निकला होता तो?"

    लेकिन इस नए जीवन का पहला अनुभव लगभग मौत था—कोई शुभ शुरुआत नहीं थी।

    कमरे का जायज़ा लेते हुए जय ने स्थिति समझने की कोशिश की। फर्श पर पानी से सड़ी लकड़ियाँ और दीवारों पर फफूंदी। पुराने लकड़ी के बर्तन और आधा खाया खाना जैसे किसी गुज़रे दौर की निशानी थे।

    "इनका खाना चल रहा था," जय ने गौर किया।

    यहाँ "इनका" से मतलब था—तीन और लाशें: एक पुरुष, एक महिला और एक किशोर लड़का। सब के शरीर पर जानलेवा ज़ख्म थे। यादों से लगा, ये उसका नया परिवार था। दिल में एक टीस उठी, लेकिन जय ने उसे दबा दिया।

    "इन्हें मारा गया था, शायद उसी आदमी ने जिसने मुझे भी मारने की कोशिश की। लेकिन क्यों?"

    नई यादें अधूरी थीं। कुछ नाम याद थे, पर कोई अनुभव या रिश्ते नहीं। मगर एक चीज़ उसे साफ़ याद थी—उसका नाम: जय मल्होत्रा।

    "शायद संयोग है कि इस शरीर का नाम भी जय है," उसने सोचा। "या शायद मंत्र ने ऐसा सुनिश्चित किया हो। जो भी हो, मैंने ये कर दिखाया।"

    उसने मुट्ठी बाँधी और जादू जगाने की कोशिश की। उसकी आँखें एकटक लगी थीं, ध्यान केंद्रित था, नसें तन चुकी थीं—लेकिन कुछ नहीं हुआ। वो अपने अंदर झाँकने लगा। कुछ देर बाद, उसे समझ आने लगा।

    'अब समझ आया कि मंत्र पहले क्यों फेल हुआ,' जय ने सोचा। 'क्योंकि इस लड़के के अंदर तो मना कोर ही नहीं है। और इसका मतलब ये कि अभी कोई जादुई विशेषता भी नहीं चुनी गई है!'

    शुरू में जय निराश हो गया था। एक ऐसे शरीर में जीना जिसमें जादू की नींव ही न हो—मतलब शून्य से शुरुआत। जिन वर्षों में उसने खुद को 9-स्टार जादूगर बनाया, वो पल भर में मिट गए। सब कुछ फिर से शुरू।

    लेकिन जैसे-जैसे उसने गहराई से सोचा, ये अभिशाप नहीं वरदान लगा। अगर शरीर में पहले से मना कोर होता, तो उसकी कोई ना कोई मौलिक जादुई विशेषता भी होती।

    पिछले जीवन में जय की प्राकृतिक विशेषता हवा की जादू थी, जिसमें वो निपुण था। लेकिन समय के साथ वो डार्क जादू की ओर खिंचता चला गया—एक रहस्यमयी कला, जिसे बहुत कम लोग अपनाते थे। वो इकलौता 9-स्टार जादूगर था जो सिर्फ डार्क जादू में पारंगत था। उसका नाम डर और सम्मान के साथ लिया जाने लगा—डार्क जादूगर।

    लेकिन हवा की प्रकृति होने के कारण, वो कभी पूरी तरह डार्क जादू में माहिर नहीं बन पाया। मगर अब, एक कोरे पन्ने के साथ, वो अपने पुराने दोष सुधार सकता था।

    उसने बगल में पड़ी लाश को देखा, और होंठों पर एक पागलपन भरी मुस्कान फैल गई। जय ज़मीन पर बैठा और ध्यान की मुद्रा में गया। हथेली से बहते खून से उसने एक जादुई गोला बनाया।

    'सदियों से ये माना जाता था कि किसी की जादुई विशेषता तो किस्मत से तय होती है। जब भी कोई अपना मना कोर बनाता, वो कोर एक विशेष रंग में चमकता, जो उसकी विशेषता को दर्शाता।'

    'लेकिन बाद में पता चला कि कुछ क्रियाएं मना कोर के निर्माण को दिशा दे सकती हैं—जब तक वो कोर बना न हो। तीखे खाने से आग, ऊँचाई से गिरने से हवा जाग सकती है। लेकिन डार्क विशेषता के लिए? उसके लिए एक अंधेरा रास्ता है... हत्या।'

    "हा हा हा!" जय की हँसी हवा में गूंजने लगी, पागलपन भरी, बेकाबू। "क्या ये किस्मत की चाल है? जैसे खुद ब्रह्मांड मेरा रास्ता दिखा रहा है!"

    जैसे ही उसने जादुई गोला पूरा किया, उसका ध्यान गहरा हो गया। आसपास की ऊर्जा घूमने लगी, लहरों की तरह, उसके चारों ओर लिपटती हुई, फिर उसके अंदर समा गई।

    उसे महसूस हुआ जैसे ऊर्जा की छोटी-छोटी बूँदें उसके दिल के पास इकट्ठी हो रही हों—वहीं जहाँ मना कोर बनता है। ये ऊर्जा एक ताक़तवर गोले में बदल गई।

    घंटों जैसे लगे, लेकिन आखिरकार प्रक्रिया पूरी हुई। अब जय के भीतर एक गहरा काला मना कोर था, जो उसके दिल को घेरे हुए था।

    उसकी आँखें खुलीं, और उनमें जीत की चमक थी।

    "डार्क जादूगर लौट आया है।"


    ---

  • 3. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 3

    Words: 1350

    Estimated Reading Time: 9 min

    -
    Jay के चेहरे पर मुस्कान थम ही नहीं रही थी। एक नई ज़िंदगी की शुरुआत करने का ख्याल, वो भी डार्क गुण के साथ, मतलब वो अब एक डार्क स्तर के तौर पर और भी ज़्यादा ता तक पहुँच सकता था जो उसने पहले कभी सोची भी नहीं थीं।

    एक रहस्यमयी ऊर्जा, जो गहरे बैंगनी, नीले और काले रंगों का मिश्रण थी, उसकी उंगली के चारों ओर घूमने लगी। ये गाढ़ी थी, जैसे पेंट हो, लेकिन साथ ही तरल भी, क्योंकि इसके कुछ हिस्से हरकत करते हुए गायब हो रहे थे।

    Jay ने अपनी उंगली को सामने रखी एक प्लेट की ओर ताना। “Dark ऊर्जा !” उसने चिल्लाया। ऊर्जा एक किरण की तरह बाहर निकली और सीधा प्लेट पर जा टकराई, जो टुकड़ों में बिखर गई।

    सिर्फ एक जादू का उपयोग करने से ही उसके सिर में हल्का दर्द होने लगा। डार्क मैजिक शक्तिशाली और विनाशकारी था, लेकिन यह दूसरे गुण की तुलना में बहुत ज़्यादा मना खपत करता था।

    अब जब उसके शरीर में एक डार्क कोर था, तो उसे बाकी गुणों को मज़बूत करने के लिए जादुई वस्तुओं, क्रिस्टल्स, जड़ी-बूटियों आदि का सहारा लेना पड़ेगा। किसी भी स्तर के लिए सभी गुणों को सीखना संभव था, लेकिन उसके कोर के अनुसार कुछ सीखना ज़्यादा कठिन होता था।

    जैसे कि Jay के लिए लाइट गुण में ताकत बढ़ाना मुश्किल होगा क्योंकि वो डार्क कोर के विपरीत है, लेकिन नामुमकिन नहीं। Jay चीजों को एक गेम की तरह समझता था जिससे वो आसान लगें।

    अगर ये गेम होता, तो डार्क कोर का मतलब होता कि किसी को Darkness गुण में 10 पॉइंट्स शुरू में ही मिलते। इन्हें विशेष तकनीकों या वस्तुओं की मदद से बढ़ाया जा सकता था। उसके डार्क कोर की वजह से Jay का शरीर चीजों को आसानी से अवशोषित कर सकता था और अपने पॉइंट्स बढ़ा सकता था।

    लाइट गुण से जुड़ी चीजें भी अवशोषित की जा सकती थीं, लेकिन एक पॉइंट बढ़ाने के लिए उसे दस गुना ज़्यादा ऊर्जा की ज़रूरत होती। बाकी गुणों को बढ़ाना आसान था, लेकिन डार्क जितना नहीं।

    इसके अलावा, अब कोई भी और गुण उसके डार्क कोर से ज़्यादा ताकतवर नहीं हो सकता था, क्योंकि वही उसके शरीर की नींव था।

    धीरे-धीरे उसका सिरदर्द कम हुआ, लेकिन एक और बड़ी समस्या सामने थी।

    'मैं अभी सिर्फ एक-स्टार स्तर पर हूँ,' Jay ने सोचा। 'मेरे पास सीमित मना है। और क्योंकि मेरे पास सिर्फ डार्क गुण है, मैं सिर्फ एक-स्टार डार्क स्पेल्स ही चला सकता हूँ, जो बहुत ज़्यादा मना खाते हैं। मुझे जल्दी ही कोई और गुण सीखना चाहिए, शायद विंड?'

    स्तर की रैंक उनके कोर में मौजूद मना की मात्रा से तय होती थी—एक-स्टार से लेकर नौ-स्टार तक। Jay अपने पिछले शरीर में एक नौ-स्टार स्तर पर था।

    लेकिन सिर्फ ज़्यादा मना होना ही ज़्यादा ताकतवर होने का संकेत नहीं था। इससे हाई-लेवल स्किल्स का इस्तेमाल किया जा सकता था, लेकिन लड़ाई में सिर्फ यही काफ़ी नहीं था, खासकर जब आपके पास कई force और गुण हों।

    Jay ने अपनी शुरुआती कई लड़ाइयाँ डार्क मैजिक की ताकत से जीती थीं, क्योंकि लोग इसकी ताकत को कम आँकते थे।

    उसने अपने हाथ रगड़े और मुस्कान रोक नहीं पाया, फिर ज़ोर से हँस पड़ा।

    'हाहा! लेकिन मैं ज़्यादा देर तक एक-स्टार मास्टर पर नहीं रहूँगा! मुझे पूरा यकीन नहीं था कि ये स्पेल काम करेगा, इसलिए मैंने अपने सारे आइटम्स, हर्ब्स और क्रिस्टल्स एक सीक्रेट वॉल्ट में छिपाकर रख दिए थे! मुझे बस उसे एक्सेस करना है, और मैं फिर से नौ-स्टार मास्टर बन जाऊँगा!'

    Jay अब अपनी नई ज़िंदगी की कल्पना कर रहा था—एक ऐसी ज़िंदगी जहाँ वो अपराधी नहीं था, जहाँ ग्रैंड मास्टर उसका पीछा नहीं कर रहे थे, और जहाँ वो पहले से भी तेज़ी से ताकतवर बन सकता था। जितने प्रयोग उसने किए थे और जितना अनुभव हासिल किया था, उससे वो इस नई ज़िंदगी में सबसे तेज़ तरक्की करेगा। लोग उसे एक जीनियस कहेंगे, और सही समय पर वो अपना बदला ज़रूर लेगा।

    तभी, ज़ोर-ज़ोर से दरवाज़ा पीटने की आवाज़ें आने लगीं, जैसे कोई उसे तोड़ ही देगा।

    "दरवाज़ा खोलो!" बाहर से एक भारी आवाज़ आई। Jay को वो आवाज़ थोड़ी अजीब लगी, जैसे उसमें कोई अलग टोन और लहजा था, लेकिन फिर भी वो साफ़-साफ़ समझ सका। "हम पावर ऑफ आर्काना हैं! हमें इस घर से चीखों की सूचना मिली है! अगर दरवाज़ा नहीं खोला गया, तो हम इसे तोड़ देंगे!"

    'पावर ऑफ आर्काना ?' Jay ने सोचा, लेकिन उसे ऐसा कोई नाम याद नहीं आया। शायद ये कोई गुप हो? वो अब नए शरीर में था और सभी मास्टर group के नाम नहीं जानता था, इसलिए उसे सतर्क रहना होगा।

    'अगर उन्हें पता चल गया कि मैं डार्क मैजिक कर रहा हूँ, तो वो तुरंत मुझे रिपोर्ट कर देंगे!' Jay को एहसास हुआ। उसे ढूंढ़ने का एक बड़ा कारण ये भी था कि डार्क मैजिक सीखना मना था।

    दरवाज़े पर धमाके जारी रहे और अंत में वो रुक नहीं पाए। दरवाज़ा ज़ोर से फटा और दीवार से टकराते हुए अपनी जगह से निकल गया। पाँच आदमी लाल कवच पहने अंदर घुस आए।

    Jay ने हाथ उठाए और सतर्कता से उन्हें देखा।

    'उम्मीद है ये लोग मुझे कातिल नहीं समझेंगे। हालांकि अकेला ज़िंदा बचा होना अच्छे संकेत नहीं देता। मैं जानना चाहता हूँ कि ये मास्टर किस लेवल के हैं।'

    लेकिन जैसे-जैसे वो लोग अंदर आए, Jay को कुछ बेहद अजीब लगा। सबसे पहली बात, वो सब कवच पहने थे, हल्के कपड़े नहीं। और सबके शरीर काफ़ी मज़बूत थे।

    कुछ के पास तलवारें और दूसरे हथियार भी थे।

    'क्या पावर ऑफ आर्काना कोई मैजिक वेपन ग्रुप है? अगर ऐसा है, तो ये वाकई मुश्किल हो सकता है।'

    वो लोग अंदर फैल गए और शवों को देखते ही उनकी आँखों से भावनाएँ गायब हो गईं।

    "ये क्या हुआ है यहाँ…" एक आदमी ने कहा। "क्या ये कोई हत्या थी? कोई सिंग परिवार को क्यों निशाना बनाएगा?"

    Jay ने उन्हें बात करते सुना लेकिन एक बात समझ नहीं आई—'सिंग'? उसका नाम था… वो Jay था।

    'रुको, क्या मैं सिर्फ उसका पहला नाम याद रख पा रहा हूँ… क्या इसका मतलब है कि मेरा कोई फैमिली नाम नहीं है? लेकिन यहाँ तो सबके फैमिली नाम होते हैं। और ये लोग… ये मेरी फैमिली ही हैं।'

    एक लड़का अंदर आया और जैसे ही उसने खून से सना दृश्य देखा, उसने मुँह ढक लिया। लेकिन उसकी नज़र जल्दी ही Jay पर पड़ी।

    "Jay!" वो लड़का बोला। "तुम्हें क्या हुआ… तुम्हारे बाल?"

    'मेरे बाल… बालों में ऐसा क्या है? कोई बालों पर कमेंट क्यों करेगा? खैर, कम से कम ये जानता है कि मैं कौन हूँ। अब शांत रहना सही नहीं होगा।'

    जब Jay को लगा कि उसे जानने वाला कोई है, तो उसने ज़रा सा नाटक करने का फ़ैसला किया। वो घुटनों के बल गिर पड़ा और सिर पर हाथ रखकर ज़मीन की ओर देखने लगा।

    "मेरी फैमिली… सब मर गए!" Jay ने कहा।

    "Jay," उस आदमी ने धीमी आवाज़ में कहा।

    "अशोक!" पावर ऑफ आर्काना का सबसे उम्रदराज़ सदस्य जो अपने मोटे मूंछों से पहचाना जाता था, और उस समूह का लीडर था, चिल्लाया। जैसे ही उसने नाम पुकारा, युवा सदस्य ने ऊपर देखा।

    "इस लड़के को यहाँ से ले जाओ, इसका ध्यान रखा जाए। हम देखेंगे यहाँ क्या हुआ है। अभी के लिए इसे आराम मिलना चाहिए।"

    "जी, सर!" अशोक ने कहा और Jay की ओर बढ़ा, लेकिन इससे पहले कि वो उसे सहारा देता, Jay खुद ही खड़ा हो गया और हाथ हिलाकर इशारा किया कि ज़रूरत नहीं।

    "कोई बात नहीं, मैं खुद चल सकता हूँ," Jay ने कहा और वो अशोक के साथ बाहर निकल गया। जैसे ही वो बाहर आया, सूरज की तेज़ रोशनी ने उसकी आँखें चकाचौंध कर दीं, और थोड़ी देर बाद वो देख सका कि वो कहाँ है।

    'रुको… ये सब क्या है? ज़मीन पर सिर्फ धूल है। घर ऐसे जैसे बस जोड़े गए हों… कोई गगनचुंबी इमारत नहीं, लाइट्स भी नहीं दिख रहीं, और दूर-दूर तक पहाड़ ही पहाड़?'

    लोग अजीब तरह के कपड़े पहने हुए थे, ज़्यादातर हथियार लिए हुए। सब सामान्य से दिख रहे थे, कोई स्पेशल क्रिस्टल नहीं था, और एक बात और थी जो साफ़ दिखाई दे रही थी—यहाँ कोई भी जादू का उपयोग नहीं कर रहा था।

    'रुको ज़रा… क्या ये… क्या ये… दूसरी दुनिया है!'

  • 4. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 4

    Words: 941

    Estimated Reading Time: 6 min

    एक बिलकुल ही नई दुनिया जय मल्होत्रा की आँखों के सामने खुल गई थी, ऐसी नज़ारे जो उसने पहले कभी नहीं देखे थे। ताजे फल और सब्जियों से सजी बाजार की दुकानें गलियों में सजी थीं और लोग खुलेआम अपने शरीर से हथियार बांधे घूम रहे थे।

    कोई भी इमारत तीन मंज़िल से ऊँची नहीं थी, हर एक अपने पड़ोसी के करीब सटी हुई। कहीं भी कोई वाहन दिखाई नहीं दे रहा था—जो उसके पुराने संसार से एकदम अलग था जहाँ गाड़ियाँ आसमान में उड़ती थीं। यहाँ सिर्फ हाथ से खींची या धकीली गई माल से भरी गाड़ियाँ थीं। लोग सिक्कों और नोटों से लेन-देन कर रहे थे, तकनीक पर नहीं। यह साफ़ था कि यह दुनिया वह नहीं थी जिसे जय जानता था।

    जब वह अशोक के पीछे चल रहा था, उसने हर एक चीज़ को ध्यान से देखा और अपने हालातों पर सोचने लगा।

    'क्या यह वाकई एक और दुनिया है? या फिर मैं ऐसी जगह आ गया हूँ जहाँ समाज और तकनीक अब भी पुराने ज़माने में हैं? लेकिन फिर... यहाँ जादू क्यों नहीं है? यह ज़रूर कोई दूसरी दुनिया है,' जय ने सोचा।

    'किताब ने कहा था कि मैं एक नए शरीर में जन्म लूंगा, लेकिन उसने कभी नहीं बताया कि कहाँ या कैसे। मुझे यह समझ जाना चाहिए था कि जो किताब काले जादू की मांग करती है, उसमें कुछ भी आसान नहीं होता।'

    अचानक, जय बीच सड़क में रुक गया और उसका हाथ अपने सीने पर चला गया, जैसे कोई भारी सच उस पर आ गिरा हो।

    'मेरे ख़ज़ाने!' उसने मन ही मन अफसोस किया। 'अगर मैं किसी और दुनिया में हूँ, तो मैंने जो भी इकठ्ठा किया था, वह सब चला गया... हमेशा के लिए। अब मैं अपनी शक्ति कैसे बढ़ाऊँ?'

    उसके मन में पुरानी यादें लौट आईं: जिन जानलेवा परीक्षाओं से वह गुज़रा था, जो मायावी राक्षसों से लड़ाइयाँ लड़ी थीं, जिनमें वह मुश्किल से बच पाया था। वो सारी मेहनत अब बेकार हो गई थी।

    एक आँसू बहने ही वाला था जब अशोक ने जय के चेहरे पर उदासी देख ली।

    'बेचारा लड़का, अभी-अभी उसने अपना पूरा परिवार खो दिया है। अब जाकर उसे असलियत समझ आ रही होगी,' अशोक ने सोचा।

    'मेरी चीज़ें!!!' जय ने अपने आँसू रोकते हुए खुद को आगे बढ़ने पर मजबूर किया।

    लेकिन जैसे ही उसने इस नुक़सान को स्वीकार करना शुरू किया, एक और विचार उसके दिमाग में आया।

    'रुको... ग्रैंड मास्टर! वो इस दुनिया में हैं ही नहीं। मेरा जन्म लेने का मकसद तो था बदला लेना। अगर वो लोग यहाँ नहीं हैं, तो मेरे अस्तित्व का मतलब ही क्या है?'

    'पुनर्जन्म तो एक चीट-कोड होना चाहिए था, ना? मैजिक acedmy  में जाना, पाँच साल की उम्र में प्रतिभाशाली कहलाना, बदमाशों को हराना जो तुम्हें कम आँकते हैं, और अपने आलोचकों को चुप कराना?'

    उसका सपना उसकी आँखों के सामने बिखर रहा था।

    "तू रुक साले चोर!" एक मोटा, गंजा आदमी चिल्लाया, जिसकी चेहरे से पसीना बह रहा था और वह एक छोटे बच्चे के पीछे दौड़ रहा था, जो लगभग पाँच साल का लग रहा था।

    बच्चा, जो फटे पुराने कपड़ों में लिपटा था और जिसका शरीर चोटों और मिट्टी से भरा हुआ था, जय के पास से दौड़ गया। उसके पीछे वह आदमी आ रहा था, जो थके हुए बच्चे से तेज़ लग रहा था।

    जय ने अपनी मैजिक पावर को छुआ, और अपनी उंगली में एक ऊर्जा लहर सी महसूस की।

    "डार्क  ऊर्जा  ," उसने धीरे से कहा। उसकी उंगली से एक हल्की ऊर्जा की किरण निकली, जो सूरज की रौशनी में लगभग अदृश्य थी, लेकिन जाकर उस आदमी के पैर पर लगी और वह मुँह के बल ज़मीन पर गिर गया।

    'वो आदमी खाया-पिया लग रहा था, और बच्चा भूखा—दो रोटियाँ तो झेल सकता है।'

    लोग उस गिरे हुए आदमी के चारों ओर जमा हो गए—कुछ हँसे, कुछ ने उसकी मदद की। लेकिन बच्चा बच गया, और किसी ने जय की इस हरकत को नहीं देखा।

    'भूख किसी को सहनी नहीं चाहिए,' जय ने सोचा और आगे बढ़ गया।

    आखिरकार वे अपनी मंज़िल पर पहुँचे: एक विशाल भवन जो दीवारों से घिरा था और दो बड़े लाल दरवाज़ों के बीच खड़ा था। दीवारों के पार, वह भवन भव्यता से खड़ा था, जिसकी छत पर प्राचीन टाइलें और ड्रैगन की नक्काशियाँ थीं। सहारा देने वाले खंभों पर जटिल नक्काशियाँ थीं, जैसे कोई खोई हुई कला का नमूना हो।

    दरवाज़ों के सामने दो पत्थर के शेर खड़े थे—शाही और रक्षक जैसे। पास में दो गार्ड खड़े थे, लाल यूनिफॉर्म में, अशोक जैसे, भाले लिए एकदम मूर्तियों जैसे।

    दरवाज़े के ऊपर एक बोर्ड था: 'पावर ऑफ आर्काना'। शब्द और लिपि जय को अनजाने थे, लेकिन फिर भी वो उन्हें पढ़ सका।

    'यह मेरी दुनिया नहीं है। और यह “गुप” क्या होता है? यह कोई गिल्ड या संगठन नहीं है। कैसी दुनिया में मैं आ गया हूँ? अगर यहाँ जादू नहीं है... तो क्या लोग मुझे भगवान मानेंगे?'

    ———

    जय खुद को पावर ऑफ आर्काना कबीले के एक गेस्ट रूम में पाया—जिसे “भवन” कह पाना सही नहीं होगा क्योंकि वो एक बड़ा परिसर था, जहाँ कई इमारतें और दो बड़े आँगन थे। हर ओर लोग लाल यूनिफॉर्म में घूम रहे थे।

    सूरज डूब चुका था, और कई सौ निवासी पहले ही सोने जा चुके थे। जय को एक कोने के कमरे में रखा गया था जो सबसे बड़ी इमारत से थोड़ी दूरी पर था।

    कमरा बहुत सादा था: एक बिस्तर, एक मेज़ और एक तेल वाला दीपक बस।

    'यहाँ बहुत अंधेरा है। मैं अपनी मैजिक से देख सकता हूँ, लेकिन फिर मेरी मना खर्च होगी। एक-स्टार मास्टर की परेशानी फिर से शुरू हो गई है। मुझे अपनी मना बढ़ानी होगी। डार्क मैजिक तब तक बेकार है जब तक उसे चलाने के लिए मना ना हो।'

  • 5. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 5

    Words: 829

    Estimated Reading Time: 5 min

    जय ने सोचा कि वह अभी बस पाँच जादू ही जल्दी से चला सकता है। उसके नए परिवार की मौत भी अभी तक उसे झकझोर रही थी। और किसी को उसके बारे में कुछ नहीं पता, कोई भी उसे ढूंढ़ सकता है।

    पावर ऑफ आर्काना शायद इस दुनिया में कुछ ताकत रखते थे—कम से कम, वह यहाँ फिलहाल सुरक्षित था।


    बाथरूम की तरफ जाते हुए जय को एक और झटका लगा। बाथरूम में कोई दरवाज़ा नहीं था, और वह बस एक कमरे का हिस्सा था। और टॉयलेट—वह तो बस ज़मीन में एक गड्ढा था।

    'नहीं... प्लीज़, मत कहो कि टॉयलेट सिर्फ़ एक गड्ढा है!' उसने गहरी साँस ली। 'मैं तो इससे भी बद्तर जगह  में भी रहा हूँ, लेकिन ये तो हद है।'

    इस एहसास ने उसके इरादों को मज़बूत किया—अगर वह इस दुनिया में आ गया है, तो यहाँ से लौटने का रास्ता भी ज़रूर होगा।

    तेल का दीपक लेकर, उसने कमरे के शीशे में अपने नए रूप को देखा।

    जैसा उसने सोचा था, उसकी त्वचा अब भी जवानी जैसी चिकनी थी, चेहरे पर कोई झुर्री नहीं थी। वह किशोर लग रहा था। लेकिन उसका शरीर बहुत ही दुबला था।

    उसके बाल—थोड़े सीधे और किनारों से मुड़े हुए—पूरे सफेद थे।

    'मेरे पिछले शरीर में भी सफेद बाल थे। मैंने 5-स्टार मैजिक के लिए एक निषिद्ध प्रक्रिया करवाई थी। वो काम कर गई थी, लेकिन धीरे-धीरे मेरी सेहत खराब होती गई और बाल सफेद हो गए थे।'

    उसे याद आया कि अशोक ने उसे देखकर कैसे प्रतिक्रिया दी थी।

    'क्या इस शरीर के असली मालिक के सफेद बाल नहीं थे? क्या मेरी आत्मा के आने से ये बदलाव आया?'

    तभी दरवाज़े पर दस्तक हुई, और अशोक अंदर आया।

    "माफ कीजिए देर के लिए, जय," अशोक ने कहा। "हमें समझ है कि आप चिंतित और उलझे हुए हैं। अगर आप कुछ भी जानकारी साझा कर सकें, तो हमारे लिए मदद होगी।"

    यह साफ था कि वे उसे संदेह की नज़र से नहीं देख रहे थे, जबकि वह अकेला जीवित बचा था। जय ने इस मौके को सच आधा बताने के लिए चुना।

    उसने बताया कि वह एक जानलेवा हमले के बीच उठा था और आत्मरक्षा में उसने किसी को मार डाला था। यहाँ के लोग हथियार लेकर चलते हैं, तो यह बात उतनी असामान्य नहीं लगेगी।

    फिर जय ने कहा कि उसे कुछ भी याद नहीं—ना इस दुनिया के बारे में, ना अपनी उम्र, और ना ही किसी को पहचानने की बात। यह बहाना भविष्य में अजीब हरकतों के लिए ढाल का काम करेगा।

    "
    मैं समझ सकता हूँ कि आप किन भावनाओं से गुजर रहे हैं," अशोक ने सहानुभूति जताई। "क्या आपको मेरी कोई याद है?"
    जय ने सिर हिला दिया। इस शरीर के पास सिर्फ़ कुछ धुंधली यादें थीं।

    "ठीक है, एक मिनट," अशोक बाहर गया और थोड़ी देर में एक किशोर लड़की को लेकर लौटा। उसके बाल मोटे और काले थे, कंधों से नीचे तक बिखरे हुए।

    उसकी पोशाक भी वैसी ही थी जैसी जय की—सादा ग्रे शर्ट और पैंट—लेकिन उसकी आँखों के नीचे काले घेरे थे।

    जैसे ही जय की नज़र उस पर पड़ी, उसके भीतर भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा, और वह अनजाने में मुस्कुरा उठा।

    "भगवान का शुक्र है," अशोक ने राहत की साँस ली। "लगता है तुम्हें अपनी बहन रश्मि की याद है।"

    'रुको... मेरी बहन? क्या उसने अभी कहा... मेरी बहन?'

    अचानक, जैसे सब कुछ जुड़ने लगा। बिलकुल वैसे जैसे जब उसने अपने माता-पिता को देखा था। पुरानी यादें लौट आईं, और वह इस लड़की को पहचान गया।

    "वो अलमारी में छिपी हुई थी जब हमला हुआ था। जब हमने घर की तलाशी ली, तो उसे कांपते हुए अंदर पाया। तुम दोनों का ज़िंदा बच जाना किसी चमत्कार से कम नहीं," अशोक ने बताया। "अब तुम दोनों अकेले बात कर सकते हो।"


    अशोक चला गया। रश्मि ने अपने भाई की ओर देखा और हल्की मुस्कान दी। वह जय की उम्र की लग रही थी, लेकिन उसे याद था कि वह दो साल छोटी थी।

    वह तुरंत जय के पास दौड़ी और उसका हाथ पकड़ लिया, अपना सिर उसके कंधे पर रख दिया। जय का दिल धड़कने लगा, और उसकी आँखों के सामने दृश्य तैरने लगे।

    "मुझे मत छूओ!" वह चिल्लाया और झटके से खुद को छुड़ाकर पीछे हट गया।

    उसकी आँखें कुछ पल जय की आँखों से मिलीं, फिर आँसुओं से भर गईं। वह एक कुर्सी के पीछे जाकर बैठ गई, जैसे ज़मीन पर गिरने वाली हो।

    जय की साँसें तेज़ चल रही थीं। उसकी इस हरकत ने उसे अंदर तक झकझोर दिया।

    'यह शरीर... अब भी उससे प्रतिक्रिया दे रहा है... और मेरी भावनाएँ पूरी तरह से गड़बड़ हैं।'

    वह डर से कांपती रश्मि के पास गया।

    "मैं... माफ़ी चाहता हूँ," वह बोला। "मेरे दिमाग में कुछ गड़बड़ है। मैं टूट चुका हूँ और छुए जाने से घबरा जाता हूँ। समझ पा रही हो?"

    रश्मि ने धीमे से सिर हिलाया।

    'कमाल है... उसका पूरा परिवार मर गया, और जो एकमात्र बचा है, वह उसे चिल्लाकर झिड़क देता है। उसके लिए ये और कितना मुश्किल होगा?'

    धीरे-धीरे रश्मि उठी और दोनों वहाँ...

  • 6. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 6

    Words: 1108

    Estimated Reading Time: 7 min

    जय और रश्मि खुद को एक ऐसी जगह पर पाते हैं जिसे स्थानीय लोग और पावर ऑफ आर्काना"मंदिर" कहते हैं। लेकिन जय के पुराने ग्रह रेधर पर, इसे "अनाथालय" कहा जाता।

    ये विशाल एस्टेट आधे पहाड़ पर बसा हुआ था, शहर से थोड़ा अलग-थलग। सामने एक बड़ी टाइल वाली खुली जगह और एक चौड़ी सी इमारत। जय सोचने लगा कि रेधर पर इतना भव्य निर्माण करवाने में कितनी लागत लगती।

    नए आए बच्चों को मिलाकर अब उस अनाथालय में कुल बारह बच्चे थे, सबकी वजहें अलग-अलग थीं। लेकिन ये कोई आम अनाथालय नहीं था। यहाँ रहने की अनुमति सिर्फ तभी मिलती जब मिस्टर तेज  मंजूरी देते। मिस्टर तेज – गंजे, साधु जैसे कपड़े पहने, जिनके चेहरे से लेकर ठुड्डी तक एक गहरा निशान था।

    बच्चे पुराने, ढीले कपड़ों में थे। उनकी उम्र पाँच साल से लेकर जय जैसे किशोरों तक थी, जिसे अभी हाल ही में पता चला कि वह पंद्रह साल का है।

    अशोक ने कहा था कि अगर वह एक साल बड़ा होता, तो उसे सड़कों पर रहना पड़ता। यह सोचते हुए जय को एक भूखा बच्चा याद आया—जिसे मंदिर में नहीं लिया गया। तब जय को समझ नहीं आया कि मिस्टर तेज के नियम क्या हैं।

    अशोक ने बताया था कि यहाँ रहने के कुछ मापदंड हैं और फिर उन्हें मिस्टर तेज के हवाले कर दिया था, ये कहकर कि अब वे सुरक्षित हैं। अशोक वाकई ऐसा मानता था या फिर हमले के बाद उन्हें ढाढ़स बंधाने के लिए कहा था, ये बात जय को अब तक समझ नहीं आई। लेकिन बीती रात की घटनाओं ने उसे यह सोचने पर मजबूर किया कि इस दुनिया की मार्शल आर्ट्स को समझना जरूरी है।

    पहली रात उन्हें एक ही कमरा मिला, जिसमें सिर्फ एक बिस्तर था। जय ने बिना कुछ कहे रश्मि  को बिस्तर दे दिया और खुद नीचे फर्श पर सो गया। रश्मि ने इशारे से बिस्तर साझा करने का सुझाव दिया, लेकिन जय ने तुरंत अपनी “नो टचिंग” वाली रूल याद दिला दी। रश्मि निराश होकर चुप हो गई।

    अगली सुबह मंदिर में मदद करने के लिए तैयार होकर जब वे मुख्य हॉल में पहुँचे, तो वहाँ एक जानी-पहचानी शक्ल मिली।
    "अरे, लगता है तुम दोनों ने आराम से नींद पूरी कर ली," अशोक ने मुस्कराते हुए कहा। "मैंने कहा था ना कि मैं अगली सुबह चेक करने आऊँगा। अब जब देख रहा हूँ कि तुम ठीक हो, तो मैं निकलता हूँ।"

    "रुको!" जय ने बीच में टोका। "असल में, मुझसे कुछ सवाल पूछने हैं।"

    जब रश्मि मिस्टर तेज के साथ अपनी ड्यूटीज़ सीखने चली गई, तब जय और अशोक एक कमरे में चले गए—वह कमरा काफी बड़ा था, जहाँ ऊँचे दर्जे की किताबें और फर्नीचर थे, जय के घर से कहीं बेहतर।

    अशोक सिंगल चेयर पर बैठा और जय को सामने वाले सोफ़े पर बैठने को कहा।
    "तो, बताओ क्या पूछना है?"

    जय को इस दुनिया के बारे में कई बातें याद नहीं थीं, खासकर मार्शल आर्ट्स को लेकर। उसके अपने संसार में, मार्शल आर्ट्स सिर्फ एक एक्सरसाइज़ थे, कोई युद्ध कौशल नहीं। कोई दीवार तोड़ने वाली पंच करना उसके लिए सिर्फ काल्पनिक बात थी।

    "ओह, अब समझा। मतलब मुझे तुम्हें एलियन की तरह ट्रीट करना चाहिए?"

    ‘और नहीं तो क्या, मैं किसी और दुनिया से ही हूँ,’ जय ने मन में सोचा।

    अशोक ने जो कुछ बताया, उससे जय की जिज्ञासा और बढ़ गई। ये दुनिया तो सिर्फ थोड़ी नहीं, पूरी तरह अलग थी।

    यहाँ के मार्शल आर्ट्स उपयोगकर्ता को  वॉरियर्स कहा जाता था, जैसे कि जादूगरों को मेजेस कहते हैं। लेकिन इसके पीछे एक खास वजह थी।

    हर कोई मार्शल आर्ट्स को उस स्तर तक नहीं सीखता जितना जय ने देखा।  वॉरियर्स एक अलग समुदाय थे, सेना या साम्राज्य से स्वतंत्र, जिनके अपने सामाजिक नियम थे। सामान्य नियम था कि  समुदाय किसी और के मामलों में दखल नहीं देता और दूसरों को भी उनसे दूर रहना होता है—हालाँकि अशोक के अनुसार ये सिर्फ बहाना था। असल में,  वॉरियर्स को ज़्यादा आज़ादी थी, यहाँ तक कि हत्या की इजाज़त भी। राज्य भी कई बार इनसे सेवाएं लेकर भुगतान करते।

    "अब जब तुम  वॉरियर्स के बारे में जान चुके हो, तो ये समझ लो कि ये तीन बड़े गुटों में बँटे हैं। पूरे महाद्वीप को तीन गुटों में बाँटा गया है:

    'डार्क दल', 'लाइट दल' और 'डेमन दल'।"

    अशोक ने नक्शे पर उनके क्षेत्रों को दिखाया। हर क्षेत्र में कई राज्य और समुदाय थे।

    "हर गुट में कई परिवार होते हैं, और हर परिवार की अपनी विशिष्ट मार्शल आर्ट्स शैली होती है जो वे अपने वफादारों को सिखाते हैं। जैसे हम पावर ऑफ आर्काना डार्क दल  का हिस्सा हैं।"


    ने ये भी बताया कि एक ही गुट में होने का मतलब दोस्ती नहीं होता। ज़्यादातर कबीले स्वतंत्र रूप से काम करते हैं।

    गुटों का वर्गीकरण इस बात पर होता है कि उनकी मार्शल आर्ट्स शक्ति का स्रोत क्या है। लाइट वाले अच्छे और डार्क वाले बुरे हैं, ये जरूरी नहीं। ये बस उनकी ऊर्जा के प्रकार पर निर्भर करता है।

    जय को यह हिस्सा बहुत दिलचस्प लगा, खासकर क्योंकि उसकी खुद की शक्ति का इससे संबंध हो सकता था। वह एक मेज था, और शोध उसकी ताकत।

    "अब जो मैं बताने वाला हूँ, वो सबसे जरूरी है," अशोक ने गंभीर होकर कहा। " वॉरियर्स अपनी शक्तियों को साधते हैं, अपनी तकनीकों को निखारते हैं। इनमें ऐसे मास्टर्स भी हैं जो एक घूंसे में शहर तबाह कर सकते हैं।"

    ये ताकत 9-स्टार मास्टर के बराबर लग रही थी।

    वह वह फाइटर्स को तीन भागों में बाँटा जाता है—
    प्रारंभिक स्तर: रैंक 1 से 6,
    मध्य स्तर: रैंक 7 से 9,
    दैवीय स्तर: रैंक 10 से 12।

    अगर तुम कभी  वॉरियर बने, तो इन स्तरों की भयावहता खुद महसूस करोगे। हर रैंक में ताकत का फर्क बहुत ज्यादा होता है। तुम्हारे लिए अभी इतना समझना काफी है कि अगर कभी 'दैवीय स्तर' शब्द सुनो, तो सामने वाले को नाराज़ मत करना। कोई तुम्हें नहीं बचा पाएगा।"

    जब अशोक ये बात कह रहा था, उसकी आवाज़ और व्यवहार पूरी तरह बदल गए थे। जय अब भी एक नो नेम था—ना कोई कुल, ना कोई साम्राज्य से संबंध।

    अगर वह किसी ताकतवर  योद्धा के शरीर में जन्मा होता, तो शायद बात ही कुछ और होती।

    "तो... तुम किस स्तर पर हो?" जय ने पूछा।

    अशोक ने सीने पर हाथ मारते हुए कहा, "मैं प्रारंभिक स्तर का रैंक 2  योद्धा हूँ।"

    जय काफी प्रभावित हुआ। अगर एक रैंक 2 योद्धा इतना ताकतवर है, तो दैवीय स्तर का क्या ही होगा!

    इतना सोचते-सोचते, उसे कुछ याद आया।

    "रुको, जो लोग हम पर हमला कर रहे थे... क्या वो भी  वॉरियर्स थे?"

    अशोक ने सिर हिलाया।

    "तो फिर... अगर ऐसा है, तो कोई  वॉरियर्स हमारी जैसी नो नेम फैमिली को क्यों निशाना बनाएगा? और क्यों वे हमें फिर से मारने आए?"

  • 7. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 7

    Words: 1084

    Estimated Reading Time: 7 min

    अब तक जो Jay Malhotra ने जाना था, उसके मुताबिक योद्धा के सदस्य आम तौर पर इंसानों के मामलों में दखल नहीं देते थे। केवल ऊँचे पदों पर बैठे लोग या जो विशेष रूप से परेशान होते, वही हस्तक्षेप करते। इसीलिए हाल ही में हुआ हमला उसे चौंकाने वाला लगा।

    "सच कहूँ तो मुझे खुद नहीं पता," अशोक ने गहरी साँस छोड़ते हुए कहा। "इस वक्त बहुत कुछ ऐसा हो रहा है जो हमें समझ नहीं आ रहा। भले ही पावर ऑफ आर्काना इस इलाके पर नियंत्रण रखती है, सब कुछ मॉनिटर कर पाना मुश्किल है।"

    "देखो, मुझे पता है कि तुम जवाब चाहते हो, लेकिन बदले के बारे में सोचना भी मत। एक आम इंसान का रैंक 1  योद्धा से मुकाबला कोई मायने नहीं रखता। याद रखो, तुम्हारी एक बहन भी है जिसकी देखभाल तुम्हें करनी है।"

    ‘बदला!’ Jay ने सोचा। ‘क्यों मैं उस परिवार की परवाह करूँ जिससे मेरा कोई संबंध या याद नहीं है? जिनसे मुझे सच में बदला लेना है, वे तो वो ग्रैंड मास्टर हैं।’

    अशोक आधा दरवाज़ा पार कर चुका था और जल्दी में भी था, इसलिए Jay ने उससे और सवाल नहीं किए। वो अगली मुलाक़ात में पूछ सकता था या खुद ही कुछ जानकारी जुटा सकता था।

    मिस्टर तेज  के पास वापस लौटने पर Jay को मंदिर में रहने वाले बाकी लोगों से मिलवाया गया। चार उसकी उम्र के थे: तीन लड़के और एक लड़की।

    सबसे पहले जो Jay की नजर में आया, वो था एक साँवले रंग का, घुंघराले बालों वाला लड़का, जिसका नाम था विनेय और जो हमेशा एक मूर्खतापूर्ण लेकिन प्यारी मुस्कान लिए रहता था। वो सच में नए साथियों को पाकर बहुत खुश लग रहा था।

    इसके बाद दो लड़के थे: एक छोटा कद, आकर्षक चेहरा और मजबूत शरीर वाला जो Jay के कंधे तक ही आता था—नाम था राघव । वह बिना वजह बुलाए जाने से चिड़चिड़ा लग रहा था।

    उसके बगल में थे जुड़वां भाई-बहन—रणवीर  और राहा । दोनों बिल्कुल एक जैसे दिखते थे, फर्क सिर्फ बालों की लंबाई का था। उन्होंने शालीनता से परिचय दिया लेकिन उनमें कोई विशेष उत्साह नहीं था।

    बाकी के बच्चे काफी छोटे थे और रश्मि और Jay को मुस्कान, हाथ हिला कर और झुककर अभिवादन किया।

    परिचय के बाद सब अपने-अपने काम में लग गए। रश्मि सजावटी सामान और फर्श साफ़ करने के बाद बाहर झाड़ू लगाने लगी। उसे सफाई के लिए जुड़वां भाई-बहनों के साथ जोड़ा गया था, यही यहाँ का मुख्य काम था। Jay को खाने की तैयारी में मदद के लिए कहा गया और उसे विनय के साथ काम करना था।

    वे रसोई में घुसे, जो एक बड़ी कैंटीन जैसी लग रही थी—सैकड़ों लोगों के खाने लायक। विनय ने आलुओं की एक बड़ी टोकरी उठाई और ज़ोर से मेज पर पटक दी।

    "ठीक है, बस मेरी तरह करते जाना, और मुझे लगता है तुम जल्दी सीख जाओगे!" विनेय ने मुस्कुराते हुए कहा।

    वे आलू धोने लगे, फिर चाकू से कुछ जड़ें हटाईं, उन्हें छीला और दूसरी टोकरी में डाल दिया। विनय Jay पर नज़र रखे हुए था और थोड़ी हैरानी भी हो रही थी।

    "अरे, तुम तो मुझसे भी अच्छे से आलू छील रहे हो! चाकू चलाना कहाँ से सीखा?" विनेय ने पूछा।

    "मैं कुछ समय अकेला रहा हूँ और खुद ही खाना बनाना सीखा। मैं ये बहुत पहले से कर रहा हूँ," Jay ने जवाब दिया।

    "बहुत पहले से? तुम तो मेरी उम्र के लगते हो! क्या तीन साल की उम्र से आलू छील रहे हो?" विनेय ने मजाक किया और अपना काम जारी रखा।

    Jay ने बिना सोचे जवाब दे दिया और फिर उसे एहसास हुआ कि शायद उसने ज़्यादा बता दिया। बच्चे उसकी पिछली ज़िंदगी के बारे में नहीं जानते थे, और बच्चे तो सवाल पूछने से बाज़ नहीं आते। इस समय के हिसाब से तो Jay को अपने परिवार के साथ रहना चाहिए था, अकेले नहीं। उसे अपनी कहानी में स्थिरता रखनी थी।

    "तुम्हारी ज़िंदगी भी मुश्किल रही होगी, है ना? चिंता मत करो, यहाँ हर किसी ने कुछ न कुछ झेला है। लेकिन ज़्यादा सोचो मत; हम एक अच्छे जगह पर हैं," विरेन ने तसल्ली दी।

    Jay को अशोक की बात याद आई कि वे यहाँ सुरक्षित हैं, और यह सब मिस्टर तेज की वजह से है।

    "क्या ये सब मिस्टर तेज की वजह से है? क्या वो भी एक  योद्धा हैं?" Jay ने पूछा, यह जानने के लिए कि वो किस माहौल में है और संभावित ख़तरों को आँक सके। उसकी मौजूदा ताकत से वह शायद एक रैंक 1 योद्धा से भी न जीत पाए।

    "हा!" विरेन हँसा। "लगता है तुम्हें अभी तक नहीं बताया गया; आखिर तुम अभी-अभी आए हो।" वह इधर-उधर देख कर सुनिश्चित करने लगा कि कोई सुन तो नहीं रहा। "अफवाहें हैं कि मिस्टर तेज कभी  acedmy में पढ़ाया करते थे।"

    "Acedmy? Yodha की कोई Acedmy  भी है?" Jay ने भौंहें चढ़ाते हुए पूछा। अशोक ने इसका कोई ज़िक्र नहीं किया था, लेकिन यह समझ में आता था क्योंकि Jay मूल रूप से योद्धा नहीं था।

    विरेन इतना चौंका कि उसने जो आलू छील रहा था, वह गिरा दिया। गिरने से पहले उसने उसे लात मारकर ऊपर उछाला और पकड़ लिया, हालाँकि अब वो मिट्टी में सना था।

    "किस चट्टान के नीचे रह रहे थे भाई? तुम्हें Acedmy के बारे में नहीं पता?" विरेन ने कहा।

    Jay ने अपने सिर की ओर इशारा किया।

    "मेरी याददाश्त… कुछ खास नहीं है। यहाँ आने से पहले कुछ ऐसा हुआ जिससे मुझे कुछ भी याद नहीं रहता।" Jay ने ऐसा चेहरा बनाया जिससे लगे कि ये विषय उसके लिए तकलीफदेह है। इससे वह आगे के सवालों से बच सकता था। "क्या तुम मुझे Acedmy  के बारे में समझा सकते हो?"

    ये विषय सुनते ही विरेन का चेहरा खिल गया। उसने आलू और चाकू को मेज पर रखा और हाथों को लहराते हुए बोलने लगा।

    "योद्धा Acedmy वो जगह है जहाँ हर वो इंसान जाना चाहता है जो दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहता है," विरेन ने समझाया। "हर दल में एक Acedmy होती है, यहाँ डार्क दल में भी। ये स्कूल सभी कबीले मिलकर चलाते हैं।"

    "शुरुआत में ये कबीले अपने होनहार योद्धाओं को तैयार करने के लिए बनाए गए थे, और ये प्रयोग सफल रहा। कबीले अपने बच्चों को भेजते हैं, लेकिन ये  Acedmy ऐसे लोगों के लिए भी खुली है जो किसी कबीले से नहीं हैं—यानी हमारे जैसे।"

    "ग्रेजुएशन के बाद दूसरे कबीले खुद तुम्हें भर्ती करना चाहते हैं। योद्धा बनने के लिए Acedmy में जाना ज़रूरी नहीं, लेकिन हमारे जैसे लोगों के लिए, जिनके पास न तो कोई कबीला है और न ही ट्रेनिंग, यही एकमात्र रास्ता है योद्धा बनने का!"

  • 8. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 8

    Words: 824

    Estimated Reading Time: 5 min

    "जी, सर!" सभी बच्चों ने एकसाथ उत्तर दिया।

    "बहुत बढ़िया। राघव, वार्म-अप शुरू करो!" मिस्टर तेज ने आदेश दिया।

    राघव ने झुककर सलाम किया और वार्म-अप शुरू किया — पूरे आँगन के चक्कर लगाते हुए। बाक़ी बच्चे भी पीछे-पीछे दौड़ने लगे। Jay और उसकी बहन भी आरामदायक गति से दौड़ने लगे।

    वे एक चौकोर रास्ते पर लगातार चक्कर लगाते रहे, जब तक कि Jay को लगने लगा कि उसके पैर घसीट रहे हैं, होंठ सूख गए हैं, और छाती फटने को है।

    ‘ये क्या हो रहा है?’ Jay ने सोचा, जब एक आठ साल का बच्चा उसे पीछे छोड़ते हुए तेज़ी से दौड़ गया।

    हर कोई उसे पीछे छोड़ गया, यहाँ तक कि उसकी बहन भी।

    ‘मुझे पता है कि मेरा पुराना शरीर ज़्यादा ताकतवर नहीं था, लेकिन अब तो मैं एक किशोर के शरीर में हूँ। फिर भी मैं सबसे पीछे क्यों रह गया? ये शरीर इतना कमज़ोर क्यों है?’

    एक चिंताजनक विचार उसके दिमाग में आया — क्या ये सब उस पुराने जादू के कारण था? उस समय उसने अपने शरीर को 9-स्टार मैजिक सहने लायक बनाने के लिए कुछ वर्जित जादू किए थे, जिससे उसके बाल सफ़ेद हो गए थे। और अब इस शरीर में भी सफेद बाल हैं... क्या वो असर यहाँ भी आया है?

    उसी समय, Jay ने रुककर अपने घुटनों पर हाथ रखा और गहरी साँस ली।

    ‘अबे साले, ये तो पक्का है — ये शरीर मार्शल आर्ट्स के लिए नहीं बना। पर कोई बात नहीं, जब तक मैं जादू कर सकता हूँ, सब ठीक है।’


    मिस्टर तेज दोनों नए बच्चों — Jay और उसकी बहन — पर नज़र रखे हुए थे।

    "ठीक है, राघव, अगले स्टेप पर चलो। Jay, रश्मि, मेरे पास आओ।"

    राघव बाकी बच्चों को बेसिक वार्म-अप में व्यस्त रखे रहा — पुश-अप्स, सिट-अप्स और स्क्वॉट्स।

    उन्हें इतनी मेहनत करता देख, Jay को राहत मिली कि उसे यह सब नहीं करना पड़ा।

    "आख़िरकार तुम दोनों भी यही सब कर पाओगे," मिस्टर तेज ने कहा। "लेकिन ये तुम्हारा पहला दिन है, इसलिए खुद को इतना थकाओ मत कि अगले दिन कुछ कर ही न सको। दोनों पीठ मेरी ओर करके बैठो।"

    दोनों ने वैसा ही किया जैसा कहा गया। कुछ ही देर में उन्होंने महसूस किया कि मिस्टर तेज ने अपनी हथेलियाँ उनकी पीठ पर रख दीं।

    "तुम दोनों ने पहले कभी मार्शल आर्ट्स की प्रैक्टिस नहीं की है। जो मैं अभी सिखाने जा रहा हूँ, वो तुम्हारी साधना की नींव होगी — जिसे हम जीव शक्ती  कहते हैं।

    "जीव शक्ती वो आंतरिक ऊर्जा है जो तुम्हारे शरीर के अंदर होती है। ये तुम्हारे दंतियन से आती है, जो पेट के आस-पास स्थित एक अदृश्य शक्ति है। जब हम कोई भी कला करते हैं — चाहे चलना हो या साँस लेना — हम इस जीव शक्ती का ही प्रयोग करते हैं।

    "इसलिए दंतियन को मज़बूत करना ज़रूरी है। इसे ऐसे समझो — दंतियन एक थाली है और जीव शक्ती उस पर रखे भोजन जैसा है। मैं पहले तुम्हें सिखाऊँगा कि अपनी जीव शक्ती को महसूस कैसे किया जाए — दुनिया की ऊर्जा, पेड़-पौधों की शक्ति, और उसे अपने दंतियन में भरना।

    "ये दोनों चीज़ें साथ-साथ बढ़ेंगी, और जब इनका विकास होगा, तब तुम योद्धा के रूप में भी ऊँचे स्तर पर पहुँचोगे। लेकिन ये पूरी तरह से तुम पर निर्भर है।"

    Jay को ये सब सुनकर बड़ा रोचक लगा — ये जीव शक्ती तो  (mana) जैसी ही लग रही थी। फर्क बस इतना था कि माना दुनिया की ऊर्जा थी, और किसी का कौशल इस पर निर्भर करता था कि वो कितनी माना को नियंत्रित कर सकता है।

    और ये उसके हार्ट के पास के जादुई कोर पर निर्भर करता था, जो अलग-अलग ऊर्जा के प्रकारों को अपने अनुकूल करता था।

    "जैसा कि तुम जानते हो, हम डार्क दल में हैं। अब जो मैं सिखाने जा रहा हूँ, वो डार्क दल की बेसिक साधना तकनीक है — डार्क एसेंस एब्ज़ॉर्प्शन तकनीक।

    "इस तकनीक को रोज़ अभ्यास में लाना होगा, ताकि तुम्हारा दंतियन बढ़े और तुम ज़्यादा जीव शक्ती का इस्तेमाल कर सको।

    "लेकिन ध्यान रहे — कभी अपनी सीमा से आगे मत जाना। अगर तुमने ज़रूरत से ज़्यादा ऊर्जा खींच ली, तो इससे तुम्हारी मानसिक स्थिति और नैतिकता पर बुरा असर पड़ सकता है। और अगर तुम पागल हो गए... तो मैं खुद निपटूँगा।"

    अंदर ही अंदर, Jay मुस्कुरा रहा था। क्या ये डार्क मैजिक था जो उसे सिखाया जा रहा था? डार्क मैजिक के बारे में भी यही कहा जाता था — कि इससे लोग पागल हो जाते हैं। पर क्या वो कभी पागल हुआ था? नहीं... वो तो हमेशा होश में था, हमेशा जानता था कि वो क्या कर रहा है।

    अगर वो डार्क मैजिक, जिसे सबसे खतरनाक माना जाता था, उसे पागल नहीं कर पाया... तो ये डार्क एसेंस तकनीक तो उसका स्वागत है।

    ‘क्या दिलचस्प शिक्षक है... नए बच्चों को जान से मारने की धमकी दे रहा है। अगर ये इतना खतरनाक है, तो सिखा क्यों रहा है? ये दुनिया सच में दिलचस्प होती जा रही है।’

    "अब मैं शुरुआत करता हूँ!"

  • 9. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 9

    Words: 814

    Estimated Reading Time: 5 min

    मिस्टर तेज  ने उन्हें अपनी आँखें बंद करने और हर चरण को ध्यानपूर्वक अनुसरण करने का निर्देश दिया। उन्होंने सबसे पहले उनसे एक ऐसे स्थान की कल्पना करने को कहा जहाँ पूर्ण अंधकार हो — जैसे कि वे किसी अंधेरी गुफा या घने जंगल में बैठे हों, जहाँ रौशनी नाम मात्र हो।

    जब यह छवि उनके मन में पूरी तरह स्पष्ट हो गई, तो उन्हें अपनी नाक से गहरी साँस लेकर और मुँह से धीरे-धीरे साँस छोड़ते हुए ध्यान केंद्रित करना था। उन्हें अपने चारों ओर की सारी आवाज़ें, सारे विकर्षण भुलाकर खुद को एकाग्र करना था।

    ‘दोनों ही निर्देशों का बहुत अच्छे से पालन कर रहे हैं। मुझे लगता है कि इन्हें आस-पास बच्चों के ट्रेनिंग की आवाज़ें तक सुनाई नहीं दे रहीं — अब ये सिर्फ मेरी आवाज़ सुन रहे हैं।’ मिस्टर तेज ने सोचा। ‘अगर मुझे न पता होता, तो मैं मान लेता कि इन्होंने पहले भी ये प्रक्रिया की है।’

    यह उनके लिए हैरानी की बात थी, खासकर तब, जब उन्होंने Jay को शारीरिक गतिविधियों में इतना कमजोर देखा था। लेकिन हर किसी की अपनी ताकत और कमजोरियाँ होती हैं।

    "अब अगला हिस्सा थोड़ा कठिन है। अपने मन में इस अंधकार को ऊर्जा के रूप में देखो। कल्पना करो कि तुम इस अंधकार को ऊर्जा के रूप में अपने अंदर समाहित कर रहे हो। जब तुम नाक से साँस अंदर लो, तो यह ऊर्जा तुम्हारे शरीर में नीचे तक जाए।"

    "जब साँस छोड़ो, तो कल्पना करो कि तुम नकारात्मक ऊर्जा को अपने शरीर से बाहर निकाल रहे हो।"

    यही कारण था कि मिस्टर तेज दोनों की पीठ पर हाथ रखे हुए थे। यह पूरी तरह अकेले करना मुश्किल होता है, लेकिन वह उनकी ऊर्जा को महसूस करने में मदद कर सकते थे, उनके शरीर में मौजूद जीवन शक्ति को नियंत्रित करके।

    जब जीवन शक्ति अंदर जाती, तो वे उसे  (नाभि के नीचे की ऊर्जा केंद्र) में केंद्रित करते ताकि वह फैले नहीं या टूटे नहीं। वे यह प्रक्रिया कुछ बार दोहराते जब तक कि वे खुद इसे करना सीख न जाएँ।

    यह ध्यान टेक्निक, यानी जीवन शक्ति बनाना, योद्धा मार्शल आर्ट्स का मूल है। हालाँकि यह तकनीक एक सीमा तक ही मदद कर सकती थी, और भविष्य में जब कोई रुकावट आती, तब चीजें जैसे शक्तिशाली जीवों के तिलसमी पत्थर या दुर्लभ जड़ी-बूटियों से बने विशेष elixirs से मदद लेनी पड़ती।

    मिस्टर तेज की भौंह अचानक फड़कने लगी जब उन्होंने कुछ अजीब देखा। रश्मि की तरफ देख कर सब कुछ सामान्य लग रहा था। ऊर्जा की धारा अच्छी तरह बह रही थी और उसके पेट में एक मजबूत आधार बन रहा था।

    उसके शरीर में ऊर्जा पहले से ही स्थिर हो चुकी थी — वह सच में प्रतिभाशाली थी। हालाँकि मिस्टर तेज यह बात सीधे नहीं कहते, क्योंकि छोटी उम्र में ज़्यादा तारीफ विकास को रोक सकती है।

    लेकिन जिसने उन्हें चौकाया, वह था Jay। वह देख पा रहे थे कि उसके अंदर ऊर्जा बह रही है, लेकिन शरीर से कोई अशुद्धियाँ बाहर नहीं आ रही थीं।

    इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी महसूस किया कि उसकी main dantian, यानी नाभि के नीचे की ऊर्जा केंद्र में कोई जीवन शक्ति नहीं जा रही थी।

    ‘मुझे महसूस हो रहा है कि ऊर्जा उसके अंदर जा रही है, लेकिन क्या उसका शरीर उसे सोख रहा है? और अगर हाँ, तो वो ऊर्जा जा कहाँ रही है?’

    इस समय एक ऐसी घटना घट रही थी, जो इतिहास में पहले कभी नहीं हुई थी; शायद ऐसी भी, जिसका अंदाज़ा खुद Jay को भी नहीं था।

    मिस्टर तेज की शंका सही थी — Jay  ध्यान टेक्निक को पूरी तरह सही तरह से इस्तेमाल कर रहा था। क्योंकि यह तकनीक ऊर्जा को नियंत्रित करने के उस तरीके से काफी मेल खाती थी, जैसा कि Mana में होता है।

    लेकिन जब वह इस तकनीक का उपयोग कर रहा था, तो ऊर्जा core में नहीं, बल्कि उसके mana core, यानी हृदय में जा रही थी।

    वह जो Dark essence अपने अंदर समाहित कर रहा था, वह उसके Dark magic से जुड़ाव को बढ़ा रहा था — उसकी Dark attribute को मज़बूत कर रहा था।

    ‘ये... ये क्या तकनीक है? अनगिनत जादूगरों ने किसी एक प्रकार की मैजिक से जुड़ाव बढ़ाने के लिए कई तरीके खोजे हैं।’

    ‘Dark magic पर शोध की कमी के कारण बहुत सीमित तरीके मौजूद थे — जैसे शक्तिशाली प्राणियों के  तिलस्मी पत्थर का उपयोग या दुर्लभ जड़ी-बूटियों से बने elixirs, लेकिन ये तो बस एक साधारण ध्यान प्रक्रिया लग रही है।’*

    इससे Jay की Dark techniques की शक्ति तो बढ़ रही थी, लेकिन वह अभी भी उतनी ही mana नियंत्रित कर सकता था जितनी पहले कर सकता था। दोनों को संतुलन में बढ़ना होगा, और आगे चलकर Jay को एक सीमा का सामना करना पड़ेगा। लेकिन अगर यह पूरी तरह जादू की दुनिया होती, तो वह बाकी सबसे एक कदम आगे होता।

    "ठीक है, तुम दोनों इस एहसास को अच्छे से याद रखो। अब से हम ये प्रक्रिया हर दिन दोहराएंगे।" मिस्टर तेज बोले।

  • 10. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 10

    Words: 803

    Estimated Reading Time: 5 min

    जब दोनों ने अपनी आँखें खोलीं, तो देखा कि बाकी सभी छात्र अब बेसिक ट्रेनिंग छोड़कर ध्यान की स्थिति में बैठे हुए थे और अपनी शक्ति का ध्यान कर रहे थे।

    "रश्मि, क्या मैं थोड़ी देर के लिए तुम्हारे भाई से अकेले में बात कर सकता हूँ? अगर तुम चाहो, तो बाकी छात्रों के साथ ध्यान की प्रैक्टिस कर सकती हो, लेकिन सिर्फ उतना ही करना जितना सहज लगे।" मिस्टर तेज बोले।

    आम तौर पर वह पहले बार ध्यान कर रहे छात्र को अकेले नहीं छोड़ते, लेकिन रश्मि के पास पूर्ण नियंत्रण था।

    "मैं तुमसे अकेले में बात करना चाहता था।" मिस्टर तेज बोले। "मैं सीधे कहूँगा — मुझे नहीं लगता कि यह Dark Essence ध्यान टेक्निक तुम्हारे लिए उपयुक्त है।"

    ‘मेरे लिए नहीं? ये मेरे लिए एकदम परफेक्ट है! मैं तो बस ध्यान करके ही अपनी काली शक्ति को मजबूत कर रहा हूँ!’

    "मैं नहीं चाहता कि तुम निराश हो," शिक्षक ने गंभीर लेकिन कोमल आँखों से कहा। "इसका ये मतलब नहीं कि तुम युद्ध कला नहीं सीख सकते, लेकिन शायद मैं वह नहीं जो तुम्हारी सही तरह से मदद कर सके।"

    "मेरा अंदाज़ा है कि तुम्हारे शरीर में पहले से ही बहुत मात्रा में Light energy मौजूद है।"

    ‘क्या? क्या!!!’ Jay पूरी तरह से भ्रमित था, लेकिन उसने शिक्षक को अपनी बात रखने दी।



    "मैं पूरी तरह निश्चित नहीं हूँ क्योंकि मैं कोई योद्धा doctor नहीं हूँ, लेकिन कभी-कभी ऐसे लोग मिलते हैं जिनके शरीर में जन्म से ही Light या Dark energy भरपूर होती है। ऐसे लोग अक्सर बहुत बीमार और कमजोर होते हैं। उनके शरीर में जन्म से ही कई अशुद्धियाँ होती हैं। जब हम ध्यान करते हैं, तो इन अशुद्धियों से छुटकारा पाते हैं। लेकिन जब तुम कर रहे थे, तब ऊर्जा तो अंदर जा रही थी, लेकिन अशुद्धियाँ बाहर नहीं आ रही थीं।"
    "तो मेरा अंदाज़ा है कि तुम्हारे शरीर में पहले से मौजूद Light energy इस ऊर्जा को नष्ट कर रही थी। जबकि एक सामान्य शरीर एक खाली पात्र की तरह होता है।"

    अब Jay समझ गया कि शिक्षक किस सोच से ऐसा कह रहे थे। लेकिन वास्तव में ऊर्जा नष्ट नहीं हो रही थी — वह उसकी magic core में जुड़ रही थी।

    "मेरी सलाह है कि तुम कोई और ध्यान टेक्निक सीखो। कुछ ऐसी भी हैं जो सिर्फ Dark या Light ऊर्जा ही नहीं, और भी बहुत कुछ समाहित करती हैं। हालांकि मुझे इस समय इसके अलावा कोई और तकनीक नहीं आती।"

    "शायद अगर तुम academy जॉइन करो या कहीं और यात्रा करो, तो कोई और तकनीक सीख सकोगे। लेकिन अगर तुम Dark दल में ही रहना चाहते हो, तो मैं तुम्हें चेतावनी देना चाहूँगा।"

    "Dark Clan द्वारा सिखाई जाने वाली सारी युद्ध तकनीकें Dark energy और जीवन शक्ति पर आधारित हैं। तुम चाहो तो दूसरी ऊर्जा का उपयोग कर सकते हो, लेकिन शायद इन तकनीकों से तुम्हें पूरी शक्ति न मिले।"

    "Dark energy ज़्यादा विनाशकारी होती है और फैलती है, जबकि Light energy सीधी और स्पष्ट होती है।"

    "कोई दूसरी ऊर्जा का उपयोग करके युद्ध तकनीकें तो कर सकते हो, लेकिन उसका प्रभाव उतना शक्तिशाली नहीं होगा। मैं तुम्हें fighting techniques सिखाता रहूँगा, लेकिन मुझे केवल Dark Faction की तकनीकें आती हैं, इसलिए अगर तुम भविष्य में कोई और ऊर्जा विकसित करते हो, तो ये शायद तुम्हारे लिए उपयुक्त न हों।"

    सारी बातें सुनने के बाद Jay ने सिर झुकाकर धन्यवाद दिया। क्योंकि वह सच में शिक्षक का आभारी था। यह जानकारी किसी के लिए निराशाजनक हो सकती थी, लेकिन Jay के लिए यह खबर उम्मीदों से भरी थी।

    ‘अब मैं यह सोचने पर मजबूर हूँ... अगर मैं कोई और ध्यान टेक्निक सीखूँ, तो क्या मैं dantian में जीवन शक्ति को नियंत्रित कर पाऊँगा? क्योंकि तब वह ऊर्जा मेरी magic core में नहीं जाएगी।’

    ‘क्या मैं तब martial arts और magic दोनों कर सकूँगा?’

    चाहे जय मल्होत्रा के पास जीवन शक्ति की कोर न थी, फिर भी उसे क्लास ट्रेनिंग के अगले हिस्से में बुलाया गया। सारे छात्र खुले आँगन में एक कतार में खड़े थे, और हर किसी के चारों तरफ कुछ मीटर का खाली स्पेस छोड़ा गया था।

    "किसी के शरीर की मज़बूत बुनियाद बहुत ज़रूरी है," तेज ने बोलना शुरू किया, "और ये आप तब बनाते हैं जब आप अपने शरीर को जीवन शक्ति से मज़बूत करते हो। मांसपेशियों को तोड़कर उन्हें और ताक़तवर बनने देते हो, साथ ही शारीरिक अभ्यास भी ज़रूरी होता है। अब बताओ, अगला ज़रूरी स्टेप क्या होता है?"

    विरेन और कुछ और छात्रों ने हाथ उठाया। तेज ने सिर हिलाकर विरेन को इशारा किया।


    "फाइटिंग टेक्निक्स!" विरेन ने हवा में मुक्का मारा। वो काफ़ी ताक़तवर लगा, उसके हाथ के चारों तरफ हवा बहती नज़र आई।

    "टेक्निक्स की विविधता ज़रूरी है, ताकि आप विरोधी के हर अटैक का जवाब दे सको," तेज बोला, "पर मैं जो ढूंढ रहा हूँ, वो इससे भी ज़्यादा इम्पॉर्टेंट है।"

    अब राघव ने हाथ उठाया। इस बार तेज ने उसे चुना।

  • 11. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 11

    Words: 888

    Estimated Reading Time: 6 min

    "लेंगे टेक्निक सर। बिना सही लेग टेक्निक के, कोई भी टेक्निक अपने पूरे दम से नहीं लग सकती। और हर लड़ाई की बेसिक यही है — खुद बचे रहकर हमला करना।"

    तेज मुस्कराया, जवाब सुनकर खुश हुआ।

    "बिलकुल सही! इसीलिए मैं तुम सबको बेसिक टू-स्टेप शिफ्ट सिखा रहा हूँ। ये सबसे सिंपल लेग टेक्निक है, लेकिन किसी भी टेक्निक में जोड़कर उसकी ताक़त दोगुनी की जा सकती है।"

    जय सबको गौर से देख रहा था, और अब उसे समझ आ रहा था — राघव दोहरे चेहरे वाला लड़का था। टीचर के सामने आदर्श छात्र और पीठ पीछे सबको छोटा समझने वाला।

    "मैं दिखाता हूँ।"

    तेज ने नाक से गहरी सांस ली, और जीवन शक्ति को अपने शरीर में बहने देते हुए एक ज़ोरदार मुक्का हवा में मारा। उनके सामने ही ज़ोरदार धमाका हुआ, जैसे हवा फट गई हो। जय का दिल ज़ोर से धड़कने लगा।

    ‘यही है… ये वही ताक़त है जो अशोक में थी। पत्थरों को नंगे हाथों से तोड़ने वाली ताक़त!’

    "अब ध्यान से देखो जब मैं टू-स्टेप शिफ्ट जोड़ूंगा," तेज ने कहा।

    वो फिर उसी स्टांस में गया, लेकिन इस बार उसके पैर थोड़े ज़्यादा फैले हुए थे। पहले उसने आगे वाला पैर आगे रखा, फिर पीछे वाला, और तभी उसने मुक्का मारा। हर मूवमेंट में जीवन शक्ति इस्तेमाल हुई थी।

    इस बार आवाज़ चार गुना ज़्यादा गूंजती हुई आई — हवा के तेज़ झोंके चारों तरफ घूमने लगे।

    "अब समझे? टू-स्टेप शिफ्ट एक टेक्निक है, और स्पाइरल पंच दूसरी। मैंने दोनों बार एक जितना ही जीवन शक्ति इस्तेमाल किया, लेकिन दूसरा पंच कहीं ज़्यादा ताक़तवर था। अगर तुम अपने लेग टेक्निक को परफेक्ट कर लो, तो बिना स्ट्रॉन्ग जीवन के भी तुम ज़बरदस्त ताक़त पैदा कर सकते हो।"

    इसके बाद तेज ने बार-बार सिर्फ लेग टेक्निक दिखाया, और छात्र धीमे-धीमे स्टेप्स को दोहराते रहे। तेज एक-एक छात्र के पास जाकर सही पॉइंट्स बताता।

    जब बेसिक मूवमेंट्स सही हो गए, तब उन्होंने रफ़्तार बढ़ानी शुरू की — और वहीं पर सबसे ज़्यादा ग़लतियाँ होने लगीं। आखिर में, तेज ने उन्हें सिर्फ आर्म स्ट्रेच करके मुक्का मारने को कहा — कोई स्पेशल टेक्निक नहीं।

    सभी ने ठीक-ठाक किया, लेकिन वे खुद नहीं समझ पा रहे थे कि किसकी टेक्निक सही है और किसकी नहीं।

    थोड़ी देर बाद तेज ने रश्मि को देखा और बोला, "तुम्हें इंस्ट्रक्शंस को कॉपी करना बहुत अच्छे से आता है, है न।"

    रश्मि ने हल्की मुस्कान दी और उसकी गालें लाल हो गईं।

    अब बारी आई जय मल्होत्रा की। वो स्टेप्स कॉपी कर रहा था, कोई ग़लती तो नहीं थी, लेकिन उसके मूवमेंट्स में जान नहीं थी। वो पहले से ज़्यादा थका हुआ लग रहा था।

    ‘शायद इसके शरीर में जीवन शक्ति कम है, या बहुत ज़्यादा इम्प्योरिटीज़ हैं।’ तेज ने सोचा। ‘दुख की बात है, क्योंकि ये इंस्ट्रक्शंस सही से फॉलो करता है।’

    जय ने वो नज़रिया पकड़ लिया जो टीचर ने उस पर डाला था। वो नज़रिया वो पहले भी कई बार देख चुका था — जब लोग उसे नाकाम समझते थे।

    ‘उन्होंने भी यही सोचा था, कि मैं कुछ नहीं कर पाऊँगा… और फिर मैं बना दुनिया का सबसे वांटेड आदमी।’
    जय ने अपने मुट्ठियाँ भींचीं और तब तक स्टेप्स करता रहा जब तक उसका शरीर जवाब न दे गया।

    "ठीक है!" तेज ने ताली बजाई। "अब आख़िरी हिस्सा शुरू करते हैं।"

    वे लोग एक बड़े खंभे की तरफ़ बढ़े। लेकिन जय ने तुरंत महसूस कर लिया — ये आम खंभा नहीं था। हवा से ऊर्जा निकलकर खंभे में खिंच रही थी।

    ‘ये क्या चीज़ है? अगर रेधर में ऐसा मटेरियल है, तो शायद मैं इससे एलिक्सिर भी बना सकता हूँ जो इस शरीर की हालत सुधार सके।’ जय ने सोचा।

    तेज ने खंभे को हल्के से छुआ — उसकी ऊर्जा खंभे में समा गई और एक हल्का नंबर उभर आया: 50।

    "उम्मीद है तुम्हें अपना पिछला स्कोर याद होगा," तेज मुस्कराया।

    छात्र बारी-बारी से टू-स्टेप और पंच का इस्तेमाल कर खंभे को मारते गए। खंभा चुपचाप ताक़त को सोख लेता और नंबर दिखाता। एक आठ साल के बच्चे ने 12 स्कोर किया — वो टेक्निक अच्छी थी।

    ये साफ़ बताता था कि तेज के हल्के टच में भी कितनी ताक़त थी।

    ‘ओह… तो ये एक मेज़रिंग डिवाइस है। छात्र अपनी प्रोग्रेस इसी से मापते हैं।’

    ज्यादातर छात्र खुशी से उछल पड़े — उनके स्कोर पिछले बार से ज़्यादा थे। स्कोर आमतौर पर 10 से 20 के बीच थे।

    अब विरेन की बारी थी। उसका चेहरा घबराया हुआ था। उसने मुक्का मारा — 14।

    "फिर से वही… कब तक इसी नंबर पर अटका रहूँगा।"

    अब राघव की बारी थी — चेहरे पर आत्मविश्वास से भरी मुस्कान। टेक्निक पूरी सटीक, पंच पड़ा और नंबर आया:

    [22]

    "हाँ! मैंने कर दिखाया! आखिरकार बीस पार किया!"

    जैसा भी हो, राघव में टैलेंट तो था।

    "अंत में बचे हैं — हमारे न्यूकमर: रश्मि और जय मल्होत्रा!" तेज ने ज़ोर से कहा।


    ---

    दूर, पावर ऑफ आर्काना के बड़े बेस में — अशोक एक मीटिंग रूम में दाखिल हुआ। वहाँ एक आदमी लाल हेलमेट पहने कुर्सी पर बैठा था, चेहरा अशोक की तरफ नहीं था।

    "बच्चे कैसे हैं?" आदमी ने पूछा।

    "वे ठीक हैं। मिस्टर तेज के साथ हमें उनकी चिंता नहीं करनी चाहिए। उनका लोकेशन सिर्फ हमें पता है।" अशोक ने कहा।

    "ये जानकर थोड़ी राहत मिली।" आदमी बोला। "हमें उन्हें बचाना है। वही दो बच्चे हैं जो उस हमले से बचे थे। और लोग कुछ भी करेंगे… उन्हें मारने के लिए।"


    ---

  • 12. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 12

    Words: 889

    Estimated Reading Time: 6 min

    "लेंग टेक्निक सर। बिना सही लेग टेक्निक के, कोई भी टेक्निक अपने पूरे दम से नहीं लग सकती। और हर लड़ाई की बेसिक यही है — खुद बचे रहकर हमला करना।"

    तेज मुस्कराया, जवाब सुनकर खुश हुआ।

    "बिलकुल सही! इसीलिए मैं तुम सबको बेसिक टू-स्टेप शिफ्ट सिखा रहा हूँ। ये सबसे सिंपल लेग टेक्निक है, लेकिन किसी भी टेक्निक में जोड़कर उसकी ताक़त दोगुनी की जा सकती है।"

    जय सबको गौर से देख रहा था, और अब उसे समझ आ रहा था — राघव दोहरे चेहरे वाला लड़का था। टीचर के सामने आदर्श छात्र और पीठ पीछे सबको छोटा समझने वाला।

    "मैं दिखाता हूँ।"

    तेज ने नाक से गहरी सांस ली, और जीवन शक्ति को अपने शरीर में बहने देते हुए एक ज़ोरदार मुक्का हवा में मारा। उनके सामने ही ज़ोरदार धमाका हुआ, जैसे हवा फट गई हो। जय का दिल ज़ोर से धड़कने लगा।

    ‘यही है… ये वही ताक़त है जो अशोक में थी। पत्थरों को नंगे हाथों से तोड़ने वाली ताक़त!’

    "अब ध्यान से देखो जब मैं टू-स्टेप शिफ्ट जोड़ूंगा," तेज ने कहा।

    वो फिर उसी स्टांस में गया, लेकिन इस बार उसके पैर थोड़े ज़्यादा फैले हुए थे। पहले उसने आगे वाला पैर आगे रखा, फिर पीछे वाला, और तभी उसने मुक्का मारा। हर मूवमेंट में जीवन शक्ति इस्तेमाल हुई थी।

    इस बार आवाज़ चार गुना ज़्यादा गूंजती हुई आई — हवा के तेज़ झोंके चारों तरफ घूमने लगे।

    "अब समझे? टू-स्टेप शिफ्ट एक टेक्निक है, और स्पाइरल पंच दूसरी। मैंने दोनों बार एक जितना ही जीवन शक्ति इस्तेमाल किया, लेकिन दूसरा पंच कहीं ज़्यादा ताक़तवर था। अगर तुम अपने लेग टेक्निक को परफेक्ट कर लो, तो बिना स्ट्रॉन्ग जीवन के भी तुम ज़बरदस्त ताक़त पैदा कर सकते हो।"

    इसके बाद तेज ने बार-बार सिर्फ लेग टेक्निक दिखाया, और छात्र धीमे-धीमे स्टेप्स को दोहराते रहे। तेज एक-एक छात्र के पास जाकर सही पॉइंट्स बताता।

    जब बेसिक मूवमेंट्स सही हो गए, तब उन्होंने रफ़्तार बढ़ानी शुरू की — और वहीं पर सबसे ज़्यादा ग़लतियाँ होने लगीं। आखिर में, तेज ने उन्हें सिर्फ आर्म स्ट्रेच करके मुक्का मारने को कहा — कोई स्पेशल टेक्निक नहीं।

    सभी ने ठीक-ठाक किया, लेकिन वे खुद नहीं समझ पा रहे थे कि किसकी टेक्निक सही है और किसकी नहीं।

    थोड़ी देर बाद तेज ने रश्मि को देखा और बोला, "तुम्हें इंस्ट्रक्शंस को कॉपी करना बहुत अच्छे से आता है, है न।"

    रश्मि ने हल्की मुस्कान दी और उसकी गालें लाल हो गईं।

    अब बारी आई जय मल्होत्रा की। वो स्टेप्स कॉपी कर रहा था, कोई ग़लती तो नहीं थी, लेकिन उसके मूवमेंट्स में जान नहीं थी। वो पहले से ज़्यादा थका हुआ लग रहा था।

    ‘शायद इसके शरीर में जीवन शक्ति कम है, या बहुत ज़्यादा इम्प्योरिटीज़ हैं।’ तेज ने सोचा। ‘दुख की बात है, क्योंकि ये इंस्ट्रक्शंस सही से फॉलो करता है।’

    जय ने वो नज़रिया पकड़ लिया जो टीचर ने उस पर डाला था। वो नज़रिया वो पहले भी कई बार देख चुका था — जब लोग उसे नाकाम समझते थे।

    ‘उन्होंने भी यही सोचा था, कि मैं कुछ नहीं कर पाऊँगा… और फिर मैं बना दुनिया का सबसे वांटेड आदमी।’
    जय ने अपने मुट्ठियाँ भींचीं और तब तक स्टेप्स करता रहा जब तक उसका शरीर जवाब न दे गया।

    "ठीक है!" तेज ने ताली बजाई। "अब आख़िरी हिस्सा शुरू करते हैं।"

    वे लोग एक बड़े खंभे की तरफ़ बढ़े। लेकिन जय ने तुरंत महसूस कर लिया — ये आम खंभा नहीं था। हवा से ऊर्जा निकलकर खंभे में खिंच रही थी।

    ‘ये क्या चीज़ है? अगर रेधर में ऐसा मटेरियल है, तो शायद मैं इससे एलिक्सिर भी बना सकता हूँ जो इस शरीर की हालत सुधार सके।’ जय ने सोचा।

    तेज ने खंभे को हल्के से छुआ — उसकी ऊर्जा खंभे में समा गई और एक हल्का नंबर उभर आया: 50।

    "उम्मीद है तुम्हें अपना पिछला स्कोर याद होगा," तेज मुस्कराया।

    छात्र बारी-बारी से टू-स्टेप और पंच का इस्तेमाल कर खंभे को मारते गए। खंभा चुपचाप ताक़त को सोख लेता और नंबर दिखाता। एक आठ साल के बच्चे ने 12 स्कोर किया — वो टेक्निक अच्छी थी।

    ये साफ़ बताता था कि तेज के हल्के टच में भी कितनी ताक़त थी।

    ‘ओह… तो ये एक मेज़रिंग डिवाइस है। छात्र अपनी प्रोग्रेस इसी से मापते हैं।’

    ज्यादातर छात्र खुशी से उछल पड़े — उनके स्कोर पिछले बार से ज़्यादा थे। स्कोर आमतौर पर 10 से 20 के बीच थे।

    अब विरेन की बारी थी। उसका चेहरा घबराया हुआ था। उसने मुक्का मारा — 14।

    "फिर से वही… कब तक इसी नंबर पर अटका रहूँगा।"

    अब राघव की बारी थी — चेहरे पर आत्मविश्वास से भरी मुस्कान। टेक्निक पूरी सटीक, पंच पड़ा और नंबर आया:

    [22]

    "हाँ! मैंने कर दिखाया! आखिरकार बीस पार किया!"

    जैसा भी हो, राघव में टैलेंट तो था।

    "अंत में बचे हैं — हमारे न्यूकमर: रश्मि और जय मल्होत्रा!" तेज ने ज़ोर से कहा।


    ---

    दूर, पावर ऑफ आर्काना के बड़े बेस में — अशोक एक मीटिंग रूम में दाखिल हुआ। वहाँ एक आदमी लाल हेलमेट पहने कुर्सी पर बैठा था, चेहरा अशोक की तरफ नहीं था।

    "बच्चे कैसे हैं?" आदमी ने पूछा।

    "वे ठीक हैं। मिस्टर तेज के साथ हमें उनकी चिंता नहीं करनी चाहिए। उनका लोकेशन सिर्फ हमें पता है।" अशोक ने कहा।

    "ये जानकर थोड़ी राहत मिली।" आदमी बोला। "हमें उन्हें बचाना है। वही दो बच्चे हैं जो उस हमले से बचे थे। और लोग कुछ भी करेंगे… उन्हें मारने के लिए।"


    ---



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  • 13. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 13

    Words: 860

    Estimated Reading Time: 6 min

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    दो नए बच्चों में से सबसे पहले  आगे बढ़ी। भले ही कुछ समय बीत चुका था, लेकिन जय मल्होत्रा अब भी खुद को थका हुआ महसूस कर रहा था, और वह चाहता था कि मापने वाले स्तंभ पर पूरी ताक़त से वार करे। ताकि कम से कम उसे अंदाज़ा हो सके कि वह बाकी लोगों के मुकाबले कहाँ खड़ा है।
    जब रश्मि आगे बढ़ी, तो राघव ने अपने पास खड़े जुड़वां भाइयों से फुसफुसाते हुए कहा, “लो, अब अपाहिज लड़की की बारी है। चलो देखते हैं कि एक अधूरे इंसान की क्या ताक़त होती है।”

    जुड़वाँ लड़कों ने ये सुनकर खिलखिलाकर हँसी रोकने की कोशिश की। उन्होंने खुद जाँच में करीब 18 का स्कोर किया था, जो बाकी बच्चों के मुकाबले काफी अच्छा था। यह साफ था कि वो तीनों ही बाकी बच्चों में सबसे अच्छे थे और ये बात वो सबको जताना भी जानते थे।

    ‘यक़ीन नहीं होता कि ये बच्चे इतनी छोटी बातों की परवाह करते हैं। जब ये असली दुनिया में कदम रखेंगे, तब समझ आएगा कि इन सब बातों की कोई कीमत नहीं,’ जय ने सोचा। ‘कौन ज़्यादा अच्छा दिखता है, कौन ज़्यादा ताकतवर है—ये सब फालतू है, जब तक पेट भरने को खाना और सिर पर छत हो।’

    रश्मि ने आत्मविश्वास से तैयार होकर तेज को सिर हिला कर इशारा किया। उसने दो-कदम चाल का अभ्यास किया। जय की नज़र में उसकी चाल कम से कम शिक्षक के मुकाबले तो बिल्कुल परफेक्ट थी।

    और जब उसने मुक्का मारा, तो उसकी मुट्ठी से एक हल्की सी ऊर्जा की चिंगारी निकली। उसका मुक्का खंभे से टकराया और नंबर बदलने लगे—

    [22]

    “हाहा!” तेज की मुस्कान छिपाए नहीं छिप रही थी। “मैं जानता था तुम अलग हो।”

    जय ने एक नज़र राघव की तरफ डाली, जिसका मुँह ऐसे खुला था जैसे ज़मीन पर गिर जाएगा। वो कितने सालों से मंदिर में था, कितनी मेहनत की थी, तब जाकर 22 तक पहुँचा था।

    अब कोई जो अभी आया हो, उसे कुछ निर्देश मिले हों, और वो सीधे उसी स्तर पर पहुँच जाए—इसे ही असली प्रतिभा कहते हैं।

    रश्मि संतुष्ट होकर मुस्कुराई और अपनी जगह लौट आई। अब जय की बारी थी।

    “चलो जय!” विरेन चिल्लाया। “अगर तुम्हारी छोटी बहन ये कर सकती है, तो तुमसे तो बड़ी उम्मीदें हैं!”

    ‘क्या वाकई?’ जय ने सोचा, स्थिति में आते हुए। ‘क्या किसी ने नहीं देखा ये शरीर कितना कमज़ोर है?’

    विरेन के चीयर करने में एक मासूमियत थी। वो खुशमिज़ाज था, और एक अनाथ के लिए, ये बात दुर्लभ थी।

    इन बातों को नज़रअंदाज़ करते हुए, जय ने खुद को केंद्रित किया। ‘अब आराम कर चुका हूँ, अब इसे एक बार ठीक से करना चाहता हूँ।’

    वो हर मूवमेंट को याद करते हुए आगे बढ़ा—तेज का अभ्यास, और अभी-अभी रश्मि का। उसके पैर वैसा ही चल रहे थे जैसे उसने कल्पना की थी।

    उसने दो-कदम चाल अपनाई और फिर मुक्का मारा—सीधे खंभे पर, जिससे ऊर्जा अवशोषित हो गई।

    ‘अच्छा वार था… बहन की नकल बिल्कुल सटीक की है,’ रश्मि ने सोचा, जैसे ही उसने नंबर देखे—

    [10]

    ‘लेकिन, उसका शरीर बेहद कमज़ोर है, और उसमें ऊर्जा यानी “जीवन ऊर्जा” बिलकुल नहीं है। कभी-कभी समझ नहीं आता, इस लड़के के बारे में क्या सोचूँ। हर मूवमेंट को बिल्कुल सही ढंग से करता है, नकल में माहिर है, पर शरीर उसका साथ नहीं देता।’

    जय हाँफ रहा था, जैसे साँस ही नहीं बची हो। भले ही उसने केवल तीन हरकतें की थीं—दो कदम और एक मुक्का। इतनी एकाग्रता और पहले के अभ्यास ने उसे थका दिया था।

    ‘शायद… अगर मेरा हमला दूसरों की ताक़त का आधा भी था, तो बुरा नहीं।’

    “क्या था वो?” राघव ने फिर जुड़वाँ भाइयों से कहा। “मैं समझा था उसकी बहन विकलांग है, पर शायद ये खुद है। अगर मिस्टर तेज इसे सिखाने में वक़्त बर्बाद करेंगे, तो हमारा समय भी बेकार जाएगा।”

    ——


    दिन समाप्त हो चुका था। जय ने महसूस किया कि उसने इस दुनिया के बारे में काफ़ी कुछ सीख लिया है जो उसकी जादुई समझ को मज़बूत बनाएगा। ये अच्छी शुरुआत थी, और वो यकीन से कह सकता था कि वह अपने पिछले जीवन की ताक़त को पार कर लेगा।

    थके हुए सभी बच्चे रात को अपने कमरों में लौट आए थे। जय अपनी बहन के साथ कमरे में था, जो बिस्तर पर मुस्कुरा रही थी।

    ‘लगता है वो भी बहुत खुश है… अपने माता-पिता को खोने के बाद उसका इस तरह मुस्कुराना अच्छा लगता है।’ फिर वो अचानक ठिठका—‘मैं क्या सोच रहा हूँ?’

    उसने मुट्ठी भींची और अपनी जांघ पर मारा। चिढ़ से बुदबुदाया, “ये शरीर मेरी भावनाओं को मिला रहा है। हर बार जब वो उस बहन को देखता है, ऐसा लगता है जैसे—क्या वो वहीं जय था? कब तक ये भावनाएँ रहेंगी? पुराना जय मर चुका है, अब मुझे करने दो जो मैं चाहता हूँ!”


    सोने से पहले, जय ने वही ध्यान मुद्रा अपनाई जो उसने पहले सीखी थी। उसने अंध-तत्व साधना तकनीक शुरू की, जिससे आस-पास की ऊर्जा उसके “डार्क कोर” की ओर खिंचने लगी।

    ‘ये अच्छा है… पर समझ नहीं आता, मेरी तरक्की कितनी हो रही है। रेधान पर कई जगहें थीं जहाँ माना और अंध ऊर्जा की ताक़त मापी जा सकती थी।’

    फिर अचानक उसे कुछ याद आया। इस दुनिया में भी शक्ति मापने का तरीका था।

  • 14. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 14

    Words: 810

    Estimated Reading Time: 5 min

    नए दिन की पहली किरण फूटी, और Jay Malhotra को खुद हैरानी हुई कि सख़्त लकड़ी की ज़मीन पर सोने के बावजूद उसे इतना सुकूनभरा नींद मिली। बहुत वक़्त बाद उसे ऐसा सुकून मिला था। मन में कोई उथल-पुथल नहीं थी।

    ना कोई चिंता कि कोई उसका पीछा कर रहा होगा या अचानक हमला हो जाएगा। उसके सपने भी किसी उज्जवल भविष्य की उम्मीद से भरे थे। जब उसने अपनी आँखें मलते हुए उठकर देखा, तो उसे ये जानकर सुखद आश्चर्य हुआ कि  रश्मि पहले से ही जाग चुकी थी और ध्यान की मुद्रा में बिस्तर पर बैठी थी।
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    "काफ़ी मेहनती लगती हो," Jay ने कहा। "ऐसे ही बनाए रखना, क्या पता कब दुनिया उलट जाए, और हो सकता है वो लोग वापस आकर हमें मारने की कोशिश करें।"

    उसकी अचानक कही बात से रश्मि का ध्यान भंग हो गया और उसकी आँखों में हल्की नमी उतर आई। उसके माँ-बाप की मौत का ख्याल आते ही आँसू छलकने लगे।

    "ओह... चलो यार!" Jay ने विरोध करते हुए कहा। "उनकी मौत को अब कुछ दिन हो गए, अभी तक नहीं उबरी क्या?"

    थोड़ा चिढ़ते हुए, Jay कमरे से बाहर निकल गया। दरवाज़ा बंद करते ही एक बार फिर उसके सीने पर भारीपन छा गया। मौत और अपने प्रियजनों को खो देना अब उसकी ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका था।

    जो कुछ किया जा सकता था, वो था आगे बढ़ने का रास्ता ढूँढना।

    'जब तुम किसी को खो देते हो, तो सारी ऊर्जा अगली चीज़ पर लगानी होती है... और मेरे लिए वो है उनसे छुटकारा पाना।'

    दिन की शुरुआत पहले जैसे ही हुई—हर बच्चे को कुछ न कुछ काम सौंपा गया। लेकिन इस बार Jay सुबह से मौजूद था, इसलिए उसे भी नाश्ता बनाने में मदद करनी पड़ी।

    वो और विरेन फिर से साथ में थे, और वो लोग कुछ हड्डियाँ उबाल रहे थे ताकि गर्म और ताज़ा हड्डी का सूप बन सके।

    "तुम्हारी बहन ने कल कमाल कर दिया अपने मूव्स से, बहुत टैलेंटेड है," विरेन ने कहा। "तुम्हें अब ज़्यादा मेहनत करनी पड़ेगी उसके मुकाबले आने के लिए। जब वो बड़ी होगी तो ना जाने कितने लड़के उसके पीछे पड़ेंगे; तुम्हें उनको भगाना पड़ेगा।"

    "मुझे ऐसा करने की ज़रूरत क्यों होगी?" Jay ने पूछा। "वो मुझसे बेहतर है, तो वो खुद ही उन्हें पीट देगी।"

    "अरे यार, यही तो परिवार करता है!" विरेन ने हँसते हुए कहा। "ये ताक़त की बात नहीं है; तुम उसके बड़े भाई हो।"

    "हम इतने क़रीब नहीं हैं," Jay ने जवाब दिया, सूप को चलाते हुए। "तो उसे खुद ही उन सब चीज़ों से निपटना होगा।"

    ये सुनकर विरेन कुछ देर तक चुप रहा, फिर धीमे से बोला,

    "Jay, थोड़ा संभलकर रहना। जब कोई चला जाता है, तभी उसकी अहमियत समझ आती है। अपने परिवार के साथ बिताए वक्त को संजो कर रखो।"

    Jay ने कभी विरेन को इतना गंभीर नहीं देखा था; वो हमेशा हँसी-मज़ाक में बातें करता था। इसलिए Jay ने कुछ नहीं कहा, लेकिन सच ये था कि उसका जवाब देने का मन था।

    'मुझसे बेहतर ये बात कोई नहीं समझ सकता।'

    जब वो अगले स्टेप के लिए तैयार हो रहे थे, तभी मिस्टर तेज कमरे में आ गए।

    "अच्छा, देख रहा हूँ कि तुम दोनों लगभग तैयार हो। Jay, क्या मैं तुमसे कुछ देर अकेले में बात कर सकता हूँ? विरेन, तुम बाकी लोगों के साथ हॉल की सफाई में मदद करो। जब हम वापस आएँगे तो सबको नाश्ता परोसेंगे।"

    "बिलकुल!" विरेन ने कहा और जाते-जाते एक बार पलटकर Jay की तरफ देखा।

    'कुछ तो गड़बड़ है; मिस्टर तेज Jay से अकेले में क्यों बात करना चाहते हैं? क्या उसने कुछ किया है?'

    खैर, विरेन आगे बढ़ गया और मुख्य हॉल में पहुँचा। वो हॉल काफ़ी बड़ा था, जिसमें शस्त्र रखे हुए थे जिन्हें साफ़ करना था। एक विशाल मूर्ति भी थी—Dark दल के एक पौराणिक योद्धा की।

    मूर्ति के चेहरे से पहचानना मुश्किल था क्योंकि उसका चेहरा ढका हुआ था, लेकिन हर तस्वीर और मूर्ति में नेता को ऐसे ही दर्शाया गया था। हॉल की फर्श लकड़ी की थी।

    हर बच्चे को एक निश्चित क्षेत्र की सफ़ाई की ज़िम्मेदारी दी गई थी, और 
    विरेन ने देखा कि रश्मि पूरे मन से फर्श साफ़ कर रही थी।

    'Jay से बात करना मुश्किल होता है कभी-कभी; अगर मैं रश्मि के करीब जा पाऊँ और जान सकूँ कि क्या चल रहा है... पर वो बोल नहीं सकती। फिर भी, न जाने क्यों, ऐसा लगता है जैसे वो ज़्यादा सुलभ है।'

    विरेन उसके पास ही जाने वाला था, तभी उसने देखा कि एक बाल्टी का पानी उसी जगह गिर गया जहाँ रश्मि अभी-अभी सफाई कर चुकी थी। पानी गंदा था।

    "ओह नहीं!" राघव चिल्लाया। "मैंने बाल्टी गिरा दी। सॉरी यार, तुमने इतनी मेहनत से साफ़ किया था। पर अब क्या कर सकते हैं? तुम्हें दोबारा साफ़ करने में कोई दिक्कत तो नहीं?"

    "
    ।।
    ।। आगे इस कहानी में क्या होगा जानने के लिए बने रहे मेरे साथ 

  • 15. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 15

    Words: 811

    Estimated Reading Time: 5 min

    मैं तुम्हारे लिए साफ़ कर सकता हूँ, लेकिन अगर तुम चाहो तो बस कहना होगा, 'क्या तुम इसे साफ़ कर सकते हो?'"

    उसने ये कहते हुए मुस्कुराते हुए बात पूरी की, और वो  जुड़वाँ बच्चे राजवीर और राहा हँसी रोक नहीं पाए। सब जानते थे कि रश्मि बोल नहीं सकती थी।

    'उफ़... राघव को भी उसी को क्यों निशाना बनाना था?' विरेन ने सोचा।

    रश्मि ने कुछ नहीं कहा, और चुपचाप सफाई में लग गई। उसे सब समझ आ गया था, लेकिन उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

    फिर राजवीर और  राहा ने एक-दूसरे की तरफ देखा और दोनों के दिमाग में एक नई शरारत आ गई। उन्होंने अपनी-अपनी गंदी पानी की बाल्टियाँ उठाई और रश्मि की ओर दौड़ पड़े।

    "अरे राहा ,  मुझे मत धक्का दे!"

    "नहीं, तुम मत धक्का दो, राजवीर!"

    टकराने पर बाल्टियाँ हवा में उड़ गईं और सीधे रश्मि पर गिरीं। गंदा पानी उसके पूरे शरीर पर गिरा। बाक़ी बच्चों ने देखा और समझ गए कि ये जानबूझकर किया गया है। ये तीनों रश्मि को अपना निशाना बना चुके थे।

    ——

    Jay मिस्टर तेज के साथ उनकी स्टडी रूम में पहुँचा। यह Jay की दूसरी बार वहाँ आना था, लेकिन इस बार वह सोफ़े पर बैठने के बजाय डेस्क के सामने खड़ा रहा जबकि मिस्टर तेज अपनी कुर्सी पर बैठ गए।

    "मैंने कल की घटना और अपनी असमर्थता के बारे में बहुत सोचा," मिस्टर तेज ने कहा। "काफी सोचने के बाद मैंने एक फैसला लिया है।" उन्होंने पीछे से एक छोटा बॉक्स निकाला और मेज पर रखा।

    "तुम्हारे अंदर प्रतिभा है, Jay, और तुम्हें इस निर्दयी दुनिया में बिना सुरक्षा के छोड़ना अमानवीय होगा।"

    मिस्टर तेज ने डिब्बे का ढक्कन खोला, जिसमें एक छोटी सी लाल गोली थी।

    "ये है एसेंस फाउंडेशन पिल। इसे खाने से तुम्हें उतनी ऊर्जा मिलेगी जितनी दस साल की साधना से मिलती। तुम्हारे शरीर की बनावट को देखते हुए ये पूरी ऊर्जा न भी मिले, फिर भी यह तुम्हारे शरीर को नींव देने के लिए काफी हो सकती है।"

    Jay की नज़र गोली से हट नहीं रही थी, लेकिन उसकी रुचि मिस्टर तेज की बातों में भी नहीं थी। बल्कि उस गोली से निकल रही ऊर्जा ने उसे बाँध लिया था।

    वह ऊर्जा को महसूस करने में संवेदनशील था, और इस गोली से निकल रही शक्ति वही थी जो किसी और दुनिया के जानवर की एनर्जी पत्थर से आती थी।

    'ये गोली... इसमें वैसी ही ऊर्जा है जैसी उस दूसरी दुनिया के एनर्जी पत्थर में होती है! क्या मैं इसका इस्तेमाल करके... रेधान लौट सकता हूँ? क्या मैं अपनी दुनिया में फिर से जा सकता हूँ?'

    ऊर्जा उस गोली से निकल रही थी जो उसके सामने थी, और यह एक ऐसी चीज़ थी जिससे जय मल्होत्रा अच्छी तरह परिचित था। यह वही ऊर्जा थी जो उसकी दुनिया के पौराणिक जीवों से निकलती थी—या विशेष रूप से, उन पत्थरों से जो उनकी मृत्यु के बाद प्राप्त होते थे।

    जय एक ग्रह रेधान से था, एक ऐसी दुनिया जहाँ ऐसे पौराणिक जीव नहीं पाए जाते थे। लेकिन वहाँ के जादूगरों ने, अपनी जादुई शक्ति, कठोर साधना और प्रयोगों के ज़रिए, एक क्रांतिकारी उपलब्धि हासिल की थी: दूसरे संसारों या शायद दूसरे ग्रहों तक पहुँचने के पोर्टल्स खोलने की कला—हालाँकि इन दोनों में फर्क अभी तक स्पष्ट नहीं था।

    इन अनजान जगहों पर पौराणिक जीव स्वतंत्र रूप से घूमते थे—ऐसे शक्तिशाली जानवर जो जादूगरों जैसी शक्ति रखते थे। उनकी मृत्यु पर ही पत्थर मिलते थे। ये पत्थर जादूगरों के लिए वरदान थे—इनसे वे अपनी क्षमताओं को बढ़ाने वाली वस्तुएं बना सकते थे, शारीरिक रूप से और मज़बूत होकर अगले स्टार स्टेज तक पहुँच सकते थे, और यहाँ तक कि खुद पोर्टल भी खोल सकते थे।

    इस युग को जादू का 'स्वर्ण काल' माना गया, और आज भी निरंतर पोर्टल्स खोले जाते हैं ताकि और मज़बूत पत्थर पाने के लिए इन जीवों का शिकार किया जा सके। बहुत से ग्रहों और स्थानों की यात्रा करने के बावजूद, अभी तक किसी और बुद्धिमान जीवन का कोई चिन्ह नहीं मिला था—कम से कम जय की जानकारी में।

    'एक उच्च स्तर का स्टार जादूगर, जो जादुई चक्रों के ज्ञान से युक्त हो, अपने ही माना से एक पोर्टल खोल सकता है। लेकिन मैं तो एक स्टार का ही जादूगर हूँ, मेरी माना अपर्याप्त है। पर अगर मैं अपनी माना की बजाय पत्थर की शक्ति, या इस मामले में, इस गोली की शक्ति का उपयोग करूँ?'

    मानव जीवन का कोई अन्य रूप अब तक खुले पोर्टल्स के ज़रिए नहीं मिला था। जिस दुनिया में जय इस समय था, वह कल्पना से परे थी, लेकिन वह अस्तित्व में थी। इसलिए यह उम्मीद थी कि शायद कोई पोर्टल उसे फिर से रेधान पहुँचा दे।

    'संभव है कि पहली कोशिश में मैं सफल न होऊँ। फिर भी, अगर मैं किसी और जगह पहुँच गया, तो भी मैं जीवों का शिकार कर सकता हूँ, और अधिक पत्थर एकत्र कर सकता हूँ, जिससे मेरा शरीर और मज़बूत होगा और मैं अगले स्टार स्टेज तक पहुँच सकूँगा!

  • 16. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 16

    Words: 911

    Estimated Reading Time: 6 min

    '

    "यह गोली बेहद दुर्लभ है, जय," तेज ने कहा। "हम जैसे लोगों के लिए, ऐसी चीज़ हासिल करना पूरी ज़िंदगी ले सकता है।  योद्धाओं के लिए, जो मध्य या दिव्य स्तर के हैं, ये आम बात हो सकती है—पर हम वैसी हस्तियाँ नहीं हैं। बाकी छात्रों को मेरे बारे में कुछ मत बताना। बेहतर होगा कि इसे रात को गुपचुप तरीके से खा लेना। तुम्हारे शरीर को सारी ऊर्जा आत्मसात करने में कुछ घंटे लगेंगे।" तेज ने आँख मारी।

    जय तेज की दरियादिली से हैरान था। उसे शक था कि इसके पीछे कोई छुपा हुआ मक़सद है। फिर भी, फिलहाल उसने इस बात पर ज़्यादा सोचने का इरादा नहीं किया—क्योंकि वह इस गोली का इस्तेमाल वैसे करने नहीं जा रहा था जैसे तेज ने कहा था।

    इसके बाद, उनकी मुलाक़ात समाप्त हुई और वे बाकी छात्रों के साथ नाश्ते के लिए लौट आए। जैसे ही वे हॉल में दाखिल हुए, उन्होंने रश्मि को भीगा हुआ देखा, उसके शरीर से पानी टपक रहा था।

    "ये क्या हुआ?" तेज ने पूछा।

    "सर, ये हम थे!" राहा ने कबूल किया और झुक गया। "मैं और मेरे भाई खेलते समय लापरवाह हो गए और गलती हो गई। हम अभी साफ कर देते हैं!"

    "ठीक है," तेज ने आश्वस्त किया। "रश्मि, खुद को सुखाओ, कपड़े बदलो और फिर नाश्ते में शामिल हो जाओ। बाकी लोग चिंता मत करो, मैं संभाल लूंगा।"

    सबने बात मानी और नाश्ते की तैयारी शुरू की। राघव राजवीर और राहा के चेहरे पर चौड़ी मुस्कान थी।

    नाश्ता सामान्य रहा। रश्मि थोड़ी देर बाद शामिल हुई और सबने खाना खाया। फिर थोड़ा विश्राम हुआ और सबने अपने-अपने कामों में वापसी की।

    चूँकि विरेन को जय की खाना पकाने की कला पसंद आई थी, वे दोनों रसोई में साथ काम करने लगे—दोपहर और रात का खाना तैयार करने के लिए। सब्ज़ियाँ काटते हुए विरेन खुद को रोक नहीं पाया।

    "भाई, पता नहीं तुम्हारी बहन तुम्हें बताने वाली थी या नहीं, पर आज सुबह जो उसके साथ हुआ, वो कोई हादसा नहीं था," विरेन ने कहा।

    "मतलब उसका भीगना?" जय ने पूछा।

    "हाँ भाई। देखो, मैंने पहले भी ऐसा होते देखा है। ये लड़के किसी और को अपनी जगह नहीं लेने देना चाहते। उन्हें तेज के खास स्टूडेंट होने का गुरूर है। अगर कोई उन्हें मात देता है, तो वो उसे नीचे गिराने की कोशिश करते हैं। सोचो, मेरी स्कोरिंग प्रैक्टिस में हमेशा इतनी कम क्यों आती है?"

    "क्योंकि तुम बेकार हो?" जय ने झटपट जवाब दिया।

    विरेन को ऐसा लगा जैसे किसी ने उसके दिल में तीर मार दिया हो, लेकिन वो इसे नजरअंदाज़ करने की कोशिश करने लगा—क्योंकि इसमें कुछ सच्चाई भी थी।

    "अरे, मैं सीरियस हूँ। ये सब आगे और भी बढ़ेगा। पिछली बार जब इन्होंने ऐसा किया, तो वो लड़का मंदिर छोड़कर भाग गया था। ये पहले भी बच निकले हैं, और अब फिर से करेंगे।"

    जय ने लंबी साँस ली—उसे विरेन की बातों का मक़सद समझ आ रहा था।

    "तुम खुद कह रहे हो, ये पहले भी हुआ है और फिर होगा। यानी जब तक कोई बदलाव न लाए, ये रुकेगा नहीं। अगर मैं बीच में आ गया, तो कुछ नहीं बदलेगा। रश्मि को खुद के लिए खड़ा होना होगा।

    "बाहर की दुनिया में ऐसे लोगों की भरमार है। जब अगली बार ऐसा होगा और उसके साथ कोई नहीं होगा, तो क्या वो फिर से रोएगी? क्या कोई सफेद घोड़े वाला राजकुमार उसे बचाने आएगा?"

    विरेन शर्म से लाल हो गया।

    "और वैसे भी मैं क्या कर सकता हूँ? वो मुझसे ज्यादा ताकतवर है। मैं तो बस एक कमज़ोर सा लड़का हूँ जो खुद ही घायल हो जाएगा," जय ने कहा और गाजर काटता रहा।

    "लेकिन वो तुम्हारी बहन—"

    "बस!" जय ने तीखे स्वर में टोका। ये पहली बार था जब उसने विरेन पर इस तरह गुस्सा दिखाया।

    कुछ तो था इस बातचीत में जो जय को भीतर से चुभ गया। जब उसने सुबह रश्मि को देखा था, तो मन किया था कि भागकर उसे गले लगा ले।

    पर जय जानता था कि सिर्फ इसलिए कि कोई परिवार है, इसका मतलब ये नहीं कि वो हमेशा तुम्हारे साथ अच्छा ही करेगा। असल में, जो तुम्हारे सबसे करीब होते हैं, वही तुम्हें सबसे ज़्यादा चोट पहुँचा सकते हैं।

    इसलिए रश्मि का मज़बूत बनना ज़रूरी था।

    ——

    बाहर कुछ बच्चे ज़मीन साफ कर रहे थे। रश्मि सीढ़ियों के पास थी जो मंदिर की ओर जाती थीं, जबकि राघव और जुड़वाँ भाई विशाल आंगन में थे। वे कभी-कभी पीछे मुड़कर रश्मि की ओर देखते।

    "तूने आज जो किया वो बड़ा चालाकी भरा था," राजवीर हँसा।

    "तुम्हारे हिसाब से ये कितने दिन टिकेगी?" राहा ने पूछा।

    "पता नहीं, शायद थोड़ी देर टिके क्योंकि इसका भाई साथ है।"

    "हाँ, लेकिन वो कमज़ोर है, वो कुछ नहीं कर पाएगा। क्यों न उसे भी टारगेट करें? फिर ये जल्दी चली जाएगी, दोनों भाई-बहन भाग जाएँगे।"

    "नहीं," राघव ने बीच में टोका। "इसके भाई को छोड़ दो। वो तो ऐसा लगता है जैसे जो हो रहा है उससे उसे फर्क ही नहीं पड़ता। मुझे नहीं लगता दोनों के बीच कोई खास रिश्ता है, और फिर, जैसे तुमने कहा, वो कमज़ोर है—चिंता की कोई बात नहीं।"

    हालाँकि राघव ने ये कहा, पर उसके मन में कुछ और ही चल रहा था। उसे जय के बारे में कुछ अजीब सा महसूस हो रहा था।

    'पता नहीं ये मेरी कल्पना थी या सच, लेकिन जब वो तेज के साथ बाहर आया और अपनी बहन को देखा... बस एक पल के लिए... उसकी आँखें। न जाने क्यों, जब भी उस पल को याद करता हूँ, मेरा पूरा शरीर काँप उठता है।'

  • 17. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 17

    Words: 819

    Estimated Reading Time: 5 min

    जैसे-जैसे शाम ढलने लगी, पिछली शाम की तरह, उनका दोपहर का प्रशिक्षण शुरू होने का समय हो गया। Jay Malhotra, जो फिर से शारीरिक अभ्यासों में शामिल था, पिछली बार की तरह ही संघर्ष कर रहा था, लेकिन इस बार उसने खुद को थोड़ा और आगे धकेलने की कोशिश की।

    "मुझे लगता है इस बार मैं 3 मिनट 25 सेकंड तक टिका रहा। अगर मैं इसी तरह बना रहा तो थोड़ा-थोड़ा करके सुधार हो सकता है। अफसोस, यहां कोई जादुई औषधि नहीं है... लेकिन अगर संवर्धन की गोलियाँ (ध्यान औषधि ) मिल जाएं, तो शायद मैं कुछ उपाय निकाल सकूं," Jay ने सोचा।

    इस विचार पर सोचते हुए उसने इसे बहुत जोखिम भरा माना। मंदिर एकांत में था, मुख्य शहर से बहुत दूर, और केवल  योद्धाओं के पास ही उपयोगी संवर्धन साधन थे। जब तक वह खतरा नहीं मोल ले, उसे अपनी प्रगति का रास्ता खुद ही ढूंढ़ना होगा।

    "मेरी मौजूदा ताकत से तो शायद मैं वहां जाकर लौट भी नहीं पाऊँगा, सूरज निकलने से पहले।"

    दौड़ते समय, रश्मि सबसे आगे थी, राघव के ठीक पीछे। यह देखकर राघव ने अपनी गति बढ़ा दी। अन्य छात्र पीछे छूटने लगे, लेकिन रश्मि के चेहरे पर एक कातिलाना मुस्कान झलक रही थी, वह अपनी गति बनाए रही।

    ए देखकर राघव  ने थोड़े चिढ़े हुए स्वर में सोचा, "ये क्या साबित करना चाहती है? मुझे पीछे छोड़ देगी? खुद को क्या समझती है?"

    एक अचानक हरकत में, राघव ने अपना पैर ध्यान से उठाया और सही समय पर रश्मि के पैर पर रख दिया, जिससे वह लड़खड़ाकर गिर पड़ी। तेज़ गति के कारण वह ज़ोर से गिरी और उसके हाथ ज़मीन पर छिल गए।

    यह हादसा देख तेज ने तुरंत सभी को रुकने का आदेश दिया और अगले चरण पर चले गए। इस बीच, विरेन ने राघव और जुड़वां भाइयों को नापसंदगी से देखा और कभी-कभी Jay की ओर भी नजरें डालीं।

    "क्या वाकई उसे अपनी बहन की परवाह नहीं है?" विरेन ने सोचा।

    इसके बाद ध्यान और जीवन शक्ति को केंद्रित करने का सत्र आया। Jay को यह हिस्सा बहुत पसंद था, उसे अपने डार्क कोर की शक्ति में वृद्धि महसूस हुई। जल्द ही वे व्यावहारिक शिक्षा के भाग में पहुंच गए।

    "अब जब तुमने टू-स्टेप शिफ्ट सीख लिया है, तो अब मैं तुम्हें असली परिस्थिति में दूरी पर नियंत्रण के बारे में सिखाऊंगा," तेज ने घोषणा की।

    "अपने जैसे कौशल वाले साथी के साथ जोड़ी बनाओ। अपनी मुट्ठी को अपने प्रतिद्वंद्वी की नाक से छुआओ, दो कदम पीछे हटो, फिर टू-स्टेप शिफ्ट का उपयोग करते हुए वापस अपनी जगह पर आओ। तुम्हारा साथी केवल आने वाली मुट्ठी पर ध्यान देगा, परंतु झपकना नहीं है। गति धीरे-धीरे बढ़ाओ। अगर चोट लगने की संभावना लगे, तो केवल तभी बचो जब तुम उसे आते हुए देखो।"

    छात्रों ने जोड़ियाँ बनाना शुरू किया, विरेन Jay के पास आया। "देखो, मैं जानता हूँ कि मैं तुमसे आगे हूँ इसमें, पर पहले तो, शायद मैं ही एकमात्र हूँ जो तुमसे बात करता है, और दूसरा, तुम्हें छोटे बच्चों के साथ मैच करना? ये तो साफ अन्याय है।"

    Jay ने बस कंधे उचकाए। विरेन ने बिना स्टेप्स के मुक्के चलाने शुरू किए। Jay पर कोई असर नहीं पड़ा। जब विरेन ने टू-स्टेप शिफ्ट का उपयोग किया, तब भी Jay बिल्कुल स्थिर रहा, जैसे बोर हो रहा हो।

    "क्या ये सच में डरावना नहीं है?" विरेन ने पूछा। "क्या तुम वाकई चाहते हो कि मैं तुम्हें मुक्का मारूं?"

    उसने जल्द ही अपने सवाल पर पछतावा किया, क्योंकि Jay ने मज़ाक में उसकी ओर एक मुट्ठी चलाई और विरेन चौंककर पीछे हट गया।

    "तुम इतने शांत कैसे थे? मैं तो अपनी आँखें तक खुली नहीं रख पाया!" विरेन ने हैरानी से पूछा।

    Jay ने सोचा, 'एक जादूगर होने के नाते, मैंने अनगिनत जादुई संरचनाओं का सामना किया है। एक मुक्का तो सबसे छोटी चिंता है।' वह सोचने लगा कि अगर असली  योद्धा से मुकाबला हुआ तो क्या होगा।

    दूसरी ओर, रश्मि पार्टनर ढूंढ रही थी। उसने अपने भाई को देखा तो आंखों में चमक आ गई और वह उसकी ओर बढ़ी, लेकिन राघव रास्ते में आ गया।

    "हमारे पिलर टेस्ट के स्कोर समान थे, और हम एक ही कद के हैं। किसी और का स्कोर हमारे पास भी नहीं आया, तो हम दोनों को पार्टनर होना चाहिए, है ना?"

    रश्मि राघव की बातों में फंस गई और कुछ कह न सकी। उसने सांकेतिक भाषा में अपनी सहमति जताई।

    "तो चलो, मैं शुरू करता हूँ!" राघव ने कहा और अपना मुक्का छोड़ा।

    उत्साहित होकर उसने मुट्ठी चलाई और रश्मि की नाक पर लग गई। खून फूट पड़ा और रश्मि चक्कर में गिर पड़ी।

    "माफ करना! मैंने दूरी गलत आंक ली! मुझे तेज की बात माननी चाहिए थी," राघव ने कहा और मदद के लिए हाथ बढ़ाया, बार-बार सिर झुकाया।

    रश्मि, भावनाओं से भरी हुई और रोने के कगार पर, उसके हाथ को झटक कर उठ खड़ी हुई। उसके परिवार का साथ छिन चुका था और उसका भाई भी उसकी परवाह नहीं करता था। वह बिल्कुल अकेली महसूस कर रही थी

  • 18. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 18

    Words: 808

    Estimated Reading Time: 5 min



    जब तेज ने उसकी कला और युद्ध-कौशल की तारीफ़ की थी, तो उसने सोचा था कि वो इसमें खुद को डुबो सकती है। लेकिन अब तो उसे ऐसे बर्ताव का सामना करना पड़ रहा था। क्यों?

    विरेन एक कदम आगे बढ़ा लेकिन वहीं रुक गया और ज़मीन को देखने लगा।

    'मैं सच में मदद करना चाहता हूँ,' विरेन ने सोचा। 'ये साफ़ है कि ये लोग जान-बूझकर ऐसा कर रहे हैं। अगर मैंने मिस्टर तेज से भी शिकायत की तो वे केवल डाँटेंगे, मंदिर से निकालेंगे नहीं। वे बहुत प्रतिभाशाली हैं। फिर वे मुझे निशाना बनाएंगे, और अगर ऐसा हुआ तो मैं सहन नहीं कर पाऊँगा। अगर मैं मंदिर छोड़ दूँ तो  योद्धा बनने का मेरा सपना टूट जाएगा।'

    इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं के कारण तेज ने सबकी जोड़ियाँ बदल दीं और जल्द ही रात का प्रशिक्षण खत्म हो गया।

    कमरे में लौटकर रश्मि ने अपनी नाक को धीरे से छुआ। दर्द हो रहा था, पर शायद टूटी नहीं थी। वह अपनी सोच से कहीं ज़्यादा मज़बूत थी, या फिर राघव उतना ताकतवर नहीं था जितना दिखता था। फिर भी, उसे नींद नहीं आई।

    "जैसा हमेशा कहता हूँ, जो मैं कर रहा हूँ किसी को मत बताना," Jay ने कहा और दरवाज़ा सरकाकर खोला। लेकिन वह बाहर नहीं गया, बस वहीं खड़ा रहा और फिर दरवाज़ा वापस बंद कर लिया।

    "अगर तुम दुखी हो, गुस्से में हो, परेशान हो, या जो भी महसूस कर रही हो, अगर अभी कुछ नहीं किया, तो बाद में और बुरा महसूस करोगी। एक सलाह — तुम्हें पलटकर जवाब देना चाहिए।"

    दरवाज़ा खोलकर Jay वहाँ से चला गया।

    इस बार वह आँगन की तरफ नहीं गया, उसे और एकांत जगह की तलाश थी। मंदिर एक पहाड़ी की ढलान पर बना था और चारों ओर पेड़ों से घिरा था।

    मंदिर से बाहर निकलना आसान था, और जब वह काफी दूर निकल आया और एक साफ जगह पर पहुँचा, तो वह रुक गया, थका हुआ साँस लेता हुआ।

    'क्या तेज को लगा था कि मैं मंदिर से बाहर निकलूँगा? उन्होंने मुझे गोलियाँ दूसरों की नजर से दूर लेने को कहा था, शायद इसका मतलब मेरी बहन से भी।'

    Jay ने एक टहनी उठाई और ज़मीन पर एक गोला बनाना शुरू किया। गोला बनाने के बाद उसने उसके अंदर कई चिह्न बनाए।

    'जादुई चक्र के चिह्न ऊर्जा को विशेष रूप से उपयोग करने का निर्देश देते हैं। एक बहिष्कृत की ज़िंदगी में, मैं वो सब प्रयोग नहीं कर सकता था जो दूसरे जादूगर करते थे, इसलिए मुझे सारे मैजिक सर्कल्स याद रखने पड़े।'

    'मुझे पूरा यकीन है कि यह वही मैजिक सर्कल है जो मुझे उन प्राणियों तक ले जाएगा जिनकी मुझे ज़रूरत है। लेकिन मैं अब एक अलग ग्रह पर हूँ, इसलिए ये चिह्न मुझे किसी और ही जगह पहुंचा सकते हैं। अभी के लिए, मुझे प्रयोग करने से बचना चाहिए और वही करना चाहिए जो मुझे आता है।'

    Jay ने टहनी उठाई और अपने बनाए डिज़ाइन को देखकर संतुष्ट हुआ। अब सिर्फ एक आखिरी कदम बचा था। उसने गोली को डिब्बे से निकाला और उसे गोले के बीच में गिरा दिया।

    फिर गोले के किनारे गया और अपनी  उंगली से डार्क मैजिक निकालकर गोले को छुआ।

    तुरंत ही मैजिक सर्कल हल्के बैंगनी रंग में चमकने लगा। उसकी रेखाएं धीरे-धीरे भरने लगीं। जब सभी रेखाएं भर गईं, तो ऊर्जा गोली से निकलने लगी।

    'मैं जानना चाहता था कि गोली खाने से क्या होता, पर अभी ये तरीका कहीं ज़्यादा सुरक्षित है।' Jay के चेहरे पर बड़ी मुस्कान थी क्योंकि उसके सामने एक विशाल चमकता हुआ पोर्टल था।

    वो एक विशाल तैरते हुए आईने जैसा दिख रहा था, लेकिन उसमें कोई प्रतिबिंब नहीं था — सिर्फ एक रहस्यमयी, दमकती शक्ति जो पूरे जंगल को रौशन कर रही थी।

    "काम कर गया," Jay ने खुद से कहा और बिना झिझके पोर्टल में कदम रख दिया। "चलो मज़बूत बनते हैं... फिर इस मार्शल आर्ट्स की दुनिया से निपटेंगे।"


    पोर्टल से होकर गुजरना हमेशा एक अजीब अनुभव होता था। ऐसा लगता था जैसे कुछ पल के लिए कोई अपने अस्तित्व की पकड़ खो बैठा हो — एकदम पारदर्शी और लगभग शून्य। दूसरी ओर पहुंचने के बाद ही हवा की हल्की सरसराहट जैसी चीज़ें धीरे-धीरे वापस महसूस होने लगती थीं।
    चाहे जितनी बार यह अनुभव हो चुका हो, वह क्षणिक शून्यता कभी भी सामान्य नहीं लगती थी।

    जैसे ही जय मल्होत्रा का बूट ठोस ज़मीन से टकराया, उसके पीछे का पोर्टल एक बिजली जैसी आवाज़ के साथ बंद हो गया।
    अपने चारों ओर नज़र दौड़ाते हुए, उसके दिमाग में सवालों का तूफ़ान उमड़ पड़ा।


    "मैं कहाँ हूँ?" जय ने सोचा। "ये जगह रेधान जैसी नहीं लगती। मैंने तो वही जादुई चक्र प्रयोग किया था। फिर मैं यहाँ कैसे पहुँच गया?"

    उसके ऊपर आसमान में एक विशाल लाल चाँद चमक रहा था, जिसकी रौशनी में सब कुछ लालिमा में नहाया हुआ था। पैरों के नीचे पत्थर की सड़क थी, और चारों ओर सड़े-गले बक्से, धुंधली चाँदी और टूटे-फूटे सामान पड़े थे

  • 19. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 19

    Words: 920

    Estimated Reading Time: 6 min

    । लेकिन जो चीज़ सबसे ज़्यादा ध्यान खींच रही थी, वो था एक विशाल भवन — जय के पुराने संसार की प्राचीन वास्तुकला जैसा। यह एक म्यूजियम जैसा लगता था, लेकिन समय की मार साफ़ दिख रही थी।

    वहाँ जीवन का कोई नामोनिशान नहीं था — न पौधे, न पशु। वातावरण में एक अजीब सी खामोशी थी। ज़मीन पर अपने द्वारा बनाए गए जादुई चक्र के चिन्ह को देखकर, जय ने जल्दी से उसे अपने पैर से मिटा दिया और मन ही मन इस जगह को याद कर लिया।

    "गिरे हुए रथ और दिल के आकार में मुड़े हुए उन डरावने पेड़ों के बीच की जगह," उसने लोकेशन याद की।

    पोर्टल की बची हुई ऊर्जा कुछ दिनों तक बनी रहती थी। जब तक जय वही जादुई चक्र दोबारा बनाकर उसमें अपनी शक्ति भरता, एक नया द्वार उसके वर्तमान घर की ओर खुल जाता। लेकिन वो नहीं चाहता था कि कोई और उसे खोल दे, इसलिए चिन्ह मिटाना ज़रूरी था।

    फिलहाल, डेमो ही उसका एकमात्र विकल्प था।

    क्या इस जगह का कोई रिकॉर्ड रेधान में था? पोर्टल सेवा के ज़रिए जादूगरों ने कई अलग-अलग दुनियाओं की यात्रा की थी, हर एक अपनी तरह से अनोखी। कुछ में ऐसे खज़ाने थे जो मंतव्य जादूगरों के लिए भी कीमती थे — जैसे वह किताब, जिससे जय को ट्रांसपोर्ट का मंत्र मिला था।

    हालाँकि अब तक कोई बुद्धिमान जीवन नहीं मिला था, लेकिन जीवन के अवशेष हर जगह मौजूद थे।

    म्यूजियम की भव्यता से खिंचा हुआ, जय उसकी सीढ़ियाँ चढ़ने लगा। दूर शहर जैसा कुछ दिखाई दे रहा था, लेकिन ये विशाल संरचना अभी उसकी प्राथमिकता बन चुकी थी।

    तभी दाहिनी ओर से एक भयंकर गुर्राहट गूंजी।
    जय ने मुड़कर देखा — एक उलटी गाड़ी के पीछे तीन चमकती हुई आँखें झिलमिला रही थीं।

    "मुझ पर गुर्राने से तुम्हारा भला नहीं होने वाला," जय ने चेतावनी दी, और उसके हाथ के चारों ओर काली शक्ति की लहरें फैलने लगीं।

    अचानक, वह जीव गाड़ी की छाया से कूद पड़ा। आकार में एक हाथी जितना बड़ा, लेकिन कहीं ज़्यादा डरावना — तीन आँखें, पीठ पर नुकीले कांटे, और चमकती लाल त्वचा।

    जैसे ही वह जय पर झपटा, जय ने आगे बढ़ते हुए चिल्लाया, "डार्क पल्स!"

    काली छाया की लहर उसके हाथ से निकली और जीव के पेट में सीधा जा टकराई। जीव लड़खड़ाता हुआ आगे बढ़ा, लेकिन जय ने फुर्ती से लुड़ककर उसके जबड़े से खुद को बचा लिया। संभलते ही उसने देखा कि जीव बुरी तरह ज़ख्मी होने के बावजूद अब भी खतरा बना हुआ था।

    उसने अपनी हथेली ऊपर उठाई, और सिर की ओर एक और केंद्रित "डार्क पल्स" छोड़ा — इस बार वह सीधा वहीं ढेर हो गया।


    ---

    'उफ़, टांग तो जैसे टूट ही गई… शायद दो-चरण वाला ट्रांज़िशन बेहतर होता। अपने ही इंट्यूशन पर क्यों भरोसा किया?'

    पराजित होने के बाद, उस जीव के शरीर से एक रहस्यमयी काली धुंध निकलने लगी। वह धुंध हवा में तैरती हुई सीधे जय की त्वचा में समा गई, मानो उसकी डार्क कोर से खिंचती चली आई हो।

    'डार्क मैजिक की वो ताक़त, जो मेरे पिछले शरीर को कभी नसीब नहीं हुई थी।'
    जय की मुस्कान उभर आई। 'हर एक जान लेने से डार्क तत्व और प्रबल होता है। यही वजह है कि इसे वर्जित और शापित कहा गया। पहले मेरी विंड कोर इसे दबाती थी — अब ऐसा नहीं है।'

    उसकी नज़र उस मरे हुए जीव पर पड़ी।
    'हमला तो तगड़ा था, लेकिन माना बहुत कम है… तीन डार्क पल्स और चल सकते हैं, वो भी बिना कुछ और कास्ट किए।'
    फिर उसने बिना किसी हिचक के उस जीव को चीरना शुरू कर दिया — खून की बूँदें उछलने लगीं और मांस अलग होता गया। अंततः उसे मिला — एक पत्थर।

    'हा । इसी के लिए तो आया हूँ मैं।'
    उसकी आँखों में चमक आ गई।

    पत्थर पीले रंग की मंद आभा लिए चमक रहा था। यह एक सामान्य प्राणी का पत्थर था — आम लोगों के लिए बेशकीमती, लेकिन उच्च श्रेणी के जादूगरों के लिए मामूली। लेकिन एक 1-स्टार जादूगर के लिए — जैसे जय — हर चीज़ मायने रखती थी।

    पत्थर को जेब में रखते हुए उसने पास की कुछ लकड़ी की पेटियों में झाँका। कुछ ही देर में उसे एक अंगूठी मिल गई। एक समतल ज़मीन पर बैठकर उसने नया जादुई चक्र बनाना शुरू किया।

    'पिछले जीवन में हैसियत ने मुझे बांध रखा था। मैं केवल जादुई गियर और औषधियाँ बेचकर किसी तरह गुज़ारा करता था। डार्क जादू से बने सामान सबसे श्रेष्ठ थे — अगर उनके साथ उनकी… कमियाँ ना होतीं।'

    चक्र पूरा होने के बाद, उसने पत्थर और अंगूठी को उसमें रखा। डार्क मैजिक से बने वस्त्र 3-स्टार स्तर तक पहुँच सकते थे। उसने एक तेज़ जादुई इशारे से चक्र को सक्रिय किया।
    सिल्वर अंगूठी अब बदल कर एक राजसी बैंगनी रंग की हो चुकी थी।

    "अंगूठी की शक्तियाँ बताओ," जय ने आदेश दिया। एक फुसफुसाती आवाज़ गूंजी —

    [शापित डार्क रिंग]
    [यह वस्तु एक ही व्यक्ति से बंधी हुई है।]
    [अगर इसे उतारा गया तो यह नष्ट हो जाएगी, और नष्ट होने पर धारक की डार्क शक्ति का 10% घट जाएगा।]

    [जो इस अंगूठी को पहनेगा, वह जब भी डार्क जादू से किसी का जीवन लेगा, उसकी मना शक्ति का एक हिस्सा वापस मिलेगा।]



    'यही है! यही वो 3-स्टार बढ़त जो चाहिए थी!'

    जय ने वह अंगूठी अपनी बीच वाली उंगली में पहन ली। और एक झटका, कोर से जुड़ने की अनुभूति… और फिर — शांति।

    'अब शिकारी खेल और आसान होने वाला है।'
    वह वापस म्यूजियम की ओर बढ़ने लगा।

    तभी दूर से एक चीख सुनाई दी — "आह!"

    उसके क़दम ठिठक गए।
    "क्या… कोई इंसान?"

  • 20. REBORN A KING OF DARKNESS - Chapter 20

    Words: 1346

    Estimated Reading Time: 9 min

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    जिस दिशा से आवाज़ आई थी, वो उसके दाहिनी ओर बने विशाल भवन की तरफ थी—वही जगह जहाँ वह शुरू में जाने वाला था।

    "कोई मूर्ख ही होगा जो ऐसी चीख सुनकर वहाँ जाएगा," जय मल्होत्रा ने सोचा। "ये तो मौत को बुलावा देने जैसा है। ये कोई हॉरर फ़िल्म नहीं चल रही। इसलिए बेहतर होगा मैं इससे दूर ही रहूं।"

    यह सोचते हुए जय ने उस बड़े भवन के किनारे बनी बाहरी पट्टी पर आगे बढ़ना जारी रखा। लेकिन वह अजीब आवाज़ उसे परेशान कर रही थी—कई कारणों से।

    एक तो ये कि ये पोर्टल एक और ग्रह की ओर जाता था, वैसे ही जीवों से भरा हुआ जैसा उसने रेधान पर पर देखा था। लेकिन आज तक उन्होंने वहाँ कभी किसी और इंसान को नहीं देखा।

    "तो क्या कोई और भी मंत्रलोक का योद्धा यहाँ शिकार करने आया है? ये जीव ज़्यादा शक्तिशाली नहीं लगते, ज़्यादा से ज़्यादा दो-तारा स्तर के होंगे। या फिर यह कोई इसी ग्रह का मूल निवासी हो सकता है?"

    सोचते-सोचते जय को बीच में ही रुकना पड़ा, क्योंकि वही भयानक जीव एक क्रेट के पीछे से गुर्राता हुआ बाहर निकला और अपनी चुभती नज़रों से उसे घूरने लगा।

    "मैं समझता हूँ तुम कैसा महसूस कर रहे हो। मैंने पहले तुम्हारे दोस्त को मारा था, है ना? वो तुम्हारी मौसी थी, या शायद भाई? देखो, चलो सौदा करते हैं—अगर तुम मुझ पर हमला नहीं करोगे, तो मैं भी नहीं करूंगा, ठीक?"

    पर जैसे ही उसने ये शब्द कहे, वह दैत्य फिर से हवा में छलांग लगाकर उस पर झपटा। दूसरे ग्रहों के राक्षस अक्सर एक जैसी ही शैली में हमला करते हैं।

    साथ ही, वे लगभग हमेशा शत्रु भाव से पेश आते हैं—या तो मारो या मारे जाओ। इन्हीं हमलों से ही तिलिस्मी पत्थरों की खोज हुई थी।

    इस बार, लुढ़कने की बजाय जय ने सही क्षण का इंतज़ार किया, अपने पैरों की स्थिति वैसी ही रखी जैसी युद्ध कला की ट्रेनिंग में सिखाई गई थी। फिर, पिछला पैर ज़मीन से उठाकर आगे बढ़ा और मुक्का फेंका। उस घूंसे से एक काली आभा निकलने लगी।

    "डार्क पल्स!"

    घूंसे से एक तीव्र ऊर्जा निकली जिसने उस कुत्तेनुमा जीव का आधा सिर उड़ा दिया। एक ही वार में मौत। वह ज़मीन पर ढेर हो गया।

    "दो-चरणी चाल के साथ जब मुक्का फेंका जाए, तो डार्क पल्स की शक्ति और बढ़ जाती है। सीधा संपर्क भी न हो तो भी वार बेहद प्रभावशाली होता है।"

    मृत प्राणी से एक बार फिर काली ऊर्जा निकलकर जय की ओर प्रवाहित हुई और उसके डार्क कोर से जुड़ गई। उसकी उंगली में पहनी अंगूठी भी चमक उठी।

    [16/250 काली ऊर्जा अवशोषित]

    उस अंगूठी का एक और असर था—डार्क कोर से जुड़कर वह उसे डार्क तत्व की शक्ति पर निगरानी रखने की सुविधा देती थी। अब जब भी वह काली ऊर्जा को ध्यान तकनीक से ग्रहण करता या जीवों को मारता, उसे अपनी शक्ति की प्रगति का अनुमान हो जाता।

    इस समय शक्ति की सीमा तय थी, पर जैसे-जैसे वह तारा ध्यान योद्धा की रैंक बढ़ाता, यह सीमा भी बढ़ती जाती।

    [आपकी थोड़ी-सी जीव शक्ति पुनःस्थापित हुई है]

    अंगूठी का दूसरा असर भी काम करने लगा—उसे दोबारा डार्क पल्स का प्रयोग करने की अनुमति मिल गई। पर एक चीज़ अब भी पूरी तरह बहाल नहीं हुई थी—उसकी सहनशक्ति।

    "दो-चरणी चाल इस कमज़ोर शरीर पर भारी पड़ रही है। अगर मैं इसे डार्क पल्स के साथ इस्तेमाल करूं, तो प्रभाव धीरे-धीरे कम होगा। शायद तीन बार से ज़्यादा सही तरीके से नहीं हो पाएगा। वैसे भी, चलो इन कौशलों को नाम दे देते हैं—डार्क पल्स और डार्क स्ट्राइक।"

    ध्यान योद्धा के लिए मंत्र उच्चारण करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। जब वे किसी मंत्र का उच्चारण करते हैं, तो उन्हें उसके जादुई रूप की स्पष्ट छवि अपने मन में बनानी होती है।

    हर मंत्र के लिए एक शब्द जोड़ना, उस छवि को याद रखना आसान बना देता है। इससे कौशल का प्रयोग तेज़ी से और सही ढंग से हो सकता है।

    एक और तिलिस्मी पत्थर प्राप्त हो चुका था, और इस बार यह सिर्फ जय का था। वह इसे किसी वस्तु के निर्माण में न लगाकर अपनी शक्ति बढ़ाने में लगा सकता था।

    घुटनों के बल बैठा, जय उस पत्थर को निहार रहा था, चेहरे पर एक चमकदार मुस्कान के साथ।

    "वहीं रुक जाओ!" पीछे से एक तीखी, एक लड़की की आवाज सुनाई दी ।

    "क्या मज़ाक है… मैंने तो इसलिए बाहर घूमने का फैसला किया ताकि किसी से सामना न हो।"

    "तुम्हें यहाँ होने की अनुमति नहीं है। तुम कौन हो? अपना नाम और मूल स्थान बताओ!" उस आवाज़ ने आदेश दिया।

    "अनुमति नहीं है?" जय ने कहा, खड़े होते हुए और घूमकर पीछे देखा। वह जानना चाहता था कि कौन इतना दुस्साहसी है जो उससे सवाल कर रहा है।

    "क्या तुम इस जगह की मालकिन हो? तुम कौन होती हो मुझसे पूछने वाली?" जय की आवाज़ में झुंझलाहट थी। ये वही घमंडी ध्यान योद्धा जैसी लग रही थी, जो दूसरों को नीचा दिखाते थे।

    वो मीनार में बैठे दो-मुँहे लोग, जो प्रवचन कुछ और देते और करते कुछ और थे।

    जय को देखकर थोड़ा  हुआ—उसके सामने एक जवान, बेहद खूबसूरत  लड़की खड़ी थी। उसके सीधे काले बाल एक पोनीटेल में बंधे थे और माथे से थोड़ा लटक रहे थे।

    उसकी त्वचा भी इस रौशनी में चमक रही थी, पर यह उसकी सुंदरता नहीं थी जिसने जय को चौंकाया था। उसने कई सुंदर ध्यान योद्धा देखे थे—जो जादू से अपने लुक्स बदलते रहते थे—कभी मोटे होंठ, कभी भारी नितंब, और एक समय तो भारी घुटनों का भी ट्रेंड आया था!

    असल हैरानी उसकी पोशाक को देखकर हुई। वह सफेद और सुनहरे रंग के कपड़ों में थी—सीने और कमर पर कसे हुए, जबकि बांहों के पास थोड़े ढीले। और उसके हाथ में एक तलवार थी, जो सीधे जय की ओर तनी थी।

    "ये तो जादूगर नहीं लगती... ये तो..." जय ने मन ही मन कहा।

    "तुम्हें जवाब देना होगा!" उस लड़की ने फिर कहा। "यह क्षेत्र डॉनब्लेड दल के अंतर्गत आता है! तुम किस दल से हो? अगर जवाब नहीं दिया तो मैं यहीं खत्म कर दूंगी,

    मैं  अनन्या वर्मा  सौगंध खाती हूँ!"

    अब साफ हो गया था—जय को पूरा यकीन हो गया था, ये युवती उसी की दुनिया से है—जादू की नहीं बल्कि युद्ध कला की दुनिया से! क्या वह किसी और क्षेत्र में टेलीपोर्ट हो गया?

    नहीं, चंद्रमा का रंग देखकर वह जानता था, यह कोई और ग्रह है। तो फिर यहाँ एक वीर योद्धा क्या कर रहा है?

    जय सोच रहा था कि क्या उसे पावर ऑफ आर्काना दल का नाम लेना चाहिए या कुछ न कहना बेहतर होगा, क्योंकि वह तकनीकी रूप से वहाँ का सदस्य नहीं था। उसे उस योद्धा की शक्ति का भी अंदाज़ा नहीं था।

    आखिरकार, जय ने जोखिम लेने का फैसला किया।

    "मैं इसी ग्रह से हूँ," जय ने उत्तर दिया।

    "इसी ग्रह से? तो तुम इंसान के रूप में छिपा कोई दैत्य हो! तुम्हें मरना होगा!" अनन्या ने तलवार आगे बढ़ाई, रफ्तार इतनी तेज़ थी कि साफ लग रहा था कि वह जीव शक्ति का इस्तेमाल कर रही है। उसका वीर योद्धा होना पक्का था।

    "मैं नहीं बच सकता... ये शरीर बहुत धीमा है..." जय के पास कोई तेज़ गति कौशल नहीं था, न ही कोई और जादू। उसने वही किया जो संभव था—दो-चरणी चाल में आगे बढ़ा।

    "तो ये वीर योद्धा है!" अनन्या ने सोचा। "पर इतनी साधारण चाल का क्या फायदा इस स्थिति में?"

    "डार्क स्ट्राइक!" जय ने चिल्लाते हुए मुक्का चलाया और अपनी शक्ति एकत्र की।

    चलन बेहद सामान्य था—इतना कि अनन्या ने आसानी से उस वार को चकमा दे दिया और अपनी तलवार जीव शक्ति से भरकर जय की छाती की ओर धकेली।

    "मुझे पता था तुम यही करोगी—सीधे छाती पर वार करोगी। अब मेरे पास कोई चारा नहीं बचा—सारी शक्ति लगेगी लेकिन मुझे बचना होगा!"

    "अटैक हार्ट!"

    तलवार जय की छाती से टकराई, और उसका पूरा शरीर हवा में उछलकर बगल के विशाल भवन को तोड़ता हुआ जा गिरा। अब वह अनन्या की दृष्टि से ओझल हो चुका था।

    "ये कुछ अजीब लगा," अनन्या ने सोचा। तलवार ठीक थी, लेकिन उसकी अपनी कंधे में कुछ हलचल हुई। घूंसा नहीं लगा था, पर कोई और शक्ति ज़रूर टकराई थी।

    "वो किस दल से था?"


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