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टाइटल: "दिल के रिश्ते"🩷

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Sadia khanam

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टाइटल: "दिल के रिश्ते"🩵श्रेणी: इमोशनल – फैमिली + लव स्टोरी मुख्य कैरेक्टर: 1. आरव – एक जिम्मेदार लेकिन चुपचाप सहने वाला लड़का। 2. सिया – आरव की बचपन की दोस्त और दिल का सहारा। 3. नव्या – आरव की बहन, जिसकी खुशियों के लिए आरव अपनी जिंदगी द...

Total Chapters (6)

Page 1 of 1

  • 1. टाइटल: "दिल के रिश्ते"🩷 - Chapter 1

    Words: 0

    Estimated Reading Time: 0 min

  • 2. टाइटल: "दिल के रिश्ते"🩷 - Chapter 2

    Words: 0

    Estimated Reading Time: 0 min

  • 3. टाइटल: "दिल के रिश्ते"🩷 - Chapter 3

    Words: 0

    Estimated Reading Time: 0 min

  • 4. टाइटल: "दिल के रिश्ते"🩷 - Chapter 4

    Words: 0

    Estimated Reading Time: 0 min

  • 5. टाइटल: "दिल के रिश्ते"🩷 - Chapter 5

    Words: 0

    Estimated Reading Time: 0 min

  • 6. टाइटल: "दिल के रिश्ते"🩷 - Chapter 6

    Words: 1030

    Estimated Reading Time: 7 min

    नॉवेल (Part 6)

    "नई चुनौतियाँ"

    आरव और सिया की जिंदगी अब खुशियों से भरी थी।
    लेकिन जैसे-जैसे बच्चे बड़े होने लगे, नई जिम्मेदारियाँ भी सामने आने लगीं।

    नव्या अब एक सफल डॉक्टर थी और उसके करियर में नई चुनौतियाँ थीं।
    आरव और सिया ने बच्चों की पढ़ाई और घर की ज़िम्मेदारियाँ सँभालते हुए अपने बिज़नेस को और बढ़ाया।


    ---

    एक दिन, आरव को अपने ऑफिस में एक बड़ी डील साइन करनी थी।
    लेकिन अचानक उसे खबर मिली कि उनके पुराने कस्बे में माँ की तबियत फिर से बिगड़ गई है।
    दिल बेचैन होकर आरव तुरंत घर गया।

    सिया ने उसका हाथ थामते हुए कहा –
    “आरव, तू चाहे कितना भी बिज़ी हो, घर और परिवार हमेशा पहले आते हैं।
    हम सब साथ हैं, सब ठीक हो जाएगा।”

    आरव ने महसूस किया कि जिन रिश्तों को वह कभी अधूरी समझता था, वही अब उसकी ताकत बन गए थे।


    ---

    शाम को, परिवार के साथ बैठकर उन्होंने पुराने दिनों को याद किया।
    सिया मुस्कुराई और बोली –
    “देखा आरव… जिंदगी हर बार आसान नहीं होती, लेकिन प्यार और भरोसा हर मुश्किल आसान कर देता है।”

    आरव ने उसके हाथ को कसकर थामा और कहा –
    “सिया, तेरे साथ होने से हर रिश्ता, हर चुनौती, हर मुश्किल आसान लगती है।
    हमेशा यूँ ही साथ रहेंगे।”

    (Part 7)

    "नए रिश्ते, नई राहें"

    समय ने खूब बदल दिया था।
    आरव और सिया के दो बच्चे हो चुके थे – बड़ी बेटी आव्या और छोटा बेटा अहान।
    बच्चों की हँसी और शरारत घर को और रंगीन बना रही थी।


    ---

    बच्चों के बड़े होते ही उनके अपने सपने भी सामने आने लगे।
    आव्या पढ़ाई में बहुत होशियार थी और अपने पिता की तरह जिम्मेदार भी।
    एक दिन उसने माँ-पिता के सामने कहा –
    “माँ-पापा, मैं इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई करना चाहती हूँ। वहाँ नए दोस्त और नई दुनिया मिलेगी।”

    सिया ने मुस्कुराते हुए कहा –
    “बेटी, ये तेरा सपना है। हम हमेशा तेरे साथ हैं। बस ध्यान रखना कि दिल के रिश्तों को कभी न भूलना।”

    आरव ने भी कहा –
    “आव्या, दुनिया में कहीं भी रहो, परिवार हमेशा तेरा सहारा रहेगा।”


    ---

    इसी बीच, नव्या की जिंदगी में भी नई चुनौतियाँ आईं।
    उसके हॉस्पिटल में एक मुश्किल केस आया, जिसमें उसे अपनी पूरी टीम और खुद की हिम्मत लगानी पड़ी।
    आरव और सिया ने उसके हर कदम पर हौसला दिया।
    नव्या ने महसूस किया कि उनका परिवार ही उसका सबसे बड़ा सपोर्ट है।


    ---

    शाम को, पूरे परिवार ने आँगन में बैठकर चाय पी।
    सिया ने मुस्कुराते हुए कहा –
    “देखो आरव, कुछ भी बदल जाए, रिश्तों का प्यार और भरोसा हमें हमेशा एक साथ रखेगा।”

    आरव ने हँसते हुए कहा –
    “सिया, यही ‘दिल के रिश्ते’ की ताकत है… जो समय, दूरी और मुश्किलों से भी मजबूत होते हैं।”


    ---

    ✨ नोट:
    Part 7 में कहानी में अब नए रिश्ते, बच्चों की ज़िंदगी और परिवार का प्यार दिखाई गया है।
    कहानी का संदेश: प्यार और परिवार का संतुलन हर दौर में ज़रूरी है।(Part 8)

    "सपनों और रिश्तों का संगम"

    समय धीरे-धीरे बह रहा था।
    आरव और सिया के बच्चे अब बड़े हो रहे थे – आव्या कॉलेज में एडमिशन लेने की तैयारी कर रही थी और अहान अपनी हॉबीज़ और खेलों में व्यस्त था।
    परिवार की छोटी-छोटी खुशियाँ अब उनके जीवन की सबसे बड़ी दौलत बन चुकी थीं।


    ---

    एक दिन, आरव अपने पुराने कस्बे गया।
    माँ की तबियत पहले से बेहतर थी, नव्या अपने हॉस्पिटल के काम में व्यस्त थी।
    आरव ने देखा कि कस्बे की गलियों में वही बचपन की यादें, वही प्यार भरी बातें अभी भी मौजूद थीं।
    दिल में एहसास हुआ –
    “यही रिश्ते, यही प्यार… यही जिंदगी का असली खजाना है।”


    ---

    सिया ने आँगन में बैठते हुए कहा –
    “आरव, हम ने कितनी मुश्किलें देखीं, कितने फैसले लिए… लेकिन आज सब ठीक है।”

    आरव ने हाथ पकड़ते हुए कहा –
    “सिया, हमने सीखा कि प्यार सिर्फ़ रोमांस नहीं होता। यह परिवार, भरोसा और हिम्मत भी होता है। यही ‘दिल के रिश्ते’ हैं – जो हर समय, हर परिस्थिति में साथ निभाते हैं।”


    ---

    शाम का सूरज ढल रहा था।
    बच्चे खेल रहे थे, नव्या अपने काम से लौट रही थी, माँ आँगन में मुस्कुराते हुए बैठी थी।
    आरव और सिया ने एक-दूसरे की आँखों में देखा और समझ गए –
    जिंदगी चाहे कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, जब रिश्तों का प्यार साथ हो, सब आसान हो जाता है।


    ---

    🌸 The Grand Finale – “दिल के रिश्ते” 🌸

    कहानी का संदेश:
    “प्यार, भरोसा और परिवार – ये तीन चीज़ें मिलकर जिंदगी को खूबसूरत बनाती हैं। सही समय पर सही फैसले और साथ निभाने वाला दिल ही असली ताकत है।”
    (Part 9)

    "नई चुनौतियाँ और नए सपने"

    समय गुजर चुका था।
    आरव और सिया अब अपने बच्चों की पढ़ाई और घर की जिम्मेदारियों में व्यस्त थे।
    लेकिन ज़िंदगी हमेशा आसान नहीं होती…


    ---

    एक दिन, आरव के बिज़नेस में एक बड़ा निवेशक आया।
    वह एक स्मार्ट और चालाक आदमी था, जो आरव से साझेदारी करना चाहता था।
    आरव ने सोचा –
    “यह मौका हमारे बिज़नेस को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकता है, लेकिन जोखिम भी बड़ा है।”

    सिया ने उसके कान में कहा –
    “आरव, हम हमेशा साथ हैं। अगर तुम सोच-समझकर फैसला लोगे, तो हर मुश्किल आसान हो जाएगी।”

    आरव ने निर्णय लिया –
    “हां, हम इसे लेंगें… लेकिन बिना परिवार और हमारे मूल्यों को खोए।”


    ---

    इसी बीच, बच्चों के सपनों की दुनिया भी खुलने लगी।
    आव्या ने अपने कॉलेज में नेतृत्व की भूमिका संभाली, और अहान ने खेलों में राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाना शुरू किया।
    आरव और सिया ने महसूस किया कि प्यार और परिवार का समर्थन बच्चों के जीवन को भी मजबूत बनाता है।


    ---

    शाम को पूरे परिवार ने छत पर बैठकर बातें की।
    सिया ने मुस्कुराते हुए कहा –
    “देखो आरव, हमारी जिंदगी अब न केवल हमारे लिए, बल्कि बच्चों और परिवार के लिए भी प्रेरणा बन गई है।”

    आरव ने सिर हिलाते हुए कहा –
    “सिया, यही असली ‘दिल के रिश्ते’ हैं – जो समय, चुनौती और जिम्मेदारियों में भी प्यार के साथ खड़े रहते हैं।”


    ---

    ✨ नोट:
    Part 9 में कहानी में नए बिज़नेस और बच्चों की चुनौतियाँ दिखाई गई हैं।
    यह दिखाता है कि जीवन में प्यार और परिवार का संतुलन हर मोड़ पर ज़रूरी है।